राजस्थान में जल संकट से निपटने के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल सामने आई है। स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर और जल संरक्षण के प्रबल समर्थक के.के. गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए सुझावात्मक पत्र पर राजस्थान सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। इसके परिणामस्वरूप, राजस्थान नदी बेसिन एवं जल संसाधन योजना प्राधिकरण ने जल संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में गांवों के पुराने तालाबों का पुनर्जीवन, जल आवक मार्गों से अतिक्रमण हटाना, तालाबों की सफाई, जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखना और शहरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रभावी बनाना शामिल है। के.के. गुप्ता ने अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान डूंगरपुर नगर परिषद में बावड़ियों, कुओं और तालाबों का जीर्णोद्धार किया था, जिससे प्रतिदिन लगभग 8 लाख लीटर अतिरिक्त पानी उपलब्ध हुआ। इसके साथ ही, 100 सरकारी भवनों और 500 घरों को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप भू-जल स्तर में करीब 20 फीट की बढ़ोतरी हुई और पानी की गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया। इस मॉडल की सराहना तत्कालीन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में भी की थी, इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बताया था। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चल रहे ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत डूंगरपुर जिले में 100 तालाबों का जीर्णोद्धार भी किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल को पूरे राजस्थान में लागू किया गया तो आने वाले वर्षों में जल संकट पर बड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि 'जल है तो कल है' के संकल्प के साथ राजस्थान अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
राजस्थान में जल संकट से निपटने के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल सामने आई है। स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर और जल संरक्षण के प्रबल समर्थक के.के. गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए सुझावात्मक पत्र पर राजस्थान सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। इसके परिणामस्वरूप, राजस्थान नदी बेसिन एवं जल संसाधन योजना प्राधिकरण ने जल संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में गांवों के पुराने तालाबों का पुनर्जीवन, जल आवक मार्गों से अतिक्रमण हटाना, तालाबों की सफाई, जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखना और शहरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रभावी बनाना शामिल है। के.के. गुप्ता ने अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान डूंगरपुर नगर परिषद में बावड़ियों, कुओं और तालाबों का जीर्णोद्धार किया था, जिससे प्रतिदिन लगभग 8 लाख लीटर अतिरिक्त पानी उपलब्ध हुआ। इसके साथ ही, 100 सरकारी भवनों और 500 घरों को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप भू-जल स्तर में करीब 20 फीट की बढ़ोतरी हुई और पानी की गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया। इस मॉडल की सराहना तत्कालीन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में भी की थी, इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बताया था। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चल रहे ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत डूंगरपुर जिले में 100 तालाबों का जीर्णोद्धार भी किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल को पूरे राजस्थान में लागू किया गया तो आने वाले वर्षों में जल संकट पर बड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि 'जल है तो कल है' के संकल्प के साथ राजस्थान अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।
- बगड़ न्यूज़ ने अपने मॉर्निंग अपडेट में झुंझुनूं और राजस्थान से जुड़ी सुबह की प्रमुख खबरें पेश कीं। इस अपडेट में क्षेत्र के ताजा घटनाक्रम, ब्रेकिंग न्यूज और हर महत्वपूर्ण जानकारी सबसे पहले शामिल है।1
