आदिवासी समाज भारत की आत्मा, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा जरूरी : डॉ. इरफान अंसारी दुलाडीह नगर भवन में जिला स्तरीय झारखंड आदिवासी महोत्सव का आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां जामताड़ा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को दुलाडीह नगर भवन में जिला स्तरीय झारखंड आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा और परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों का बुके, पारंपरिक पगड़ी, पौधा और मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। पारंपरिक नृत्य के साथ उन्हें मंच तक लाया गया। इस दौरान अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और दिशोम गुरु पद्म भूषण स्व. शिबू सोरेन के तैलचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी भी पारंपरिक आदिवासी परिधान में नजर आए। आदिवासी समाज भारत की आत्मा : मंत्री मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के इतिहास, पहचान, संस्कृति, भाषा, परंपरा और अधिकारों को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। झारखंड की धरती ने भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे महान जननायकों को जन्म दिया, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन के अधिकार के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार आदिवासी समेत सभी वर्गों के हित में काम कर रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और जामताड़ा में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। युवाओं को संस्कृति से जुड़े रहने की जरूरत : उपायुक्त उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा सभी के लिए प्रेरणादायक है। भगवान बिरसा मुंडा सहित महान जननायकों के संघर्ष से हमें साहस और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की सीख मिलती है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के साथ अपनी संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक कौशल को आजीविका से जोड़ने पर भी जोर दिया। साथ ही जल, जंगल और जमीन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। प्रकृति संरक्षण की परंपरा अनुकरणीय : एसपी एसपी शम्भू कुमार सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज की प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली पूरे विश्व के लिए अनुकरणीय है। जल, जंगल और जमीन आदिवासी जीवन, संस्कृति और सभ्यता का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का जरूरत से अधिक दोहन आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दिया संरक्षण का संदेश कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों और कलाकारों ने गीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश दिया। कृषि, मत्स्य, समाज कल्याण और जेएसएलपीएस सहित विभिन्न विभागों ने आकर्षक स्टॉल लगाए। यहां आदिवासी संस्कृति, खान-पान और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। अतिथियों ने 05 सामुदायिक वन पट्टों का वितरण किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों और बेहतर स्टॉल लगाने वाले विभागों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, डीडीसी असीम किस्पोट्टा, परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, एसडीओ अनंत कुमार, जिला स्तरीय पदाधिकारी, मुखिया, जनप्रतिनिधि, झारखंड आंदोलनकारी, स्कूली बच्चे एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
आदिवासी समाज भारत की आत्मा, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा जरूरी : डॉ. इरफान अंसारी दुलाडीह नगर भवन में जिला स्तरीय झारखंड आदिवासी महोत्सव का आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां जामताड़ा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को दुलाडीह नगर भवन में जिला स्तरीय झारखंड आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा और परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों का बुके, पारंपरिक पगड़ी, पौधा और मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। पारंपरिक नृत्य के साथ उन्हें मंच तक लाया गया। इस दौरान अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और दिशोम गुरु पद्म भूषण स्व. शिबू सोरेन के तैलचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी भी पारंपरिक आदिवासी परिधान में नजर आए। आदिवासी समाज भारत की आत्मा : मंत्री मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के इतिहास, पहचान, संस्कृति, भाषा, परंपरा और अधिकारों को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। झारखंड की धरती ने भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे महान जननायकों को जन्म दिया, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन के अधिकार के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार आदिवासी समेत सभी वर्गों के हित में काम कर रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और जामताड़ा में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। युवाओं को संस्कृति से जुड़े रहने की जरूरत : उपायुक्त उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा सभी के लिए प्रेरणादायक है। भगवान बिरसा मुंडा सहित महान जननायकों के संघर्ष से हमें साहस और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की सीख मिलती है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के साथ अपनी संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक कौशल को आजीविका से जोड़ने पर भी जोर दिया। साथ ही जल, जंगल और जमीन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। प्रकृति संरक्षण की परंपरा अनुकरणीय : एसपी एसपी शम्भू कुमार सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज की प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली पूरे विश्व के लिए अनुकरणीय है। जल, जंगल और जमीन आदिवासी जीवन, संस्कृति और सभ्यता का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का जरूरत से अधिक दोहन आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दिया संरक्षण का संदेश कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों और कलाकारों ने गीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश दिया। कृषि, मत्स्य, समाज कल्याण और जेएसएलपीएस सहित विभिन्न विभागों ने आकर्षक स्टॉल लगाए। यहां आदिवासी संस्कृति, खान-पान और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। अतिथियों ने 05 सामुदायिक वन पट्टों का वितरण किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों और बेहतर स्टॉल लगाने वाले विभागों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, डीडीसी असीम किस्पोट्टा, परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, एसडीओ अनंत कुमार, जिला स्तरीय पदाधिकारी, मुखिया, जनप्रतिनिधि, झारखंड आंदोलनकारी, स्कूली बच्चे एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
- विश्व आदिवासी दिवस पर जामताड़ा में जिला स्तरीय समारोह, आदिवासी संस्कृति की दिखी भव्य झलक “बिरसा-तिलका-सिद्धू-कान्हू को नमन, आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगा जामताड़ा”1
- आदिवासी समाज भारत की आत्मा, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा जरूरी : डॉ. इरफान अंसारी दुलाडीह नगर भवन में जिला स्तरीय झारखंड आदिवासी महोत्सव का आयोजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां जामताड़ा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को दुलाडीह नगर भवन में जिला स्तरीय झारखंड आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा और परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों का बुके, पारंपरिक पगड़ी, पौधा और मोमेंटो देकर स्वागत किया गया। पारंपरिक नृत्य के साथ उन्हें मंच तक लाया गया। इस दौरान अतिथियों ने भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और दिशोम गुरु पद्म भूषण स्व. शिबू सोरेन के तैलचित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम में जिला प्रशासन के अधिकारी भी पारंपरिक आदिवासी परिधान में नजर आए। आदिवासी समाज भारत की आत्मा : मंत्री मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के इतिहास, पहचान, संस्कृति, भाषा, परंपरा और अधिकारों को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। झारखंड की धरती ने भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे महान जननायकों को जन्म दिया, जिन्होंने जल, जंगल और जमीन के अधिकार के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार आदिवासी समेत सभी वर्गों के हित में काम कर रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने और जामताड़ा में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने झारखंड आंदोलनकारियों के सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। युवाओं को संस्कृति से जुड़े रहने की जरूरत : उपायुक्त उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति और परंपरा सभी के लिए प्रेरणादायक है। भगवान बिरसा मुंडा सहित महान जननायकों के संघर्ष से हमें साहस और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की सीख मिलती है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, तकनीक, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के साथ अपनी संस्कृति और पहचान को संरक्षित रखने की अपील की। उन्होंने महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण महिलाओं के पारंपरिक कौशल को आजीविका से जोड़ने पर भी जोर दिया। साथ ही जल, जंगल और जमीन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। प्रकृति संरक्षण की परंपरा अनुकरणीय : एसपी एसपी शम्भू कुमार सिंह ने कहा कि आदिवासी समाज की प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवनशैली पूरे विश्व के लिए अनुकरणीय है। जल, जंगल और जमीन आदिवासी जीवन, संस्कृति और सभ्यता का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का जरूरत से अधिक दोहन आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दिया संरक्षण का संदेश कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों और कलाकारों ने गीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संदेश दिया। कृषि, मत्स्य, समाज कल्याण और जेएसएलपीएस सहित विभिन्न विभागों ने आकर्षक स्टॉल लगाए। यहां आदिवासी संस्कृति, खान-पान और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। अतिथियों ने 05 सामुदायिक वन पट्टों का वितरण किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकारों और बेहतर स्टॉल लगाने वाले विभागों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, जिला परिषद अध्यक्ष दीपिका बेसरा, डीडीसी असीम किस्पोट्टा, परियोजना निदेशक आईटीडीए जुगनू मिंज, अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, एसडीओ अनंत कुमार, जिला स्तरीय पदाधिकारी, मुखिया, जनप्रतिनिधि, झारखंड आंदोलनकारी, स्कूली बच्चे एवं बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- निरसा में विश्व आदिवासी दिवस पर झामुमो ने निकाली भव्य रैल एंकर - मुंगेर के मुफस्सिल थाना से गिट्टी लदा जब्त ट्रक गायब होने के मामले में अब पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए एसपी सैयद इमरान मसूद ने जांच टीम गठित कर दी है। मुख्यालय डीएसपी अर्जुन कुमार गुप्ता के नेतृत्व में गठित टीम को तीन दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। खास बात यह है कि खनन विभाग ने ट्रक की जब्ती सूची थाना को सौंपने और उसकी रिसीविंग का सबूत भी एसपी के सामने पेश कर दिया है, जिसके बाद थाना पुलिस के पुराने दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। देखिए ये रिपोर्ट। VO- मुंगेर के मुफस्सिल थाना से गिट्टी लदा जब्त ट्रक गायब होने का मामला अब पुलिस अधिकारियों की जांच के घेरे में आ गया है। एसपी सैयद इमरान मसूद ने पूरे मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए मुख्यालय डीएसपी अर्जुन कुमार गुप्ता के नेतृत्व में जांच टीम गठित की है। टीम को तीन दिनों के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। दरअसल, खनन विभाग ने तीन जुलाई को गिट्टी लदा एक ट्रक जब्त कर मुफस्सिल थाना के सुपुर्द किया था। खनन निरीक्षक मोहम्मद अरमान ने ट्रक की जब्ती सूची थाना को सौंपी थी। खनन विभाग के मुताबिक, मुफस्सिल थाना के पीटीसी धनंजय कुमार ने जब्ती सूची रिसीव भी की थी। इसकी रिसीविंग कॉपी खनन विभाग के अधिकारियों ने एसपी के सामने पेश की। लेकिन इस मामले में थाना पुलिस के बयान ने पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया। मुफस्सिल थानाध्यक्ष ने एसपी को बताया कि पीटीसी द्वारा जब्ती सूची रिसीव किए जाने की उन्हें जानकारी नहीं है। वहीं, इससे पहले थानाध्यक्ष विपिन कुमार ने मीडिया और डीएसपी सदर को दी जानकारी में दावा किया था कि खनन विभाग के अधिकारी जब्त ट्रक को थाना के बाहर fsl बिल्डिंग के पास लगा के चले गए थे और थाना को न तो इसकी जानकारी दी गई थी और न ही जब्ती सूची सौंपी गई थी। अब खनन विभाग द्वारा जब्ती सूची और थाना से मिली रिसीविंग पेश किए जाने के बाद पुलिस के पुराने बयान पर सवाल खड़े हो गए हैं। एसपी ने साफ कहा है कि जांच में जिस भी पुलिस अधिकारी या कर्मी की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है कि आखिर थाना परिसर से जब्त ट्रक कैसे गायब हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। बाइट - सैयद इमरान मसूद एसपी मुंगेर4
- धनबाद जिला विद्युत साउंड एवं डीजे डेकोरेटर्स संघ का गोबिंदपुर में आयोजन हुआ वार्षिक बैठक, आगामी 13 सितंबर को होने वाले अधिवेशन को लेकर बनी रणनीति धनबाद जिला के गोबिंदपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत टुंडी रोड स्थित मधुर मिलन में धनबाद जिला विद्युत साउंड एवं डीजे डेकोरेटर्स संघ के गोबिंदपुर शाखा की अगुवाई में वार्षिक बैठक का आयोजन किया गया। इस मौके पर जिले भर के सभी 17 शाखाओं के कई पदाधिकारी एवं सदस्य बैठक में शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी 13 सितंबर को संघ के द्वारा आयोजित होने वाले वार्षिक अधिवेशन को लेकर रणनीति बनाने को लेकर विशेष चर्चा हुई। सभी पदाधिकारी एवं सदस्यों ने अधिवेशन को सफल बनाने का संकल्प लिया। वहीं इस बैठक में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष महादेव मंडल, उपाध्यक्ष विशाल कुमार बर्मन गोबिंदपुर शाखा अध्यक्ष इंसान अंसारी आदि के साथ दर्जनों पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए संघ के जिला महासचिव शिव कुमार बनर्जी ने क्या कुछ कहा देखें इस रिपोर्ट में।1
- छाताबाद पहुंचे मंत्री इरफान अंसारी, BCCL को दो टूक चेतावनी मुआवजा नहीं मिला तो सरकार खुद बसाएगी पीड़ितों का आशियाना1
- Dhanbad कतरास “छाताबाद में जमीन नहीं, गरीबों के ख्वाब धंसे! 20 घर जमींदोज, हजारों पर बेघर होने का खतरा; ढुल्लू महतो ने उठाया कोयला चोरी का मुद्दा, चंद्रप्रकाश चौधरी के खिलाफ गुस्सा—अब आशियाने कौन बचाएगा?”1
- धनबाद केSSLNT महिला महाविद्यालय में विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन आयोजन रविवार को दिन में 11 बजे तक जारी कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और विरासत को सम्मान देना था। इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। छात्राओं ने आदिवासी लोकगीत, पारंपरिक नृत्य तथा लोक संस्कृति से जुड़े रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। पारंपरिक वेशभूषा और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए। छात्राओं की शानदार प्रस्तुतियों पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षक-शिक्षिकाओं और अतिथियों ने छात्राओं के प्रयास की सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी संस्कृति देश की अमूल्य धरोहर है, जिसे संरक्षित करना सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम ने छात्राओं में अपनी संस्कृति के प्रति गर्व और सम्मान की भावना को मजबूत किया।1
- आदिवासी समाज को उनका हक दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : इरफान अंसारी” जामताड़ा। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के जामताड़ा स्थित आवास पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के गणमान्य लोगों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण, आदिवासी समाज के लोग और महिलाएं शामिल हुईं। इस दौरान विभिन्न सांस्कृतिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य मंत्री ने महिलाओं को वस्त्र देकर सम्मानित भी किया।1