अगर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर वाकई गंभीर है, तो संसद में चर्चा से क्यों बच रहा है?विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। छत्तीसगढ़ राज्य न्यूज़ | Shuru App रिपोर्टर: दिनेश पटेल नई दिल्ली | राष्ट्रीय --- हेडलाइन: पेपर लीक पर विपक्ष की मंशा पर सवाल सरकार बोली "चर्चा के लिए तैयार", तो फिर संसद में बहस से क्यों परहेज? सब-हेडलाइन: सभी राज्यों के मुद्दे आएंगे सामने, जवाबदेही सिर्फ एक की नहीं होगी --- न्यूज़ : नई दिल्ली। देशभर में परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को लेकर चल रही राजनीति के बीच अब एक अहम सवाल उठ रहा है - अगर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर वाकई गंभीर है, तो संसद में चर्चा से क्यों बच रहा है? सरकार का पक्ष: "हम चर्चा के लिए तैयार" केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में खुली बहस के लिए तैयार है। सरकार का मानना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस विषय पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए और ठोस समाधान निकाले जाने चाहिए। फिर विपक्ष क्यों नहीं ले रहा हिस्सा? इसी बीच विपक्ष द्वारा सदन में इस मुद्दे पर चर्चा में हिस्सा न लेने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। यदि संसद में इस पर बहस होती है तो सिर्फ एक सरकार की नहीं, बल्कि सभी राज्यों और सभी दलों की जवाबदेही पर बात होगी। ऐसे में चर्चा से परहेज करना विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। छात्रों के हित में खुली बहस जरूरी शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों का मानना है कि पेपर लीक एक राष्ट्रीय समस्या है और इसका समाधान तभी संभव है जब सभी पक्ष मिलकर संसद के पटल पर इस पर चर्चा करें। सरकार द्वारा चर्चा का प्रस्ताव रखे जाने के बाद भी विपक्ष का इस मुद्दे से दूरी बनाना इस बात का संकेत है कि वो समाधान से ज्यादा राजनीति करना चाहता है। अब देखना होगा कि विपक्ष छात्रों के हित को सर्वोपरि रखते हुए सदन में इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा में शामिल होता है या नहीं।
अगर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर वाकई गंभीर है, तो संसद में चर्चा से क्यों बच रहा है?विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। छत्तीसगढ़ राज्य न्यूज़ | Shuru App रिपोर्टर: दिनेश पटेल नई दिल्ली | राष्ट्रीय --- हेडलाइन: पेपर लीक पर विपक्ष की मंशा पर सवाल सरकार बोली "चर्चा के लिए तैयार", तो फिर संसद में बहस से क्यों परहेज? सब-हेडलाइन: सभी राज्यों के मुद्दे आएंगे सामने, जवाबदेही सिर्फ एक की नहीं होगी --- न्यूज़ : नई दिल्ली। देशभर में परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को लेकर चल रही राजनीति के बीच अब एक अहम सवाल उठ रहा है - अगर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर वाकई गंभीर है, तो संसद में चर्चा से क्यों बच रहा है? सरकार का पक्ष: "हम चर्चा के लिए तैयार" केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में खुली बहस के लिए तैयार है। सरकार का मानना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस विषय पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए और ठोस समाधान निकाले जाने चाहिए। फिर विपक्ष क्यों नहीं ले रहा हिस्सा? इसी बीच विपक्ष द्वारा सदन में इस मुद्दे पर चर्चा में हिस्सा न लेने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। यदि संसद में इस पर बहस होती है तो सिर्फ एक सरकार की नहीं, बल्कि सभी राज्यों और सभी दलों की जवाबदेही पर बात होगी। ऐसे में चर्चा से परहेज करना विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। छात्रों के हित में खुली बहस जरूरी शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों का मानना है कि पेपर लीक एक राष्ट्रीय समस्या है और इसका समाधान तभी संभव है जब सभी पक्ष मिलकर संसद के पटल पर इस पर चर्चा करें। सरकार द्वारा चर्चा का प्रस्ताव रखे जाने के बाद भी विपक्ष का इस मुद्दे से दूरी बनाना इस बात का संकेत है कि वो समाधान से ज्यादा राजनीति करना चाहता है। अब देखना होगा कि विपक्ष छात्रों के हित को सर्वोपरि रखते हुए सदन में इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा में शामिल होता है या नहीं।
