पटना जंक्शन पर कछुआ तस्करी का भंडाफोड़, छापेमारी में पुलिस ने ट्रेन से 100 से अधिक जिंदा कछुए किए बरामद पटना: बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आई है, जहां पटना जंक्शन पर रेल पुलिस (GRP) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कछुआ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने ट्रेन से 100 से अधिक जिंदा कछुए बरामद किए। ये कछुए बोरियों में भरकर दूसरे राज्यों में भेजे जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह एक संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है। बरामद कछुओं की कीमत लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक आंकी जा रही है। बरामद सभी कछुओं को अब वन विभाग को सौंपा जाएगा, जहां उनका संरक्षण और पुनर्वास किया जाएगा। गौरतलब है कि कछुओं की कई प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित हैं, और उनकी तस्करी एक गंभीर अपराध है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पटना जंक्शन पर कछुआ तस्करी का भंडाफोड़, छापेमारी में पुलिस ने ट्रेन से 100 से अधिक जिंदा कछुए किए बरामद पटना: बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आई है, जहां पटना जंक्शन पर रेल पुलिस (GRP) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कछुआ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में पुलिस ने ट्रेन से 100 से अधिक जिंदा कछुए बरामद किए। ये कछुए बोरियों में भरकर दूसरे राज्यों में भेजे जा रहे थे। कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया, जबकि कुछ आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। पुलिस के मुताबिक, यह एक संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोह का हिस्सा हो सकता है। बरामद कछुओं की कीमत लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक आंकी जा रही है। बरामद सभी कछुओं को अब वन विभाग को सौंपा जाएगा, जहां उनका संरक्षण और पुनर्वास किया जाएगा। गौरतलब है कि कछुओं की कई प्रजातियां वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत संरक्षित हैं, और उनकी तस्करी एक गंभीर अपराध है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
- Post by Kishan Lal jangid1
- news Karta Shyam Lal Meena report Karta hua guys kabhi bhi khambon ke niche nahin khada rahana chahie kyunki agar bijali Ghar Gai to aap Kale pad sakte ho1
- जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में आज लोक संस्कृति के सबसे बड़े उत्सव गणगौर का पर्व पूरे उल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। गुलाबी नगरी के चप्पे-चप्पे पर लोकगीतों की गूंज और उत्सव का माहौल देखने को मिला। शहर में कार्यक्रमों की रही धूम त्योहार के अवसर पर जयपुर में जगह-जगह सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। सुहागिन महिलाओं और युवतियों ने विधि-विधान से ईसर-गणगौर की पूजा की और पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर लोक गीतों पर नृत्य किया। शहर के विभिन्न सामुदायिक केंद्रों और मोहल्लों में सुबह से ही उत्सव जैसा नजारा रहा। राजसी ठाठ-बाट के साथ निकली सवारी उत्सव का मुख्य आकर्षण सिटी पैलेस से निकलने वाली पारंपरिक शाही सवारी रही। इसे देखने के लिए शहरवासियों के साथ-साथ हजारों की संख्या में विदेशी पर्यटक भी उमड़ पड़े। जोरदार लवाजमा: सवारी में सजे-धजे हाथी, घोड़े, ऊंट और बैंड-बाजे शामिल थे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ: राजस्थान के कोने-कोने से आए लोक कलाकारों ने कच्छी घोड़ी, कालबेलिया और गैर नृत्य के जरिए समां बांध दिया। जनसैलाब: त्रिपोलिया गेट से शुरू होकर छोटी चौपड़ और गणगौरी बाजार तक सड़क के दोनों ओर लोगों का हुजूम ईसर-गणगौर की एक झलक पाने को बेताब नजर आया। प्रशासन द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। शाम होते-होते पूरा शहर गणगौर के रंग में रंगा नजर आया।2
- Post by Rakesh Kumar Swami1
- Post by Yogesh Kumar Gupta4
- नादौती उपखण्ड की ग्राम पंचायत रौंसी में रविवार सुबह किसान को खेत में जंगली बिल्ली के तीन बच्चे दिखाई दिए। शुरुआत में इन्हें तेंदुए के शावक समझा गया, लेकिन बाद में वन विभाग ने स्पष्ट किया कि ये जंगली बिल्ली के बच्चे हैं। यह घटना तब हुई जब किसान सुबह बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेने खेत पर गया था। इसी दौरान उसकी नजर खेत के बीच खेल रहे बच्चों पर पड़ी। उन्हें देखकर वह घबरा गया और तुरंत ग्रामीणों को फोन कर सूचना दी। किसान को खेत में बिल्ली के बच्चे मिले सूचना मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। मामले की जानकारी गुढ़ाचन्द्रजी पुलिस थाना और वन विभाग को दी गई। सूचना पर गुढ़ाचन्द्रजी पुलिस थाना से एएसआई प्रेम सिंह गुर्जर अपनी टीम के साथ पहुंचे। वहीं, गुढ़ाचन्द्रजी वन विभाग के फोरेस्टर राजेन्द्र सिरोइया भी टीम सहित घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। देखने के लिए लोगों की भीड़ लगी जांच के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की कि ये तेंदुए के शावक नहीं, बल्कि जंगली बिल्ली के बच्चे हैं। इस स्पष्टीकरण के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग के फोरेस्टर राजेन्द्र सिरोड्या ने ग्रामीणों को समझाइश देते हुए कहा कि बच्चों को वहीं रहने दिया जाए, ताकि उनकी मां आकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जा सके। हालांकि, बच्चों को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ लंबे समय तक खेत में जुटी रही। वन विभाग ने अपील की कि ऐसे वन्यजीवों से दूरी बनाए रखें और उन्हें किसी प्रकार की हानि न पहुंचाएं, ताकि उनका प्राकृतिक जीवन सुरक्षित रह सके।3
- सड़क पर स्टंटबाजी रीलबाजी करने वाले 70 वर्षीय बुजुर्ग हनुमान दास जी महाराज राजस्थान से वायरल है...! सोचिए...बाबा..साधू...महाराज भी इस गंभीर बीमारी से बच न सके..! इन्हें क्या पड़ी थी स्टंट करने की ... क्या कार्यवाही होनी चाहिए महाराज जी पर..?1
- Post by Kishan Lal jangid1
- जयपुर। राजस्थान की राजधानी और गुलाबी नगरी के नाम से प्रसिद्ध जयपुर में आज रमजान के पवित्र महीने के अंतिम शुक्रवार यानी 'अलविदा जुमे' की नमाज अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। शहर के प्रमुख व्यापारिक केंद्र जौहरी बाजार में हजारों की संख्या में मुस्लिम धर्मावलंबी एकत्रित हुए। इस वर्ष का रमजान विशेष रहा क्योंकि पूरे महीने में 5 जुमे पड़े, जिसे काफी शुभ माना जा रहा है। अलविदा जुमे के अवसर पर जयपुर की जामा मस्जिद और अन्य मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ देखी गई। सड़कों पर पढ़ी गई नमाज मस्जिदों के भीतर जगह कम पड़ने के कारण, हजारों लोगों ने सड़कों पर ही सफें (कतारें) बिछाकर नमाज अदा की। जौहरी बाजार और आसपास के इलाकों में नमाज के दौरान विशेष इंतजाम देखे गए ताकि यातायात और सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे। नमाजियों ने मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे के लिए दुआएं मांगी।1