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झारखंड के हितों और अधिकारों की रक्षा को लेकर आवाज बुलंद। खनन कानून में किए गए संशोधन का पुरजोर विरोध किया जाएगा। झारखंडवासियों के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। #Jharkhand #JharkhandNews #MiningLaw #HemantSoren #JharkhandPolitics

11 hrs ago
user_Sunil Kumar journalist
Sunil Kumar journalist
Local News Reporter डोमचांच, कोडरमा, झारखंड•
11 hrs ago

झारखंड के हितों और अधिकारों की रक्षा को लेकर आवाज बुलंद। खनन कानून में किए गए संशोधन का पुरजोर विरोध किया जाएगा। झारखंडवासियों के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। #Jharkhand #JharkhandNews #MiningLaw #HemantSoren #JharkhandPolitics

More news from झारखंड and nearby areas
  • 11वीं से 13वीं JPSC और FSO रद्द मामले को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से बहस कर रहे वकील अमृतांशु वत्स ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण पक्षों और कानूनी स्थिति पर अपनी बात रखी। पूरी जानकारी के लिए वीडियो देखें और अपनी राय कमेंट में बताएं। #JPSC #JPSCNews #JharkhandNews #FSO #JharkhandJobs #ViralNews #BreakingNews #LatestNews #JharkhandViral #TrendingNews
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    11वीं से 13वीं JPSC और FSO रद्द मामले को लेकर अभ्यर्थियों की ओर से बहस कर रहे वकील अमृतांशु वत्स ने मामले से जुड़े महत्वपूर्ण पक्षों और कानूनी स्थिति पर अपनी बात रखी। पूरी जानकारी के लिए वीडियो देखें और अपनी राय कमेंट में बताएं।
#JPSC #JPSCNews #JharkhandNews #FSO #JharkhandJobs #ViralNews #BreakingNews #LatestNews #JharkhandViral #TrendingNews
    user_Sunil Kumar journalist
    Sunil Kumar journalist
    Local News Reporter डोमचांच, कोडरमा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • झरनाकुंड से ध्वजाधारी धाम तक निकलेगी कांवर पदयात्रा, 1.5 लाख श्रद्धालुओं के लिए लगेगा विशाल सेवा शिविर झरनाकुंड से ध्वजाधारी धाम तक निकलेगी कांवर पदयात्रा, 1.5 लाख श्रद्धालुओं के लिए लगेगा विशाल सेवा शिविर ​ #follower #nonfollowers #highlight #viralpost
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    झरनाकुंड से ध्वजाधारी धाम तक निकलेगी कांवर पदयात्रा, 1.5 लाख श्रद्धालुओं के लिए लगेगा विशाल सेवा शिविर
झरनाकुंड से ध्वजाधारी धाम तक निकलेगी कांवर पदयात्रा, 1.5 लाख श्रद्धालुओं के लिए लगेगा विशाल सेवा शिविर
​
#follower #nonfollowers #highlight #viralpost
    user_RAVI CHHABRA NEWS ACTIVE KODERMA BUREAU CHIEF
    RAVI CHHABRA NEWS ACTIVE KODERMA BUREAU CHIEF
    Media house कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    11 hrs ago
  • जयनगर में स्वास्थ्य व्यवस्था केंद्र पर उठे सवाल, प्रभारी की घोर लापरवाही कभी भी नहीं रहने जयनगर में स्वास्थ्य व्यवस्था केंद्र पर उठे सवाल, प्रभारी की घोर लापरवाही कभी भी नहीं रहने...
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    जयनगर में स्वास्थ्य व्यवस्था केंद्र पर उठे सवाल, प्रभारी की घोर लापरवाही कभी भी नहीं रहने 
जयनगर में स्वास्थ्य व्यवस्था केंद्र पर उठे सवाल, प्रभारी की घोर लापरवाही कभी भी नहीं रहने...
    user_JANATA 1 NEWS
    JANATA 1 NEWS
    Media house कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    12 hrs ago
  • जोगीडीह में कीड़े लगी चना दाल के वितरण का आरोप, लाभुकों में आक्रोश सतगावां। सतगावां प्रखंड के ईटाय पंचायत अंतर्गत ग्राम जोगीडीह में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान से कथित रूप से खराब एवं कीड़े लगी चना दाल के वितरण का मामला सामने आया है। दाल में कीड़े मिलने और कुछ पैकेटों में दाल के पाउडर जैसी स्थिति में होने का आरोप लगाते हुए लाभुकों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जोगीडीह स्थित पीडीएस दुकान की संचालक राजकुमारी देवी (लाइसेंस संख्या 06/2001) द्वारा लाभुकों के बीच ऐसी चना दाल वितरित की गई, जिसमें कथित रूप से कीड़े पाए गए हैं। लाभुकों का कहना है कि कुछ दाल खराब होकर पाउडर जैसी हो गई है, जिससे खाद्यान्न की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लाभुकों ने आरोप लगाया कि दाल लेने को लेकर उन पर दबाव बनाया गया। कुछ लोगों का दावा है कि दाल नहीं लेने पर चावल नहीं देने की बात कही गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, सतगावां प्रखंड के अन्य क्षेत्रों में भी चना दाल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। राजावर क्षेत्र की पीडीएस दुकान पर भी कथित रूप से खराब दाल दिए जाने की शिकायत की गई है। ऐसे में ग्रामीणों ने पूरे प्रखंड में वितरित की जा रही चना दाल के स्टॉक और गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। लाभुकों का कहना है कि सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को जन वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में यदि खाद्यान्न की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो यह गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से दाल के नमूने की जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कोडरमा जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मामले की तत्काल जांच कराने, खराब पाए जाने वाले खाद्यान्न के वितरण पर रोक लगाने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, दाल में कीड़े होने, उसके खराब होने तथा स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव से संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। खाद्य सामग्री के नमूने की जांच और संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जोगीडीह में कीड़े लगी चना दाल के वितरण का आरोप, लाभुकों में आक्रोश सतगावां। सतगावां प्रखंड के ईटाय पंचायत अंतर्गत ग्राम जोगीडीह में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान से कथित रूप से खराब एवं कीड़े लगी चना दाल के वितरण का मामला सामने आया है। दाल में कीड़े मिलने और कुछ पैकेटों में दाल के पाउडर जैसी स्थिति में होने का आरोप लगाते हुए लाभुकों ने नाराजगी जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जोगीडीह स्थित पीडीएस दुकान की संचालक राजकुमारी देवी (लाइसेंस संख्या 06/2001) द्वारा लाभुकों के बीच ऐसी चना दाल वितरित की गई, जिसमें कथित रूप से कीड़े पाए गए हैं। लाभुकों का कहना है कि कुछ दाल खराब होकर पाउडर जैसी हो गई है, जिससे खाद्यान्न की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लाभुकों ने आरोप लगाया कि दाल लेने को लेकर उन पर दबाव बनाया गया। कुछ लोगों का दावा है कि दाल नहीं लेने पर चावल नहीं देने की बात कही गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, सतगावां प्रखंड के अन्य क्षेत्रों में भी चना दाल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। राजावर क्षेत्र की पीडीएस दुकान पर भी कथित रूप से खराब दाल दिए जाने की शिकायत की गई है। ऐसे में ग्रामीणों ने पूरे प्रखंड में वितरित की जा रही चना दाल के स्टॉक और गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। लाभुकों का कहना है कि सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को जन वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में यदि खाद्यान्न की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो यह गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से दाल के नमूने की जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कोडरमा जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मामले की तत्काल जांच कराने, खराब पाए जाने वाले खाद्यान्न के वितरण पर रोक लगाने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, दाल में कीड़े होने, उसके खराब होने तथा स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव से संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। खाद्य सामग्री के नमूने की जांच और संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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    जोगीडीह में कीड़े लगी चना दाल के वितरण का आरोप, लाभुकों में आक्रोश

