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मैनपुरी जिले के कुर्रा थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के दौरान फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना जनपद मैनपुरी के ग्राम रैपुरा, पोस्ट धरमंगदपुर की बताई जा रही है। इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मैनपुरी में दबंगों को किसी प्रशासन का खौफ नहीं है। वायरल वीडियो में जमीन पर कब्जा करने के विवाद के दौरान फायरिंग किए जाने का आरोप है। पत्रकार मोहित गुप्ता, संपादक जनपद मैनपुरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्थानीय प्रशासन और पुलिस से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि दबंगों के बढ़ते हौसले पर लगाम लगाई जा सके।
मोहित गुप्ता
मैनपुरी जिले के कुर्रा थाना क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ जमीन पर कब्जे को लेकर हुए विवाद के दौरान फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना जनपद मैनपुरी के ग्राम रैपुरा, पोस्ट धरमंगदपुर की बताई जा रही है। इस मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मैनपुरी में दबंगों को किसी प्रशासन का खौफ नहीं है। वायरल वीडियो में जमीन पर कब्जा करने के विवाद के दौरान फायरिंग किए जाने का आरोप है। पत्रकार मोहित गुप्ता, संपादक जनपद मैनपुरी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्थानीय प्रशासन और पुलिस से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि दबंगों के बढ़ते हौसले पर लगाम लगाई जा सके।
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- राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का शक्ति प्रदर्शन जारी है, जहाँ विरोध स्थल 'गोदी मीडिया चोर है' जैसे नारों से गूंज उठा। कॉकरोच जनता पार्टी, जिसमें AISF और अभिजीत दिपके भी शामिल हैं, अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रही है। इस प्रदर्शन के माध्यम से कार्यकर्ता संबंधित मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर रहे हैं। मौके पर बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद हैं और यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से जारी है।1
- एटा जनपद में माह के पहले शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिकायतकर्ताओं को बार-बार तहसीलों या जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, क्योंकि जनसंतुष्टि प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तहसील अलीगंज में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे संयुक्त रूप से मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच करें और शिकायतों का तथ्यपरक निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने लेखपालों और कानूनगो को लंबित मामलों को निर्धारित समय-सीमा से पहले निपटाने के लिए भी कहा। इसी क्रम में, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इला मारन ने पुलिस विभाग से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करते हुए क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता और जवाबदेही पर विशेष ध्यान दिया जाए, खासकर पारिवारिक विवादों को आपसी समझ और समन्वय से मौके पर ही सुलझाने का प्रयास किया जाए। इस समाधान दिवस के दौरान, तीनों तहसीलों से कुल 72 शिकायतें प्राप्त हुईं। तहसील अलीगंज में सर्वाधिक 41 शिकायतें मिलीं, जिनमें से 7 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। तहसील सदर में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) लालता प्रसाद शाक्य की अध्यक्षता में 20 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 3 का तत्काल समाधान किया गया। वहीं, तहसील जलेसर में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल ने 11 शिकायतें सुनीं और उनमें से 1 का मौके पर निस्तारण सुनिश्चित कराया।1
