Shuru
Apke Nagar Ki App…
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मानसून ने धमाकेदार दस्तक दी है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई, जिससे इलाके में मानसूनी गतिविधियों का जोरदार आगाज हुआ।
Raigarh Chhattisgarh
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मानसून ने धमाकेदार दस्तक दी है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई, जिससे इलाके में मानसूनी गतिविधियों का जोरदार आगाज हुआ।
More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
- रायगढ़ जिले में गति शक्ति समिति की द्वितीय बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को पोर्टल के उपयोग के संबंध में प्रशिक्षण प्रदान करना था।1
- छत्तीसगढ़ के कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम खर्वे में विगत चार महीनों में हुई 08 लगातार मौतों का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। इन हत्याओं का जिम्मेदार गांव का ही निवासी 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल निकला, जिसे पुलिस ने 'साइको किलर' बताया है। आरोपी ने बदला लेने, मानसिक कुंठा और छोटी-छोटी पुरानी रंजिशों के चलते अपने ही परिचितों को शराब में 'सुहागा' (जहर) मिलाकर मारा। यह मामला तब सामने आया जब 06 जून 2026 को ग्राम खर्वे के ग्रामीणों ने कसडोल एसडीओपी को फरवरी से मई माह के बीच 08 लोगों की संदेहास्पद मौतों की शिकायत दर्ज कराई और गांव के ही व्यक्ति रामसहाय जायसवाल पर शक जताया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल प्रारंभिक जांच शुरू की और 07 मृतकों के शवों का उत्खनन कराकर पोस्टमार्टम के लिए रायपुर स्थित मेडिकोलिगल संस्थान रवाना किया। एक मृतक बुधराम जायसवाल का परिजनों द्वारा दाह संस्कार कर दिया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी ने हत्या करने से पहले चूहा मारने की दवा (सुहागा) से अपना पहला निशाना एक कुत्ते को बनाया और सफल परीक्षण के बाद ग्रामवासियों पर निशाना साधा। किसी को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद मृतकों को अस्पताल ले जाने और उनके कफन-दफन में शामिल होता था, तथा प्रारंभ में उसने पुलिस को गुमराह करने का भी प्रयास किया। पुलिस की गहन पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अंततः अभियुक्त रामसहाय ने अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि उसने पुरानी रंजिश, छोटी शिकायतों, गाली-गलौज, चारित्रिक संदेह और टोना-टोटका के चलते इन हत्याओं को अंजाम दिया। उसने 06 फरवरी 2026 को बद्री को, 20 फरवरी 2026 को बुठालू को, 12 मार्च 2026 को छत्तु राम को, और 20 मार्च 2026 को बुधराम को इसी तरीके से जहर मिलाकर शराब पिलाई। इसके बाद, 31 मार्च 2026 को विनोद कुमार, 28 अप्रैल 2026 को गजानंद, 29 अप्रैल 2026 को चैतूराम और 14 मई 2026 को महेतरू राम की भी हत्या इसी 'सुहागा' युक्त शराब से की गई। हर बार हत्या के पीछे अलग-अलग व्यक्तिगत रंजिशें और कुंठाएं थीं, जैसे कि गाली-गलौज, पुरानी चुनावी दुश्मनी, पत्नी पर बुरी नीयत, जमीन का विवाद, ₹50,000 के कर्ज से छुटकारा, और बैगा-गुनिया का संदेह। इसके अलावा, 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक को भी इसी तरह जहरीली शराब दी गई थी, जिसे पीने से उसकी तबियत खराब होने पर परिजनों द्वारा उपचारार्थ भर्ती कराया गया था। इन घटनाओं के आधार पर कसडोल थाने में अभियुक्त रामसहाय जायसवाल के विरुद्ध 08 हत्या और 01 हत्या के प्रयास का प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है। रायपुर आईजी श्री अमरेश मिश्रा के लगातार दिशा-निर्देशन और एसपी श्री ओ.पी. शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक सिंह, तथा एसडीओपी कसडोल श्री कौशल किशोर वासनिक के कुशल नेतृत्व में निरीक्षक प्रवीण मिंज और सायबर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रणाली वैद्य की प्रमुख भूमिका रही। पुलिस टीम ने उत्कृष्ट दक्षता, सूझबूझ और संयम का परिचय देते हुए प्रदेश के इस बहुचर्चित 08 व्यक्तियों की सुनियोजित हत्या और हत्या के प्रयास के जटिल अपराध को सफलतापूर्वक सुलझाने में सफलता प्राप्त की है।1
- कोरबा जिले के जनपद पंचायत करतला के अंतर्गत आने वाली दमखाचा पंचायत में स्ट्रीट लाइट से संबंधित भारी फर्जीवाड़े और गड़बड़ी के आरोप लगे हैं।1
- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मानसून ने धमाकेदार दस्तक दी है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ जमकर बारिश हुई, जिससे इलाके में मानसूनी गतिविधियों का जोरदार आगाज हुआ।1
