ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाली कर्वी पुलिस ने कर्वी शहर में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस ने पुरानी कोतवाली, तरौहा मस्जिद, बड़ी मस्जिद, छोटी मस्जिद, कजियाना मोहल्ला और काली देवी चौराहा समेत मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया। इस पैदल मार्च का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना, आम जनता में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना जगाना, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर अंकुश लगाना था। साथ ही, सभी धर्मों के लोगों के मध्य सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना भी इसका एक महत्वपूर्ण लक्ष्य रहा। पुलिस अधीक्षक ने सभी नागरिकों, विशेषकर बकरीद त्योहार मनाने वाले समुदाय के लोगों से अपील की है कि वे पूर्ण शांति के साथ त्योहार मनाएं और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाने या हेल्पलाइन नंबर 112 पर देने का आग्रह किया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर श्री यामीन अहमद, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कर्वी श्री दुर्ग विजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक यातायात श्री हरिराम यादव, पीआरओ पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पाल सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
ईद-उल-अज़हा (बकरीद) के त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाली कर्वी पुलिस ने कर्वी शहर में पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान पुलिस ने पुरानी कोतवाली, तरौहा मस्जिद, बड़ी मस्जिद, छोटी मस्जिद, कजियाना मोहल्ला और काली देवी चौराहा समेत मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया। इस पैदल मार्च का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करना, आम जनता में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना जगाना, यातायात प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर अंकुश लगाना था। साथ ही, सभी धर्मों के लोगों के मध्य सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखना भी इसका एक महत्वपूर्ण लक्ष्य रहा। पुलिस अधीक्षक ने सभी नागरिकों, विशेषकर बकरीद त्योहार मनाने वाले समुदाय के लोगों से अपील की है कि वे पूर्ण शांति के साथ त्योहार मनाएं और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अफवाह की सूचना तुरंत निकटतम पुलिस थाने या हेल्पलाइन नंबर 112 पर देने का आग्रह किया। इस दौरान क्षेत्राधिकारी नगर श्री यामीन अहमद, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कर्वी श्री दुर्ग विजय सिंह, प्रभारी निरीक्षक यातायात श्री हरिराम यादव, पीआरओ पुलिस अधीक्षक श्री प्रदीप पाल सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
- चौबे/चतुर्वेदी परिवार में वाले राम चौबे के अंतिम संस्कार के उपरांत 'नहा वन' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम परिवार के सदस्यों द्वारा दिवंगत वाले राम चौबे के अंतिम संस्कार से जुड़ी रस्म के तौर पर सम्पन्न हुआ।1
- सतना सिटी कोतवाली पुलिस ने जान से मारने की नीयत से चाकू से प्राणघातक हमला करने वाले एक आदतन अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को पकड़कर न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमन चौधरी के रूप में हुई है, जो पुरषोत्तम चौधरी का बेटा है और उसकी उम्र 25 वर्ष है। वह बजरहा टोला, थाना सिटी कोतवाली, जिला सतना, मध्य प्रदेश का निवासी है।1
- जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के तत्वावधान में 9 जून 2026 को मध्य प्रदेश के जिला मुख्यालय सतना में क्रांतिसूर्य धरती आबा बिरसा मुंडा जी के 126वें शहादत दिवस पर एक विशाल “बिरसा मुंडा क्रांति महासम्मेलन” का आयोजन होने जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, यह केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि आदिवासी अस्मिता, युवा शक्ति और सामाजिक एकता का एक महाआंदोलन है। इस सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं की ताकत को उजागर करना है, जो संघर्ष, संगठन और जागरूकता की नई पहचान बन चुके हैं। इस ऐतिहासिक आयोजन में मान. एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा जी, जो जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। मान. रवि कुमार कोल जी, संभागीय उपाध्यक्ष, रीवा, अध्यक्षता करेंगे, जबकि मान. पवन डावर जी, मान. जीवन ठाकुर जी, और मान. बाबूलाल बघेल जी विशिष्ट उपस्थिति दर्ज कराएंगे। यह महासम्मेलन टाउनहॉल, सेमरिया चौराहा, बस स्टैंड के पास, सतना (म.