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बेतिया में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए एक घाट को लेकर स्थानीय लोग खासे नाखुश हैं। बताया गया है कि यह घाट अब उनके लिए एक खतरे की घंटी बन गया है, जिससे लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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बेतिया में लाखों रुपये की लागत से बनाए गए एक घाट को लेकर स्थानीय लोग खासे नाखुश हैं। बताया गया है कि यह घाट अब उनके लिए एक खतरे की घंटी बन गया है, जिससे लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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- सनातन धर्म में 108 की संख्या को विशेष महत्व दिया जाता है। इस विषय की विस्तृत जानकारी और इसके धार्मिक आधार को समझने के लिए पूरा वीडियो देखा जा सकता है।1
- पूर्वी चंपारण में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के लिए टेंट लगाने की अनुमति मांगी गई है। संबंधित व्यक्ति ने पुलिस अधिकारियों से निवेदन किया है कि छात्रों को बारिश से सुरक्षित रखने के लिए उन्हें टेंट लगाने की इजाजत दी जाए।1
- पूर्वी चंपारण जिले में जमाखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है, जहाँ अवैध रूप से रखी गई भारी मात्रा में यूरिया और डीएपी खाद बरामद की गई है। बताया गया है कि कुल 65 बोरी यूरिया और डीएपी खाद जब्त की गई, जिसे कथित तौर पर जमाखोरी के उद्देश्य से संग्रहित किया गया था।1
- पूर्वी चम्पारण के घोड़ासहन प्रखंड स्थित महदेवा में चल रहा पुल निर्माण कार्य भ्रष्टाचार और घोर अनियमितताओं की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही गिट्टी, बालू, सरिया और सीमेंट की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की है, जिससे भविष्य में बड़े हादसों का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। ठेकेदार द्वारा सरकारी एस्टीमेट और तकनीकी गाइडलाइंस को पूरी तरह नजरअंदाज कर मनमाने ढंग से काम किया जा रहा है, जबकि कार्यस्थल पर तकनीकी टीम या जिम्मेदार इंजीनियरों की उपस्थिति न के बराबर है। इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी है। जिम्मेदार पदाधिकारी इस अनियमितता पर आंखें मूंदे बैठे हैं और स्थानीय ग्रामीण भी इस मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं। जनता के टैक्स के पैसे की इस खुली बर्बादी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें यह मुख्य है कि आखिर किसकी शह पर इतना घटिया निर्माण हो रहा है और क्या विभाग किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रहा है? जिला प्रशासन और संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की गई है कि इस मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर महदेवा पुल निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही, दोषी ठेकेदार और संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि इस निर्माण को जनता के लिए आफत का सबब बनने से रोका जा सके।1
- पश्चिमी चंपारण के सुगौली विधानसभा क्षेत्र स्थित लालपारसा गांव में सिकरहना नदी पर निर्माणाधीन बांध को लेकर सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बांध के निर्माण से क्षेत्र में बाढ़ की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और इससे स्थानीय किसानों को भी काफी लाभ होगा। इस परियोजना की जमीनी हकीकत समझने के लिए ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें स्थानीय लोगों की राय के साथ-साथ सांसद का विस्तृत बयान भी शामिल है। यह बांध अब क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है, जिससे इलाके में बाढ़ के खतरे को कम करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।1
- पश्चिमी चंपारण के बेतिया में संत जेवियर स्कूल के सामने की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिसके चलते वहां हर समय जलजमाव की समस्या बनी रहती है। इस स्थिति से स्थानीय लोग खासे परेशान हैं और उनका कहना है कि यह बदहाली राहगीरों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। सड़कों की इस बदतर हालत को लेकर लोगों ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है। यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- पटना के दीघा पुल, पाटलिपुत्र और मरीन ड्राइव इलाके में हर रोज हजारों की संख्या में लोग आते-जाते हैं, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। मरीन ड्राइव को पटना का सबसे खूबसूरत क्षेत्र माना जाता है, फिर भी यहां कई कमियां हैं जो पर्यटकों और आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई हैं। इन इलाकों में स्वच्छता और सुविधाओं की कमी इस कदर है कि लोगों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। व्यवस्था की इस बदहाली पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा गया है कि यहां महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के नाम पर भी कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। स्थानीय लोगों और पर्यटकों की सुविधा से जुड़ी इन समस्याओं को लेकर लोग बेहद नाराज हैं और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहते हैं।1
- पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में संपत्ति के लालच में एक बेटी ने अपनी मां की जान ले ली। हत्या की इस खौफनाक साजिश में बेटी के साथ उसका ताऊ और चचेरा भाई भी शामिल थे। आरोपी बेटी ने इस वारदात को अंजाम देने से पहले घर में तंत्र-मंत्र का सहारा लिया था। पूरी योजना संपत्ति को हथियाने के उद्देश्य से बनाई गई थी, जिसके तहत मां को रास्ते से हटाने का फैसला किया गया।1