- मैनपुरी जिले के किशनी थाना क्षेत्र के फरैजी गाँव से एक गंभीर आरोप सामने आया है, जहाँ ग्रामीणों ने अपने प्रधान श्री रणवीर शाक्य पर उन्हें धमकाने और डराने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि प्रधान शाक्य ने उच्च जाति के लोगों के साथ मिलकर उन्हें चेतावनी दी है कि यदि वे ज्यादा कुछ बोलेंगे, तो उन्हें रास्ते से नहीं निकलने दिया जाएगा। इस मामले की शुरुआत गाँव की एक 20 साल पुरानी नाली को बंद करने से हुई थी, जिसके बाद एक नई नाली को दूसरे रास्ते से बनाने का प्रयास किया गया। जब ग्रामीणों ने इस कदम का विरोध करते हुए कहा-सुनी की, तो आरोप है कि नाली को तोड़कर मिट्टी से भर दिया गया, जिससे नाली के निर्माण का काम ठप पड़ गया।1
- एटा जिले के जलेसर नगर में फिरोजाबाद बस स्टैंड के निकट स्थित आराम सिंह यादव के आवास पर एक भव्य देवी जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें पूरी रात माता रानी के जयकारे गूंजते रहे और भक्तिमय माहौल छाया रहा। यह धार्मिक आयोजन सुख-शांति और समृद्धि की कामना को लेकर कराया गया था। इस जागरण में नितिन जागरण एंड पार्टी आगरा के कलाकारों ने अपने भजनों और आकर्षक झांकियों से समां बांध दिया। प्रीति शर्मा के लांगुरिया भजनों पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया, खासकर “बर्फी को मांगे पीस, लांगुरिया रूठो-रूठो डोले” भजन पर महिलाओं और युवाओं ने खूब उत्साह के साथ नृत्य किया। इसके अतिरिक्त, मधु यादव के भजनों ने भी उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया, और जागरण देर रात तक चलता रहा। इस पावन अवसर पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने मिलकर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया।2
- ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित किए जाने की मांग को लेकर निकली यात्रा का शनिवार को जसवंतनगर क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। मैनपुरी से होते हुए जसवंतनगर पहुँचे शंकराचार्य का काफिला इसके बाद सैफई और इटावा के लिए रवाना हुआ। क्षेत्र के शाहजहांपुर स्थित कल्पनानंद आश्रम में आयोजित स्वागत समारोह में श्रद्धालुओं और क्षेत्रीय लोगों की बड़ी संख्या मौजूद रही। आश्रम प्रबंधन समिति ने फूल-मालाओं से शंकराचार्य का सम्मान किया और उन्हें स्वामी कल्पनानंद महाराज का चित्र भेंट किया। इस अवसर पर कल्पनानंद महाविद्यालय के प्रबंधक मुकद्दम सिंह, निदेशक डॉ. प्रमोद यादव, पूर्व एमएलसी अरविंद यादव, प्रधानाचार्य आदित्य यादव, प्रो. रामनरेश, पूर्व विधायक राजू यादव, प्रो. शिवराज सिंह यादव, खन्ना यादव, नीरज यादव और सत्यराम यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य के एक शिष्य ने उपस्थित लोगों को अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संकल्प दिलाया और भविष्य में आपराधिक छवि वाले व्यक्तियों को वोट न देने की अपील की। उन्होंने गौ रक्षा के वादे के साथ सत्ता में आई सरकार से अपने वादों को पूरा करने और गौ संरक्षण पर दोहरी नीति न अपनाने का भी आग्रह किया। सभा में गौ संरक्षण, सामाजिक जागरूकता और जनहित से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई, जहाँ वक्ताओं ने गौ संवर्धन एवं संरक्षण को भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग का समर्थन किया। नगर पहुँचने पर समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने विधायक प्रतिनिधि अजेंद्र गौर के नेतृत्व में शंकराचार्य का फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा से स्वागत किया, जिसमें सांसद प्रतिनिधि हाजी शमीम, रघुवीर यादव, सुभाष गुप्ता, राशिद सिद्दीकी और सभासद फारूक मियां जैसे कई लोग शामिल थे। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने धर्म, गौ संरक्षण और समसामयिक विषयों पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि गौमाता की रक्षा का अभियान उनके अंतःकरण की आवाज है और इस पर बोलना उनका कर्तव्य है। उन्होंने यह भी बताया कि गौमाता की रक्षा, सनातन मूल्यों के संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के लिए उनका अभियान निरंतर जारी रहेगा। इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समर्थक और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे।1
