कैराना पुलिस ने वलीमा समारोह में कथित प्रतिबंधित पशु कटान और उसके मांस को परोसने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को थाना कैराना क्षेत्र के गांव खुरगान के जंगल से जुड़े इस मामले में मुगल गार्डन फार्म हाउस के स्वामी एवं संचालक अनीस अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। यह मामला 18 जून को तब सामने आया, जब खुरगान के जंगल में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने की सूचना मिली, जिसके बाद थाना कैराना में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने 18-19 जून की रात त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को एक स्कॉर्पियो वाहन और पशु कटान में प्रयुक्त उपकरणों सहित पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपी फरमान ने खुलासा किया कि उसके वलीमे का कार्यक्रम मुगल गार्डन फार्म हाउस में आयोजित हुआ था। पुलिस के अनुसार, फरमान ने अपने साथियों सलमान, शौकत गुर्जर और साबू कुरैशी के साथ मिलकर गौवंश का कटान करने तथा मांस को स्कॉर्पियो वाहन से वलीमा स्थल तक पहुंचाकर परोसने की बात स्वीकार की। शामली पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी कैराना के पर्यवेक्षण में थाना कैराना पुलिस ने शनिवार को वांछित अनीस अहमद पुत्र अली अहमद, जो मोहल्ला ख्वाजाबख्श, कस्बा एवं थाना कैराना का निवासी है, को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि मामले में नामजद एवं वांछित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कैराना पुलिस ने वलीमा समारोह में कथित प्रतिबंधित पशु कटान और उसके मांस को परोसने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को थाना कैराना क्षेत्र के गांव खुरगान के जंगल से जुड़े इस मामले में मुगल गार्डन फार्म हाउस के स्वामी एवं संचालक अनीस अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। यह मामला 18 जून को तब सामने आया, जब खुरगान के जंगल में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने की सूचना मिली, जिसके बाद थाना कैराना में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने 18-19 जून की रात त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को एक स्कॉर्पियो वाहन और पशु कटान में प्रयुक्त उपकरणों सहित पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपी फरमान ने खुलासा किया कि उसके वलीमे का कार्यक्रम मुगल गार्डन फार्म हाउस में आयोजित हुआ था। पुलिस के अनुसार, फरमान ने अपने साथियों सलमान, शौकत गुर्जर और साबू कुरैशी के साथ मिलकर गौवंश का कटान करने तथा मांस को स्कॉर्पियो वाहन से वलीमा स्थल तक पहुंचाकर परोसने की बात स्वीकार की। शामली पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत, अपर पुलिस अधीक्षक एवं क्षेत्राधिकारी कैराना के पर्यवेक्षण में थाना कैराना पुलिस ने शनिवार को वांछित अनीस अहमद पुत्र अली अहमद, जो मोहल्ला ख्वाजाबख्श, कस्बा एवं थाना कैराना का निवासी है, को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि मामले में नामजद एवं वांछित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- जनपद शामली के थानाभवन थाना क्षेत्र के ग्राम नांगल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पाँच परिवारों ने एक दबंग पड़ोसी पर रास्ता बंद करने का आरोप लगाते हुए अपने ही मकानों पर 'पलायन को मजबूर' होने के बैनर लगा दिए हैं। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि गाँव के दबंग श्याम सिंह ने कब्जे की नीयत से उनके पुश्तैनी रास्ते पर मलबा डालकर उसे पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे इन परिवारों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। पीड़ित दीपक पुत्र सेवाराम और उनके परिवार के सदस्य, जिनमें देवेंद्र, जोगिंदर, प्रमोद और बिजेंद्र शामिल हैं, पिछले कई वर्षों से लगभग 16 वर्गगज की एक साझा गैलरी को अपने घरों तक पहुँचने के मुख्य मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे थे। परिवार के अनुसार, इस गैलरी के ऊपर की पुरानी और जर्जर छत अचानक गिर गई, जिससे रास्ता मलबे से भर गया। दीपक का आरोप है कि उन्हें मलबा हटाने और रास्ता साफ करने नहीं दिया गया, जिससे पाँच परिवारों का एकमात्र रास्ता बंद हो गया। इसके कारण बच्चों को स्कूल भेजने, बाजार जाने और अन्य दैनिक कार्यों में भारी परेशानी हो रही है, जिसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि रास्ता खुलवाने की मांग करने पर उन्हें धमकियाँ दी जा रही हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे दबंग आरोपी श्याम सिंह की कथित दबंगई से पिछले लगभग 10 महीनों से परेशान हैं। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई आला अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। मीडिया से बात करते हुए दीपक ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनका परिवार गाँव छोड़ने को मजबूर हो जाएगा, क्योंकि रास्ता बंद होने से उनका सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और वे मानसिक तनाव में रह रहे हैं। परिवार की एक महिला सदस्य पिंकी ने भी मीडिया के सामने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या बनी हुई है। गाँव में पलायन का बैनर लगने के बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं और सभी को इंतजार है कि आखिर पीड़ित परिवार को कब राहत मिलेगी तथा वर्षों पुराने रास्ते का यह विवाद किस प्रकार सुलझाया जाएगा।1
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अवि मुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर तीखा हमला बोला है, जहाँ उन्होंने सवाल उठाया कि "हमारा वोट लेकर माता की बोटी क्यों?" यह बयान तब आया जब वे अपनी गौ रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा लेकर शामली के थाना भवन पहुंचे थे। इस दौरान, शंकराचार्य ने सरकार पर 'कालनेमि वाले बयान' को लेकर भी फिर से पलटवार किया। उनका यह प्रश्न सरकार की नीतियों और गौ रक्षा के प्रति उसकी कथित निष्क्रियता पर सीधा आरोप दर्शाता है।1
