विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर झुंझुनूं में राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड जिला मुख्यालय द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन अभिरुचि कला एवं कौशल प्रशिक्षण शिविर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था, जिसमें रैली, पोस्टर प्रतियोगिता और शपथ ग्रहण समारोह जैसे माध्यमों का उपयोग किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रांत संयोजक पर्यावरण गतिविधि डॉ. अशोक शर्मा और अध्यक्ष सी.ओ. स्काउट महेश कालावत रहे। सी.ओ. स्काउट महेश कालावत ने अपने संबोधन में बताया कि तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। उन्होंने शिविरार्थियों से नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि डॉ. अशोक शर्मा ने भी नशे को शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और चारित्रिक विकास के लिए हानिकारक बताया, युवाओं से स्वयं नशामुक्त रहने और आने वाली पीढ़ियों को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराने की अपील की। इसके साथ ही, डॉ. शर्मा ने अधिक से अधिक पौधारोपण, जल संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत तंबाकू और नशे के दुष्प्रभाव विषय पर एक पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें रिद्धि ने प्रथम, सानिया चौहान ने द्वितीय तथा जास्मीन एवं सनाया ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को सम्मानित भी किया गया। इसी अवसर पर स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर, छात्र-छात्राओं और महिलाओं की सहभागिता से नशा उन्मूलन जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे डॉ. अशोक शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली करुंडिया रोड, साहवो का कुआं, गांधी पार्क, मोदी रोड और कुमावत बस्ती जैसे विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः स्काउट कार्यालय पहुंची, जहाँ सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। इस कार्यक्रम में विजेंद्र कुमार, जिला पर्यावरण संयोजक राजेंद्र गोयन, समाजसेवी सत्यपाल, डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग कमिश्नर चिरंजीलाल शर्मा, राष्ट्रपति स्काउट उमेश रोहिल्ला, जिला कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश डीग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सैकड़ों शिविरार्थी उपस्थित रहे।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर झुंझुनूं में राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड जिला मुख्यालय द्वारा आयोजित ग्रीष्मकालीन अभिरुचि कला एवं कौशल प्रशिक्षण शिविर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था, जिसमें रैली, पोस्टर प्रतियोगिता और शपथ ग्रहण समारोह जैसे माध्यमों का उपयोग किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रांत संयोजक पर्यावरण गतिविधि डॉ. अशोक शर्मा और अध्यक्ष सी.ओ. स्काउट महेश कालावत रहे। सी.ओ. स्काउट महेश कालावत ने अपने संबोधन में बताया कि तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य, आर्थिक स्थिति और सामाजिक जीवन पर गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। उन्होंने शिविरार्थियों से नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। मुख्य अतिथि डॉ. अशोक शर्मा ने भी नशे को शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और चारित्रिक विकास के लिए हानिकारक बताया, युवाओं से स्वयं नशामुक्त रहने और आने वाली पीढ़ियों को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराने की अपील की। इसके साथ ही, डॉ. शर्मा ने अधिक से अधिक पौधारोपण, जल संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक के बहिष्कार के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर भी बल दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत तंबाकू और नशे के दुष्प्रभाव विषय पर एक पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें रिद्धि ने प्रथम, सानिया चौहान ने द्वितीय तथा जास्मीन एवं सनाया ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को सम्मानित भी किया गया। इसी अवसर पर स्काउट-गाइड, रोवर-रेंजर, छात्र-छात्राओं और महिलाओं की सहभागिता से नशा उन्मूलन जागरूकता रैली निकाली गई, जिसे डॉ. अशोक शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली करुंडिया रोड, साहवो का कुआं, गांधी पार्क, मोदी रोड और कुमावत बस्ती जैसे विभिन्न मार्गों से होते हुए पुनः स्काउट कार्यालय पहुंची, जहाँ सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्ति, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली। इस कार्यक्रम में विजेंद्र कुमार, जिला पर्यावरण संयोजक राजेंद्र गोयन, समाजसेवी सत्यपाल, डिस्ट्रिक्ट ट्रेनिंग कमिश्नर चिरंजीलाल शर्मा, राष्ट्रपति स्काउट उमेश रोहिल्ला, जिला कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश डीग्रवाल सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और सैकड़ों शिविरार्थी उपस्थित रहे।
- रामपुर में एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहाँ एक भैंसा कसाईखाने से अपनी जान बचाने के लिए भागा और सीधे एक छत पर चढ़ गया। कत्ल के डर से भैंसे के इस तरह छत पर पहुँचने के कारण पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसपास का माहौल गरमा गया। इस हैरान कर देने वाले नजारे को देखकर लोग दंग रह गए।1
