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प्रयागराज जिले के मांडा थाना क्षेत्र स्थित दिघिया चौकी के दरोगा शोएब खान पर वाहन चेकिंग अभियान के दौरान ₹4,000 की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित के अनुसार, जब उसने रिश्वत देने से इनकार कर दिया, तो दरोगा ने उसके दोपहिया वाहन का ₹2,000 का चालान काट दिया, जबकि वाहन चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के सभी आवश्यक कागजात मौजूद थे। दरोगा पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए, पीड़ित ने स्वयं इस घटना का वीडियो बनाया है जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने दरोगा शोएब खान की कार्यशैली के प्रति लोगों में लगातार आक्रोश बढ़ा दिया है, वहीं अधिकारी इस पूरे मामले से कथित तौर पर बेखबर बने हुए हैं।
राजेश कुमार
प्रयागराज जिले के मांडा थाना क्षेत्र स्थित दिघिया चौकी के दरोगा शोएब खान पर वाहन चेकिंग अभियान के दौरान ₹4,000 की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित के अनुसार, जब उसने रिश्वत देने से इनकार कर दिया, तो दरोगा ने उसके दोपहिया वाहन का ₹2,000 का चालान काट दिया, जबकि वाहन चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के सभी आवश्यक कागजात मौजूद थे। दरोगा पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए, पीड़ित ने स्वयं इस घटना का वीडियो बनाया है जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने दरोगा शोएब खान की कार्यशैली के प्रति लोगों में लगातार आक्रोश बढ़ा दिया है, वहीं अधिकारी इस पूरे मामले से कथित तौर पर बेखबर बने हुए हैं।
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- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में आवारा मवेशियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की सब्जियों और धान की नर्सरी को भारी नुकसान पहुँच रहा है। खेतों में झुंड के झुंड मवेशी घुसकर फसलों को चट कर जा रहे हैं, जिससे किसानों की सालों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। मेजा तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा अंतर्गत समहन गाँव में स्थिति विशेष रूप से गंभीर बनी हुई है, जहाँ बड़ी संख्या में आवारा मवेशी पलक झपकते ही फसलों को नष्ट कर रहे हैं। किसान दिन-रात अपनी फसलों की निगरानी करने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद भी नुकसान नहीं रुक पा रहा है। स्थानीय किसानों अवधेश मिश्रा, संजय मिश्रा और बालेन्द्र कुमार ने एक स्वर में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि आवारा मवेशियों के कारण उनकी सब्जियों और धान की नर्सरी पूरी तरह बर्बाद हो रही है। उन्होंने बताया कि वे रात-रात भर खेतों की रखवाली करते हैं, लेकिन झुंड में आने वाले मवेशियों को रोक पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई, तो उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इस गंभीर समस्या से आक्रोशित किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशालाओं में भेजने की व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी फसलों को बचाया जा सके और उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) माण्डा में प्रसव के दौरान एक नवजात बच्ची की मौत हो जाने के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक बच्ची के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल अधीक्षक पर रुपये मांगने, लापरवाही बरतने तथा जानबूझकर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। परिजन सामुदायिक केंद्र के सामने बैठकर उच्च अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सुरमा दलापुर निवासी मनीष मिश्रा ने एक शिकायती पत्र के माध्यम से बताया है कि उनकी पत्नी को 25 जून 2026 की सुबह