प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में दहेज की मांग पूरी न करने पर एक विवाहिता की शादी के तीन साल बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने पति, सास, ससुर और देवर पर हत्या कर शव फांसी पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। करछना थाना अंतर्गत तरौली गांव की निवासी रंजना यादव की शादी पकरी सेवार गांव में हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही उसका पति बुलेट गाड़ी और नकद रुपये की मांग कर रहा था। उस पर अपनी भाभी और सखी-सहेलियों से भी पैसे मंगवाने का दबाव बनाया जाता था। मना करने पर आरोप है कि मंगलवार को पति, सास, ससुर और देवर ने रंजना को पीट-पीटकर मार डाला और बाद में शव को फांसी पर लटका दिया। मृतका के भाई विजय यादव ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद उन्होंने बहन की पूरी जिम्मेदारी निभाई थी और पिता स्वर्गीय हरीलाल यादव ने शादी में सोना-चांदी सहित गृहस्थी का सारा सामान दिया था। उन्होंने अब मुख्यमंत्री योगी से न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले में मेजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र में दहेज की मांग पूरी न करने पर एक विवाहिता की शादी के तीन साल बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मायके पक्ष ने पति, सास, ससुर और देवर पर हत्या कर शव फांसी पर लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है। करछना थाना अंतर्गत तरौली गांव की निवासी रंजना यादव की शादी पकरी सेवार गांव में हुई थी। परिजनों के अनुसार, शादी के बाद से ही उसका पति बुलेट गाड़ी और नकद रुपये की मांग कर रहा था। उस पर अपनी भाभी और सखी-सहेलियों से भी पैसे मंगवाने का दबाव बनाया जाता था। मना करने पर आरोप है कि मंगलवार को पति, सास, ससुर और देवर ने रंजना को पीट-पीटकर मार डाला और बाद में शव को फांसी पर लटका दिया। मृतका के भाई विजय यादव ने बताया कि माता-पिता के निधन के बाद उन्होंने बहन की पूरी जिम्मेदारी निभाई थी और पिता स्वर्गीय हरीलाल यादव ने शादी में सोना-चांदी सहित गृहस्थी का सारा सामान दिया था। उन्होंने अब मुख्यमंत्री योगी से न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले में मेजा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अन्य आरोपियों को भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- प्रयागराज के मेजा क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच बिजली की आंख-मिचौली और रोज़ाना हो रहे फॉल्ट से आपूर्ति बाधित होने के कारण लोगों की परेशानी बढ़ गई है। लगातार कटौती और तकनीकी दिक्कतों ने लोगों की रातों की नींद छीन ली है। हालांकि, विभागीय कर्मी बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दिन-रात जुटे हुए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। इसी कड़ी में, मेजा रोड पावर हाउस से जुड़ी लाइन के अंतर्गत सोरांव गांव में लगे 400 केवीए ट्रांसफार्मर का शनिवार रात फ्यूज उड़ गया, जिससे गांव के कुछ हिस्सों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब ट्रांसफार्मर के पास ही बिजली का तार टूटकर नीचे गिर पड़ा। सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में पावर हाउस पहुंचकर अपनी नाराजगी जताने लगे। सूचना पर सक्रिय हुए बिजली संविदा कर्मी विशाल तिवारी, विपिन कुमार और मनीष कुमार के साथ लाइनमैन विजय पटेल उर्फ डाकिया मौके पर पहुंचे और आपूर्ति बहाल करने में जुट गए। ग्रामीणों के सहयोग से देर रात तक चले मरम्मत कार्य के बाद आखिरकार बिजली आपूर्ति सुचारु कर दी गई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली। बिजली कर्मी कड़ी धूप और उमस भरी रातों में, जब लोग घरों से बाहर निकलने से भी बचते हैं, तब 45 डिग्री तापमान में भी जान जोखिम में डालकर पोल पर चढ़कर फॉल्ट दुरुस्त करते हैं। नंगे पांव और सीमित संसाधनों में काम करने के बावजूद उनका समर्पण सराहनीय है, क्योंकि आंधी-तूफान हो या रात का अंधेरा, हर हाल में बिजली बहाल करना ही उनका लक्ष्य रहता है, और उनकी इसी मेहनत से उपभोक्ताओं को राहत मिलती है।1
- प्रयागराज के मेजा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) माण्डा में प्रसव के दौरान एक नवजात बच्ची की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक बच्ची के परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल अधीक्षक पर रुपये मांगने, लापरवाही बरतने तथा जानबूझकर गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सुरमा दलापुर निवासी मनीष मिश्रा द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, उनकी पत्नी को 25 जून 2026 की सुबह करीब आठ बजे प्रसव के लिए सीएचसी माण्डा में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि भर्ती के दौरान अस्पताल कर्मियों द्वारा 7,000 रुपये की मांग की गई, जिसमें से उन्होंने 2,000 रुपये दिए और इसका वीडियो भी उनके पास मौजूद है। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि वीडियो बनाए जाने की जानकारी होने के बाद डॉक्टर नाराज हो गए, जिसके बाद ऑपरेशन में कथित तौर पर लापरवाही बरती गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ ही देर बाद नवजात बच्ची की हालत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई। उन्होंने प्रसूता को भी अस्पताल में मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। घटना के बाद, परिजनों ने सामुदायिक केंद्र के सामने बैठकर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर तहसीलदार मेंजा और मंडा इंस्पेक्टर पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को समझा-बुझाकर उनका आवेदन लिया और जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।1
