हुलासगंज प्रखंड क्षेत्र में कृषि कार्यों के लिए लगाए गए ट्रांसफार्मरों की धड़ल्ले से हो रही चोरी से किसानों में गहरी हताशा है। ये ट्रांसफार्मर चोरों के लिए 'सॉफ्ट टारगेट' बन गए हैं, और इनकी चोरी बहुत तेज़ी से हो रही है। बिजली विभाग द्वारा गांव के बधार (खेतों) में ये ट्रांसफार्मर किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत देने और पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई से पड़ रहे प्रभाव के बीच राहत की उम्मीद से लगाए गए थे। हालांकि, चोरी की इन घटनाओं ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। ताजा मामला बैंगनी गांव का है, जहां मंगलवार की एक ही रात में चोरों ने दो ट्रांसफार्मर गायब कर दिए। प्रखंड क्षेत्र में अब तक लगभग एक दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मर चोरी हो चुके हैं, लेकिन चोर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। किसानों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा है कि बधार से लगातार हो रही इन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए अब उन्हें ही आगे आना होगा, और उनके पास अब अपने ट्रांसफार्मरों को बचाने के लिए रात भर जागने (रतजग्गा) के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है।
हुलासगंज प्रखंड क्षेत्र में कृषि कार्यों के लिए लगाए गए ट्रांसफार्मरों की धड़ल्ले से हो रही चोरी से किसानों में गहरी हताशा है। ये ट्रांसफार्मर चोरों के लिए 'सॉफ्ट टारगेट' बन गए हैं, और इनकी चोरी बहुत तेज़ी से हो रही है। बिजली विभाग द्वारा गांव के बधार (खेतों) में ये ट्रांसफार्मर किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत देने और पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई से पड़ रहे प्रभाव के बीच राहत की उम्मीद से लगाए गए थे। हालांकि, चोरी की इन घटनाओं ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। ताजा मामला बैंगनी गांव का है, जहां मंगलवार की एक ही रात में चोरों ने दो ट्रांसफार्मर गायब कर दिए। प्रखंड क्षेत्र में अब तक लगभग एक दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मर चोरी हो चुके हैं, लेकिन चोर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। किसानों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा है कि बधार से लगातार हो रही इन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए अब उन्हें ही आगे आना होगा, और उनके पास अब अपने ट्रांसफार्मरों को बचाने के लिए रात भर जागने (रतजग्गा) के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है।
- हुलासगंज प्रखंड क्षेत्र में कृषि कार्यों के लिए लगाए गए ट्रांसफार्मरों की धड़ल्ले से हो रही चोरी से किसानों में गहरी हताशा है। ये ट्रांसफार्मर चोरों के लिए 'सॉफ्ट टारगेट' बन गए हैं, और इनकी चोरी बहुत तेज़ी से हो रही है। बिजली विभाग द्वारा गांव के बधार (खेतों) में ये ट्रांसफार्मर किसानों को कृषि कार्यों में सहूलियत देने और पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई से पड़ रहे प्रभाव के बीच राहत की उम्मीद से लगाए गए थे। हालांकि, चोरी की इन घटनाओं ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। ताजा मामला बैंगनी गांव का है, जहां मंगलवार की एक ही रात में चोरों ने दो ट्रांसफार्मर गायब कर दिए। प्रखंड क्षेत्र में अब तक लगभग एक दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मर चोरी हो चुके हैं, लेकिन चोर अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। किसानों ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कहा है कि बधार से लगातार हो रही इन चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए अब उन्हें ही आगे आना होगा, और उनके पास अब अपने ट्रांसफार्मरों को बचाने के लिए रात भर जागने (रतजग्गा) के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचा है।1
- बिहार के मखदुमपुर प्रखंड स्थित श्रीपुर गांव के निवासी भोजपुरी गायक चुन्नू लाल यादव उर्फ निर्भय कुमार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ कथित अभद्र भाषा और गाली-गलौज से जुड़े सोशल मीडिया वीडियो मामले में गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय पुलिस ने बुधवार को यह कार्रवाई की। मामले की जानकारी देते हुए घोषी-2 एसडीपीओ कृति कमल ने बताया कि पटना सोशल मीडिया सेल के निर्देश पर स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस के अनुसार, चुन्नू लाल यादव ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें मुख्यमंत्री के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र और आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया गया था। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया सेल ने इसका संज्ञान लिया और इसी आधार पर कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई, जिसके बाद जांच कर आरोपी गायक को श्रीपुर गांव से गिरफ्तार किया गया। एसडीपीओ ने इस बात पर जोर दिया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और अभद्र सामग्री प्रसारित करने के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है और कानून के तहत उचित कार्रवाई की जा रही है। पुलिस इस मामले में आगे की जांच में जुटी हुई है।1
