उमरिया जिले के पुराना पड़ाव क्षेत्र की निवासी उषा चौधरी प्रधानमंत्री आवास योजना और भूमि का लाभ पाने के लिए पिछले कई वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। बार-बार आवेदन करने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका, जिससे उन्हें लगातार निराशा ही हाथ लगी। अपनी इसी पीड़ा को लेकर मंगलवार को उषा चौधरी कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचीं और अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखी। उषा चौधरी ने कलेक्टर को बताया कि उनके पास रहने के लिए स्थायी आवास नहीं है और भूमि संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने कलेक्टर से भूमि उपलब्ध कराने और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। अपनी बात के समर्थन में उन्होंने जनसुनवाई के दौरान संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मामले की जांच करें और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। अब उषा चौधरी को उम्मीद है कि प्रशासन से उन्हें न्याय और राहत मिल सकेगी।
उमरिया जिले के पुराना पड़ाव क्षेत्र की निवासी उषा चौधरी प्रधानमंत्री आवास योजना और भूमि का लाभ पाने के लिए पिछले कई वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। बार-बार आवेदन करने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका, जिससे उन्हें लगातार निराशा ही हाथ लगी। अपनी इसी पीड़ा को लेकर मंगलवार को उषा चौधरी कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचीं और अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखी। उषा चौधरी ने कलेक्टर को बताया कि उनके पास रहने के लिए
स्थायी आवास नहीं है और भूमि संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने कलेक्टर से भूमि उपलब्ध कराने और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। अपनी बात के समर्थन में उन्होंने जनसुनवाई के दौरान संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मामले की जांच करें और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। अब उषा चौधरी को उम्मीद है कि प्रशासन से उन्हें न्याय और राहत मिल सकेगी।
- रात्रि पहर उमरिया के इमामबाड़ा में उमरिया वाले बाबा हुजूर की तशरीफ आमद हुई, जहाँ उन्होंने अकीदतमंदों को अपनी दुआओं से नवाजा और उनकी खुशहाली की कामना की। बाबा हुजूर की सवारी इमामबाड़ा से निकलकर, जियारत करने के बाद, भारी जन सैलाब के साथ रवाना हुई। उनकी सवारी शहर के रमपुरी और मोहनपुरी स्थित अखाड़ों में जियारत करने के बाद जामा मस्जिद पहुँची, जहाँ बाबा हुजूर ने जियारत की। बाबा हुजूर के चाहने वालों ने उनका दीदार कर मन ही मन अपने और अपने परिवार की खुशहाली के लिए दुआएं कीं। जगह-जगह अपनी नजरे इनायत करते हुए, बाबा हुजूर ने उमरिया के बखरी और खलेशर स्थित विभिन्न अखाड़ा चौकों और ताबूतों की जियारत की, साथ ही साथ चल रहे अकीदतमंदों के हक में भी दुआएं कीं। उन्होंने नगर के सभी अखाड़ा चौक और ताबूतों में जियारत की एवं अकीदतमंदों को अपनी दुआओं से नवाजा। इसके बाद बाबा हुजूर की सवारी कैम्प अखाड़ा पहुँची, जहाँ उन्होंने अपनी तकरीर में लोगों को खुदा की इबादत कर सबसे पहले नेक इंसान बनने की सीख दी और नफरत करने वालों को ताकीद किया। कैम्प अखाड़े से वे मस्जिद कैम्प गए और वहाँ के लोगों को अपने फैज से नेक राह पर चलने की दुआएं दीं। अंत में, बाबा हुजूर ने इमामबाड़ा जाकर कयाम किया और सभी इमामबाड़ा के खादिमों को हिदायतें देकर सजदा किया। इस पूरी यात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन का कार्य सराहनीय रहा, जिसने रामपुरी, मोहनपुरी, बखरी, खलेसर और कैंप मोहल्ला में गस्त की सवारी के साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।2
- जनहानि की एक घटना से जुड़ी और सिवनी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के आसपास लगातार विचरण कर रही एक मादा बाघ शावक को सिवनी से सुरक्षित रेस्क्यू करने के बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाया गया था। इस शावक को मंगलवार सुबह करीब 5 बजे मगधी रेंज के बहेरहा बाड़े में सफलतापूर्वक छोड़ दिया गया है। यह बाघ शावक सिवनी के दक्षिण वन मंडल क्षेत्र में लंबे समय से गांवों के आसपास देखी जा रही थी, जिससे जनसुरक्षा पर खतरा था। इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने एक विशेष अभियान चलाकर उसे पिंजरे में सुरक्षित पकड़ा था। वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारियों की निगरानी में शावक को सिवनी से बांधवगढ़ लाया गया था। शावक को बाड़े में छोड़े जाने के दौरान उपसंचालक, सहायक संचालक मगधी, वन परिक्षेत्र अधिकारी मगधी, वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी और अन्य वनकर्मी मौजूद थे। रिलीज़ के बाद क्षेत्र संचालक ने शावक का निरीक्षण किया, जिसमें उसकी स्थिति पूरी तरह सामान्य पाई गई। वह बाड़े में सहज रूप से घूमती और वातावरण के अनुरूप खुद को ढालती दिखाई दी। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शावक की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल की जाएगी और उसकी गतिविधियों व स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखी जाएगी। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में, उपयुक्त समय आने पर उसे पुनः वन क्षेत्र में मुक्त करने की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रयास मानव-वन्यप्राणी संघर्ष में शामिल, अनाथ या घायल बाघों के संरक्षण और पुनर्वास के लिए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के चल रहे कार्यों का हिस्सा है, जिसे वन्यजीव संरक्षण और मानव सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।1