- राजस्थान में जल संकट से निपटने के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल सामने आई है। स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसडर और जल संरक्षण के प्रबल समर्थक के.के. गुप्ता द्वारा मुख्यमंत्री को भेजे गए सुझावात्मक पत्र पर राजस्थान सरकार ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। इसके परिणामस्वरूप, राजस्थान नदी बेसिन एवं जल संसाधन योजना प्राधिकरण ने जल संरक्षण को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों में गांवों के पुराने तालाबों का पुनर्जीवन, जल आवक मार्गों से अतिक्रमण हटाना, तालाबों की सफाई, जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखना और शहरों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को प्रभावी बनाना शामिल है। के.के. गुप्ता ने अपने पूर्व कार्यकाल के दौरान डूंगरपुर नगर परिषद में बावड़ियों, कुओं और तालाबों का जीर्णोद्धार किया था, जिससे प्रतिदिन लगभग 8 लाख लीटर अतिरिक्त पानी उपलब्ध हुआ। इसके साथ ही, 100 सरकारी भवनों और 500 घरों को वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से जोड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप भू-जल स्तर में करीब 20 फीट की बढ़ोतरी हुई और पानी की गुणवत्ता में भी सुधार दर्ज किया गया। इस मॉडल की सराहना तत्कालीन केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने राज्यसभा में भी की थी, इसे पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बताया था। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में चल रहे ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ के तहत डूंगरपुर जिले में 100 तालाबों का जीर्णोद्धार भी किया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मॉडल को पूरे राजस्थान में लागू किया गया तो आने वाले वर्षों में जल संकट पर बड़ी राहत मिल सकती है, क्योंकि 'जल है तो कल है' के संकल्प के साथ राजस्थान अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।1
- मंगलवार रात को झुंझुनूं के बीडीके अस्पताल के पालनागृह में एक नवजात बालिका मिलने से अस्पताल परिसर में हलचल मच गई। कपड़े में लिपटी इस बच्ची की सिसकियां सुनकर चिकित्साकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना मिलते ही अस्पताल के पीएमओ और वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. जितेंद्र भाम्बू सहित अन्य चिकित्सा स्टाफ भी वहां पहुंचा। प्रारंभिक जांच में नवजात बालिका का वजन 1850 ग्राम पाया गया और उसका शारीरिक तापमान सामान्य से कम था। मिली जानकारी के अनुसार, बच्ची का जन्म लगभग 34 से 36 सप्ताह की गर्भावस्था के बाद हुआ प्रतीत हो रहा है। सांस लेने में तकलीफ होने के कारण नवजात को तत्काल सीपैप (CPAP) मशीन पर रखा गया और आवश्यक दवाओं के साथ उपचार शुरू किया गया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, फिलहाल बच्ची की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और चिकित्सा टीम उसे बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर रही है।1
- बिहार में भरत तिवारी की कथित हत्या की खबर सामने आई है। इस घटना को लेकर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, जिसमें इस बात पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है कि लोग किस पर विश्वास करेंगे, जब रक्षक ही भक्षक बन जाएं। यह जानकारी सूत्रों के हवाले से प्राप्त हुई है।1
- राजस्थान के झुंझुनू जिले की उदयपुरवाटी तहसील के गांव बागोरा स्थित ढाणी परसाला में एक उच्च स्वास्थ्य केंद्र के रास्ते पर अवैध अतिक्रमण हो गया है, जिसके कारण गर्भवती महिलाओं को हर महीने टीका लगवाने के लिए वहां तक पहुंचने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह रास्ता पूरी तरह से सरकारी है और किसी की निजी खातेदारी की जमीन में से एक इंच भी नहीं गुजरता। दस्तावेज़ों में भी यह रास्ता 'कटान का रास्ता' दर्ज है। अतिक्रमण के चलते रास्ते पर पानी भर गया है, जिससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है, और किसी भी वाहन का पहुंचना असंभव है। ग्रामीणों ने इस सरकारी रास्ते पर कब्जा कर रखा है और प्रशासन के बार-बार आने के बावजूद भी अतिक्रमण हटाने का नाम नहीं ले रहे हैं, उनका कहना है कि "यह रास्ता नहीं खुलेगा।" सरकार से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे आमजन की इस गंभीर परेशानी को समझते हुए जल्द से जल्द इस रास्ते से अतिक्रमण हटवाने की कृपा करें, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित हो सके।4
- हांसी के पुलिस अधीक्षक (SP) चानोत पानी से जुड़े एक मामले को लेकर भड़क उठे। इस दौरान उन्होंने सख्त लहजे में लोगों को हिदायत देते हुए कहा कि वे 'जुबान संभाल कर बात करें'।1
- राजस्थान के कांग्रेस पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का पारा बेहद गर्म हो गया, जिसके बाद उन्होंने भाजपा को सीधे तौर पर चुनौती दे दी। डोटासरा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि किसी को इतना भी नहीं छेड़ना चाहिए कि कहीं उनका बुढ़ापा ही खराब हो जाए।1
- बगड़ न्यूज़ ने 24 जून 2026 की सुबह की सुर्खियां और दिन की शीर्ष 7 खबरें प्रस्तुत कीं।1