सड़क सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने के निर्देश, डीएम ने की समीक्षा बैठक दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित कर सुरक्षा उपाय बढ़ाने एवं प्रत्येक मृत्यु का ऑडिट कराने के दिए निर्देश सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता-डीएम जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा से संबंधित विभागों की आवश्यक बैठक आहूत की। उन्होंने सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक उपाय अपनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि न हो, इसके लिए हरसंभव उपाय किए जाएं। जहां बार-बार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, ऐसे स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक संकेतक एवं अन्य सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि का थाना-वार विवरण तैयार किया जाए तथा प्रत्येक सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु का ऑडिट भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि दुर्घटना के कारणों का पता चल सके। जो भी कारण प्रकाश में आएं, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि रोकने के लिए सड़क निर्माण से जुड़े विभाग, प्रशासन एवं पुलिस विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। साथ ही स्वास्थ्य विभाग एवं 108 एंबुलेंस सेवा को भी पूरी तरह चौकस रहने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आमजन से यह भी अपील की है कि वे सावधानी पूर्वक वाहन चलाएं, नियमों का पालन करें और अपने अमूल्य जीवन को किसी खतरे में न डालें। उन्होंने यह भी कहा कि यातायात नियमों का पालन से ही सड़क दुर्घटना को नियंत्रित किया जा सकता है, इसलिए जागरूक बने और नियमों का पालन करें बिना हेलमेट दो पहिया वाहन कदापि न चलाएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम शंकर, सीओ सदर संजय कुमार रेड्डी अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी अनिल जाटव, सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
सड़क सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने के निर्देश, डीएम ने की समीक्षा बैठक दुर्घटना संभावित स्थलों को चिन्हित कर सुरक्षा उपाय बढ़ाने एवं प्रत्येक मृत्यु का ऑडिट कराने के दिए निर्देश सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि रोकना सर्वोच्च प्राथमिकता-डीएम जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आज कलेक्ट्रेट सभागार में सड़क सुरक्षा से संबंधित विभागों की आवश्यक बैठक आहूत की। उन्होंने सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक उपाय अपनाने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि न हो, इसके लिए हरसंभव उपाय किए जाएं। जहां बार-बार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, ऐसे स्थानों को चिन्हित कर आवश्यक संकेतक एवं अन्य सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि का थाना-वार विवरण तैयार किया जाए तथा प्रत्येक सड़क दुर्घटना में हुई मृत्यु का ऑडिट भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि दुर्घटना के कारणों का पता चल सके। जो भी कारण प्रकाश में आएं, उनके आधार पर आवश्यक कार्रवाई
सुनिश्चित करते हुए सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मृत्यु पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए। उन्होंने कहा कि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं में जनहानि रोकने के लिए सड़क निर्माण से जुड़े विभाग, प्रशासन एवं पुलिस विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। साथ ही स्वास्थ्य विभाग एवं 108 एंबुलेंस सेवा को भी पूरी तरह चौकस रहने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आमजन से यह भी अपील की है कि वे सावधानी पूर्वक वाहन चलाएं, नियमों का पालन करें और अपने अमूल्य जीवन को किसी खतरे में न डालें। उन्होंने यह भी कहा कि यातायात नियमों का पालन से ही सड़क दुर्घटना को नियंत्रित किया जा सकता है, इसलिए जागरूक बने और नियमों का पालन करें बिना हेलमेट दो पहिया वाहन कदापि न चलाएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रेम नारायण सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम शंकर, सीओ सदर संजय कुमार रेड्डी अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी अनिल जाटव, सहित अन्य संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