सतगावां। सतगावां प्रखंड के ईटाय पंचायत अंतर्गत ग्राम जोगीडीह में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान से कथित रूप से खराब एवं कीड़े लगी चना दाल के वितरण का मामला सामने आया है। दाल में कीड़े मिलने और कुछ पैकेटों में दाल के पाउडर जैसी स्थिति में होने का आरोप लगाते हुए लाभुकों ने नाराजगी जताई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जोगीडीह स्थित पीडीएस दुकान की संचालक राजकुमारी देवी (लाइसेंस संख्या 06/2001) द्वारा लाभुकों के बीच ऐसी चना दाल वितरित की गई, जिसमें कथित रूप से कीड़े पाए गए हैं। लाभुकों का कहना है कि कुछ दाल खराब होकर पाउडर जैसी हो गई है, जिससे खाद्यान्न की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

लाभुकों ने आरोप लगाया कि दाल लेने को लेकर उन पर दबाव बनाया गया। कुछ लोगों का दावा है कि दाल नहीं लेने पर चावल नहीं देने की बात कही गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार, सतगावां प्रखंड के अन्य क्षेत्रों में भी चना दाल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। राजावर क्षेत्र की पीडीएस दुकान पर भी कथित रूप से खराब दाल दिए जाने की शिकायत की गई है। ऐसे में ग्रामीणों ने पूरे प्रखंड में वितरित की जा रही चना दाल के स्टॉक और गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।