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- मिर्ज़ापुर जिले के विंध्याचल स्थित दुगारहा गाँव में एक मारपीट की घटना सामने आई है, जिसमें दो महिलाएँ गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। इस मामले में संबंधित अधिकारियों ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।1
- प्रयागराज जिले के मांडा थाना क्षेत्र स्थित दिघिया चौकी के दरोगा शोएब खान पर वाहन चेकिंग अभियान के दौरान ₹4,000 की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित के अनुसार, जब उसने रिश्वत देने से इनकार कर दिया, तो दरोगा ने उसके दोपहिया वाहन का ₹2,000 का चालान काट दिया, जबकि वाहन चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस और गाड़ी के सभी आवश्यक कागजात मौजूद थे। दरोगा पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए, पीड़ित ने स्वयं इस घटना का वीडियो बनाया है जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस घटना ने दरोगा शोएब खान की कार्यशैली के प्रति लोगों में लगातार आक्रोश बढ़ा दिया है, वहीं अधिकारी इस पूरे मामले से कथित तौर पर बेखबर बने हुए हैं।1
- मिर्ज़ापुर में, एक भाजपा नेत्री ने कलेक्ट्रेट से बिजली विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के जवाब में, बिजली विभाग ने स्पष्ट किया है कि संबंधित उपभोक्ता का बिल बकाया है।1
- मिर्जापुर के गैपुरा स्थित माता विद्यावती शिशु बाल चिकित्सालय के पास सड़क किनारे बड़ी मात्रा में सरकारी दवाइयों की खेप मिलने से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब एक ओर टीबी समेत कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज सरकारी अस्पतालों में दवाइयों के लिए परेशान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यही सरकारी दवाइयां खुले में पड़ी मिलीं। दवाइयों के सड़क किनारे पड़े होने का वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद, इन दवाइयों को जलाकर नष्ट कर दिया गया। हालांकि, इस पूरे मामले में अब तक किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई होने की जानकारी सामने नहीं आई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर सरकारी दवाइयां एक निजी चिकित्सालय के पास सड़क किनारे तक कैसे पहुंच गईं और वायरल वीडियो सामने आने के बावजूद इस मामले में जांच और कार्रवाई में इतनी देरी क्यों हो रही है।1
- मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र में वाराणसी-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग 135 पर स्थित लहुरियादह गांव के पास रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना तब हुई जब मध्य प्रदेश के कटनी से वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन पूजन करने गए एक पत्रकार दंपती अपने स्वजनों और रिश्तेदारों के साथ देर रात घर लौट रहे थे। मृतकों की पहचान विकास ताम्रकार (35) और उनकी 31 वर्षीय पत्नी सोनम के रूप में हुई है, जो मध्यप्रदेश के कटनी जिले के बरही थाना क्षेत्र के बरही निवासी थे। विकास ताम्रकार 'नई दुनिया' समाचार पत्र में पत्रकार थे। हादसे में उनके दो छोटे बच्चे, चार वर्षीय पुत्र शिवांश और डेढ़ वर्षीय रुद्र, बाल-बाल बच गए। घायलों में कार चालक हीरालाल (23) निवासी छिबिया जिला कटनी, हिमांशु ताम्रकार (27) निवासी उचेहरा जिला सतना मध्य प्रदेश, सक्षम (17) निवासी नागौद जिला सतना मध्य प्रदेश और राधा (40) पत्नी प्रह्लाद ताम्रकार निवासी नागौद जिला सतना मध्य प्रदेश शामिल हैं। हिमांशु ताम्रकार मृतक विकास के साले हैं और राधा उनकी बहन। यह घटना रविवार रात करीब डेढ़ बजे उस समय हुई, जब कटनी लौट रही कार लहुरियादह गांव के पास हाइवे पर खड़े किए जा रहे एक ट्रक से पीछे से टकरा गई। विकास के साले हिमांशु ताम्रकार ने बताया कि जिस समय यह दुर्घटना हुई, ट्रक चालक हाइवे पर ट्रक को आगे-पीछे कर रहा था, उसी दौरान उनकी कार अनियंत्रित होकर ट्रक में जा घुसी। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने विकास और उनकी पत्नी सोनम को देखते ही मृत घोषित कर दिया। वहीं, मृतक विकास की बहन राधा की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मंडलीय चिकित्सालय रेफर किया गया। कार चालक हीरालाल, हिमांशु ताम्रकार और सक्षम की हालत सामान्य होने पर चिकित्सकों ने रविवार सुबह उन्हें घर जाने की इजाजत दे दी।2