- देवरिया। कारोबारी ने एसपी से लगाई सुरक्षा की गुहार, धमकी और दुकान पर कब्जे की आशंका जताई1
- साहब... मेरे पापा का न्याय दिला दीजिए" - सपूर्ण समाधान दिवस में मासूम की गुहार #देवरिया। रुद्रपुर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय भावुक हो गया, जब एक मासूम बच्चा अपने परिजनों के साथ जिलाधिकारी के सामने पहुंचा और भर्राई आवाज में बोला, "साहब... मेरे पापा को न्याय दिला दीजिए।" बच्चे की यह मार्मिक गुहार सुनकर वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और फरियादी भी कुछ पल के लिए भावुक हो गए। दरअसल, दो दिन पहले रामप्रीत साहनी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि यह हादसा एक पुलिसकर्मी के वाहन की टक्कर से हुआ। घटना के विरोध में ग्रामीणों और परिजनों ने इकौना थाना क्षेत्र के बजरंग चौराहे पर शव रखकर सडक जाम कर प्रदर्शन भी किया था।उनका कहना है कि अब तक दोषी के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं शनिवार को पीड़ित परिवार न्याय की मांग लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचा। इस दौरान साथ आए मासूम बच्चे ने भी जिलाधिकारी से अपनी बात कहने की इच्छा जताई। जब परिजन उसे रोकने लगे तो जिलाधिकारी ने स्वयं उसे बोलने का अवसर दिया। बच्चे ने मासूमियत के साथ अपने पिता को न्याय दिलाने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साहब... मेरे पापा का न्याय दिला दीजिए" - सपूर्ण समाधान दिवस में मासूम की गुहार #देवरिया। रुद्रपुर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय भावुक हो गया, जब एक मासूम बच्चा अपने परिजनों के साथ जिलाधिकारी के सामने पहुंचा और भर्राई आवाज में बोला, "साहब... मेरे पापा को न्याय दिला दीजिए।" बच्चे की यह मार्मिक गुहार सुनकर वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और फरियादी भी कुछ पल के लिए भावुक हो गए। दरअसल, दो दिन पहले रामप्रीत साहनी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि यह हादसा एक पुलिसकर्मी के वाहन की टक्कर से हुआ। घटना के विरोध में ग्रामीणों और परिजनों ने इकौना थाना क्षेत्र के बजरंग चौराहे पर शव रखकर सडक जाम कर प्रदर्शन भी किया था।उनका कहना है कि अब तक दोषी के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं शनिवार को पीड़ित परिवार न्याय की मांग लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचा। इस दौरान साथ आए मासूम बच्चे ने भी जिलाधिकारी से अपनी बात कहने की इच्छा जताई। जब परिजन उसे रोकने लगे तो जिलाधिकारी ने स्वयं उसे बोलने का अवसर दिया। बच्चे ने मासूमियत के साथ अपने पिता को न्याय दिलाने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- निपुण भारत मिशन को मिलेगी नई रफ्तार, संकल्प कार्यशाला में शिक्षकों को मिला आधुनिक शिक्षण का प्रशिक्षण डीएम मधुसूदन हुल्गी ने किया शुभारंभ, कक्षा में बदलाव, कैच-अप शिक्षण और पठन संस्कृति को मजबूत बनाने पर दिया जोर देवरिया। जनपद में बुनियादी शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध ढंग से हासिल करने के उद्देश्य से "कक्षा में बदलाव, कैच-अप शिक्षण एवं पठन संस्कृति के माध्यम से निपुण भारत की ओर" विषय पर निपुण संकल्प कार्यशाला का आयोजन एमराल्ड सफारी, गौरा में किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने की, जिसमें देवरिया और कुशीनगर के एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारी तथा शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी, मुख्य विकास अधिकारी राजेश सिंह तथा सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक), गोरखपुर मंडल संगीता सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान देवरिया के एसआरजी उपेंद्र उपाध्याय और कुशीनगर के एसआरजी राम प्रकाश पांडेय भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कहा कि निपुण उत्तर प्रदेश के तहत निर्धारित सभी मानकों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए। उन्होंने एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करते हुए जनपद को निपुण जनपद बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राम जियावन मौर्य ने कहा कि कक्षा में बदलाव, कैच-अप शिक्षण और पठन संस्कृति निपुण भारत मिशन की आधारशिला हैं। उन्होंने विद्यालयों में आनंददायक, सुरक्षित और समावेशी शिक्षण वातावरण विकसित करने पर बल देते हुए नियमित अभ्यास, सतत मूल्यांकन, समयबद्ध फीडबैक और 15 दिवसीय कैच-अप अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता बताई। राज्य परियोजना कार्यालय से आए विशेषज्ञ शुभम और करिश्मा ने प्रतिभागियों को निपुण संकल्प की अवधारणा, कक्षा में बदलाव के 10 सूत्र, कैच-अप शिक्षण के 15 सूत्र तथा NIPUN Plus App के माध्यम से आकलन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। साथ ही विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों के जरिए व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। कार्यशाला में विद्यालयों में पठन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए रीडिंग कॉर्नर, रीडिंग क्लब, डीईएआर अभियान, सुपर-20/30 पाठक पहल, समाचार-पत्र वाचन और चर्चा जैसी गतिविधियों पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम का संचालन एसआरजी टीम ने किया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी सत्य प्रकाश कुशवाहा का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) आशुतोष शुक्ला, जिला समन्वयक (निपुण) गोरख यादव, मधुरेंद्र शुक्ला सहित दोनों जनपदों के एआरपी, एसआरजी, खंड शिक्षा अधिकारी और शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने 'निपुण संकल्प' लेते हुए प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने तथा निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को निर्धारित समय में पूरा करने का संकल्प लिया।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर (सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी - सुभासपा के अध्यक्ष) का हालिया बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा और विवाद का विषय बना हुआ है। 🔥 विवादित बयान क्या था? राज्य में बिजली कटौती और बढ़ते बिजली बिलों से जुड़ी समस्याओं पर मीडिया से बातचीत के दौरान ओम प्रकाश राजभर ने बिजली खपत बढ़ने के पीछे गांव के लोगों के बदले रहन-सहन का हवाला दिया। बयान का मुख्य अंश: उन्होंने कहा कि आज गांव-गांव में लोगों के घरों में एसी (AC) और कूलर लग गए हैं। लोग इनका इस्तेमाल बहुत ज्यादा कर रहे हैं, जिसकी वजह से बिजली की खपत (Demand) अचानक काफी बढ़ गई है और ट्रांसफॉर्मर तथा ग्रिड पर दबाव पड़ रहा है। तर्क: उनके अनुसार, सरकार लगातार बिजली आपूर्ति सुधारने का काम कर रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में एसी-कूलर के अत्यधिक उपयोग से लोड बहुत बढ़ गया है। 💥 बवाल और प्रतिक्रियाएं राजभर के इस बयान के सामने आते ही विपक्षी दलों और आम जनता की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं: विपक्ष का हमला: समाजवादी पार्टी (SP) व अन्य विपक्षी दलों ने इस बयान को ग्रामीणों और किसानों का अपमान बताया। विपक्ष का कहना था कि सरकार अपनी प्रशासनिक और ढांचागत (Infrastructure) नाकामियों और बिजली व्यवस्था न संभाल पाने का ठीकरा आम जनता पर फोड़ रही है। नेताओं ने सवाल उठाया कि क्या गांव के लोगों को भयंकर गर्मी में एसी या कूलर चलाने का हक नहीं है? जनता और सोशल मीडिया पर गुस्सा: सोशल मीडिया (X, फेसबुक आदि) पर लोगों ने इस बयान को लेकर मंत्री जी को आड़े हाथों लिया और जमकर मीम्स शेयर किए। लोगों का कहना था कि कड़कड़ाती गर्मी में बुनियादी सुविधाएं देना सरकार का काम है, न कि जनता के एसी-कूलर चलाने पर सवाल उठाना। सफाई व पक्ष: विवाद बढ़ने के बाद राजभर के समर्थकों और उनके पक्षधर नेताओं ने स्पष्टीकरण देने की कोशिश की कि मंत्री जी का उद्देश्य ग्रामीणों को नीचा दिखाना नहीं था, बल्कि वे केवल बिजली की रिकॉर्ड मांग और लोड बढ़ने की तकनीकी वजह बता रहे थे। सार: ओम प्रकाश राजभर अक्सर अपने बेबाक और अतरंगी बयानों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार गांव के लोगों द्वारा एसी-कूलर चलाए जाने को बिजली संकट या खपत का कारण बताना जनता और विपक्ष दोनों को नागवार गुजरा, जिससे यह पूरा राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ।1
