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सूरजपुर में ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन के बीच हुई झड़प के मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन का बयान सामने आया है। एएसपी ने जानकारी दी है कि पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची थी, जहां कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार, हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) के एक आरोपी सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ ग्रामीण उग्र हो गए, जिसके चलते पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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सूरजपुर में ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन के बीच हुई झड़प के मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन का बयान सामने आया है। एएसपी ने जानकारी दी है कि पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची थी, जहां कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार, हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) के एक आरोपी सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ ग्रामीण उग्र हो गए, जिसके चलते पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
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- सूरजपुर में ग्रामीणों और पुलिस प्रशासन के बीच हुई झड़प के मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन का बयान सामने आया है। एएसपी ने जानकारी दी है कि पुलिस टीम आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची थी, जहां कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस के अनुसार, हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) के एक आरोपी सहित कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान कुछ ग्रामीण उग्र हो गए, जिसके चलते पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।1
- सोशल मीडिया पर पुलिस कर्मियों और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अभद्र भाषा और मां-बहन की गालियों का प्रयोग करने वाले एक व्यक्ति के वीडियो को लेकर गहरा आक्रोश जताया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि यदि किसी ने कुछ गलत किया है तो उसका विरोध करना ठीक है, लेकिन सोशल मीडिया मंचों पर इस तरह की गंदी शब्दावली और गालियों का प्रयोग करना पूरी तरह से अनुचित है। इस तरह के आचरण को लेकर समाज की गिरती स्थिति पर चिंता जताते हुए सवाल खड़े किए गए हैं। मामले में वीडियो को अधिक से अधिक शेयर करने की अपील की जा रही है ताकि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो सके। मांग की जा रही है कि आरोपी पर ऐसी कठोर कार्रवाई की जाए, जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की हरकत दोबारा न कर सके।1
- पद्म विभूषण तीजन बाई जी की शिष्या तरूना साहू ने कहा है कि गुरु माँ की शिष्या होना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है। गुरु माँ के स्नेह, आशीर्वाद और अमूल्य मार्गदर्शन ने ही उन्हें पंडवानी की साधना करने और छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला परंपरा को आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी है। तरूना साहू के अनुसार, गुरु माँ के दिखाए मार्ग पर चलना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी, दोनों है। उन्होंने अपने सभी शुभचिंतकों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत और प्रेरणा है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मुद्दे पर युवाओं की भागीदारी की सराहना की है। पीएम मोदी ने अपना वीडियो देखने और उस पर सुझाव देने वाले सभी युवाओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि युवाओं के सुझाव देश के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने युवाओं की ओर से आए सुझावों का स्वागत किया है और उनके इस सहयोग को अमूल्य बताया है।1
- पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कोरिया जिले के जनपद पंचायत सोनहत अंतर्गत ग्राम पंचायत किशोरी में 4 हेक्टेयर भूमि पर 1000 फलदार पौधे लगाए गए हैं। कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव के निर्देशन में आयोजित इस वृहद पौधारोपण कार्यक्रम में स्व सहायता समूह की महिलाओं, स्कूली बच्चों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान कलेक्टर ने अमरूद और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री योगेंद्र श्रीवास ने कटहल का पौधा लगाकर फलोद्यान की शुरुआत की। कार्यक्रम में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अकलासरई और माध्यमिक विद्यालय किशोरी से आए राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) तथा अन्य सैकड़ों बच्चों ने सहभागिता की। आयोजन के दौरान कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने कक्षा 11वीं की छात्रा माया सिंह और कक्षा 9वीं के छात्र रवि चंद्र से आत्मीय बातचीत कर उनकी पढ़ाई और विषयों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने ग्राम सरपंच श्री बबन से भी संवाद किया और जनपद पंचायत सोनहत के सीईओ श्री मनोज कुमार जगत को इस क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ श्री योगेंद्र श्रीवास के अनुसार, इस 4 हेक्टेयर भूमि पर जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के लिए विशेष रूप से 950 से अधिक संरचनाएं बनाई गई हैं। इनमें 50 बोल्डर चेक, 50 रिचार्ज पिट, 600 से अधिक कंटूर ट्रेंच और 250 से ज्यादा थर्टी-फोर्टी मॉडल शामिल हैं, जिनसे बारिश का पूरा पानी भूमिगत करने की योजना है। इन्हीं जल संरक्षण संरचनाओं के बीच तैयार हो रही इस रोपणी को स्व सहायता समूह द्वारा संरक्षित और संवर्धित किया जाएगा, जिससे पर्यावरण सुरक्षा के साथ ग्रामीणों को आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।1
- मोरगा और सेंधा के बीच बने पुल की जर्जर स्थिति के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। यदि यह पुल टूटता है तो जान-माल के भारी नुकसान के साथ-साथ दोनों गांवों का संपर्क भी पूरी तरह टूट जाएगा। इस खतरे को लेकर सरपंच द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं गया है। इस लापरवाही को लेकर अब स्थानीय सरकार की मंशा और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।1
- देश भर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आई धांधली और शिक्षा व्यवस्था की कथित विफलताओं को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। लाखों छात्रों के भविष्य को खतरे में डालने वाली इन अनियमितताओं के विरोध में राष्ट्रपति महोदया के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें केंद्र सरकार से तुरंत ठोस कदम उठाने की मांग की गई है। ज्ञापन के माध्यम से भारत सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं। पहली मांग में परीक्षाओं में हुई बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से तत्काल इस्तीफा लेने को कहा गया है। दूसरी मांग के तहत संसद में परीक्षा धांधली व प्रशासनिक विफलताओं पर तुरंत विस्तृत चर्चा कराने और घोटाले के दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। तीसरी मांग में नई दिल्ली में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर दर्ज की गई सभी एफआईआर व आपराधिक मामलों को बिना शर्त तुरंत वापस लेने की बात कही गई है। ज्ञापन सौंपने वालों का कहना है कि देश के लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है, इसलिए छात्रों के हितों की रक्षा और दोषियों को सजा दिलाने के लिए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की अपील की गई है। वहीं दूसरी ओर, नीट परीक्षा लीक होने के बाद जान गंवाने वाली बस्तर की एक बेटी की याद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि दी।1
- युवाओं की पीड़ा को समझने और उन्हें अपनी बात रखने का अवसर देने की पुरजोर माँग की गई है। देश का अस्तित्व युवाओं से ही है, इसलिए युवाओं को समय देना और उनके दर्द को गंभीरता से समझना बेहद ज़रूरी है। जब तक युवाओं को खुलकर बोलने का मौका नहीं मिलेगा, तब तक यह भी स्पष्ट नहीं हो पाएगा कि देश वास्तव में डिजिटल बन भी रहा है या नहीं। इसे किसी एक व्यक्ति का संघर्ष न बताकर समस्त युवाओं की साझी लड़ाई करार दिया गया है। युवा साथियों की सक्रियता देखने और एक युवा के मन की बात को अधिक से अधिक लोगों के साथ साझा करने का आह्वान किया गया है, ताकि सभी युवा एकजुट होकर अपने अधिकारों और मुद्दों के लिए आवाज़ बुलंद कर सकें।1