प्र.) में होगा। पुष्पेन्द्र कोल द्वारा सभी मातृशक्ति, युवा साथियों, छात्र साथियों एवं समस्त सगा जनों से निवेदन किया गया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक महासम्मेलन को सफल बनाएं, जो आदिवासी समाज में युवा शक्ति और एकता का प्रतीक बनेगा।1
- कौशाम्बी जिले के सराय अकिल थाना क्षेत्र के अंतर्गत खिजिरपुर कैलई उर्फ इमली गांव में शुक्रवार शाम एक महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। मृतक महिला की पहचान मनीता देवी के रूप में हुई है, जो दशरथ लाल की पत्नी थीं। घटना के समय मनीता देवी अपने पति को गोडा में खाना देने जा रही थीं। कथित तौर पर अज्ञात लोगों ने उनका गला दबाकर हत्या कर दी। परिजनों ने इस घटना के लिए अज्ञात व्यक्तियों पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने इस मामले का अनावरण करने और दोषियों को पकड़ने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है।1
- यह एक स्पष्ट और तीखा आह्वान किया गया है कि भारत देश में जितने भी गद्दार हैं, उन्हें चुन-चुनकर देश से निकाल देना चाहिए। इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि ऐसे सभी तत्वों को देश से पूरी तरह से निष्कासित किया जाना चाहिए।1
- चित्रकूट पुलिस ने पहाड़ी थाना क्षेत्र के साईपुर गाँव में चाकू मारकर हुई हत्या के मामले में दो आरोपी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी पुलिस अधीक्षक चित्रकूट श्री अरुण कुमार सिंह के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूष कान्त राय के पर्यवेक्षण में और क्षेत्राधिकारी राजापुर श्री राज कमल के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे वाँछित/वारण्टी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के अभियान के तहत की गई है। प्रभारी निरीक्षक पहाड़ी श्री निशिकान्त राय और उनकी टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस को 25 मई, 2026 को रात 11:00 बजे सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति को चाकू मारकर घायल कर दिया गया है। सूचना मिलते ही उच्चाधिकारीगण और प्रभारी निरीक्षक पहाड़ी मौके पर पहुँचे और घायल बाबूलाल को सरकारी अस्पताल पहाड़ी ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक बाबूलाल की पत्नी श्रीमती रानी देवी, जो साईपुर, थाना पहाड़ी, जनपद चित्रकूट की निवासी हैं, ने सूचना दी थी कि 25 मई, 2026 की रात करीब 11:00 बजे वह अपने पति के साथ घर पर थीं, तभी अमन पटेल पुत्र महेन्द्र पटेल (ग्राम परसौजा), गोलू यादव उर्फ चन्द्रिका प्रसाद पुत्र देशराज यादव (गढ़ीघाट) और राकेश यादव पुत्र मूलचन्द्र यादव (साईपुर) उनके दरवाजे पर आए। उन्होंने उनके पति को अपने पास बुलाया और गाली-गलौज करने लगे। जब उनके पति ने गाली देने से मना किया, तो अभियुक्तों ने जान से मारने की नियत से उनके सीने में चाकू मार दिया, जिससे बाबूलाल की मृत्यु हो गई। आज, 27 मई, 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने ग्राम पटियाजप्ती स्थित तालाब के भीटा के पास से दो व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ में पहले व्यक्ति ने अपना नाम अमन पटेल पुत्र महेन्द्र पटेल, निवासी ग्राम परसौजा थाना पहाड़ी, और दूसरे ने अपना नाम गोलू यादव उर्फ चन्द्रिका प्रसाद पुत्र देशराज यादव, निवासी गढ़ीघाट (बरेदी पुरवा) थाना पहाड़ी जनपद चित्रकूट बताया। अमन पटेल के मटमैले रंग के शर्ट पर खून के धब्बे पाए जाने पर, उसने स्वीकार किया कि उसने गोलू यादव उर्फ चन्द्रिका प्रसाद और राकेश यादव के साथ मिलकर साईपुर में यह घटना की थी। राकेश यादव के बारे में पूछने पर उसने बताया कि वह पुलिस के डर से भाग गया है। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक पहाड़ी श्री निशिकान्त राय के साथ उपनिरीक्षक श्री श्याम देव सिंह, उपनिरीक्षक श्री संजय कुमार सिंह, मुख्य आरक्षी ज्ञान स्वरूप मिश्रा, आरक्षी बहोरन सिंह, मुख्य आरक्षी चालक लाखन सिंह, आरक्षी दीपक सिंह, आरक्षी चन्द्रभूषण राय, रिज़र्व आरक्षी सूरज यादव, रिज़र्व आरक्षी नीतेश पाण्डेय, रिज़र्व आरक्षी राजदीप यादव, रिज़र्व आरक्षी अरुण यादव, रिज़र्व आरक्षी शिवम सिंह और रिज़र्व आरक्षी अमित यादव शामिल थे।1
