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Dhanbad कतरास “छाताबाद में जमीन नहीं, गरीबों के ख्वाब धंसे! 20 घर जमींदोज, हजारों पर बेघर होने का खतरा; ढुल्लू महतो ने उठाया कोयला चोरी का मुद्दा, चंद्रप्रकाश चौधरी के खिलाफ गुस्सा—अब आशियाने कौन बचाएगा?”
Adarsh gupta
Dhanbad कतरास “छाताबाद में जमीन नहीं, गरीबों के ख्वाब धंसे! 20 घर जमींदोज, हजारों पर बेघर होने का खतरा; ढुल्लू महतो ने उठाया कोयला चोरी का मुद्दा, चंद्रप्रकाश चौधरी के खिलाफ गुस्सा—अब आशियाने कौन बचाएगा?”
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- चंद्रपुरा में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी बचाव मोर्चा चंद्रपुरा प्रखंड द्वारा सिद्दू कान्हु चौक पर विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ रविवार को मनाया गया। इस दौरान महान स्वतंत्रता सेनानी सिध्दु कान्हू की मूर्ति पर आदिवासी नेता लखी हेम्ब्रम समेत सभी लोगो ने माल्यार्पण किया। चंद्रपुरा में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी बचाव मोर्चा चंद्रपुरा प्रखंड द्वारा सिद्दू कान्हु चौक पर विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ रविवार को मनाया गया। इस दौरान महान स्वतंत्रता सेनानी सिध्दु कान्हू की मूर्ति पर आदिवासी नेता लखी हेम्ब्रम समेत सभी लोगो ने माल्यार्पण किया।2
- रतनपुर यूनिटी क्लब के श्रद्धालुओं का जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना, गूंजा 'बोल बम' का जयघोष पवित्र सावन माह के अवसर पर शिवभक्तों में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल है। इसी कड़ी में धनबाद जिले के गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र के रतनपुर से श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) की धार्मिक यात्रा के लिए रवाना हुआ। यह आयोजन रतनपुर यूनिटी क्लब के तत्वावधान में किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर, गूंजे जयकारे** देवघर प्रस्थान करने से पूर्व सभी श्रद्धालुओं ने रतनपुर स्थित दुर्गा मंदिर में एकत्रित होकर विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की और बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया।1
- विश्व आदिवासी दिवस पर जामताड़ा में जिला स्तरीय समारोह, आदिवासी संस्कृति की दिखी भव्य झलक “बिरसा-तिलका-सिद्धू-कान्हू को नमन, आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगा जामताड़ा”1
- आदिवासी समाज भारत की आत्मा, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा जरूरी : डॉ. इरफान अंसारी दुलाडीह नगर भवन में जिला स्तरीय झारखंड आदिवासी महोत्सव का आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां जामताड़ा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को दुलाडीह नगर भवन में जिला स्तरीय झारखंड आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा और परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों का बुके, पारंपरिक पगड़ी, पौधा और मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। पारंपरिक नृत्य के साथ उन्हें मंच तक लाया गया। इस दौरान अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और दिशोम गुरु पद्म भूषण स्व. शिबू सोरेन के तैलचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी भी पारंपरिक आदिवासी परिधान में नजर आए। आदिवासी समाज भारत की आत्मा : मंत्री मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के इतिहास, पहचान, संस्कृति, भाषा, परंपरा और अधिकारों को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। झारखंड की धरती ने भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे महान जननायकों को जन्म दिया, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन के अधिकार के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार आदिवासी समेत सभी वर्गों के हित में काम कर रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और जामताड़ा में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। युवाओं को संस्कृति से जुड़े रहने की जरूरत : उपायुक्त उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा सभी के लिए प्रेरणादायक है। भगवान बिरसा मुंडा सहित महान जननायकों के संघर्ष से हमें साहस और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की सीख मिलती है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के साथ अपनी संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक कौशल को आजीविका से जोड़ने पर भी जोर दिया। साथ ही जल, जंगल और जमीन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। प्रकृति संरक्षण की परंपरा अनुकरणीय : एसपी एसपी शम्भू कुमार सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज की प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली पूरे विश्व के लिए अनुकरणीय है। जल, जंगल और जमीन आदिवासी जीवन, संस्कृति और सभ्यता का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का जरूरत से अधिक दोहन आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दिया संरक्षण का संदेश कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों और कलाकारों ने गीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश दिया। कृषि, मत्स्य, समाज कल्याण और जेएसएलपीएस सहित विभिन्न विभागों ने आकर्षक स्टॉल लगाए। यहां आदिवासी संस्कृति, खान-पान और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। अतिथियों ने 05 सामुदायिक वन पट्टों का वितरण किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों और बेहतर स्टॉल लगाने वाले विभागों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, डीडीसी असीम किस्पोट्टा, परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, एसडीओ अनंत कुमार, जिला स्तरीय पदाधिकारी, मुखिया, जनप्रतिनिधि, झारखंड आंदोलनकारी, स्कूली बच्चे एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- रामगढ़ : आदिवासी बेटी ने अंग्रेजी में सुनाई भगवान बिरसा मुंडा की गौरवगाथा भाषण ने जीता सबका दिल1
- झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी का बड़ा बयान: “थाना प्रभारी झूठे केस में फंसाएंगे, तो हम भी जवाब देंगे।” मंत्री ने छाताबाद भू-धंसान मामले में कोयला चोरी को लेकर BCCL और CISF की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए, कहा कि अवैध कोयला निकासी की जवाबदेही तय होनी चाहिए।1
- निरसा में विश्व आदिवासी दिवस पर झामुमो ने निकाली भव्य रैल *निरसा में विश्व आदिवासी दिवस पर झामुमो ने निकाली भव्य रैली, लखी सोरेन और तपन तिवारी के नेतृत्व में जुटे कार्यकर्ता* निरसा में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से रैली और कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला अध्यक्ष लखी सोरेन और जिला सह सचिव तपन तिवारी के नेतृत्व में निरसा प्रखंड परिसर से रैली निकाली गई। रैली में झामुमो के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में शामिल हुए। रैली निरसा प्रखंड से शुरू होकर सिनेमा हॉल मोड़ तक पहुंची। इसके बाद सभी कार्यकर्ता वापस निरसा प्रखंड पहुंचे, जहां कार्यक्रम का समापन किया गया। इस दौरान आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति, परंपरा और अधिकारों के संरक्षण को लेकर जागरूकता का संदेश दिया गया। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने के साथ-साथ समाज की एकजुटता को मजबूत करने का आह्वान किया। जिला अध्यक्ष लखी सोरेन ने कहा कि जल, जंगल और जमीन की रक्षा में आदिवासी समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के लिए संघर्ष करता आया है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है। वहीं, जिला सह सचिव तपन तिवारी ने कहा कि 9 अगस्त को पूरी दुनिया में विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है। यह दिन आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा, भाषा और पहचान को सम्मान देने के साथ-साथ उनके अधिकारों और सामाजिक विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि झारखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों में इस अवसर पर कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष लखी सोरेन, जिला सचिव मन्नू आलम, केंद्रीय अध्यक्ष सुकलाल मरांडी, जिला सह सचिव तपन तिवारी, झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन से स्वपन बनर्जी, चांद सोरेन, मनोज रवानी, मोहम्मद अली, उद्दीन अंसारी, लखी देवी, सन्नी सोरेन, रामनाथ सोरेन, सुबोध टुडू, पवन माझी और परीक्षित दा समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के जरिए आदिवासी समाज की एकता, संस्कृति, परंपरा और अधिकारों के संरक्षण का संदेश दिया गया। साथ ही जल, जंगल और जमीन की रक्षा में आदिवासी समुदाय की ऐतिहासिक भूमिका को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया।7
- निरसा में विश्व आदिवासी दिवस पर झामुमो ने निकाली भव्य रैल जरीडीह में पूनम कुमारी पर जानलेवा हमला: मौन साधे बैठा कुशवाहा संघ, डॉ. अशोक वर्मा ने जताया भारी आक्रोश जमुआ थाना क्षेत्र के जरीडीह गांव में 2 अगस्त को हुई एक हृदयविदारक और खौफनाक घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. 23 वर्षीय विवाहिता पूनम कुमारी पर उसके ही ससुराल वालों ने एक मामूली बात को लेकर जानलेवा हमला कर दिया.इस गंभीर और जघन्य अपराध के बाद भी जिला कुशवाहा संघ की चुप्पी और निष्क्रियता पर सवाल उठने लगे हैं जिला कुशवाहा संघ (चिकित्सा प्रकोष्ठ) के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने शनिवार को जमुआ में प्रेस वार्ता कर संघ की कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया और तीखा हमला बोला मामूली विवाद में सरेआम दरिंदगी घटना की जानकारी देते हुए डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि 2 अगस्त को जरीडीह निवासी पूनम कुमारी पर एक छोटी सी बात को लेकर उसके ससुराल वालों का कहर टूट पड़ा सास ढालिया देवी, ससुर सुखदेव महतो और देवर शिवम वर्मा आरोपियों ने मिलकर विवाहिता को सरेआम लाठी और चप्पलों से बेरहमी से पीटा. डॉ. वर्मा ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि एक निहत्थी बहु पर इस तरह का बर्बर हमला किसी जघन्य और संगीन अपराध से कम नहीं है. "संघ का ध्यान सिर्फ जयंती व कुशवाहा छात्रावास निर्माण तक सीमित घटना पर समाज की चुप्पी पर दुख जताते हुए डॉ. वर्मा ने जिला कुशवाहा संघ की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए उन्होंने कहा जब समाज की बेटियों पर इस तरह के जानलेवा हमले हो रहे हैं, तब संघ मूकदर्शक बना बैठा है. संघ की सरगर्मी और सक्रियता सिर्फ कुश जयंती मनाने और छात्रावास निर्माण के भाषणों तक ही सिमट कर रह गई है. पीड़ित बेटी की सुध लेने या उसे न्याय दिलाने के लिए संघ का निष्क्रिय रवैया बेहद शर्मनाक है. त्वरित कार्रवाई और न्याय की मांग डॉ. वर्मा ने स्थानीय पुलिस-प्रशासन और जमुआ थाना प्रभारी से मांग की है कि पीड़िता पूनम कुमारी को अविलंब न्याय दिलाया जाए और मुख्य आरोपी पूनम की देवर शिवम की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समाज की बेटियों पर अत्याचार के खिलाफ ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इस निष्क्रियता का समाज में गलत संदेश जाएगा.आज तक संघ का टीम जरीडीह पीड़ित पूनम से नही मिल पाया है जिला अध्यक्ष इस मामले को संज्ञान में ले2