करीब आठ बजे प्रसव के लिए सीएचसी माण्डा में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के दौरान अस्पताल कर्मियों ने उनसे 7,000 रुपये की मांग की थी। उन्होंने 2,000 रुपये दिए, जिसका वीडियो भी उनके पास मौजूद होने का दावा किया गया है। शिकायत में आगे दावा किया गया है कि वीडियो बनाए जाने की जानकारी होने के बाद डॉक्टर नाराज हो गए और इसके बाद ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण नवजात बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने इस पूरे प्रकरण की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।1
- प्रयागराज के मांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है। इन आरोपों के अनुसार, स्वास्थ्य केंद्र पर बिना पैसे के गरीब मरीजों का इलाज नहीं किया जाता है। दावा किया गया है कि विशेष रूप से महिलाओं की डिलीवरी के लिए ₹7000 की राशि ली जाती है, और यदि भुगतान न किया जाए तो डिलीवरी नहीं की जाती। इन गंभीर अनियमितताओं के मद्देनजर, प्रयागराज के CMO की कार्यशैली को संदिग्ध बताया जा रहा है और उन पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया गया है।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में दहेज की मांग पूरी न करने पर एक विवाहिता की शादी के तीन साल बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने पति, सास, ससुर और देवर पर हत्या कर शव फांसी पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। करछना थाना अंतर्गत तरौली गांव की निवासी रंजना यादव की शादी पकरी सेवार गांव में हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही उसका पति बुलेट गाड़ी और नकद रुपये की मांग कर रहा था। उस पर अपनी भाभी और सखी-सहेलियों से भी पैसे मंगवाने का दबाव बनाया जाता था। मना करने पर आरोप है कि मंगलवार को पति, सास, ससुर और देवर ने रंजना को पीट-पीटकर मार डाला और बाद में शव को फांसी पर लटका दिया। मृतका के भाई विजय यादव ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद उन्होंने बहन की पूरी जिम्मेदारी निभाई थी और पिता स्वर्गीय हरीलाल यादव ने शादी में सोना-चांदी सहित गृहस्थी का सारा सामान दिया था। उन्होंने अब मुख्यमंत्री योगी से न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले में मेजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- यासीन नामक व्यक्ति पंजाब शहर से संबंधित है।2
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच बिजली की आंख-मिचौली और रोज़ाना हो रहे फॉल्ट से आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लगातार कटौती और तकनीकी दिक्कतों ने लोगों की रातों की नींद छीन ली है। हालांकि, विभागीय कर्मी बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। इसी कड़ी में, मेजा रोड पावर हाउस से जुड़ी लाइन के अंतर्गत सोरांव गांव में लगे 400 केवीए ट्रांसफार्मर का शनिवार रात फ्यूज उड़ गया, जिससे गांव के कुछ हिस्सों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ट्रांसफार्मर के पास ही बिजली का तार टूटकर नीचे गिर पड़ा। सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में पावर हाउस पहुंचकर अपनी नाराजगी जताने लगे। सूचना पर सक्रिय हुए बिजली संविदा कर्मी विशाल तिवारी, विपिन कुमार और मनीष कुमार के साथ लाइनमैन विजय पटेल उर्फ डाकिया मौके पर पहुंचे और आपूर्ति बहाल करने में जुट गए। ग्रामीणों के सहयोग से देर रात तक चले मरम्मत कार्य के बाद आखिरकार बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। बिजली कर्मी कड़ी धूप और उमस भरी रातों में, जब लोग घरों से बाहर निकलने से भी बचते हैं, तब 45 डिग्री तापमान में भी जान जोखिम में डालकर पोल पर चढ़कर फॉल्ट दुरुस्त करते हैं। नंगे पांव और सीमित संसाधनों में काम करने के बावजूद उनका समर्पण सराहनीय है, क्योंकि आंधी-तूफान हो या रात का अंधेरा, हर हाल में बिजली बहाल करना ही उनका लक्ष्य रहता है, और उनकी इसी मेहनत से उपभोक्ताओं को राहत मिलती है।1
