अनूपपुर पुलिस महिला सुरक्षा के प्रति सजगता दिखाते हुए त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब के निर्देश पर जिले के सभी थाना प्रभारियों को महिला संबंधी घटनाओं में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में, कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने छेड़छाड़ के एक आरोपी को गिरफ्तार कर एक त्वरित और प्रभावी ऑपरेशन को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब दिनांक 23 जून 2026 को कोतवाली अनूपपुर में एक 27 वर्षीय महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि शाम करीब 04:00 से 05:00 बजे के बीच, जब वह अपने घर पर अकेली थी, आरोपी नीरज यादव (लगभग 22 वर्षीय, पिता: प्रहलाद यादव, निवासी ग्राम औढेरा, अनूपपुर) उसके घर पहुंचा। आरोपी ने महिला के साथ अश्लील हरकत तथा छेड़छाड़ का प्रयास किया, जिसके बाद महिला के विरोध करने और आवाज़ लगाने पर वह मौके से भाग गया। महिला की शिकायत पर, थाने में अपराध क्रमांक 380/26 दर्ज करते हुए, भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(va) के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद जैन के नेतृत्व में उपनिरिक्षक सरिता लकड़ा, प्रधान आरक्षक विनय बैस, प्रधान आरक्षक शिवशंकर प्रजापति और चालक प्रधान आरक्षक खेमराज सिंह की एक टीम ने तत्काल जांच कर आरोपी नीरज यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की आवश्यक प्रक्रियाएं जारी हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही एक महिला संबंधी प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है।
अनूपपुर पुलिस महिला सुरक्षा के प्रति सजगता दिखाते हुए त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है। पुलिस अधीक्षक श्री विक्रांत मुराब के निर्देश पर जिले के सभी थाना प्रभारियों को महिला संबंधी घटनाओं में संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है। इसी क्रम में, कोतवाली अनूपपुर पुलिस ने छेड़छाड़ के एक आरोपी को गिरफ्तार कर एक त्वरित और प्रभावी ऑपरेशन को अंजाम दिया है। यह कार्रवाई तब हुई जब दिनांक 23 जून 2026 को कोतवाली अनूपपुर में एक 27 वर्षीय महिला ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि शाम करीब 04:00 से 05:00 बजे के बीच, जब वह अपने घर पर अकेली थी, आरोपी नीरज यादव (लगभग 22 वर्षीय, पिता: प्रहलाद यादव, निवासी ग्राम औढेरा, अनूपपुर) उसके घर पहुंचा। आरोपी ने महिला के साथ अश्लील हरकत तथा छेड़छाड़ का प्रयास किया,
जिसके बाद महिला के विरोध करने और आवाज़ लगाने पर वह मौके से भाग गया। महिला की शिकायत पर, थाने में अपराध क्रमांक 380/26 दर्ज करते हुए, भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(2)(va) के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए, थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद जैन के नेतृत्व में उपनिरिक्षक सरिता लकड़ा, प्रधान आरक्षक विनय बैस, प्रधान आरक्षक शिवशंकर प्रजापति और चालक प्रधान आरक्षक खेमराज सिंह की एक टीम ने तत्काल जांच कर आरोपी नीरज यादव को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की आवश्यक प्रक्रियाएं जारी हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही एक महिला संबंधी प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है।
- रात्रि पहर उमरिया के इमामबाड़ा में उमरिया वाले बाबा हुजूर की तशरीफ आमद हुई, जहाँ उन्होंने अकीदतमंदों को अपनी दुआओं से नवाजा और उनकी खुशहाली की कामना की। बाबा हुजूर की सवारी इमामबाड़ा से निकलकर, जियारत करने के बाद, भारी जन सैलाब के साथ रवाना हुई। उनकी सवारी शहर के रमपुरी और मोहनपुरी स्थित अखाड़ों में जियारत करने के बाद जामा मस्जिद पहुँची, जहाँ बाबा हुजूर ने जियारत की। बाबा हुजूर के चाहने वालों ने उनका दीदार कर मन ही मन अपने और अपने परिवार की खुशहाली के लिए दुआएं कीं। जगह-जगह अपनी नजरे इनायत करते हुए, बाबा हुजूर ने उमरिया के बखरी और खलेशर स्थित विभिन्न अखाड़ा चौकों और ताबूतों की जियारत की, साथ ही साथ चल रहे अकीदतमंदों के हक में भी दुआएं कीं। उन्होंने नगर के सभी अखाड़ा चौक और ताबूतों में जियारत की एवं अकीदतमंदों को अपनी दुआओं से नवाजा। इसके बाद बाबा हुजूर की सवारी कैम्प अखाड़ा पहुँची, जहाँ उन्होंने अपनी तकरीर में लोगों को खुदा की इबादत कर सबसे पहले नेक इंसान बनने की सीख दी और नफरत करने वालों को ताकीद किया। कैम्प अखाड़े से वे मस्जिद कैम्प गए और वहाँ के लोगों को अपने फैज से नेक राह पर चलने की दुआएं दीं। अंत में, बाबा हुजूर ने इमामबाड़ा जाकर कयाम किया और सभी इमामबाड़ा के खादिमों को हिदायतें देकर सजदा किया। इस पूरी यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन का कार्य सराहनीय रहा, जिसने रामपुरी, मोहनपुरी, बखरी, खलेसर और कैंप मोहल्ला में गस्त की सवारी के साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।2