- अगर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर वाकई गंभीर है, तो संसद में चर्चा से क्यों बच रहा है?विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। छत्तीसगढ़ राज्य न्यूज़ | Shuru App रिपोर्टर: दिनेश पटेल नई दिल्ली | राष्ट्रीय --- हेडलाइन: पेपर लीक पर विपक्ष की मंशा पर सवाल सरकार बोली "चर्चा के लिए तैयार", तो फिर संसद में बहस से क्यों परहेज? सब-हेडलाइन: सभी राज्यों के मुद्दे आएंगे सामने, जवाबदेही सिर्फ एक की नहीं होगी --- न्यूज़ : नई दिल्ली। देशभर में परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को लेकर चल रही राजनीति के बीच अब एक अहम सवाल उठ रहा है - अगर विपक्ष इस मुद्दे को लेकर वाकई गंभीर है, तो संसद में चर्चा से क्यों बच रहा है? सरकार का पक्ष: "हम चर्चा के लिए तैयार" केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में खुली बहस के लिए तैयार है। सरकार का मानना है कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस विषय पर सदन में विस्तार से चर्चा होनी चाहिए और ठोस समाधान निकाले जाने चाहिए। फिर विपक्ष क्यों नहीं ले रहा हिस्सा? इसी बीच विपक्ष द्वारा सदन में इस मुद्दे पर चर्चा में हिस्सा न लेने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के अलग-अलग राज्यों में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। यदि संसद में इस पर बहस होती है तो सिर्फ एक सरकार की नहीं, बल्कि सभी राज्यों और सभी दलों की जवाबदेही पर बात होगी। ऐसे में चर्चा से परहेज करना विपक्ष की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। छात्रों के हित में खुली बहस जरूरी शिक्षा विशेषज्ञों और अभिभावकों का मानना है कि पेपर लीक एक राष्ट्रीय समस्या है और इसका समाधान तभी संभव है जब सभी पक्ष मिलकर संसद के पटल पर इस पर चर्चा करें। सरकार द्वारा चर्चा का प्रस्ताव रखे जाने के बाद भी विपक्ष का इस मुद्दे से दूरी बनाना इस बात का संकेत है कि वो समाधान से ज्यादा राजनीति करना चाहता है। अब देखना होगा कि विपक्ष छात्रों के हित को सर्वोपरि रखते हुए सदन में इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा में शामिल होता है या नहीं।1
- उद्घाटन से पहले ही टूटी रायपुर-विशाखापट्टनम सड़क, नालियां धंसी भ्रष्टाचार का नया नमूना बना रायपुर विशाखापत्तनम रोड नवापारा राजिम।रायपुर से विशाखापट्टनम तक बन रही सड़क परियोजना एक बार फिर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की वजह से सुर्खियों में है। इस रोड का उद्घाटन तक नहीं हुआ, लेकिन जगह-जगह सड़क उखड़ गई है और बड़ी-बड़ी दरारें नजर आ रही हैं। सड़क के दोनों ओर बनी नालियां भी जगह-जगह धंसकर गिर चुकी हैं। यह वही बहुचर्चित परियोजना है जिसमें पहले भी गड़बड़ी को लेकर कई अधिकारी निलंबित हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बनी सड़क कागजों में ही मजबूत दिख रही है, जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट है। बारिश शुरू होते ही सड़क की पोल खुल गई और निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणो आरोप है कि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से घटिया सामग्री लगाई गई है। कुछ लोगों ने कहा कि उद्घाटन से पहले ही टूट गई, तो 5 साल कैसे चलेगी? अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि शासन इस मामले में संबंधित कंपनी ठेकेदार और अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करता है। क्या गुणवत्ता सुधारने के लिए रोड को फिर से बनाया जाएगा या यह भी फाइलों में ही दफन हो जाएगी। जनता को अब ठोस जवाब और जवाबदेही चाहिए।1
- खैरागढ़ थाना क्षेत्र में चार साल से फरार स्थायी वारंटी गिरफ्तार, न्यायालय में किया गया पेश, 28 जुलाई जुलाई को दोपहर 3 बजे मिली जानकारी अनुसार जिला पुलिस केसीजी द्वारा फरार आरोपियों एवं स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत खैरागढ़ पुलिस को सफलता मिली है। पुलिस ने चोरी के मामले में चार वर्षों से फरार चल रहे स्थायी वारंटी संतोष मार्कण्डेय पिता अमरु दास, निवासी ग्राम खम्हरिया, को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध प्रकरण क्रमांक 174/2021 में न्यायालय द्वारा स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। न्यायालय में लगातार अनुपस्थित रहने के कारण आरोपी फरार चल रहा था। मुखबिर से मिली सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश कर उसे गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विधिवत न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई। जिला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी फरार आरोपी या स्थायी वारंटी की जानकारी मिलने पर तत्काल नजदीकी थाना अथवा पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित करें। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान लगातार1
- "खैरागढ़–राजनांदगांव स्टेट हाईवे पर सफर मतलब आफत! जगह-जगह बने गड्ढों से लोग परेशान" खैरागढ़: खैरागढ़–राजनांदगांव स्टेट हाईवे की बदहाल स्थिति राहगीरों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण वाहन चालकों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जल्द सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग की है ताकि दुर्घटनाओं की आशंका कम हो सके।1
- महादेव घाट के पास अज्ञात युवक की लाश मिलने से सनसनी महादेव घाट क्षेत्र में लक्ष्मण घुले के पास एक अज्ञात युवक की मिली लाश रायपुर। महादेव घाट क्षेत्र में लक्ष्मण घुले के पास एक अज्ञात युवक की लाश मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है तथा युवक की पहचान और मौत के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।1