- जहानाबाद जिले के काको नगर पंचायत अंतर्गत तिवारी बीघा गाँव के वार्ड नंबर 8 में एक टूटी हुई नाली का निर्माण कार्य नगर पंचायत द्वारा पूर्ण कर दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, नाली का काम पूरा होने के बाद अब वहां गहरे गड्ढे छूट गए हैं, जिनकी न तो कोई देखरेख कर रहा है और न ही उन्हें भरने के लिए कोई कदम उठाया जा रहा है। इस अधूरे कार्य से परेशान ग्रामीणों ने नगर पंचायत से पुरजोर आग्रह किया है कि इन गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक से भरवाया जाए। वैकल्पिक रूप से, उनकी यह भी मांग है कि उनके गांव को पीसीसी डलिया (कंक्रीट का रास्ता) प्रदान कर प्रचलन में लाया जाए, ताकि क्षेत्र में सुविधाएँ सुगम हो सकें।1
- बिहार सरकार से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तत्काल कमी लाने की मांग की गई है, क्योंकि राज्य में ईंधन के दाम मुंबई जैसे महानगरों से भी अधिक हो गए हैं। यह तर्क दिया गया है कि यदि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, तो सरकार को अपने करों में कटौती करके आम जनता को राहत प्रदान करनी चाहिए। इससे विशेष रूप से मध्यम वर्ग, किसान और मजदूरों को सहायता मिलेगी। चेतावनी दी गई है कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो बिहार के भीतर महंगाई अपनी चरम सीमा पर पहुँच जाएगी, और इसके लिए माननीय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।1
- नौतपा के दौरान जहानाबाद जिले में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के मद्देनजर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह जारी की है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और कमजोरी जैसी स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में विशेषज्ञों ने घर से बाहर निकलते समय पानी की बोतल, ओआरएस, छाता, गमछा और हल्के सूती कपड़े साथ रखने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, लोगों को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक अत्यधिक आवश्यकता न होने पर धूप में निकलने से बचना चाहिए। बाइक सवारों को हेलमेट के अंदर सूती कपड़ा लगाने तथा पैदल चलने वालों को रास्ते में बीच-बीच में छांव में आराम करने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही, अधिक पानी पीने और शरीर को हाइड्रेटेड रखने पर विशेष जोर दिया गया है। स्वास्थ्य कर्मियों ने लू लगने के शुरुआती संकेतों के बारे में भी जानकारी दी है, जिनमें चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, तेज प्यास, सिरदर्द, उल्टी या बेचैनी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत छायादार स्थान पर आराम करने, पानी या ओआरएस लेने और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता प्राप्त करने की सलाह दी गई है। लोगों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रशासनिक और सामाजिक स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि भीषण गर्मी के दौरान सावधानी बरतकर आमजन खुद को सुरक्षित रख सकें।1
- बिहार के जहानाबाद में एक चौंकाने वाली घटना का वीडियो सामने आया है, जहाँ एक पत्नी ने अपने पति को सबके सामने ही थप्पड़ जड़ दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल हो रहा यह वीडियो इंस्टाग्राम आईडी 'Nitish Hindustani' से लिया गया है। पोस्ट में इस घटना को 'सफाई वीडियो' कहकर संबोधित किया गया है, और वीडियो में पत्नी को पति को पीटते हुए साफ देखा जा सकता है। पोस्ट की टिप्पणी में यह भी कहा गया है कि 'पत्नी ऐसा होना चाहिए था मीडिया के सामने', जो इस सार्वजनिक पिटाई और इसके प्रदर्शन पर एक विशिष्ट प्रतिक्रिया को दर्शाता है।1
- गया जिले के गुरुआ बाजार में बुधवार शाम हथियारबंद अपराधियों ने एस ब्रदर्स ज्वेलरी दुकान के संचालक प्रभाकर कुमार वर्णवाल को गोली मारकर करीब ₹40 लाख के जेवरात से भरा बैग लूट लिया। अपराधियों ने इस वारदात को 'फिल्मी अंदाज' में अंजाम दिया और लूट के बाद फायरिंग करते हुए फरार हो गए, जिससे पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। जानकारी के अनुसार, प्रभाकर कुमार रोज की तरह अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे, तभी दो बाइक पर सवार पांच बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। जब उन्होंने विरोध किया, तो अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे प्रभाकर कुमार घायल हो गए। इस दौरान दुकान के स्टाफ सुभाष कुमार भी बाल-बाल बच गए। घटना की सूचना मिलते ही गुरुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।1
- मखदुमपुर थाना क्षेत्र के अमरपुर गांव में बीती रात अज्ञात चोरों ने दो बंद मकानों को निशाना बनाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। मखदुमपुर थाना अध्यक्ष राजेश कुमार ने मंगलवार को बताया कि उन्हें अमरपुर गांव में अखिलेश शर्मा और राहुल शर्मा के बंद घरों के ताले टूटे होने की सूचना मिली थी। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तत्काल जांच शुरू की। थाना अध्यक्ष के अनुसार, अखिलेश शर्मा वर्ष 2020 से नवादा में निवास कर रहे हैं, जबकि राहुल शर्मा भी काफी समय से गया जी में रह रहे हैं। दोनों मकान बंद पाए गए थे और प्रारंभिक जांच में उनके ताले टूटे मिले हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि अभी तक किसी भी गृहस्वामी द्वारा चोरी से संबंधित कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद ही चोरी गए सामान और हुए नुकसान का सही आकलन किया जा सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ रही चोरी की घटनाओं के चलते उनमें गहरा भय बना हुआ है।1