- लोकेशन भटनी देवरिया UPN TV live से संवाददाता अशोक मद्धेशिया दहेज उत्पीड़न का आरोप: बेटी का आखिरी फोन, फिर रात में हो गई मौत देवरिया। जनपद के भटनी थाना क्षेत्र के एक मामले में मृतका नेहा के पिता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर शेष नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष विवेचना की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, नेहा की शादी अमित चौरसिया से हुई थी। पिता का आरोप है कि शादी के बाद से पति अमित चौरसिया, ससुर राजेंद्र चौरसिया, जेठ उग्रसेन चौरसिया, जेठानी प्रिया और ननद सीमा दहेज को लेकर नेहा को प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि 15 जुलाई 2026 को नेहा को कमरे में बंद कर मारपीट की गई। उसी दिन दोपहर करीब 3:30 बजे नेहा ने अपने पिता को फोन कर कहा था कि, "पापा, मुझे कमरे में बंद कर मारा-पीटा जा रहा है। ये लोग दहेज के लिए मेरी हत्या करना चाहते हैं।" आरोप है कि उसी रात नेहा ने फांसी लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। पिता का कहना है कि मामले में पति और ससुर की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कराते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। नोट: यह समाचार मृतका के पिता द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। लोकेशन भटनी देवरिया UPN TV live से संवाददाता अशोक मद्धेशिया दहेज उत्पीड़न का आरोप: बेटी का आखिरी फोन, फिर रात में हो गई मौत देवरिया। जनपद के भटनी थाना क्षेत्र के एक मामले में मृतका नेहा के पिता ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर शेष नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष विवेचना की मांग की है। प्रार्थना पत्र के अनुसार, नेहा की शादी अमित चौरसिया से हुई थी। पिता का आरोप है कि शादी के बाद से पति अमित चौरसिया, ससुर राजेंद्र चौरसिया, जेठ उग्रसेन चौरसिया, जेठानी प्रिया और ननद सीमा दहेज को लेकर नेहा को प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि 15 जुलाई 2026 को नेहा को कमरे में बंद कर मारपीट की गई। उसी दिन दोपहर करीब 3:30 बजे नेहा ने अपने पिता को फोन कर कहा था कि, "पापा, मुझे कमरे में बंद कर मारा-पीटा जा रहा है। ये लोग दहेज के लिए मेरी हत्या करना चाहते हैं।" आरोप है कि उसी रात नेहा ने फांसी लगा ली, जिससे उसकी मौत हो गई। पिता का कहना है कि मामले में पति और ससुर की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हुई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कराते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। नोट: यह समाचार मृतका के पिता द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए प्रार्थना पत्र में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है।1
- टैंकर से डीजल चोरी करते चालक-खलासी गिरफ्तार, 45 लीटर डीजल बरामद ! जनपद देवरिया के थाना गौरीबाजार पुलिस ने रात्रि गश्त एवं संदिग्ध वाहन/व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर बड़ी कार्रवाई करते हुए टैंकर से डीजल चोरी करते दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पुलिस ने सिरजम चौराहे के पास टैंकर संख्या UP 52 AT 0730 से डीजल चोरी करते हुए राजेश यादव (40 वर्ष) निवासी धतुरा खास उसरा टोला, थाना गौरीबाजार तथा अरविन्द निषाद (28 वर्ष) निवासी नरौली भीखम, थाना खुखुन्दू को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक ड्रम में 45 लीटर डीजल, दो 15-15 लीटर के प्लास्टिक के डिब्बे, तेल निकालने वाला पाइप तथा एक कीप बरामद की। बरामदगी के आधार पर थाना गौरीबाजार में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।1