- रायगढ़ के धरमजयगढ़ में पुलिस ने अपनी पत्नी की हत्या के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति श्यामलाल मंझवार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी श्यामलाल मंझवार (24 वर्ष), पिता स्वर्गीय रातूराम मंझवार, ग्राम बाँसजोर, थाना धरमजयगढ़ का निवासी है। यह मामला तब सामने आया जब थाना चक्रधरनगर से मृतिका मेहतरीन बाई मंझवार की मर्ग डायरी जांच के लिए थाना धरमजयगढ़ को प्राप्त हुई। थाना प्रभारी निरीक्षक राजेश जांगड़े ने असल मर्ग क्रमांक 81/2026 धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मृतिका के माता-पिता, सास, पार्षद और अन्य गवाहों के बयान लिए गए तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट का अवलोकन किया गया। जांच में पता चला कि 17 जून 2026 की सुबह लगभग 7:30 बजे आरोपी श्यामलाल मंझवार और उसकी पत्नी मेहतरीन बाई के बीच इलाज के लिए पैसे मांगने को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद के दौरान पत्नी ने डंडे से पति की पीठ पर वार किया, जिससे आक्रोशित होकर पति ने घर में रखी लोहे की हथौड़ी से पत्नी के सिर पर कई बार हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मेहतरीन बाई को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में भर्ती कराया गया, जहाँ 20 जून 2026 की शाम लगभग 6:30 बजे उनकी मृत्यु हो गई। मर्ग जांच में हत्या की पुष्टि होने के बाद थाना धरमजयगढ़ में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 168/2026 धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। पुलिस ने तत्काल आरोपी श्यामलाल मंझवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर वारदात में प्रयुक्त बेट लगा लोहे का हथौड़ा भी बरामद किया गया। पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई में एसएसपी शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन और एडिशनल एसपी अनिल सोनी तथा एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्दांत तिवारी के मार्गदर्शन पर थाना प्रभारी धरमजयगढ़ निरीक्षक राजेश जांगड़े, एएसआई मंजु मिश्रा, प्रधान आरक्षक गंगाराम भगत और अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।2
- यह पूरी घटना कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र की है, जहाँ एक पति ने अपनी पत्नी को हाथ-मुक्कों और डंडों से पीट-पीटकर मार डाला।1
- जशपुर जिले के ग्राम पंचायत बालाझार में एक बड़ा जमीन घोटाला सामने आया है, जहाँ एक परिवार ने कथित तौर पर सिर्फ एक एकड़ जमीन बेचने का वादा किया था, लेकिन रजिस्ट्री कागजात में 1.77 एकड़ जमीन दर्ज कर दी गई। इससे पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, क्योंकि उन्हें लगता है कि 0.77 एकड़ जमीन मुफ्त में हथिया ली गई है। इस 'महाघोटाले' को देखकर 'जादूगर' पटवारियों और रजिस्ट्री बाबुओं के 'काला जादू' की बात कही जा रही है, और इसका प्रमाण '10114233650.jpg' में छपी खबर को बताया जा रहा है, जो यह दर्शाता है कि अनपढ़ होने का फायदा उठाकर दस्तावेजों में हेरफेर किया गया है। इस घटना को 'प्रशासनिक गणित' की विफलता और 'डिजिटल इंडिया' के पारदर्शिता के दावों पर 'तमाचा' बताया गया है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या रजिस्ट्री विभाग में कोई जांच-पड़ताल नहीं होती और क्या पटवारी, तहसीलदार तथा रजिस्ट्री बाबू ऐसे 'जादुई' सौदों के दौरान सिर्फ 'मूकदर्शक' बने रहते हैं, या उनकी भी इसमें कोई 'हिस्सेदारी' है। यह मामला सिर्फ जमीन के हेरफेर तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवार ने कुछ अन्य गंभीर आरोप भी लगाए हैं। इन आरोपों में एक नाबालिग बेटी को धमकी देना, अदालत में विचाराधीन मामले के बावजूद घर तोड़ने के लिए जेसीबी का इस्तेमाल करना, और 2 लाख रुपये का चेक बाउंस होना शामिल है, जिसे 'धोखाधड़ी' का खुला मामला बताया गया है। इस पूरे प्रकरण को कुछ लोग 'विवादित' कह सकते हैं, लेकिन जब पूरी प्रशासनिक मशीनरी की सांठगांठ नजर आती है, तो यह एक 'सुनियोजित' साजिश अधिक लगती है। पुलिस ने इस मामले की जांच की है और डायल 112 ने भी हस्तक्षेप किया, लेकिन केवल 'थाने बुलाने' या 'सक्षम न्यायालय' जाने की सलाह एक बेघर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। जनता अब मुख्यमंत्री से इस मामले का संज्ञान लेने और उन 'जादूगर' बाबुओं और पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग कर रही है, जिन्होंने इस 'एनालॉग' घोटाले को अंजाम दिया है। यह सवाल उठाया गया है कि क्या यह मामला भी एक और 'व्यंग्यात्मक' कहानी बनकर रह जाएगा, या यह सुनिश्चित किया जाएगा कि 'अशिक्षा' को 'लूटने का लाइसेंस' न समझा जाए।2