रायपुर (ब्यावर) हाई टेंशन लाइन से फसल नष्ट होने पर आहत किसान ने की आत्महत्या, मुआवजे की मांग को लेकर धरना सेंदड़ा थाना क्षेत्र के बूटीवास ग्राम पंचायत के रामावास में नाका का बाड़ियां निवासी रामसिंह रावत के खेत में खड़ी फसल को नष्ट करके हाई टेंशन लाइन निकालने और फसल नष्ट का मुआवजा नहीं मिलने से परेशान और आहत होकर किसान ने बीती रात्रि में खेत में आत्महत्या कर ली । सुबह जब घटना का पता चला तो गांव में सनसनी फैल गई । उसके बाद घटना स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई और पुलिस को सूचना दी गई । सूचना के बाद सेंदड़ा और बर थाना पुलिस मौके पर पहुंची । लेकिन ग्रामीणों के द्वारा मुआवजे की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया और मुआवजे की मांग को लेकर गांव में शव रखकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए । इस दौरान समाजसेवी एडवोकेट रोहित गुर्जर सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे हुए है । जानकारी अनुसार मृतक किसान के पाँच छोटे-छोटे बच्चे हैं । परिवार में कमाने वाला मृतक किसान रामसिंह रावत ही था। जिससे अब परिवार पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा है । वही घटना से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, उचित मुआवजा और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
रायपुर (ब्यावर) हाई टेंशन लाइन से फसल नष्ट होने पर आहत किसान ने की आत्महत्या, मुआवजे की मांग को लेकर धरना सेंदड़ा थाना क्षेत्र के बूटीवास ग्राम पंचायत के रामावास में नाका का बाड़ियां निवासी रामसिंह रावत के खेत में खड़ी फसल को नष्ट करके हाई टेंशन लाइन निकालने और फसल नष्ट का मुआवजा नहीं मिलने से परेशान और आहत होकर किसान ने बीती रात्रि में खेत में आत्महत्या कर ली । सुबह जब घटना का पता चला तो गांव में सनसनी फैल गई । उसके बाद घटना स्थल पर ग्रामीणों की भीड़ लग गई और पुलिस को सूचना दी गई । सूचना के बाद सेंदड़ा और बर थाना पुलिस मौके पर पहुंची । लेकिन ग्रामीणों के द्वारा मुआवजे की मांग को लेकर शव उठाने से इनकार कर दिया और मुआवजे की मांग को लेकर गांव में शव रखकर ग्रामीण धरने पर बैठ गए । इस दौरान समाजसेवी एडवोकेट रोहित गुर्जर सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे हुए है । जानकारी अनुसार मृतक किसान के पाँच छोटे-छोटे बच्चे हैं । परिवार में कमाने वाला मृतक किसान रामसिंह रावत ही था। जिससे अब परिवार पर दुखो का पहाड़ टूट पड़ा है । वही घटना से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। पीड़ित परिवार ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई, उचित मुआवजा और बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
- रायपुर (ब्यावर) झाला की चौकी में रोडवेज बसों का ठहराव शुरू, क्षेत्रवासियों को मिलने लगी बड़ी राहत झाला की चौकी में रोडवेज बसों का ठहराव विधिवत रूप से शुरू हो गया है। ब्यावर डिपो प्रबंधक की उपस्थिति में बसों का ठहराव कराया गया। इस फैसले से क्षेत्र के यात्रियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और ग्रामीणों को अब परेशानी से निजात मिलेगी । वही ग्राम के चौराहे पर रोडवेज बसों के ठहराव होने से ग्रामीणों में खुशी देखने को मिली । गौरतलब रहे कि झाला की चौकी ग्राम नेशनल हाईवे किनारे स्थित है । लेकिन रोडवेज बसों का ठहराव नहीं था। इस गंभीर समस्या से ग्रामीण लंबे समय से परेशान थे और इस गंभीर समस्या को लेकर कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत को ग्रामीणों ने बीते दिनों ज्ञापन सौंप कर रोडवेज बसों के ठहराव और स्थाई बस स्टैंड की मांग की गई थी । जिसके बाद कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने रोडवेज बसों के ठहराव को लेकर कार्रवाई करने का ग्रामीणों को पूरा भरोसा दिलाया था । जिसके बाद झाला की चौकी ग्राम में हाइवे चौराहे पर रोडवेज बसों के ठहराव के आदेश जारी हुए और अब ग्राम में रोडवेज बसों के ठहराव होने से ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत का आभार जताया।1