- जनहानि की एक घटना से जुड़ी और सिवनी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास लगातार विचरण कर रही एक मादा बाघ शावक को सिवनी से सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाया गया था। इस शावक को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मगधी रेंज के बहेरहा बाड़े में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया है। यह बाघ शावक सिवनी के दक्षिण वन मंडल क्षेत्र में लंबे समय से गांवों के आसपास देखी जा रही थी, जिससे जनसुरक्षा पर खतरा था। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर उसे पिंजरे में सुरक्षित पकड़ा था। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में शावक को सिवनी से बांधवगढ़ लाया गया था। शावक को बाड़े में छोड़े जाने के दौरान उपसंचालक, सहायक संचालक मगधी, वन परिक्षेत्र अधिकारी मगधी, वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य वनकर्मी मौजूद थे। रिलीज़ के बाद क्षेत्र संचालक ने शावक का निरीक्षण किया, जिसमें उसकी स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई। वह बाड़े में सहज रूप से घूमती और वातावरण के अनुरूप खुद को ढालती दिखाई दी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल की जाएगी और उसकी गतिविधियों व स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में, उपयुक्त समय आने पर उसे पुनः वन क्षेत्र में मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रयास मानव-वन्यप्राणी संघर्ष में शामिल, अनाथ या घायल बाघों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के चल रहे कार्यों का हिस्सा है, जिसे वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- सूरजपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहाँ एक व्यक्ति ने थाने के भीतर किसी मामले को लेकर वीडियो बनाने की कोशिश की। इस दौरान, एक पुलिसकर्मी ने कथित तौर पर उस व्यक्ति का मोबाइल फोन जबरदस्ती छीन लिया और उसमें रिकॉर्ड किया गया वीडियो डिलीट कर दिया। इस घटना के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि आखिर पुलिस किसी व्यक्ति को वीडियो बनाने से कैसे रोक सकती है।1
- छत्तीसगढ़ के कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोरिया जिले का दौरा किया है।1
- आज अहमदाबाद से मिली ताजा खबर के अनुसार, शहर में एक डिवाइडर आम लोगों के लिए खतरे का सबब बन गया है। यह डिवाइडर जनता के लिए परेशानी और जोखिम बढ़ा रहा है। रिपोर्टिंग के लिए संपर्क नंबर 9424257566 दिया गया है।1
- अनूपपुर जिले में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय मास्टर वॉलिंटियर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम जिला पंचायत सभागार में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को नशामुक्त बनाने के प्रयासों को गति देना था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत की सीईओ श्रीमती अर्चना कुमारी ने नशा मुक्ति के लिए सघन प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल शासकीय उत्तरदायित्व नहीं है, बल्कि सर्व समाज के लोगों को भी इसमें शामिल कर सार्थक प्रयास किए जाने चाहिए ताकि नशा ग्रस्त लोगों को नया जीवन मिल सके। श्रीमती कुमारी ने निचले स्तर तक नशा मुक्ति के प्रयासों, नशा मुक्त केंद्रों और सहायता केंद्रों के नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश जल एवं भूमि प्रबंध संस्थान (वाल्मी) भोपाल के मास्टर ट्रेनर ने नशा छोड़ने के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र के लिए टोल फ्री नंबर 14446 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, नशे