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बिना आंधी पानी के 100 साल पुरानी पेड़ गिरने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बिना आंधी पानी के 100 साल पुरानी पेड़ गिरने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल पूजाहा पटजीरवा में बिना आंधी पानी के एक 100 साल पुरानी पेड़ गिरने से एक बुजुर्ग व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है
BN Chitranjan
बिना आंधी पानी के 100 साल पुरानी पेड़ गिरने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल बिना आंधी पानी के 100 साल पुरानी पेड़ गिरने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल पूजाहा पटजीरवा में बिना आंधी पानी के एक 100 साल पुरानी पेड़ गिरने से एक बुजुर्ग व्यक्ति गंभीर रूप से घायल है
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- बीते दो दिन पहले तेज आंधी में पेड़ गिरने से एक व्यक्ति कि मौत मासूम बच्चा घायल इस घटना ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया1
- नवनिर्मित सड़क बनी अवैध पार्किंग का अड्डा, राहगीरों की जान जोखिम में बेतिया के मीना बाजार से बड़ा रमना मुख्य द्वार की ओर जाने वाली नवनिर्मित सड़क इन दिनों राहगीरों के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। जिस सड़क का निर्माण सुगम आवागमन के लिए किया गया था, अब वह पूरी तरह से अवैध पार्किंग क्षेत्र में तब्दील हो चुकी है। सड़क के दोनों ओर बेतरतीब ढंग से खड़े वाहनों के कारण रास्ता बेहद संकरा हो गया है, जिससे पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को निकलने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। बाजार का मुख्य मार्ग होने के कारण यहाँ सुबह से शाम तक भारी भीड़ रहती है, ऐसे में सड़क पर खड़ी गाड़ियाँ किसी बड़ी दुर्घटना को दावत दे रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति न केवल यातायात को प्रभावित कर रही है, बल्कि आपातकालीन स्थिति में एम्बुलेंस या दमकल की गाड़ियों के लिए भी बाधा बन सकती है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि नगर प्रशासन इस पूरी अव्यवस्था से अवगत है, फिर भी अब तक अतिक्रमणकारियों और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की इस अनदेखी के कारण बाजार आने वाले लोगों में भारी रोष व्याप्त है और वे जल्द से जल्द इस सड़क को पार्किंग मुक्त करने की मांग कर रहे हैं।1
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- पश्चिम चंपारण के बेतिया स्थित बलिराम भवन के सभागार में अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर एक भव्य और विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां श्रमिक एकता, सम्मान और संघर्ष का सशक्त संदेश देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद वेदी पर माल्यार्पण के साथ हुई, जिसमें मजदूर आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीद मजदूरों और नेताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान पूरे सभागार में सम्मान और गर्व का वातावरण व्याप्त रहा। इसके बाद विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों को उनके समर्पण, जिम्मेदारी और श्रम के प्रति निष्ठा के लिए सम्मानित किया गया। फूलमाला और अंगवस्त्र देकर उन्हें मंच से सम्मानित किया गया, जिससे श्रमिकों का मनोबल और उत्साह बढ़ा। सम्मान पाने वालों में रिक्शा मजदूर सुभाष महतो, कृष्णा साह, गनेश राम, किरित चौधरी, जहुर मियाँ, नगीना प्रसाद, रसोईया नेत्री सुनिता देवी, सीमा देवी, रबेया खातून, खेत मजदूर सुबह मियाँ, पोलदार संघ के भूटकुन महतो, रसोईया संघ के नेता लालबाबु राम, रामाश्रय हजरा, शंभु नाथ मिश्र, खेत मजदूर नेता वीरन यादव और जिले के प्रसिद्ध कवि अरुण गोपाल शामिल रहे। इन सभी को सम्मानित कर यह संदेश दिया गया कि समाज के निर्माण में मजदूरों की भूमिका सबसे अहम है और उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण नन्दन सिंह ने की, जबकि एटक प्रभारी ओम प्रकाश क्रांति ने अपने संबोधन में मजदूर दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए वर्तमान समय में मजदूर संगठनों के सामने खड़ी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में श्रमिकों के अधिकारों पर कई तरह के दबाव बन रहे हैं और नए कानूनों के जरिए मजदूरों को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत जैसे देश में, जहां मजदूरों ने अपने संघर्ष और बलिदान से आजादी की नींव रखी है, वहां का मजदूर कभी भी कारपोरेट ताकतों या उनके समर्थक तंत्र के सामने झुकने वाला नहीं है। ओम प्रकाश क्रांति ने मजदूर संगठनों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए जुझारू संघर्ष करें और हर स्तर पर मजदूरों की आवाज को बुलंद करें। उन्होंने दिल्ली-एनसीआर में गिरफ्तार मजदूर नेताओं की रिहाई की मांग को भी जोरदार तरीके से उठाया और सरकार से श्रमिक संगठनों के साथ सम्मानजनक वार्ता करने की अपील की। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रमिक एकता, अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष का संकल्प दोहराया गया। यह आयोजन न सिर्फ मजदूर दिवस का उत्सव बना, बल्कि आने वाले समय में श्रमिक आंदोलन को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ, जहां हर मजदूर ने अपने हक के लिए लड़ने और समाज के नव निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।1
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