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उमरिया जिले के बांधवगढ़ में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 'आरोह 2026' का समापन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर बांधवगढ़ के विधायक और कलेक्टर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण देने वाले कोचों और शिविर में शामिल बच्चों को प्रमाण पत्र एवं टी-शर्ट वितरित किए। इस आयोजन का संबंध CM Madhya Pradesh, Jansampark Madhya Pradesh और Department of Sports & Youth Welfare, Madhya Pradesh से भी बताया गया है।
News 24 Umaria
उमरिया जिले के बांधवगढ़ में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 'आरोह 2026' का समापन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर बांधवगढ़ के विधायक और कलेक्टर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण देने वाले कोचों और शिविर में शामिल बच्चों को प्रमाण पत्र एवं टी-शर्ट वितरित किए। इस आयोजन का संबंध CM Madhya Pradesh, Jansampark Madhya Pradesh और Department of Sports & Youth Welfare, Madhya Pradesh से भी बताया गया है।
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- उमरिया जिले के बांधवगढ़ में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 'आरोह 2026' का समापन कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर बांधवगढ़ के विधायक और कलेक्टर ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण देने वाले कोचों और शिविर में शामिल बच्चों को प्रमाण पत्र एवं टी-शर्ट वितरित किए। इस आयोजन का संबंध CM Madhya Pradesh, Jansampark Madhya Pradesh और Department of Sports & Youth Welfare, Madhya Pradesh से भी बताया गया है।1
- शुक्रवार को इंदवार थाना क्षेत्र के ग्राम भोलगढ़ स्थित सोन नदी के भोलगढ़घाट पर एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। घर से अपने पारिवारिक भाइयों के साथ घूमने निकला 14 वर्षीय किशोर आलोक द्विवेदी, कई घंटे बीत जाने के बाद भी सोन नदी के गहरे पानी में लापता है, जबकि उसके परिजन नदी किनारे टकटकी लगाए किसी चमत्कार की उम्मीद में बैठे हैं। ग्राम झाल निवासी आलोक द्विवेदी, पिता पंकज द्विवेदी, अपने तीन पारिवारिक भाइयों के साथ सोन नदी पर बन रही निर्माणाधीन पुलिया देखने गया था। पुलिया का निरीक्षण करने के बाद सभी ने नदी में नहाने का मन बनाया। खुशी का यह पल कुछ ही मिनटों में चीख-पुकार और मातम में बदल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नहाने के दौरान आलोक द्विवेदी और आकाश द्विवेदी अनियंत्रित होकर अचानक गहरे पानी में डूबने लगे। नदी में मौजूद एक नाविक ने हालात को भांपते हुए बिना समय गंवाए साहसिक प्रयास किया और आकाश द्विवेदी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन आलोक नदी की लहरों में पलक झपकते ही ओझल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राजस्व विभाग का अमला मौके पर पहुंच गया। एसडीआरएफ की टीम लगातार कई घंटों से सोन नदी में सर्चिंग अभियान चला रही है। हादसे के करीब 6 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी शाम 5:30 बजे तक आलोक का फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल सका है। गोताखोर और बचाव दल नदी के गहरे हिस्सों में लगातार तलाश कर रहे हैं। घटना स्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा है और हर गुजरते पल के साथ परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है।1
- उमरिया जिले की मानपुर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत मझखेता के समस्त पंचों ने आज कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान एक आवेदन प्रस्तुत कर रोजगार सहायक शरद गुप्ता के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई है। पंचों का आरोप है कि रोजगार सहायक शरद गुप्ता ग्राम पंचायत में होने वाले किसी भी कार्य की जानकारी पंचों को नहीं देते हैं। इसके साथ ही, उन पर शासकीय राशि का अपने निजी उपयोग में लाने और इस संबंध में भी पंचों को कोई सूचना न देने का आरोप है। पंचों ने बताया कि उन्होंने पहले भी इन अनियमितताओं की जानकारी अनुविभागीय अधिकारी मानपुर को दी थी। हालांकि, उनकी शिकायत पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण, कार्रवाई न होने से निराश पंचों ने आज कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में अपनी शिकायत दर्ज कराई है, ताकि इस मामले में उचित कार्रवाई हो सके।2
- उमरिया जिले के नौरोजाबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत मझगवां 61 में देव नारायण मिश्रा के सुने घर में 5 तारीख की रात अज्ञात चोरों ने लाखों रुपए का सामान चुरा लिया। चोरों ने घर से बर्तन, दाना और कपड़े सहित लाखों का माल चोरी किया। इस घटना के बाद चिंता जताई गई है कि चोरों का एक सक्रिय गैग क्षेत्र में है, जिसके कारण लोग अपने घरों में भी सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। नौरोजाबाद थाने में इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, और पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द चोरों की गिरफ्तारी कर न्याय दिलाने की मांग की गई है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन चोरों को कब तक गिरफ्तार कर पाता है।1