से संबंधित सामग्री बेचने वालों की जानकारी एनसीबी हेल्पलाइन नंबर 1933 पर दी जा सकती है, और खुशी हेल्पलाइन 14416 का उपयोग कर नशा मुक्त समाज की स्थापना में सहयोग देने की अपेक्षा की गई। ट्रेनर ने वॉलिंटियर्स तथा उपस्थित विभिन्न विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों को नशा से संबंधित अनेक मुद्दों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। यह प्रशिक्षण नशा मुक्त भारत अभियान के मास्टर वॉलिंटियर्स को समाज में नशा मुक्ति के संदेश को प्रभावी ढंग से फैलाने और लोगों को जागरूक करने के लिए तैयार करने हेतु दिया गया था।1
- अनूपपुर के बिजुरी थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए बाइक की डिग्गी से ₹50,000 की चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय शातिर आरोपी ओमप्रकाश सिसोदिया उर्फ बच्चा कंजर को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना बिजुरी अस्पताल के पास हुई थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए ₹47,500 नकद और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की है। पूछताछ के दौरान, आरोपी ने बिजुरी के साथ-साथ थाना रामनगर क्षेत्र में भी इसी तरह की वारदातें करने की बात स्वीकार की है। ओमप्रकाश सिसोदिया के खिलाफ मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में चोरी, लूट, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के तहत 15 से अधिक मामले दर्ज हैं। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी विकास सिंह और उनकी टीम की भूमिका सराहनीय रही। अनूपपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अपने वाहनों में नगदी, कीमती सामान और जरूरी दस्तावेज असुरक्षित न छोड़ें, तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।2
- उमरिया जिले के पुराना पड़ाव क्षेत्र की निवासी उषा चौधरी प्रधानमंत्री आवास योजना और भूमि का लाभ पाने के लिए पिछले कई वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। बार-बार आवेदन करने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका, जिससे उन्हें लगातार निराशा ही हाथ लगी। अपनी इसी पीड़ा को लेकर मंगलवार को उषा चौधरी कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचीं और अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखी। उषा चौधरी ने कलेक्टर को बताया कि उनके पास रहने के लिए स्थायी आवास नहीं है और भूमि संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने कलेक्टर से भूमि उपलब्ध कराने और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। अपनी बात के समर्थन में उन्होंने जनसुनवाई के दौरान संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मामले की जांच करें और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। अब उषा चौधरी को उम्मीद है कि प्रशासन से उन्हें न्याय और राहत मिल सकेगी।2
- लखनऊ के एक अस्पताल में हुए अग्निकांड में जेलिन चक्रवर्ती नामक एक युवा की दम घुटने से हुई दर्दनाक मौत पूरे सिस्टम के लिए एक गंभीर चेतावनी है। यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि सीधे तौर पर सिस्टम की लापरवाही का परिणाम बताई गई है, जिसने व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या हम ऐसी घटनाओं से वाकई सबक सीख रहे हैं। कई जिलों में प्रशासन द्वारा अस्पतालों, कोचिंग संस्थानों, होटलों और अन्य व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी की जांच के लिए छापेमारी की जा रही है, और नियमों का पालन न करने वाले कई प्रतिष्ठानों को सील भी किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि केवल कार्रवाई कर देना पर्याप्त नहीं है। जरूरी यह है कि भवन निर्माण से लेकर उसके संचालन तक अग्नि सुरक्षा के सभी नियमों का कड़ाई से पालन हो। संकरी सीढ़ियाँ, आपातकालीन निकास का अभाव, अग्निशमन उपकरणों की कमी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है। हर हादसे के बाद जांच और कार्रवाई तो होती है, लेकिन असली सफलता तब मानी जाएगी जब ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति ही न हो। एक युवा की जान जाने के बाद अब कम से कम उसकी कुर्बानी से व्यवस्था और समाज दोनों को गंभीरता से सीख लेनी चाहिए।1