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बुढाना तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कितनी शिकायतें दर्ज की गईं, यह एक प्रमुख सवाल बना हुआ है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि इस दौरान क्या मुद्दे उठाए गए और जनता ने अपनी क्या परेशानियाँ साझा कीं, तथा इस पूरे मामले में क्या मुख्य बातें सामने आईं।
Arif Rana
बुढाना तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कितनी शिकायतें दर्ज की गईं, यह एक प्रमुख सवाल बना हुआ है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि इस दौरान क्या मुद्दे उठाए गए और जनता ने अपनी क्या परेशानियाँ साझा कीं, तथा इस पूरे मामले में क्या मुख्य बातें सामने आईं।
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- बुढाना तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान कितनी शिकायतें दर्ज की गईं, यह एक प्रमुख सवाल बना हुआ है। लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि इस दौरान क्या मुद्दे उठाए गए और जनता ने अपनी क्या परेशानियाँ साझा कीं, तथा इस पूरे मामले में क्या मुख्य बातें सामने आईं।1
- मुख्यमंत्री योगी ने कानपुर में आयोजित एक प्राकृतिक खेती कार्यशाला में लोगों द्वारा खेती और पशुपालन से दूरी बनाकर 'शॉर्टकट' अपनाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसी वजह से आज दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं, जैसे बैलों का उपयोग बंद होना और गाय का दूध पीकर उन्हें सड़कों पर छोड़ देना। सीएम योगी ने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब ये छोड़ी हुई गायें फसल को नुकसान पहुंचाती हैं, तो लोग उन्हें ही दोष देते हैं। सीएम योगी ने गोमाता के प्रति गहरी आस्था जताते हुए कहा कि 'गाय हमारी माता है, जन्म-जन्मांतर का नाता है' और संकल्प लिया कि किसी भी कीमत पर गोमाता को कटने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि देश में जन्मा प्रत्येक व्यक्ति गोमाता की पूजा करता है। उन्होंने सिख गुरुओं के इतिहास का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे देश के गुलाम होने के दौरान भी आक्रांताओं या कसाइयों द्वारा गोहत्या करने पर सिख वीर उनका काम तमाम कर देते थे। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए बताया कि 2014 के बाद किसानों की आत्महत्याओं पर रोक लगी है, जबकि 2004 से 2014 के बीच लाखों किसानों ने आत्महत्या की थी। उन्होंने इसके पीछे का कारण पहले की सरकारों में कृषि की अधिक लागत और कम उत्पादन को बताया। सीएम योगी ने दोहराया कि उनकी सरकार का संकल्प है कि गोवंश की तस्करी और उन्हें कटने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश में 7700 से अधिक गोशालाओं में 14 लाख गोवंश संरक्षित किए जा रहे हैं। साथ ही, 'मुख्यमंत्री सहभागिता योजना' के तहत किसानों को गोवंश पालन के लिए प्रति पशु 1500 रुपये की मासिक सहायता भी दी जा रही है।1
- अटल सेतु क्या है और इसने ऐसी कौन सी प्रसिद्धि प्राप्त की है कि हर किसी का ध्यान इसकी ओर आकर्षित होता है, यह एक प्रमुख चर्चा का विषय बन गया है। सवाल यह भी है कि भारत के प्रधानमंत्री दामोदर दास नरेंद्र मोदी ने अपने 12 वर्ष के राजनीतिक कार्यकाल में ऐसा क्या किया, जिससे अटल सेतु इतना चर्चा और आकर्षण का केंद्र बन गया है। पोस्ट अपने पाठकों को इस पूरी खबर को देखने और यह अनुभव करने के लिए आमंत्रित करती है कि आखिर अटल सेतु क्या है और इसकी प्रसिद्धि में क्या खास है।1
- मेरठ जिले में किसानों को खाद न मिल पाने के कारण वे काफी परेशान हैं। इसी समस्या को लेकर किसानों ने मेरठ कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन किया है।1