- लोगों ने अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने एक मेले को रोकने की मांग की है। इस शिकायत के बाद अब सभी की नजरें प्रशासन के आगामी फैसले पर टिकी हुई हैं।1
- भोजपुर, बिहार से आ रही जानकारी के अनुसार, भरत तिवारी का पहले सरेंडर के बाद भी एनकाउंटर हुआ था। अब इस मामले में उनके पिता और भाई पर भी एफआईआर दर्ज कर ली गई है।1
- बुढाना तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कितनी शिकायतें दर्ज की गईं, यह एक प्रमुख सवाल बना हुआ है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि इस दौरान क्या मुद्दे उठाए गए और जनता ने अपनी क्या परेशानियाँ साझा कीं, तथा इस पूरे मामले में क्या मुख्य बातें सामने आईं।1
- मुजफ्फरनगर जनपद में आगामी मोहर्रम और कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में, सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा के नेतृत्व में आरएएफ और शहर के चारों थानों की पुलिस फोर्स ने नगर क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर नागरिकों को सुरक्षा का एहसास कराया। यह फ्लैग मार्च शिव चौक से शुरू होकर शहर के प्रमुख बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों से गुजरा, जिसमें भगत सिंह रोड, सराफा बाजार, नॉवेल्टी चौक और मेरठ रोड सहित कई स्थानों पर पैदल गश्त की गई। इस दौरान पुलिस बल ने लोगों से संवाद भी स्थापित किया। फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करना और यह संदेश देना था कि मुजफ्फरनगर पुलिस हर परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीओ सिटी सिद्धार्थ के. मिश्रा ने स्पष्ट किया कि आगामी धार्मिक आयोजनों को सकुशल संपन्न कराना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था भंग करने, अफवाह फैलाने अथवा माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आमजन से सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।1
- मुजफ्फरनगर में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के स्पष्ट निर्देश पर, रामपुर चौकी पुलिस ने रामपुर चौराहे पर एक विशेष और सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत, पुलिस ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की गहनता से जांच की, यह सुनिश्चित करते हुए कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। अभियान के दौरान, संदिग्ध वाहनों की भी बारीकी से पड़ताल की गई। पुलिस की इस सक्रियता के चलते क्षेत्र के वाहन चालकों में हड़कंप की स्थिति देखी गई, वहीं नियम तोड़ने वालों को पुलिस द्वारा सख्त चेतावनी भी दी गई है।1
- जनपद शामली के थानाभवन थाना क्षेत्र के ग्राम नांगल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पाँच परिवारों ने एक दबंग पड़ोसी पर पुश्तैनी रास्ता बंद करने का आरोप लगाते हुए अपने मकानों पर 'पलायन को मजबूर' होने के बैनर लगा दिए हैं। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि गाँव के दबंग श्याम सिंह ने कब्जे की नीयत से उनके वर्षों पुराने पुश्तैनी रास्ते पर मलबा डालकर उसे बंद कर दिया है। न्याय के लिए आला अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद कोई समाधान न निकलने पर, इन परिवारों ने गाँव छोड़ने की चेतावनी देते हुए यह कदम उठाया है, जिससे यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित परिवार के सदस्य दीपक पुत्र सेवाराम और उनके साथ देवेन्द्र, जोगिन्द्र, प्रमोद, बिजेन्द्र समेत पाँच परिवार एक साझा गैलरी के रास्ते से अपने घरों तक आते-जाते रहे हैं, जो लगभग 16 वर्गगज की बताई जा रही है और उनके लिए मुख्य मार्ग रही है। परिवार ने बताया कि गैलरी के ऊपर की पुरानी और जर्जर छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे पूरा रास्ता मलबे से भर गया और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। दीपक का आरोप है कि रास्ते से मलबा हटाने के कई प्रयासों को रोका गया और उन्हें ऐसा नहीं करने दिया गया। पीड़ित परिवार का कहना है कि श्याम सिंह ने कथित तौर पर इस मलबे को हटाने नहीं दिया और उलटा और मलबा डलवाकर रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया है, जिससे वे अपनी दबंगई के बल पर इस आम रास्ते पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। इन पाँच परिवारों को पिछले लगभग 10 महीनों से आरोपी श्याम सिंह की कथित दबंगई के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और रास्ता खुलवाने की माँग करने पर उन्हें धमकियाँ भी दी जा रही हैं। इस स्थिति के कारण पाँच परिवारों का एकमात्र रास्ता बंद हो गया है, जिससे घर से निकलना, बच्चों को स्कूल भेजना, बाजार जाना और अन्य जरूरी कार्य करना मुश्किल हो गया है। परिवार का कहना है कि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर इसका सबसे अधिक असर पड़ रहा है, जिससे उनका सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है और वे मानसिक तनाव में रह रहे हैं। मीडिया से बातचीत में दीपक ने समस्या के जल्द समाधान न होने पर गाँव छोड़ने की बात कही, वहीं परिवार की महिला सदस्य पिंकी अपनी व्यथा सुनाते हुए भावुक हो गईं और उन्होंने अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है। पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों, जिसमें डीएम और एसपी शामिल हैं, को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। वे केवल अपने घरों तक आने-जाने का रास्ता खुलवाने और रास्ते में पड़े मलबे को तत्काल हटवाकर वर्षों पुराने आम रास्ते को बहाल कराने की मांग कर रहे हैं। अब ग्रामीणों सहित सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि आखिर इन पीड़ित परिवारों को कब राहत मिलेगी और यह वर्षों पुराना विवाद किस प्रकार सुलझाया जाएगा।1