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चंद्रपुरा में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी बचाव मोर्चा चंद्रपुरा प्रखंड द्वारा सिद्दू कान्हु चौक पर विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ रविवार को मनाया गया। इस दौरान महान स्वतंत्रता सेनानी सिध्दु कान्हू की मूर्ति पर आदिवासी नेता लखी हेम्ब्रम समेत सभी लोगो ने माल्यार्पण किया। चंद्रपुरा में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी बचाव मोर्चा चंद्रपुरा प्रखंड द्वारा सिद्दू कान्हु चौक पर विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ रविवार को मनाया गया। इस दौरान महान स्वतंत्रता सेनानी सिध्दु कान्हू की मूर्ति पर आदिवासी नेता लखी हेम्ब्रम समेत सभी लोगो ने माल्यार्पण किया।
Churaman Thakur Press
चंद्रपुरा में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी बचाव मोर्चा चंद्रपुरा प्रखंड द्वारा सिद्दू कान्हु चौक पर विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ रविवार को मनाया गया। इस दौरान महान स्वतंत्रता सेनानी सिध्दु कान्हू की मूर्ति पर आदिवासी नेता लखी हेम्ब्रम समेत सभी लोगो ने माल्यार्पण किया। चंद्रपुरा में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस पर आदिवासी बचाव मोर्चा चंद्रपुरा प्रखंड द्वारा सिद्दू कान्हु चौक पर विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम के साथ रविवार को मनाया गया। इस दौरान महान स्वतंत्रता सेनानी सिध्दु कान्हू की मूर्ति पर आदिवासी नेता लखी हेम्ब्रम समेत सभी लोगो ने माल्यार्पण किया।
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- धनबाद कतरास के छाताबाद में भू-धंसान मंत्री इरफान अंसारी ने स्थानीय विद्यायक और सांसद पर साधा निशाना धनबाद के कतरास थाना क्षेत्र अंतर्गत छाताबाद में हुए भयावह भू-धंसान का जायजा लेने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पहुंचे। मंत्री के पहुंचते ही हजारों की संख्या में लोग उनकी बातें सुनने के लिए उमड़ पड़े। लोगों को उम्मीद थी कि मंत्री पीड़ितों की समस्याएं सुनेंगे और सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई का भरोसा देंगे। लेकिन मंत्री ने स्थानीय विधायक और सांसद पर सवाल उठाते हुए अपना पक्ष रखा और वहां से चले गए।अब सवाल उठ रहा है कि क्या इस हादसे की पूरी जिम्मेदारी सिर्फ स्थानीय विधायक और सांसद की है? क्षेत्र में लंबे समय से अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी के आरोप लगते रहे हैं, तो फिर प्रशासन और सरकार की भूमिका पर सवाल क्यों नहीं उठना चाहिए?क्या सिर्फ बीसीसीएल ने यहां से कोयला निकाला या अवैध तरीके से किसी और ने भी कोयला निकाला? आखिर इसकी निष्पक्ष जांच कब होगी? छाताबाद का भू-धंसान सिर्फ जमीन धंसने की घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। पीड़ितों को न्याय और सुरक्षा कब मिलेगी?जनता पूछ रही है—आखिर जिम्मेदार कौन है?1
- रतनपुर यूनिटी क्लब के श्रद्धालुओं का जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम के लिए रवाना, गूंजा 'बोल बम' का जयघोष पवित्र सावन माह के अवसर पर शिवभक्तों में भारी उत्साह और भक्ति का माहौल है। इसी कड़ी में धनबाद जिले के गोविंदपुर प्रखंड क्षेत्र के रतनपुर से श्रद्धालुओं का एक बड़ा जत्था बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) की धार्मिक यात्रा के लिए रवाना हुआ। यह आयोजन रतनपुर यूनिटी क्लब के तत्वावधान में किया गया, जिसमें स्थानीय लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर, गूंजे जयकारे** देवघर प्रस्थान करने से पूर्व सभी श्रद्धालुओं ने रतनपुर स्थित दुर्गा मंदिर में एकत्रित होकर विधिवत रूप से पूजा-अर्चना की और बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद लिया।1
- रामगढ़ : गोला डीवीसी चौक बना राजनीतिक का नया रण क्षेत्र शक्ति प्रदर्शन में जुटे दल1