- कडोदरा GIDC पुलिस स्टेशन क्षेत्र में शरीर संबंधी अपराधों को अंजाम देने वाले आरोपी ओम वांस्फ़ोडिया को पासा (PASA) अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर राजकोट केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। यह कार्रवाई सूरत ग्रामीण जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है। पुलिस महानिरीक्षक, सूरत रेंज, श्री प्रेम वीर सिंह के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक, सूरत ग्रामीण, श्री राजेश गढिया के निर्देश पर, कामरेज डिवीजन के संभागीय पुलिस अधिकारी ने पुलिस को प्रभावी कार्रवाई करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। इसी के तहत कडोदरा GIDC पुलिस स्टेशन के पुलिस इंस्पेक्टर श्री वी.ए. देसाई ने क्षेत्र के असामाजिक तत्वों और उनकी गतिविधियों को रोकने के लिए 'खतरनाक व्यक्ति' के खिलाफ कार्रवाई की। पुलिस इंस्पेक्टर श्री वी.ए. देसाई द्वारा 21 वर्षीय ओम प्रकाशभाई रमेशभाई वांस्फ़ोडिया, जो अंतरोली गांव, भूरी फड़िया, तहसील पलसाना, जिला सूरत का निवासी है और शरीर संबंधी अपराधों में लिप्त है, के खिलाफ एक 'खतरनाक व्यक्ति' के तौर पर पासा प्रस्ताव तैयार किया गया था। इस प्रस्ताव के आधार पर, सूरत के जिला मजिस्ट्रेट ने सूरत जिले में अवैध गतिविधियों में लिप्त ऐसे तत्वों को 'द गुजरात प्रिवेंशन ऑफ एंटीसोशल एक्टिविटीज एक्ट-1985' के तहत गिरफ्तार करने के लिए संख्या पासा/19/2026 के साथ एक पासा वारंट जारी किया। वारंट जारी होने के बाद, पुलिस इंस्पेक्टर श्री वी.ए. देसाई ने अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया और आरोपी की तलाश शुरू की। ए.एस.आई. हरेशभाई खुमाभाई और अ.पो.को. भौतिककुमार महेंद्रभाई को मिली सूचना के आधार पर, आरोपी को पकड़ लिया गया और पासा के तहत गिरफ्तार करके राजकोट केंद्रीय जेल भेज दिया गया है। आरोपी ओम प्रकाशभाई रमेशभाई वांस्फ़ोडिया का आपराधिक इतिहास विस्तृत है, जिसमें कडोदरा GIDC पुलिस स्टेशन में दर्ज कई मामले शामिल हैं। इन मामलों में पार्ट-ए गु.र.नं. 112140-2326-0316/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-326(एफ), 324(5), 61(2); पार्ट-ए गु.र.नं. 112140-2326-0510/2026 के तहत जी.पी. एक्ट की धारा 135 तथा भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा-223; पार्ट-ए गु.र.नं. 112140-2325-1770/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता अधिनियम सने 2023 की धारा 189(2), 191(2), 61(2), 121(1), 132, 265 तथा डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट 1984 की धारा 3(1); ए पार्ट गु.र.नं. 11214023240198/2024 के तहत ई.पी.को. की धारा-323, 326, 504, 506 (2); पार्ट ए गु.र.नं. 1121402324-1408/2024 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा -118 (1), 352; और पार्ट ए गु.र.नं. 1121402325-0493/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा - 118 (1) (2), 115 (2), 352, 351(3), 54 तथा जी.पी.ए. की धारा 135 के तहत दर्ज अपराध शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जिला मजिस्ट्रेट, सूरत के कार्यालय के क्रमांक पासा/26/2025 भी उसके खिलाफ दर्ज है। इस प्रशंसनीय कार्य को अंजाम देने वाली टीम में पुलिस इंस्पेक्टर श्री वी.ए. देसाई, ए.एस.आई. हरेशभाई खुमाभाई, ए.एस.आई. सुरेशभाई चिमनभाई, हे.को. मितेशभाई अनिलभाई, हे.को. महिपालदान प्रभातदान, हे.को. शैलेशभाई चंदुभाई, हे.को. कनकसिंह प्रवीणसिंह, हे.को. वनराजसिंह प्रतापभाई, पो.को. अल्ताफभाई गफुरभाई, पो.को. भौतिककुमार महेंद्रभाई, पो.स.ई. बी.बी. वाघेला और पो.को. रुडाभाई भुराभाई शामिल हैं।3