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उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के खैर इलाके में प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच एक प्राइवेट स्कूली बस घंटों तक खराब खड़ी रही। इस घटना के कारण बस में सवार छात्र-छात्राएं लंबे समय तक परेशान रहे। तकनीकी खराबी के चलते बस के बीच रास्ते में रुक जाने से विद्यार्थियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
Raj Kumar
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के खैर इलाके में प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच एक प्राइवेट स्कूली बस घंटों तक खराब खड़ी रही। इस घटना के कारण बस में सवार छात्र-छात्राएं लंबे समय तक परेशान रहे। तकनीकी खराबी के चलते बस के बीच रास्ते में रुक जाने से विद्यार्थियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
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- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के खैर इलाके में प्रशासन की सख्ती के दावों के बीच एक प्राइवेट स्कूली बस घंटों तक खराब खड़ी रही। इस घटना के कारण बस में सवार छात्र-छात्राएं लंबे समय तक परेशान रहे। तकनीकी खराबी के चलते बस के बीच रास्ते में रुक जाने से विद्यार्थियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।1
- अलीगढ़ शहर के वार्ड संख्या 66 स्थित चरख वालान अट खंभे के पास गंदे पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस समस्या से जूझ रहे क्षेत्र के स्थानीय निवासियों ने अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।1
- अलीगढ़ के खैर कस्बे में राष्ट्रीय विद्यालय के समीप अलीगढ़-पलवल रोड पर एक निजी स्कूल की बस तकनीकी खराबी के कारण घंटों बीच सड़क पर खड़ी रही, जिससे स्कूल वाहनों की सुरक्षा और फिटनेस को लेकर जिला प्रशासन की सख्ती के दावों की पोल खुल गई है। इस व्यस्त मार्ग पर बस में बड़ी संख्या में मासूम छात्र-छात्राएं मौजूद थे, जो काफी देर तक उसी बस में ही बैठे रहे। हैरानी की बात यह रही कि बस का चालक और स्कूल कर्मी खुद ही उसे ठीक करने का प्रयास करते रहे, लेकिन बच्चों को सुरक्षित भेजने के लिए किसी दूसरे वैकल्पिक वाहन की तत्काल व्यवस्था नहीं की गई। इससे बच्चों और उनके अभिभावकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इतने व्यस्त मार्ग पर खराब बस का लंबे समय तक खड़ा रहना किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता था। हालांकि जिला प्रशासन समय-समय पर स्कूल वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा मानकों और परिवहन नियमों के पालन को लेकर निर्देश जारी करता रहता है, लेकिन कुछ निजी स्कूल संचालक इन आदेशों की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं। अब अभिभावकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस लापरवाही का संज्ञान लेकर दोषी स्कूल और बस संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी मासूम की जान जोखिम में न पड़े।1
- डॉ. कंचन जैन ने ऑनलाइन गेमिंग और डोपामाइन लूप के प्रभाव पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे वर्चुअल दुनिया का रियल डिप्रेशन करार दिया है। उनके अनुसार, यह डिजिटल रुझान मानवीय व्यवहार में गंभीर बदलाव ला रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के आदेश पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किए गए हैं। एसपी ट्रैफिक ने मीडिया को जानकारी दी कि क्वारसी से दुबे का पड़ाव की ओर जाने वाले वाहनों के मार्ग को डायवर्ट किया गया है। अब इन वाहनों को गांधी पार्क की तरफ से यू-टर्न लेकर गुजरना होगा, साथ ही मानिक चौक पर भी यातायात को डायवर्ट किया गया है। फिलहाल इस बदलाव को दो दिनों के ट्रायल के तौर पर लागू किया गया है। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि यदि इस व्यवस्था को लेकर जनता की ओर से सुझाव प्राप्त होते हैं, तो उन पर विचार कर मौके पर ही स्थिति का निस्तारण किया जाएगा और आवश्यकतानुसार बदलाव भी किए जा सकते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में शहर को जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी के आदेश पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। एसपी ट्रैफिक ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि क्वारसी से दुबे का पड़ाव की ओर जाने वाले वाहनों के मार्ग को डायवर्ट कर दिया गया है, जिसके तहत अब चालकों को गांधी पार्क की तरफ से यू-टर्न लेना होगा। इसके अतिरिक्त, मानिक चौक पर भी यातायात को डायवर्ट किया गया है। फिलहाल, इस नई व्यवस्था को दो दिनों के ट्रायल के तौर पर लागू किया गया है। एसपी ट्रैफिक ने स्पष्ट किया है कि यदि इस दौरान जनता से सुझाव प्राप्त होते हैं, तो उन पर विचार करते हुए मौके पर ही आवश्यक सुधार और बदलाव किए जाएंगे।1
- अलीगढ़ के चरख वालान में स्थानीय लोग गंदे पानी की समस्या के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं। निवासियों ने मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधि के प्रति अपना आक्रोश जाहिर किया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बार-बार शिकायतें करने के बावजूद उनकी समस्याओं की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इलाके के लोगों ने वार्ड 66 के पार्षद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जनता का कहना है कि जब वे गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर पार्षद से शिकायत करते हैं, तो उन्हें उल्टा धमकियां दी जाती हैं। इसी उपेक्षा और दुर्व्यवहार के विरोध में आक्रोशित जनता ने सड़क पर उतरकर व्यवस्था के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है।1