लाभुकों का कहना है कि सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को जन वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में यदि खाद्यान्न की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो यह गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से दाल के नमूने की जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने कोडरमा जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मामले की तत्काल जांच कराने, खराब पाए जाने वाले खाद्यान्न के वितरण पर रोक लगाने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

हालांकि, दाल में कीड़े होने, उसके खराब होने तथा स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव से संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। खाद्य सामग्री के नमूने की जांच और संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


जोगीडीह में कीड़े लगी चना दाल के वितरण का आरोप, लाभुकों में आक्रोश
सतगावां। सतगावां प्रखंड के ईटाय पंचायत अंतर्गत ग्राम जोगीडीह में जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान से कथित रूप से खराब एवं कीड़े लगी चना दाल के वितरण का मामला सामने आया है। दाल में कीड़े मिलने और कुछ पैकेटों में दाल के पाउडर जैसी स्थिति में होने का आरोप लगाते हुए लाभुकों ने नाराजगी जताई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि जोगीडीह स्थित पीडीएस दुकान की संचालक राजकुमारी देवी (लाइसेंस संख्या 06/2001) द्वारा लाभुकों के बीच ऐसी चना दाल वितरित की गई, जिसमें कथित रूप से कीड़े पाए गए हैं। लाभुकों का कहना है कि कुछ दाल खराब होकर पाउडर जैसी हो गई है, जिससे खाद्यान्न की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लाभुकों ने आरोप लगाया कि दाल लेने को लेकर उन पर दबाव बनाया गया। कुछ लोगों का दावा है कि दाल नहीं लेने पर चावल नहीं देने की बात कही गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार, सतगावां प्रखंड के अन्य क्षेत्रों में भी चना दाल की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आ रही हैं। राजावर क्षेत्र की पीडीएस दुकान पर भी कथित रूप से खराब दाल दिए जाने की शिकायत की गई है। ऐसे में ग्रामीणों ने पूरे प्रखंड में वितरित की जा रही चना दाल के स्टॉक और गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
लाभुकों का कहना है कि सरकार द्वारा गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को जन वितरण प्रणाली के माध्यम से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में यदि खाद्यान्न की गुणवत्ता में कमी पाई जाती है तो यह गंभीर मामला है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से दाल के नमूने की जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने कोडरमा जिला प्रशासन एवं संबंधित विभाग से मामले की तत्काल जांच कराने, खराब पाए जाने वाले खाद्यान्न के वितरण पर रोक लगाने तथा दोषी पाए जाने वाले लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
हालांकि, दाल में कीड़े होने, उसके खराब होने तथा स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव से संबंधित आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। खाद्य सामग्री के नमूने की जांच और संबंधित विभाग की रिपोर्ट के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
    user_कौशल कुमार पाण्डेय
    कौशल कुमार पाण्डेय
    Media company कोडरमा, कोडरमा, झारखंड•
    19 hrs ago
  • गीता का संदेश #story #writer #writing #love #viral गीता का संदेश #story #writer #writing #love #viral गीता का संदेश #story #writer #writing #love #viral
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    गीता का संदेश #story #writer #writing #love #viral

