मध्य प्रदेश के मानपुर स्थित राज्य विपणन संघ भंडारण केंद्र पर खाद लेने पहुँच रहे किसानों को इस समय मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गोदाम परिसर में न तो पीने के पानी की उचित व्यवस्था है और न ही किसानों के बैठने के लिए कोई छायादार शेड या कुर्सियाँ उपलब्ध हैं, जिससे अन्नदाता शीतल जल और छांव के लिए तरस रहे हैं। जानकारी के अनुसार, लंबे समय से यहाँ तैनात गोदाम प्रभारियों द्वारा किसानों के लिए एक हैंडपंप, प्रतीक्षा शेड और कुर्सियों की व्यवस्था की मांग शासन-प्रशासन से की जाती रही है, लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। धान की फसल की तैयारी के चलते खाद की मांग बढ़ने से क्षेत्र के किसान टोकन पर्ची कटाने और खाद प्राप्त करने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी और आगामी उमस भरे मौसम में उनकी परेशानी और बढ़ने की आशंका है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि देश के अन्नदाताओं के लिए कम से कम शीतल पेयजल और छायादार शेड जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने जिले के नवागत कलेक्टर से इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लेते हुए आवश्यक सुविधाएँ शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि यदि समय रहते व्यवस्थाएँ नहीं की गईं, तो खाद वितरण के दौरान सैकड़ों किसानों को तपती धूप में घंटों इंतजार करना पड़ेगा, और नवागत कलेक्टर इस जायज मांग का जल्द समाधान करेंगे। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि अन्नदाताओं की इस मांग पर कब तक अमल होता है।
मध्य प्रदेश के मानपुर स्थित राज्य विपणन संघ भंडारण केंद्र पर खाद लेने पहुँच रहे किसानों को इस समय मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गोदाम परिसर में न तो पीने के पानी की उचित व्यवस्था है और न ही किसानों के बैठने के लिए कोई छायादार शेड या कुर्सियाँ उपलब्ध हैं, जिससे अन्नदाता शीतल जल और छांव के लिए तरस रहे हैं। जानकारी के अनुसार, लंबे समय से यहाँ तैनात गोदाम प्रभारियों द्वारा किसानों के लिए एक हैंडपंप, प्रतीक्षा शेड और कुर्सियों की व्यवस्था की मांग शासन-प्रशासन से की जाती रही है, लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। धान की फसल की तैयारी के चलते खाद की मांग बढ़ने से क्षेत्र के किसान टोकन पर्ची कटाने और खाद प्राप्त करने
के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी और आगामी उमस भरे मौसम में उनकी परेशानी और बढ़ने की आशंका है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि देश के अन्नदाताओं के लिए कम से कम शीतल पेयजल और छायादार शेड जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने जिले के नवागत कलेक्टर से इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लेते हुए आवश्यक सुविधाएँ शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि यदि समय रहते व्यवस्थाएँ नहीं की गईं, तो खाद वितरण के दौरान सैकड़ों किसानों को तपती धूप में घंटों इंतजार करना पड़ेगा, और नवागत कलेक्टर इस जायज मांग का जल्द समाधान करेंगे। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि अन्नदाताओं की इस मांग पर कब तक अमल होता है।
- मध्य प्रदेश के मानपुर स्थित राज्य विपणन संघ भंडारण केंद्र पर खाद लेने पहुँच रहे किसानों को इस समय मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गोदाम परिसर में न तो पीने के पानी की उचित व्यवस्था है और न ही किसानों के बैठने के लिए कोई छायादार शेड या कुर्सियाँ उपलब्ध हैं, जिससे अन्नदाता शीतल जल और छांव के लिए तरस रहे हैं। जानकारी के अनुसार, लंबे समय से यहाँ तैनात गोदाम प्रभारियों द्वारा किसानों के लिए एक हैंडपंप, प्रतीक्षा शेड और कुर्सियों की व्यवस्था की मांग शासन-प्रशासन से की जाती रही है, लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। धान की फसल की तैयारी के चलते खाद की मांग बढ़ने से क्षेत्र के किसान टोकन पर्ची कटाने और खाद प्राप्त करने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी और आगामी उमस भरे मौसम में उनकी परेशानी और बढ़ने की आशंका है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि देश के अन्नदाताओं के लिए कम से कम शीतल पेयजल और छायादार शेड जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने जिले के नवागत कलेक्टर से इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लेते हुए आवश्यक सुविधाएँ शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि यदि समय रहते व्यवस्थाएँ नहीं की गईं, तो खाद वितरण के दौरान सैकड़ों किसानों को तपती धूप में घंटों इंतजार करना पड़ेगा, और नवागत कलेक्टर इस जायज मांग का जल्द समाधान करेंगे। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि अन्नदाताओं की इस मांग पर कब तक अमल होता है।2