- हाई टेंशन लाइन से फसल नष्ट, आहत किसान ने की आत्महत्या — पाँच मासूम बच्चों का भविष्य अधर में ग्राम पंचायत बूटीवास के ग्राम रामावास में एक निजी कंपनी द्वारा तानाशाही तरीके से हाई टेंशन लाइन निकाले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस प्रक्रिया में किसान रामसिंह (बुद्धा सिंह) रावत की खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट कर दी गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इस अन्याय और आर्थिक आघात से मानसिक रूप से टूट चुके किसान रामसिंह रावत (उम्र 37 वर्ष) ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया। वे अपने पीछे पाँच छोटे–छोटे मासूम बच्चों को छोड़कर सदा के लिए इस दुनिया से विदा हो गए। यह घटना न केवल अत्यंत दुःखद बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संबंधित निजी कंपनी की गैर-जिम्मेदार कार्यशैली को भी उजागर करती है। बिना उचित सहमति, मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था के किसानों की फसल को नुकसान पहुँचाना सीधे तौर पर उनके जीवन और आजीविका से खिलवाड़ है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, दोषी अधिकारियों व कंपनी पर सख्त कार्रवाई, तथा मृतक किसान के पाँचों बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग उठाई जा रही है। इस अन्याय के खिलाफ हर संभव कानूनी और सामाजिक संघर्ष किया जाएगा।1
- आदरणीय यह वीडियो एवं संलग्न फोटो हमारे गांव की सड़क की वास्तविक और वर्तमान स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। गांव – मोहराई तहसील – जैतारण जिला – ब्यावर (राजस्थान) पिन कोड – 306303 सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा सड़क स्थल पर लगाए गए बोर्ड के अनुसार: • सड़क लंबाई – 12 किलोमीटर • स्वीकृत बजट राशि – ₹ 870 लाख • कार्यादेश राशि – ₹ 771 लाख • कार्य अवधि – 06-02-2025 से 05-01-2026 परंतु ज़मीनी हकीकत यह है कि यह सड़क पहले से ही अत्यंत जर्जर अवस्था में है और भारी बजरी डंपरों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बोर्ड पर दर्शाए गए लाखों रुपये के बजट व कार्य अवधि और मौके पर मौजूद सड़क की वास्तविक स्थिति में स्पष्ट, गंभीर और चिंताजनक अंतर दिखाई देता है। यह विषय केवल एक सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव की जनता की सुरक्षा, आवागमन और जनविश्वास से सीधे जुड़ा हुआ है। निवेदन है कि कृपया इस मामले का संज्ञान लेकर उचित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु वरिष्ठ नेतृत्व एवं संबंधित विभाग तक यह विषय पहुँचाने का कष्ट करें।1
- डेगाना (नागौर), 4 फरवरी 2026। सांजू तहसीलदार और डेगाना के एक वकील के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर डेगाना बार संघ के नेतृत्व में वकीलों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।1
- Ajmer news1
- राजस्थान अजमेर जिले की रनर सोफिया सूफी ने एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है।1
- नसीराबाद तहसील की शर्मनाक तस्वीर, गंदगी और बदबू में दम तोड़ती स्वच्छता व्यवस्था स्वच्छता की उड़ रही धज्जियां, बदहाली पर रो रहा शौचालय1
- रायपुर (ब्यावर) ग्राम उत्थान शिविर लांबिया का संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने किया निरीक्षण राज्य सरकार के GRAM-2026 अभियान के अंतर्गत जैतारण उपखंड के लांबिया में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आमजन की समस्याओं का तत्काल, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त राठौड़ ने कहा कि ग्राम उत्थान शिविरों का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे गांव और खेत तक पहुंचाना है । ताकि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी बिना किसी बाधा के योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर प्रशासन को जनता के और अधिक निकट लाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में मिलने वाले लाभों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि ग्राम उत्थान शिविर दो चरणों में नजदीकी गिरदावर सर्किल स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं । जिससे कोई भी पात्र लाभार्थी पीछे न छूटे। शिविरों का समय प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक निर्धारित है। द्वितीय चरण का आयोजन 5 से 9 फरवरी तक किया जाएगा। शिविरों में मौके पर मिल रही हैं ये सुविधाएं ग्राम उत्थान शिविरों में किसानों को ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिस्टम एवं सोलर पंप जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी एवं डेमो उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पशुपालकों को पशु बीमा, निःशुल्क टीकाकरण एवं डेयरी योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे दिया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीजों का वितरण किया जा रहा है तथा विभिन्न योजनाओं के लंबित आवेदनों का मौके पर ही पंजीकरण कर लाभ से जोड़ा जा रहा है। इस अवसर पर एसीईओ गोपाल लाल, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।1