प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में आवारा मवेशियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की सब्जियों और धान की नर्सरी को भारी नुकसान पहुँच रहा है। खेतों में झुंड के झुंड मवेशी घुसकर फसलों को चट कर जा रहे हैं, जिससे किसानों की सालों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। मेजा तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा अंतर्गत समहन गाँव में स्थिति विशेष रूप से गंभीर बनी हुई है, जहाँ बड़ी संख्या में आवारा मवेशी पलक झपकते ही फसलों को नष्ट कर रहे हैं। किसान दिन-रात अपनी फसलों की निगरानी करने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद भी नुकसान नहीं रुक पा रहा है। स्थानीय किसानों अवधेश मिश्रा, संजय मिश्रा और बालेन्द्र कुमार ने एक स्वर में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि आवारा मवेशियों के कारण उनकी सब्जियों और धान की नर्सरी पूरी तरह बर्बाद हो रही है। उन्होंने बताया कि वे रात-रात भर खेतों की रखवाली करते हैं, लेकिन झुंड में आने वाले मवेशियों को रोक पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई, तो उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इस गंभीर समस्या से आक्रोशित किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशालाओं में भेजने की व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी फसलों को बचाया जा सके और उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके।
प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में आवारा मवेशियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की सब्जियों और धान की नर्सरी को भारी नुकसान पहुँच रहा है। खेतों में झुंड के झुंड मवेशी घुसकर फसलों को चट कर जा रहे हैं, जिससे किसानों की सालों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। मेजा तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा अंतर्गत समहन गाँव में स्थिति विशेष रूप से गंभीर बनी हुई है, जहाँ बड़ी संख्या में आवारा मवेशी पलक झपकते ही फसलों को नष्ट कर रहे हैं। किसान दिन-रात अपनी फसलों की निगरानी करने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद भी नुकसान नहीं रुक पा रहा है। स्थानीय किसानों अवधेश मिश्रा, संजय मिश्रा और बालेन्द्र कुमार ने एक स्वर में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि आवारा मवेशियों के कारण उनकी सब्जियों और धान की नर्सरी पूरी तरह बर्बाद हो रही है। उन्होंने बताया कि वे रात-रात भर खेतों की रखवाली करते हैं, लेकिन झुंड में आने वाले मवेशियों को रोक पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई, तो उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इस गंभीर समस्या से आक्रोशित किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशालाओं में भेजने की व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी फसलों को बचाया जा सके और उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके।
- प्रतापगढ़ के सियाराम उमावैश्य, जिन्होंने अपनी जमीन बेचकर राम मंदिर के निर्माण के लिए एक करोड़ रुपए दान दिए थे, अब दुखी हैं। उन्हें इस बात का दुख है कि मंदिर से जुड़े लोगों ने दान की गई धनराशि का बंदरबांट कर लिया है।1
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में आवारा मवेशियों का आतंक लगातार बढ़ रहा है, जिससे किसानों की सब्जियों और धान की नर्सरी को भारी नुकसान पहुँच रहा है। खेतों में झुंड के झुंड मवेशी घुसकर फसलों को चट कर जा रहे हैं, जिससे किसानों की सालों की मेहनत पर पानी फिर रहा है। मेजा तहसील क्षेत्र के विकासखंड उरूवा अंतर्गत समहन गाँव में स्थिति विशेष रूप से गंभीर बनी हुई है, जहाँ बड़ी संख्या में आवारा मवेशी पलक झपकते ही फसलों को नष्ट कर रहे हैं। किसान दिन-रात अपनी फसलों की निगरानी करने को मजबूर हैं, लेकिन इसके बावजूद भी नुकसान नहीं रुक पा रहा है। स्थानीय किसानों अवधेश मिश्रा, संजय मिश्रा और बालेन्द्र कुमार ने एक स्वर में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि आवारा मवेशियों के कारण उनकी सब्जियों और धान की नर्सरी पूरी तरह बर्बाद हो रही है। उन्होंने बताया कि वे रात-रात भर खेतों की रखवाली करते हैं, लेकिन झुंड में आने वाले मवेशियों को रोक पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई, तो उनके सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। इस गंभीर समस्या से आक्रोशित किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि आवारा मवेशियों को पकड़कर गौशालाओं में भेजने की व्यवस्था की जाए, ताकि उनकी फसलों को बचाया जा सके और उन्हें इस परेशानी से राहत मिल सके।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) माण्डा में प्रसव के दौरान एक नवजात बच्ची की मौत हो जाने के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक बच्ची के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल अधीक्षक पर रुपये मांगने, लापरवाही बरतने तथा जानबूझकर गलत इलाज करने का आरोप लगाया है। परिजन सामुदायिक केंद्र के सामने बैठकर उच्च अधिकारियों से इस मामले में निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। सुरमा दलापुर निवासी मनीष मिश्रा ने एक शिकायती पत्र के माध्यम से बताया है कि उनकी पत्नी को 25 जून 2026 की सुबह करीब आठ बजे प्रसव के लिए सीएचसी माण्डा में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के दौरान अस्पताल कर्मियों ने उनसे 7,000 रुपये की मांग की थी। उन्होंने 2,000 रुपये दिए, जिसका वीडियो भी उनके पास मौजूद होने का दावा किया गया है। शिकायत में आगे दावा किया गया है कि वीडियो बनाए जाने की जानकारी होने के बाद डॉक्टर नाराज हो गए और इसके बाद ऑपरेशन में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण नवजात बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने इस पूरे प्रकरण की गहन जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।1
- प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में दहेज की मांग पूरी न करने पर एक विवाहिता की शादी के तीन साल बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने पति, सास, ससुर और देवर पर हत्या कर शव फांसी पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। करछना थाना अंतर्गत तरौली गांव की निवासी रंजना यादव की शादी पकरी सेवार गांव में हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही उसका पति बुलेट गाड़ी और नकद रुपये की मांग कर रहा था। उस पर अपनी भाभी और सखी-सहेलियों से भी पैसे मंगवाने का दबाव बनाया जाता था। मना करने पर आरोप है कि मंगलवार को पति, सास, ससुर और देवर ने रंजना को पीट-पीटकर मार डाला और बाद में शव को फांसी पर लटका दिया। मृतका के भाई विजय यादव ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद उन्होंने बहन की पूरी जिम्मेदारी निभाई थी और पिता स्वर्गीय हरीलाल यादव ने शादी में सोना-चांदी सहित गृहस्थी का सारा सामान दिया था। उन्होंने अब मुख्यमंत्री योगी से न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले में मेजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- यासीन नामक व्यक्ति पंजाब शहर से संबंधित है।2
- प्रयागराज के करछना थाना क्षेत्र के खाई गांव में दो पक्षों के बीच मारपीट और धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि आरोपी उसके घर पर चढ़कर मारपीट और धमका रहे थे। पीड़ित का कहना है कि आरोपी कथित रूप से भू-माफिया है और उसके खिलाफ पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। पीड़ित ने इस संबंध में पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल, पुलिस की ओर से आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच की जा रही है।1
- लखनऊ के चिनहट स्थित लौलई की काशीराम कॉलोनी में बिजली कटौती को लेकर देर रात भारी बवाल सामने आया। लंबे समय तक बिजली की आपूर्ति न होने के कारण लोगों में जबरदस्त आक्रोश था। इसी के चलते, देर रात करीब 11:30 बजे बड़ी संख्या में नाराज लोग सीधे पावर हाउस पर पहुंच गए। यहां गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया, और इस दौरान तोड़फोड़ की घटनाएं भी दर्ज की गईं।1