- मध्य प्रदेश के मानपुर स्थित राज्य विपणन संघ भंडारण केंद्र पर खाद लेने पहुँच रहे किसानों को इस समय मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गोदाम परिसर में न तो पीने के पानी की उचित व्यवस्था है और न ही किसानों के बैठने के लिए कोई छायादार शेड या कुर्सियाँ उपलब्ध हैं, जिससे अन्नदाता शीतल जल और छांव के लिए तरस रहे हैं। जानकारी के अनुसार, लंबे समय से यहाँ तैनात गोदाम प्रभारियों द्वारा किसानों के लिए एक हैंडपंप, प्रतीक्षा शेड और कुर्सियों की व्यवस्था की मांग शासन-प्रशासन से की जाती रही है, लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। धान की फसल की तैयारी के चलते खाद की मांग बढ़ने से क्षेत्र के किसान टोकन पर्ची कटाने और खाद प्राप्त करने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी और आगामी उमस भरे मौसम में उनकी परेशानी और बढ़ने की आशंका है। किसानों का स्पष्ट कहना है कि देश के अन्नदाताओं के लिए कम से कम शीतल पेयजल और छायादार शेड जैसी आवश्यक मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। उन्होंने जिले के नवागत कलेक्टर से इस गंभीर समस्या पर तुरंत संज्ञान लेते हुए आवश्यक सुविधाएँ शीघ्र उपलब्ध कराने की मांग की है। किसानों ने उम्मीद जताई है कि यदि समय रहते व्यवस्थाएँ नहीं की गईं, तो खाद वितरण के दौरान सैकड़ों किसानों को तपती धूप में घंटों इंतजार करना पड़ेगा, और नवागत कलेक्टर इस जायज मांग का जल्द समाधान करेंगे। अब सबकी निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि अन्नदाताओं की इस मांग पर कब तक अमल होता है।2
- राशन न मिलने के कारण एक दादी सड़क पर पूरी तरह से भड़क गईं और उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की। इस घटना के सामने आने के बाद शासन से यह गुजारिश की गई है कि कर्मचारियों द्वारा बुजुर्ग महिलाओं को सताया न जाए, बल्कि उन्हें आवश्यकतानुसार और अधिक सहायता प्रदान करवाई जाए।1
- उमरिया जिले के मानपुर विकासखंड के सेहराटोला गांव की निवासी उमा साहू, ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की एक मिसाल बनकर उभरी हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार और स्वावलंबन की राह दिखाई है। उमा साहू ने बताया कि ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2018 में शारदा स्व-सहायता समूह का गठन किया गया था। वर्तमान में इस समूह से 12 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो विभिन्न आजीविका गतिविधियों जैसे मनिहारी व्यवसाय, खेती-बाड़ी, किराना दुकान संचालन और पशुपालन के माध्यम से अपने परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं। उमा साहू समूह में बुक कीपर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रही हैं, जिसके तहत वे समूह की बचत, ऋण, लेखा-जोखा और बैठकों से संबंधित अभिलेखों का नियमित संधारण करती हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिमाह लगभग 7 हजार रुपये की आय होती है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। उमा साहू का मानना है कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे आर्थिक रूप से सशक्त होकर आत्मनिर्भर जीवन की ओर अग्रसर हैं। समूह ने महिलाओं को रोजगार, आय के अवसर और सामाजिक पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण एवं आजीविका संवर्धन के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उमा साहू का कहना है कि ऐसी योजनाएं ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान कर रही हैं। यह जानकारी सीएम मध्य प्रदेश और जनसंपर्क मध्य प्रदेश द्वारा अरुणेंद्र सिंह के माध्यम से प्रस्तुत की गई है।1
- उमरिया के इंदवार थाना क्षेत्र में शुक्रवार को सोन नदी के भोलगढ़ घाट पर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जहाँ 14 वर्षीय किशोर आलोक द्विवेदी गहरे पानी में डूबने के बाद कई घंटों से लापता है। झाल निवासी आलोक द्विवेदी, जो पंकज द्विवेदी के पुत्र हैं, अपने तीन पारिवारिक भाइयों के साथ सोन नदी पर निर्माणाधीन पुलिया देखने गए थे। पुलिया का निरीक्षण करने के बाद सभी ने नदी में नहाने का फैसला किया। नहाने के दौरान आलोक द्विवेदी और उनके भाई आकाश द्विवेदी अनियंत्रित होकर अचानक गहरे पानी में डूबने लगे। नदी में मौजूद एक नाविक ने हालात को भांपते हुए बिना समय गंवाए साहसिक प्रयास किया और आकाश द्विवेदी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन आलोक नदी की लहरों में पलक झपकते ही ओझल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राजस्व विभाग का अमला मौके पर पहुँच गया। एसडीआरएफ की टीम लगातार कई घंटों से सोन नदी में तलाशी अभियान चला रही है, वहीं गोताखोर और बचाव दल नदी के गहरे हिस्सों में आलोक की तलाश कर रहे हैं। हादसे के करीब छह घंटे से भी ज़्यादा समय बीत जाने के बाद, शाम साढ़े पाँच बजे तक आलोक का फिलहाल कोई सुराग नहीं मिल सका है। घटना स्थल पर सैकड़ों ग्रामीण जमा हैं, और हर गुजरते पल के साथ परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है, जो किसी चमत्कार की उम्मीद में नदी किनारे टकटकी लगाए बैठे हैं।3