गीता का संदेश #story #writer #writing #love #viral
गीता का संदेश #story #writer #writing #love #viral
    user_BaरKaट्ठा Ki आwaज
    BaरKaट्ठा Ki आwaज
    Court reporter Barkatha, Hazaribagh•
    36 min ago
  • जमुनियाटांड में 97 एकड़ जमीन पर भारी बवाल ग्रामीणों का आरोप जबरन कब्जे की कोशिश कंपनी बोली1949 से मालिकाना हक, मुआवजे के लिए करा रहे थे नापी जमुनियाटांड में 97 एकड़ जमीन पर भारी बवाल ग्रामीणों का आरोप जबरन कब्जे की कोशिश कंपनी बोली1949 से मालिकाना हक, मुआवजे के लिए करा रहे थे नापी ​ प्रखण्ड मुख्यालय तिसरी सकसहरिया स्थित माइका कंपनी के सोटरिंग गोदाम के पीछे जमुनियाटांड मौजा में 97 एकड़ जमीन की नापी और घेराबंदी को लेकर गुरुवार को स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। एक तरफ जहां स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों ने भूमाफिया पर जमीन हड़पने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी तरफ सकसहरिया माइका कंपनी ने अपने सभी कानूनी कागजात सार्वजनिक करते हुए पूरे मामले को स्थानीय भूमाफियाओं की साजिश बताया है। ​ बिना सूचना पिलर गाड़ रहे थे अमीन, उग्र विरोध के बाद भागे :ग्रामीण ​ग्रामीणों के अनुसार, एक निजी अमीन के साथ पहुंचे कुछ लोग सीमेंटेड पिलर गाड़कर जमीन को चिह्नित करने की कोशिश कर रहे थे। इसकी भनक मिलते ही दर्जनों आदिवासी पुरुष व महिलाएं पारंपरिक हथियारों तीर धनुष, कुल्हाड़ी, फरसा और लाठी-डंडों से लैस होकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास के 27 प्लॉटों पर रह रहे दीपक समेत अन्य रैयतों को बिना कोई पूर्व सूचना दिए नापी कराई जा रही थी। पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण बंद करो और सकसहरिया कंपनी होश में आओ के नारे लगाए। विरोध का नेतृत्व मुख्य रूप से मनोज मुर्मू, किशन सोरेन, अजय मुर्मू, आँशु दास, संजय मुर्मू, संजय हेम्ब्रम, बैजन किशकु और दीना सोरेन कर रहे थे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना सहमति दोबारा प्रयास हुआ तो कड़ा आंदोलन होगा। ​1949 की वैध सेल डीड, मुआवजा पाने के लिए हो रही थी सीमांकन नापी :एडवाइजर ​दूसरी ओर, सकसहरिया माइका कंपनी के लीगल एडवाइजर धीरज कुमार ने कंपनी का पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी पूरी तरह कानून का पालन करने वाली संस्था है। कंपनी ने वर्ष 1949 में मुरारी माइका कंपनी से प्रॉपर सेल डीड के माध्यम से 97 एकड़ जमीन खरीदी थी। वर्ष 2024 तक की मालगुजारी रसीद कंपनी के नाम से निर्गत है और नियमित टैक्स भरा गया है। जब खदान चालू थी, तब ग्रामीणों को रोजगार भी दिया जाता था। 97 एकड़ में से करीब 22 एकड़ जमीन वन विभाग के अधिग्रहण में चली गई है, जिसका मुआवजा अब तक कंपनी को नहीं मिला है। उसी मुआवजे के दावे हेतु जमीन का सही सीमांकन किया जा रहा था। लीगल एडवाइजर ने कहा कि चूंकि कंपनी का मैनेजमेंट मुंबई से चलता है, इसलिए तिसरी के कुछ स्थानीय भूमाफिया ग्रामीणों को भड़काकर उपद्रव करवा रहे हैं ताकि कंपनी की संपत्ति पर कब्जा जमाया जा सके। कंपनी इस पूरे मामले की कानूनी लड़ाई लड़ेगी। ​ पुलिस पहुच कर मामला कराया शांत अन्यथा हो सकती थी अनहोनी तिसरी थाना के एएसआई कोलेश्वर राम विवादित स्थल पहुच कर ग्रामीणों को शांत कराया । उन्होंने कहा सूचना पर पहुच कर मामला शांत कराया गया है ताकि अनहोनी नही हो ।अब तक दोनो पक्षो में किसी ने भी थाना में आवेदन नही दिया है ।आवेदन के उपरांत अग्रेतर कानूनी कार्रवाई किया जाएगा ।
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    जमुनियाटांड में 97 एकड़ जमीन पर भारी बवाल ग्रामीणों का आरोप जबरन कब्जे की कोशिश 
 कंपनी बोली1949 से मालिकाना हक, मुआवजे के लिए करा रहे थे नापी
जमुनियाटांड में 97 एकड़ जमीन पर भारी बवाल ग्रामीणों का आरोप जबरन कब्जे की कोशिश 
कंपनी बोली1949 से मालिकाना हक, मुआवजे के लिए करा रहे थे नापी