- उमरिया जिले की जनपद पंचायत करकेली की ग्राम पंचायत देवरा में शासकीय सड़क निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न की गई है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत देवरा के हरिजन मोहल्ला वार्ड क्रमांक 2 में पहले कभी सड़क नहीं थी और लोग खेतों की मेड़ से आवागमन करते थे। स्थानीय निवासियों द्वारा अपनी निजी भूमि शपथ पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराने के बाद, पंचायत ने 115 मीटर लंबी और 03 मीटर चौड़ी कंक्रीट सड़क के निर्माण को ₹4,18,000 की लागत से स्वीकृति दी थी। श्रमिकों द्वारा लगभग ₹60,000 का कार्य कराते हुए जैसे ही मिट्टी डालकर सड़क को आकार दिया गया, कुछ शपथ कर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कार्य को रुकवा दिया। इस पूरे मामले की शिकायत आज दर्ज कराई गई है।3
- लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड हादसे में दिवंगत हुए जयनिल का शव उनके पैतृक घर भालूमाड़ा पहुंच गया है। इस दुखद अवसर पर सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे और सभी ने नम आंखों से जयनिल को अंतिम विदाई दी।1
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बड़वारा क्षेत्र में रेत माफिया धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। आरोप है कि स्थानीय प्रशासन इस गंभीर समस्या की ओर किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं दे रहा है, जिसके चलते रेत माफिया की गतिविधियां बिना किसी रोक-टोक के जारी हैं।1
- कटनी जिले के विजयराघवगढ़ में पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक कटनी अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और एसडीओपी वीरेन्द्र धार्वे के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई, जिससे अवैध कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। विजयराघवगढ़ थाना प्रभारी अभिषेक चौबे के नेतृत्व में पुलिस टीम 21 जून 2026 को गश्त पर थी, जब उन्होंने नदीपार पानी टंकी के पास विजयराघवगढ़ रोड पर एक लाल रंग के महिंद्रा ट्रैक्टर को अवैध रूप से रेत का परिवहन करते हुए पकड़ा। जांच के दौरान, ट्रैक्टर के चालक दिनेश केवट (20 वर्ष), निवासी ग्राम गुड़ेहा, रेत परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बिना नंबर के इस ट्रैक्टर-ट्रॉली को धारा 106 बीएनएसएस के तहत जब्त कर लिया। चालक के विरुद्ध खनिज अधिनियम की धारा 4/21 के तहत इस्तगासा क्रमांक 19/26 कायम किया गया है और प्रकरण को अग्रिम कार्रवाई के लिए खनिज शाखा कटनी भेज दिया गया है। विजयराघवगढ़ पुलिस ने साफ कर दिया है कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ उनका अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून तोड़ने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी अभिषेक चौबे, उप निरीक्षक संतोष कुमार स्वामी, प्रधान आरक्षक मुकेश परस्ते और स्वतंत्र साक्षियों की अहम भूमिका रही है।1
- उमरिया जिले के पुराना पड़ाव क्षेत्र की निवासी उषा चौधरी प्रधानमंत्री आवास योजना और भूमि का लाभ पाने के लिए पिछले कई वर्षों से सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही हैं। बार-बार आवेदन करने और अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो सका, जिससे उन्हें लगातार निराशा ही हाथ लगी। अपनी इसी पीड़ा को लेकर मंगलवार को उषा चौधरी कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचीं और अपनी समस्या प्रशासन के सामने रखी। उषा चौधरी ने कलेक्टर को बताया कि उनके पास रहने के लिए स्थायी आवास नहीं है और भूमि संबंधी समस्याओं के कारण उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। उन्होंने कलेक्टर से भूमि उपलब्ध कराने और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की। अपनी बात के समर्थन में उन्होंने जनसुनवाई के दौरान संबंधित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मामले की जांच करें और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। अब उषा चौधरी को उम्मीद है कि प्रशासन से उन्हें न्याय और राहत मिल सकेगी।2
- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, जहां लाइव वीडियो में मौत का मंजर साफ दिखाई दिया। सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर प्रसारित हुए इन दृश्यों में इमारत से आग की लपटें और काला घना धुआँ उठता देखा गया। जान बचाने की कोशिश में कई छात्र-छात्राएं खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से बाहर निकलने का प्रयास करते रहे, जबकि कुछ को अपनी जान बचाने के लिए इमारत से कूदना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेज़ी से फैली कि भवन के अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिल सका। इस भीषण हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश युवा छात्र बताए जा रहे हैं, वहीं कई अन्य घायल भी हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुँचीं और घंटों तक जुटी रहीं। प्रारंभिक जांच में भवन में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकास की कमी जैसे गंभीर सवाल सामने आए हैं, जिसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज कर उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।1