- जनपद शामली के थानाभवन थाना क्षेत्र के ग्राम नांगल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पाँच परिवारों ने एक दबंग पड़ोसी पर रास्ता बंद करने का आरोप लगाते हुए अपने ही मकानों पर 'पलायन को मजबूर' होने के बैनर लगा दिए हैं। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि गाँव के दबंग श्याम सिंह ने कब्जे की नीयत से उनके पुश्तैनी रास्ते पर मलबा डालकर उसे पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे इन परिवारों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। पीड़ित दीपक पुत्र सेवाराम और उनके परिवार के सदस्य, जिनमें देवेंद्र, जोगिंदर, प्रमोद और बिजेंद्र शामिल हैं, पिछले कई वर्षों से लगभग 16 वर्गगज की एक साझा गैलरी को अपने घरों तक पहुँचने के मुख्य मार्ग के रूप में इस्तेमाल करते आ रहे थे। परिवार के अनुसार, इस गैलरी के ऊपर की पुरानी और जर्जर छत अचानक गिर गई, जिससे रास्ता मलबे से भर गया। दीपक का आरोप है कि उन्हें मलबा हटाने और रास्ता साफ करने नहीं दिया गया, जिससे पाँच परिवारों का एकमात्र रास्ता बंद हो गया। इसके कारण बच्चों को स्कूल भेजने, बाजार जाने और अन्य दैनिक कार्यों में भारी परेशानी हो रही है, जिसका सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि रास्ता खुलवाने की मांग करने पर उन्हें धमकियाँ दी जा रही हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे दबंग आरोपी श्याम सिंह की कथित दबंगई से पिछले लगभग 10 महीनों से परेशान हैं। उन्होंने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत कई आला अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। मीडिया से बात करते हुए दीपक ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनका परिवार गाँव छोड़ने को मजबूर हो जाएगा, क्योंकि रास्ता बंद होने से उनका सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और वे मानसिक तनाव में रह रहे हैं। परिवार की एक महिला सदस्य पिंकी ने भी मीडिया के सामने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि संबंधित अधिकारियों से शिकायत के बावजूद समस्या बनी हुई है। गाँव में पलायन का बैनर लगने के बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं और सभी को इंतजार है कि आखिर पीड़ित परिवार को कब राहत मिलेगी तथा वर्षों पुराने रास्ते का यह विवाद किस प्रकार सुलझाया जाएगा।1
- जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अवि मुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर तीखा हमला बोला है, जहाँ उन्होंने सवाल उठाया कि "हमारा वोट लेकर माता की बोटी क्यों?" यह बयान तब आया जब वे अपनी गौ रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा लेकर शामली के थाना भवन पहुंचे थे। इस दौरान, शंकराचार्य ने सरकार पर 'कालनेमि वाले बयान' को लेकर भी फिर से पलटवार किया। उनका यह प्रश्न सरकार की नीतियों और गौ रक्षा के प्रति उसकी कथित निष्क्रियता पर सीधा आरोप दर्शाता है।1
- एक पाठक ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि अगर देश के प्रधानमंत्री (PM) और मुख्यमंत्री (CM) मिलकर भ्रष्टाचार खत्म करने का काम करें, तो हिंदुस्तान से भ्रष्टाचार पूरी तरह मिट जाएगा और देश में भाईचारा तथा प्यार-मोहब्बत का माहौल बन जाएगा। उन्होंने मौजूदा राजनेताओं पर सीधा आरोप लगाया कि वे नहीं चाहते कि लोग प्यार से रहें, क्योंकि उनके अनुसार, अगर लोग प्यार से रहेंगे तो 'उनकी रोटी कैसे सिकेगी'। पाठक ने अपनी इच्छा दोहराते हुए कहा कि काश हमारे देश के पीएम और सीएम ऐसे ही हों।1
- लोगों को सतर्क और सावधान करने के उद्देश्य से एक वीडियो प्रसारित किया गया है, जिसमें एक प्रकाशन से अपनी गलती सुधारने और किसी भी धर्म के साथ खिलवाड़ न करने का आग्रह किया गया है। यह वीडियो इसलिए वायरल किया गया है ताकि लोग सतर्क रहें, सावधानी बरतें और जांचें कि कहीं उनके साथ भी तो ऐसा खिलवाड़ नहीं हो रहा है।1