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प्रखण्ड मुख्यालय तिसरी सकसहरिया स्थित माइका कंपनी के सोटरिंग गोदाम के पीछे जमुनियाटांड मौजा  में 97 एकड़ जमीन की नापी और घेराबंदी को लेकर गुरुवार को  स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। एक तरफ जहां स्थानीय आदिवासियों और ग्रामीणों ने भूमाफिया पर जमीन हड़पने का आरोप लगाकर प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी तरफ सकसहरिया माइका कंपनी ने अपने सभी कानूनी कागजात सार्वजनिक करते हुए पूरे मामले को स्थानीय भूमाफियाओं की साजिश बताया है।
​ बिना सूचना पिलर गाड़ रहे थे अमीन, उग्र विरोध के बाद भागे :ग्रामीण
​ग्रामीणों के अनुसार, एक निजी अमीन के साथ पहुंचे कुछ लोग सीमेंटेड पिलर गाड़कर जमीन को चिह्नित करने की कोशिश कर रहे थे। इसकी भनक मिलते ही दर्जनों आदिवासी पुरुष व महिलाएं पारंपरिक हथियारों तीर धनुष, कुल्हाड़ी, फरसा और लाठी-डंडों से लैस होकर मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों का आरोप है कि आसपास के 27 प्लॉटों पर रह रहे दीपक समेत अन्य रैयतों को बिना कोई पूर्व सूचना दिए नापी कराई जा रही थी। पुलिस के पहुंचने पर ग्रामीणों ने अतिक्रमण बंद करो और सकसहरिया कंपनी होश में आओ के नारे लगाए।  विरोध का नेतृत्व मुख्य रूप से मनोज मुर्मू, किशन सोरेन, अजय मुर्मू, आँशु दास, संजय मुर्मू, संजय हेम्ब्रम, बैजन किशकु और दीना सोरेन कर रहे थे। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि बिना सहमति दोबारा प्रयास हुआ तो कड़ा आंदोलन होगा।
​1949 की वैध सेल डीड, मुआवजा पाने के लिए हो रही थी सीमांकन नापी :एडवाइजर
​दूसरी ओर, सकसहरिया माइका कंपनी के लीगल एडवाइजर धीरज कुमार ने कंपनी का पक्ष रखते हुए सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी पूरी तरह कानून का पालन करने वाली संस्था है। कंपनी ने वर्ष 1949 में मुरारी माइका कंपनी से प्रॉपर सेल डीड के माध्यम से 97 एकड़ जमीन खरीदी थी। वर्ष 2024 तक की मालगुजारी रसीद कंपनी के नाम से निर्गत है और नियमित टैक्स भरा गया है। जब खदान चालू थी, तब ग्रामीणों को रोजगार भी दिया जाता था। 97 एकड़ में से करीब 22 एकड़ जमीन वन विभाग के अधिग्रहण में चली गई है, जिसका मुआवजा  अब तक कंपनी को नहीं मिला है। उसी मुआवजे के दावे हेतु जमीन का सही सीमांकन किया जा रहा था।
लीगल एडवाइजर ने कहा कि चूंकि कंपनी का मैनेजमेंट मुंबई से चलता है, इसलिए तिसरी के कुछ स्थानीय भूमाफिया ग्रामीणों को भड़काकर उपद्रव करवा रहे हैं ताकि कंपनी की संपत्ति पर कब्जा जमाया जा सके। कंपनी इस पूरे मामले की कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
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पुलिस पहुच कर मामला कराया शांत अन्यथा हो सकती थी अनहोनी
तिसरी थाना के एएसआई कोलेश्वर राम विवादित स्थल पहुच कर ग्रामीणों को शांत कराया । उन्होंने कहा सूचना पर पहुच कर मामला शांत कराया गया है ताकि अनहोनी नही हो ।अब तक दोनो पक्षो में किसी ने भी थाना में आवेदन नही दिया है ।आवेदन के उपरांत अग्रेतर कानूनी कार्रवाई किया जाएगा ।
    user_अजय प्रजापति
    अजय प्रजापति
    पत्रकार Tisri, Giridih•
    15 hrs ago
  • कितने तेजस्वी लोग हैं - मोदी जी और मेलोनी का साड़ी पर पूरा एल्बम छाप दिया !
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    कितने तेजस्वी लोग हैं - मोदी जी और मेलोनी का साड़ी पर पूरा एल्बम छाप दिया !
    user_Aaj Ka Naya Bharat News
    Aaj Ka Naya Bharat News
    Newspaper publisher नवादा, नवादा, बिहार•
    12 hrs ago
  • झारखंड के हितों और अधिकारों की रक्षा को लेकर आवाज बुलंद। खनन कानून में किए गए संशोधन का पुरजोर विरोध किया जाएगा। झारखंडवासियों के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। #Jharkhand #JharkhandNews #MiningLaw #HemantSoren #JharkhandPolitics
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    झारखंड के हितों और अधिकारों की रक्षा को लेकर आवाज बुलंद। खनन कानून में किए गए संशोधन का पुरजोर विरोध किया जाएगा। झारखंडवासियों के हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

#Jharkhand #JharkhandNews #MiningLaw #HemantSoren #JharkhandPolitics
    user_Sunil Kumar journalist
    Sunil Kumar journalist
    Local News Reporter डोमचांच, कोडरमा, झारखंड•
    11 hrs ago
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