- राशन न मिलने के कारण एक दादी सड़क पर पूरी तरह से भड़क गईं और उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की। इस घटना के सामने आने के बाद शासन से यह गुजारिश की गई है कि कर्मचारियों द्वारा बुजुर्ग महिलाओं को सताया न जाए, बल्कि उन्हें आवश्यकतानुसार और अधिक सहायता प्रदान करवाई जाए।1
- उमरिया जिले के बांधवगढ़ में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 'आरोह 2026' का समापन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर बांधवगढ़ के विधायक और कलेक्टर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण देने वाले कोचों और शिविर में शामिल बच्चों को प्रमाण पत्र एवं टी-शर्ट वितरित किए। इस आयोजन का संबंध CM Madhya Pradesh, Jansampark Madhya Pradesh और Department of Sports & Youth Welfare, Madhya Pradesh से भी बताया गया है।1
- शुक्रवार को इंदवार थाना क्षेत्र के ग्राम भोलगढ़ स्थित सोन नदी के भोलगढ़घाट पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। घर से अपने पारिवारिक भाइयों के साथ घूमने निकला 14 वर्षीय किशोर आलोक द्विवेदी, कई घंटे बीत जाने के बाद भी सोन नदी के गहरे पानी में लापता है, जबकि उसके परिजन नदी किनारे टकटकी लगाए किसी चमत्कार की उम्मीद में बैठे हैं। ग्राम झाल निवासी आलोक द्विवेदी, पिता पंकज द्विवेदी, अपने तीन पारिवारिक भाइयों के साथ सोन नदी पर बन रही निर्माणाधीन पुलिया देखने गया था। पुलिया का निरीक्षण करने के बाद सभी ने नदी में नहाने का मन बनाया। खुशी का यह पल कुछ ही मिनटों में चीख-पुकार और मातम में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नहाने के दौरान आलोक द्विवेदी और आकाश द्विवेदी अनियंत्रित होकर अचानक गहरे पानी में डूबने लगे। नदी में मौजूद एक नाविक ने हालात को भांपते हुए बिना समय गंवाए साहसिक प्रयास किया और आकाश द्विवेदी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन आलोक नदी की लहरों में पलक झपकते ही ओझल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राजस्व विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया। एसडीआरएफ की टीम लगातार कई घंटों से सोन नदी में सर्चिंग अभियान चला रही है। हादसे के करीब 6 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी शाम 5:30 बजे तक आलोक का फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल सका है। गोताखोर और बचाव दल नदी के गहरे हिस्सों में लगातार तलाश कर रहे हैं। घटना स्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा है और हर गुजरते पल के साथ परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है।1
- कलेक्टर डॉ. केदार सिंह को एसईसीएल की बंगवार (धनपुरी) में भूमिगत कोयला खदान धंसने की घटना की सूचना मिली। इस हादसे में 2 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई और 4 व्यक्ति घायल हुए। सूचना मिलते ही कलेक्टर डॉ. सिंह ने शहडोल के एक निजी अस्पताल पहुंचकर भर्ती घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली तथा मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने बताया कि मृतक व्यक्तियों के परिवारों को कंपनियों द्वारा आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी। वहीं, घायलों का उपचार एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है और चिकित्सकों को बेहतर उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक दीवान और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।1
- उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत मझखेता के समस्त पंचों ने आज कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान एक आवेदन प्रस्तुत कर रोजगार सहायक शरद गुप्ता के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। पंचों का आरोप है कि रोजगार सहायक शरद गुप्ता ग्राम पंचायत में होने वाले किसी भी कार्य की जानकारी पंचों को नहीं देते हैं। इसके साथ ही, उन पर शासकीय राशि का अपने निजी उपयोग में लाने और इस संबंध में भी पंचों को कोई सूचना न देने का आरोप है। पंचों ने बताया कि उन्होंने पहले भी इन अनियमितताओं की जानकारी अनुविभागीय अधिकारी मानपुर को दी थी। हालांकि, उनकी शिकायत पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण, कार्रवाई न होने से निराश पंचों ने आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई है, ताकि इस मामले में उचित कार्रवाई हो सके।2
- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, HDFC Bank Parivartan और सेंटर फॉर एडवांस्ड रिसर्च एंड डेवलपमेंट (CARD) संस्था ने उमरिया जिले के मानपुर विकासखंड में एक कृषि यंत्र वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस महत्वपूर्ण पहल का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देना है, जिसके तहत किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने वाले यंत्र प्रदान किए गए। इस कार्यक्रम में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ अनुपम सहाय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, उनके साथ HDFC Bank के शाखा प्रबंधक पंकज तिवारी, कृषि विज्ञान केंद्र उमरिया से धनंजय सिंह और कृषि विभाग के एसएडीओ एमके दुबे सहित लगभग 150 ग्रामीण एवं किसान भी शामिल हुए। HDFC Bank Parivartan और CARD संस्था की यह सोच है कि पर्यावरण संरक्षण केवल वृक्षारोपण तक सीमित न रहे, बल्कि इसमें कृषि क्षेत्र में ऐसी तकनीकों और संसाधनों का उपयोग भी शामिल हो जो प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करें, कृषि लागत घटाएं और किसानों की आय बढ़ाएं। इसी क्रम में, मानपुर क्षेत्र के 10 गांवों में 10 किसान समूहों का गठन किया गया और उन्हें कृषि यंत्रों के उपयोग, रखरखाव तथा सामुदायिक प्रबंधन पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद, विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर इन सभी 10 किसान समूहों को कुल 2 रीपर, 1 रोटावेटर और 1 चाफ कटर जैसे कृषि यंत्र वितरित किए गए। ये वितरित यंत्र खेती के कार्यों को सरल, समयबद्ध और लागत प्रभावी बनाने में मदद करेंगे। रोटावेटर मिट्टी की गुणवत्ता सुधारेगा और भूमि को बेहतर तरीके से तैयार करेगा, रीपर फसल कटाई को तेज और श्रम-बचत वाला बनाएगा, जबकि चाफ कटर पशुपालन को वैज्ञानिक और अधिक उत्पादक बनाने में योगदान देगा। अतिथियों ने कार्यक्रम में किसानों को पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और आधुनिक टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने का संदेश दिया। यह पहल किसानों की आजीविका को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यावरण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और सतत विकास के लक्ष्य को भी मजबूत करती है, जो ग्रामीण विकास, कृषि उन्नयन और पर्यावरण संरक्षण का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।4
- उमरिया के इंदवार थाना क्षेत्र में शुक्रवार को सोन नदी के भोलगढ़ घाट पर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ 14 वर्षीय किशोर आलोक द्विवेदी गहरे पानी में डूबने के बाद कई घंटों से लापता है। झाल निवासी आलोक द्विवेदी, जो पंकज द्विवेदी के पुत्र हैं, अपने तीन पारिवारिक भाइयों के साथ सोन नदी पर निर्माणाधीन पुलिया देखने गए थे। पुलिया का निरीक्षण करने के बाद सभी ने नदी में नहाने का फैसला किया। नहाने के दौरान आलोक द्विवेदी और उनके भाई आकाश द्विवेदी अनियंत्रित होकर अचानक गहरे पानी में डूबने लगे। नदी में मौजूद एक नाविक ने हालात को भांपते हुए बिना समय गंवाए साहसिक प्रयास किया और आकाश द्विवेदी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन आलोक नदी की लहरों में पलक झपकते ही ओझल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राजस्व विभाग का अमला मौके पर पहुँच गया। एसडीआरएफ की टीम लगातार कई घंटों से सोन नदी में तलाशी अभियान चला रही है, वहीं गोताखोर और बचाव दल नदी के गहरे हिस्सों में आलोक की तलाश कर रहे हैं। हादसे के करीब छह घंटे से भी ज़्यादा समय बीत जाने के बाद, शाम साढ़े पाँच बजे तक आलोक का फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल सका है। घटना स्थल पर सैकड़ों ग्रामीण जमा हैं, और हर गुजरते पल के साथ परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है, जो किसी चमत्कार की उम्मीद में नदी किनारे टकटकी लगाए बैठे हैं।3