- निरसा में विश्व आदिवासी दिवस पर झामुमो ने निकाली भव्य रैल एंकर - मुंगेर के मुफस्सिल थाना से गिट्टी लदा जब्त ट्रक गायब होने के मामले में अब पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए एसपी सैयद इमरान मसूद ने जांच टीम गठित कर दी है। मुख्यालय डीएसपी अर्जुन कुमार गुप्ता के नेतृत्व में गठित टीम को तीन दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। खास बात यह है कि खनन विभाग ने ट्रक की जब्ती सूची थाना को सौंपने और उसकी रिसीविंग का सबूत भी एसपी के सामने पेश कर दिया है, जिसके बाद थाना पुलिस के पुराने दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं। देखिए ये रिपोर्ट। VO- मुंगेर के मुफस्सिल थाना से गिट्टी लदा जब्त ट्रक गायब होने का मामला अब पुलिस अधिकारियों की जांच के घेरे में आ गया है। एसपी सैयद इमरान मसूद ने पूरे मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए मुख्यालय डीएसपी अर्जुन कुमार गुप्ता के नेतृत्व में जांच टीम गठित की है। टीम को तीन दिनों के अंदर जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। दरअसल, खनन विभाग ने तीन जुलाई को गिट्टी लदा एक ट्रक जब्त कर मुफस्सिल थाना के सुपुर्द किया था। खनन निरीक्षक मोहम्मद अरमान ने ट्रक की जब्ती सूची थाना को सौंपी थी। खनन विभाग के मुताबिक, मुफस्सिल थाना के पीटीसी धनंजय कुमार ने जब्ती सूची रिसीव भी की थी। इसकी रिसीविंग कॉपी खनन विभाग के अधिकारियों ने एसपी के सामने पेश की। लेकिन इस मामले में थाना पुलिस के बयान ने पूरे प्रकरण को और गंभीर बना दिया। मुफस्सिल थानाध्यक्ष ने एसपी को बताया कि पीटीसी द्वारा जब्ती सूची रिसीव किए जाने की उन्हें जानकारी नहीं है। वहीं, इससे पहले थानाध्यक्ष विपिन कुमार ने मीडिया और डीएसपी सदर को दी जानकारी में दावा किया था कि खनन विभाग के अधिकारी जब्त ट्रक को थाना के बाहर fsl बिल्डिंग के पास लगा के चले गए थे और थाना को न तो इसकी जानकारी दी गई थी और न ही जब्ती सूची सौंपी गई थी। अब खनन विभाग द्वारा जब्ती सूची और थाना से मिली रिसीविंग पेश किए जाने के बाद पुलिस के पुराने बयान पर सवाल खड़े हो गए हैं। एसपी ने साफ कहा है कि जांच में जिस भी पुलिस अधिकारी या कर्मी की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अब जांच रिपोर्ट पर सबकी नजर है कि आखिर थाना परिसर से जब्त ट्रक कैसे गायब हुआ और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। बाइट - सैयद इमरान मसूद एसपी मुंगेर4
- अगर निष्ठा के बाद भी निराशा मिले, तो भी दिल में दुर्भावना न लाएं। आपकी अच्छाई व्यर्थ नहीं जाएगी, ईश्वर आपको वहां पहुंचाएगा, जहां आपकी कद्र होगी और आपकी सच्ची सफलता को पहचान मिलेगी। अगर निष्ठा के बाद भी निराशा मिले, तो भी दिल में दुर्भावना न लाएं। आपकी अच्छाई व्यर्थ नहीं जाएगी, ईश्वर आपको वहां पहुंचाएगा, जहां आपकी कद्र होगी और आपकी सच्ची सफलता को पहचान मिलेगी। सच्ची दोस्ती हमेशा निस्वार्थ होती है।यह हमें संघर्ष, मेहनत, इंसानियत का संदेश देती है। जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएँ, अगर हौसला और सच्चे साथी साथ हों, तो सफलता जरूर मिलती है।1
- झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी का बड़ा बयान: “थाना प्रभारी झूठे केस में फंसाएंगे, तो हम भी जवाब देंगे।” मंत्री ने छाताबाद भू-धंसान मामले में कोयला चोरी को लेकर BCCL और CISF की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाए, कहा कि अवैध कोयला निकासी की जवाबदेही तय होनी चाहिए।1
- रामगढ़: शहर में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब बेरोजगारी से हताश एक शख्स ने रोजगार की मांग को लेकर बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया। "नौकरी दो, वरना जान दे दूंगा!" की खौफनाक धमकी देते हुए इस युवक ने स्थानीय लोगों और प्रशासन की सांसें अटका दीं। युवक के इस खौफनाक कदम की वजह से मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थिति को बेकाबू होता देख तुरंत पुलिस और स्थानीय प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा। घंटों तक चले इस ड्रामे के दौरान पुलिस और अधिकारी युवक को समझा-बुझाकर शांत करने की कोशिश करते रहे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टाला जा सके। रामगढ़ की यह घटना सिर्फ एक हंगामा नहीं है, बल्कि सिस्टम और तेजी से बढ़ते रोजगार संकट की उस कड़वी सच्चाई को बयां करती है, जिसने आज के युवाओं को हताशा के चरम पर पहुंचा दिया है।1