- ज्योतिषपीठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 'गविष्टि यात्रा' शनिवार को इटावा पहुंची। गोरखपुर से प्रारंभ हुई इस 81 दिवसीय यात्रा के इटावा आगमन पर सनातन प्रेमियों, गौरक्षा कार्यकर्ताओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा उनका भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें विशेष उत्साह देखने को मिला। मुख्य कार्यक्रम में पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए गौ संरक्षण, गौ संवर्धन और सनातन संस्कृति के संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने समाज से गौ सेवा और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन श्रद्धालुओं के आभार और गौ संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा एक बड़ा प्रदर्शन किया गया है, जिसमें 'अब चुप नहीं बैठेंगे!' का उद्घोष करते हुए जवाबदेही की मांग उठाई गई। इस प्रदर्शन का नेतृत्व अभिजीत दीपके कर रहे हैं, जो बाबासाहेब आंबेडकर की ऑटोबायोग्राफी वाली किताब का प्रदर्शन करके खुद को आंबेडकरवादी साबित करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे एक अच्छी बात बताया गया है। हालांकि, इस संदर्भ में यह भी स्पष्ट किया गया है कि बाबासाहेब अंबेडकर को मानने वाला हर व्यक्ति आंबेडकरवादी नहीं हो सकता। अभिजीत दीपके को चुनौती दी गई है कि यदि उनमें दम है तो वे बाबासाहेब अंबेडकर की 22 प्रतिज्ञाएं दोहराएं। प्रदर्शनकारी 'कॉकरोच जनता पार्टी' से स्पष्ट मांग कर रहे हैं कि वह दलित, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग के लिए अपनी नीतियां, खासकर आरक्षण प्रतिनिधित्व पर, साफ करे। चेतावनी दी गई है कि जब तक पार्टी इन नीतियों को स्पष्ट नहीं करती, तब तक दलित, आदिवासी और पिछड़ा वर्ग को इससे दूर रहना चाहिए। अन्यथा, इस आंदोलन को केवल एक 'सुवर्ण आंदोलन' समझा जाएगा। इस बीच, जंतर मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में हैं, जहाँ कई यूजर्स मजाकिया अंदाज में यह कह रहे हैं कि मंच और पोस्टर भले ही साधारण हों, लेकिन प्रदर्शनकारियों का उत्साह और जोश बहुत अधिक है।1
- एटा पुलिस ने जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने चोरी की घटना में सामने आए एक अभियुक्त को चोरी की गई साइकिल और क्राकरी के सामान सहित गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक एटा के निकट पर्यवेक्षण में हुई। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने थाना कोतवाली नगर में पंजीकृत मु0अ0सं0-237/2026, धारा 305 एवं 317(2) बीएनएस में वांछित अभियुक्त विनय पुत्र विजय को कटरा मोहल्ला, थाना कोतवाली नगर, जनपद एटा से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से चोरी की गई साइकिल और क्राकरी का सामान बरामद किया है। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। एटा पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ लगातार की जा रही प्रभावी कार्रवाई से जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनी हुई है।1
- एटा और जलेसर के बीच अवैध खनन का सिलसिला लगातार जारी है, जिसके गंभीर आरोप लगाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तमाम वीडियो साक्ष्य और जीपीएस छायाचित्रों के वायरल होने व अधिकारियों को दिखाए जाने के बावजूद प्रशासन की आँखों पर कथित तौर पर काला पर्दा पड़ा हुआ है। इस स्थिति का कारण 'रिश्वत रूपी काला पर्दा' बताया गया है, जिसके चलते अवैध मिट्टी खुदाई पर कठोर कार्यवाही नहीं की जाती, बल्कि कई बार संबंधित अधिकारी फोन भी बंद कर लेते हैं। खनन माफिया पर कार्रवाई न होने को लेकर प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठ रहे हैं। जनपद मुखिया को जब साक्ष्य के रूप में जीपीएस छायाचित्र और वीडियो दिखाए जाते हैं, तो उन्हें 'जांच होगी' का घिसा-पिटा उत्तर देकर टाल दिया जाता है। यहां तक कि पर्यावरण दिवस पर जिलाधिकारी से इस संबंध में पूछे जाने पर उन्होंने भी नजर चुराते हुए केवल जांच कर कार्यवाही करने का आश्वासन ही दिया। रिपोर्ट में तीखे लहजे में सवाल उठाया गया है कि क्या यह प्रशासन की मूक सहमति है, और व्यंग्यपूर्ण तरीके से कहा गया है कि यदि ऐसा है तो प्रशासन सीधे अवैध खनन को अनुमति देकर उसे वैध क्यों नहीं करार देता ताकि पत्रकारों के सवालों से बचा जा सके। भू-खनन माफिया और कलमकारों के बीच खिंची इस लकीर के मिटने का भविष्य समय ही बताएगा। हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि प्रशासन की 'कुम्भकर्णीय नींद' को जगाने का प्रयास जारी रहेगा और जब तक कलम में स्याही रहेगी, कलम इस मुद्दे पर लिखती रहेगी।1