- शिक्षिका और कंटेंट क्रिएटर Ranjana Mishra से जुड़े एक वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर काफी गहमागहमी मची हुई है। उनके इस वीडियो में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं, जिसके कारण एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा हो रही है, और लोग Ranjana Mishra के बयान पर अपनी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। इसी मामले पर अपनी राय और जनता की प्रतिक्रियाओं को सामने रखने का प्रयास किया गया है, और दर्शकों से वीडियो को Like, Share और Subscribe करने का आग्रह भी किया गया है।1
- कौशांबी में टेवां से ओसा होते हुए मंझनपुर तक बनाए गए राम वन गमन मार्ग (NH-731A) का निर्माण होने के कुछ ही महीनों बाद इसकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी इस आरसीसी सड़क पर दरारें उभरने लगी हैं, जिससे इसके निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। जिस सड़क को वर्षों तक मजबूत रहने और यातायात का भार सहने के लिए बनाया गया था, वह शुरुआती चरण में ही कमजोर होती दिख रही है। सड़क पर आई ये दरारें केवल तकनीकी खामी नहीं हैं, बल्कि पूरे निर्माण तंत्र की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा रही हैं। यह सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इतनी नई सड़क इतनी जल्दी क्यों क्षतिग्रस्त हो रही है। क्या निर्माण सामग्री मानकों के अनुरूप नहीं थी, क्या गुणवत्ता की जांच केवल कागजों तक ही सीमित रही, या फिर निर्माण कार्य में जल्दबाजी और लापरवाही बरती गई? जनता इन सवालों के जवाब जानना चाहती है। विडंबना यह है कि विकास कार्यों के नाम पर जनता के करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जब ऐसी परियोजनाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठते हैं तो जिम्मेदारी तय करने वाला कोई नजर नहीं आता। यदि सड़क का यह हाल कुछ ही महीनों में है, तो आने वाले वर्षों में इसकी स्थिति क्या होगी, इसका अनुमान लगाना मुश्किल नहीं है। आशंका जताई जा रही है कि भविष्य में मरम्मत और पुनर्निर्माण के नाम पर सरकारी धन फिर खर्च किया जाएगा, जबकि मूल निर्माण की गुणवत्ता पर कभी गंभीरता से सवाल नहीं उठाए जाएंगे। यह मुद्दा केवल सड़क में आई दरारों तक सीमित नहीं है, बल्कि सार्वजनिक धन के उपयोग, निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही और सरकारी निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता से भी जुड़ा है। जनता यह जानना चाहती है कि इस सड़क के निर्माण में कितनी लागत आई, निर्माण किस ठेकेदार द्वारा कराया गया और कार्य की गुणवत्ता की जांच किन अधिकारियों ने की थी। यदि सड़क समय से पहले क्षतिग्रस्त हो रही है, तो उसकी जवाबदेही भी तय की जानी चाहिए। ऐसे में, पूरे निर्माण कार्य की एक स्वतंत्र और उच्च स्तरीय तकनीकी जांच की आवश्यकता है। सड़क की गुणवत्ता, उपयोग की गई सामग्री, निर्माण प्रक्रिया और भुगतान से संबंधित सभी पहलुओं की निष्पक्ष समीक्षा होनी चाहिए, और यदि किसी स्तर पर लापरवाही, मानकों की अनदेखी या वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, अभियंताओं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। यह केवल एक सड़क का नहीं, बल्कि जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये का सवाल है।1
- जबलपुर के कटंगी बाइपास पर स्थित होटल सुकून में हुए एक बड़े विवाद ने पूरे शहर में चर्चा छेड़ दी है। मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में एक "बड़ा खुलासा" हुआ है, जहाँ कमरे का दरवाज़ा खुलते ही ज़ोरदार "बवाल" मच गया। इस पूरे घटनाक्रम में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई की है। बताया गया है कि होटल में कुछ लोग बिना किसी एंट्री के ठहरे हुए थे, जो इस विवाद का कारण बना। पुलिस ने भी इस मामले की जांच शुरू कर दी है, और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर दी गई है।1