- उदयपुरवाटी में आज शाम एक बार फिर तेज हवाओं, आंधी-तूफान और जोरदार बारिश का दौर चला। पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में झमाझम बारिश हो रही है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।1
- बीदासर में शनिवार को एक रेतीले बवंडर ने दस्तक दी, जिसके चलते क्षेत्र का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया।1
- आज अपने जयपुर आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान के कई ज्वलंत मुद्दों पर बेबाकी से अपने विचार रखे। इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ पर उनका तीखा हमला रहा। बेनीवाल ने अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में मदन राठौड़ को आड़े हाथों लिया और उन पर सीधे सियासी तीर छोड़े। उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि वे जनहित के मुद्दों पर किसी भी तरह की नरमी बरतने वाले नहीं हैं।1
- राजस्थान के सीकर जिले के चौकड़ी क्षेत्र में अचानक आए तेज आंधी-तूफान और बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगभग 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा की प्रचंड रफ्तार से चली हवाओं ने पूरे क्षेत्र में कहर बरपाया, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस भीषण आंधी-तूफान के कारण कई पेड़ जड़ से उखड़ गए और विभिन्न स्थानों पर बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। धूल भरी तेज आंधी के चलते सड़कों पर दृश्यता काफी कम हो गई, जिसने वाहन चालकों के लिए आवागमन में गंभीर मुश्किलें खड़ी कर दीं। हालांकि, तूफान के साथ हुई बारिश से मौसम में कुछ ठंडक जरूर आई, लेकिन क्षेत्र के कई हिस्सों से भारी नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं। बिगड़े हुए हालात को देखते हुए, ग्रामीणों ने तत्काल सुरक्षित स्थानों पर शरण ली है। उन्होंने प्रशासन से यह मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू किए जाएं और बाधित हुई बिजली व्यवस्था को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि लोगों की दैनिक दिनचर्या सामान्य हो सके।3
- राज्य सरकार के निर्देश पर लोसल नगर पालिका प्रशासन ने हाल ही में "वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान" के तहत कई कार्यक्रमों का आयोजन किया। इस पहल के अंतर्गत, अल सुबह प्रभात फेरी निकाली गई, जिसके माध्यम से आमजन को स्वच्छता और जल संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। प्रभात फेरी के समापन के बाद, सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने बढ़-चढ़कर श्रमदान किया, जिसमें सभी ने एक स्वच्छ और सुंदर लोसल बनाने का संकल्प लिया। इस अभियान का मुख्य संदेश 'जल बचाओ, स्वच्छता अपनाओ' रहा।1
- चूरू जिले की तारानगर तहसील के धीरवास बड़ा गांव की ढाणियों में 4 मई 2026 की रात आए तूफान से कई विद्युत पोल टूट गए थे। ग्रामीणों का आरोप है कि एक महीना बीत जाने के बाद भी विद्युत विभाग ने अभी तक इन टूटे हुए पोलों को ठीक नहीं किया है। इस बड़ी लापरवाही के कारण पिछले एक महीने से ग्रामीण इस भीषण गर्मी में बिना बिजली के अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने टूटे हुए पोलों की सूचना कई बार विद्युत विभाग के अधिकारी एईएन साहब को दी है, लेकिन अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। धीरवास बड़ा के कृष्ण कुमार S/O हेमराज सिहाग ने बताया कि साहवा जाने वाले स्टेट हाइवे के पास उनके खेत में लगा विद्युत पोल तूफान से टूट गया है, जिससे बिजली की सप्लाई बंद है और करंट दौड़ते हुए बिजली के तार जमीन पर पड़े हुए हैं। उन्होंने कई बार एईएन और कर्मचारियों को फोन कर अवगत कराया, फिर भी पोल नहीं बदला गया, जिससे खेत में बिजली न होने से उन्हें भारी परेशानी हो रही है। इसी तरह, गांव में रेड़ी के रास्ते पर मोहन थालोड़ की ढाणी में भी पिछले एक महीने से दो विद्युत पोल टूटे पड़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायत के बावजूद विभाग ने टूटे हुए पोलों को नहीं बदला है, जिससे ये टूटे पोल और लटकते ढीले तार कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, और राहगीरों व बच्चों के लिए भारी खतरा पैदा कर रहे हैं। बिजली न होने से ढाणियों में पंखे-कूलर बंद पड़े हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों का गर्मी से बुरा हाल है। इस लापरवाही से धीरवास बड़ा की ढाणियों के दर्जनों परिवार सीधे तौर पर प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम से अविलंब नए पोल लगाने और बिजली व्यवस्था को सुचारू करने की मांग की है, क्योंकि भीषण गर्मी के इस दौर में जिम्मेदारी की यह अनदेखी किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही है।1
- पूर्व मंत्री रघु शर्मा ने भावुक होकर एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें उन्होंने शपथ ली कि जिस क्षेत्र को उन्होंने जिला बनाया था और जिसे 'इन बेईमानों द्वारा' यानी BJP सरकार द्वारा हटा दिया गया, उसे वे वापस जिले का दर्जा दिलाकर रहेंगे। शर्मा ने दृढ़ता से कहा कि जब तक उनकी सांस रहेगी, वे यह सुनिश्चित करेंगे कि उस क्षेत्र को पुनः जिला बनाया जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह उनकी 'कसम' है।1
- कुदरत के कहर के आगे मजबूत टावर भी धराशायी हो गए हैं। इस घटना को देखते हुए सभी को सावधान रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि प्रकृति के साथ छेड़छाड़ हमेशा खतरनाक नतीजे पेश करती है।1