श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय दुधौला में आज जिला स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें खेल, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता व कानून विधायी राज्य मंत्री गौरव गौतम ने मुख्य अतिथि शिरकत की। जिला स्तरीय वन महोत्सव समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. दिनेश कुमार, उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर, जिला वन अधिकारी सुरेश कुमार पुनिया भी मौजूद थे। खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने 77वें वन महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन केवल पौधे लगाने का अवसर नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी आस्था, पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और आने वाली पीढय़िों के प्रति अपने दायित्व को पुन: स्मरण करने का दिन है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव हमें यह संदेश देता है कि यदि हमें समृद्ध, स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य चाहिए, तो हमें प्रकृति के साथ संतुलित संबंध स्थापित करना होगा। वर्ष 1950 में देश में पहले वन महोत्सव की शुरुआत की गई थी , उसके बाद हर राज्य अपने अपने स्तर पर विभिन्न थीम के साथ वन महोत्सव का कार्यक्रम मना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान की शुरुआत की है और आज हम उसके दूसरे चरण में हैं। यह अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान का अद्भुत उदाहरण है। हरियाणा में इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है , इसके लिए मैं हर हरियाणा वासी का आभारी हूँ। ऐसे अभियानों को सफल बनाकर ही हम सब हरियाणा को हरित प्रदेश बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, वायु प्रदूषण, जल संकट तथा जैव विविधता के क्षरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण, वन संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का सतत प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। यही कारण है कि हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को केवल एक विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मानसून ऋतु के दौरान हरियाणा में 1.40 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान वन विभाग के नेतृत्व में संचालित हो रहा है, जिसमें सभी सरकारी विभाग, पंचायत, नगर निकाय, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक प्रतिष्ठान, स्वयंसेवी संगठन, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं तथा आमजन सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। यह व्यापक जन सहभागिता इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल पौधा रोपण करना ही नहीं होना चाहिए , बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को बड़ा पेड़ बनाना लक्ष्य होना चाहिए। जिस प्रकार एक मां अपने बच्चे को 5-6 वर्ष की उम्र तक उसको खिला पिलाकर उसकी जड़ मजबूत करती है , उसी प्रकार हमें भी अपने द्वारा लगाए गए एक पौधे को 5-6 साल तक उसकी देखभाल करके पेड़ का रूप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने के लिए लगभग 48 हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी पद्धति के अंतर्गत सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है। यह मियावाकी पद्धति वृक्षारोपण की एक जापानी तकनीक है जिसे कम समय में घने देशी वन विकसित करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का दृष्टिकोण केवल नए पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। हम अपनी प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध हैं। इसी क्रम में पवित्र उपवनों के संरक्षण, जलवायु-अनुकूल देशी प्रजातियों को बढ़ाना तथा ज्यादा उम्र के पेड़ों के बचाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। देशी प्रजातियां हमारे वातावरण के अनुरूप होती हैं और जैव विविधता को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनका संरक्षण भविष्य की पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने पर्यावरणीय दृष्टि से 75 साल से अधिक उम्र के पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राण वायु देवता पेंशन योजना शुरू की है। इस योजना के में पुराने पेड़ों की देखभाल करने वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने जिला वासियों से आग्रह करते हुए कहा कि एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल का भी संकल्प लें।
श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय दुधौला में आज जिला स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें खेल, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता व कानून विधायी राज्य मंत्री गौरव गौतम ने मुख्य अतिथि शिरकत की। जिला स्तरीय वन महोत्सव समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. दिनेश कुमार, उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर, जिला वन अधिकारी सुरेश कुमार पुनिया भी मौजूद थे। खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने 77वें वन महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन केवल पौधे लगाने का अवसर नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी आस्था, पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और आने वाली पीढय़िों के प्रति अपने दायित्व को पुन: स्मरण करने का दिन है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव हमें यह संदेश देता है कि यदि हमें समृद्ध, स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य चाहिए, तो हमें प्रकृति के साथ संतुलित संबंध स्थापित करना होगा। वर्ष 1950 में देश में पहले वन महोत्सव की शुरुआत की गई थी , उसके बाद हर राज्य अपने अपने स्तर पर विभिन्न थीम के साथ वन महोत्सव का कार्यक्रम मना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान की शुरुआत की है और आज हम उसके दूसरे चरण में हैं। यह अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान का अद्भुत उदाहरण है। हरियाणा में इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है , इसके लिए मैं हर हरियाणा वासी का आभारी हूँ। ऐसे अभियानों को सफल बनाकर ही हम सब हरियाणा को हरित प्रदेश बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, वायु प्रदूषण, जल संकट तथा जैव विविधता के क्षरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण, वन संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का सतत प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। यही कारण है कि हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को केवल एक विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मानसून ऋतु के दौरान हरियाणा में 1.40 करोड़
पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान वन विभाग के नेतृत्व में संचालित हो रहा है, जिसमें सभी सरकारी विभाग, पंचायत, नगर निकाय, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक प्रतिष्ठान, स्वयंसेवी संगठन, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं तथा आमजन सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। यह व्यापक जन सहभागिता इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल पौधा रोपण करना ही नहीं होना चाहिए , बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को बड़ा पेड़ बनाना लक्ष्य होना चाहिए। जिस प्रकार एक मां अपने बच्चे को 5-6 वर्ष की उम्र तक उसको खिला पिलाकर उसकी जड़ मजबूत करती है , उसी प्रकार हमें भी अपने द्वारा लगाए गए एक पौधे को 5-6 साल तक उसकी देखभाल करके पेड़ का रूप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने के लिए लगभग 48 हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी पद्धति के अंतर्गत सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है। यह मियावाकी पद्धति वृक्षारोपण की एक जापानी तकनीक है जिसे कम समय में घने देशी वन विकसित करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का दृष्टिकोण केवल नए पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। हम अपनी प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध हैं। इसी क्रम में पवित्र उपवनों के संरक्षण, जलवायु-अनुकूल देशी प्रजातियों को बढ़ाना तथा ज्यादा उम्र के पेड़ों के बचाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। देशी प्रजातियां हमारे वातावरण के अनुरूप होती हैं और जैव विविधता को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनका संरक्षण भविष्य की पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने पर्यावरणीय दृष्टि से 75 साल से अधिक उम्र के पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राण वायु देवता पेंशन योजना शुरू की है। इस योजना के में पुराने पेड़ों की देखभाल करने वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने जिला वासियों से आग्रह करते हुए कहा कि एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल का भी संकल्प लें।
- श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय दुधौला में आज जिला स्तरीय वन महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें खेल, युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता व कानून विधायी राज्य मंत्री गौरव गौतम ने मुख्य अतिथि शिरकत की। जिला स्तरीय वन महोत्सव समारोह में भाजपा जिला अध्यक्ष विपिन बैंसला, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. दिनेश कुमार, उपायुक्त डॉ. जयेंद्र सिंह छिल्लर, जिला वन अधिकारी सुरेश कुमार पुनिया भी मौजूद थे। खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने 77वें वन महोत्सव की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन केवल पौधे लगाने का अवसर नहीं है, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी आस्था, पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और आने वाली पीढय़िों के प्रति अपने दायित्व को पुन: स्मरण करने का दिन है। उन्होंने कहा कि वन महोत्सव हमें यह संदेश देता है कि यदि हमें समृद्ध, स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य चाहिए, तो हमें प्रकृति के साथ संतुलित संबंध स्थापित करना होगा। वर्ष 1950 में देश में पहले वन महोत्सव की शुरुआत की गई थी , उसके बाद हर राज्य अपने अपने स्तर पर विभिन्न थीम के साथ वन महोत्सव का कार्यक्रम मना रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान की शुरुआत की है और आज हम उसके दूसरे चरण में हैं। यह अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति सम्मान का अद्भुत उदाहरण है। हरियाणा में इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है , इसके लिए मैं हर हरियाणा वासी का आभारी हूँ। ऐसे अभियानों को सफल बनाकर ही हम सब हरियाणा को हरित प्रदेश बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज विश्व जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान, वायु प्रदूषण, जल संकट तथा जैव विविधता के क्षरण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण, वन संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का सतत प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है। यही कारण है कि हरियाणा सरकार पर्यावरण संरक्षण को केवल एक विभागीय दायित्व नहीं, बल्कि जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मानसून ऋतु के दौरान हरियाणा में 1.40 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अभियान वन विभाग के नेतृत्व में संचालित हो रहा है, जिसमें सभी सरकारी विभाग, पंचायत, नगर निकाय, शैक्षणिक संस्थान, औद्योगिक प्रतिष्ठान, स्वयंसेवी संगठन, धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाएं तथा आमजन सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। यह व्यापक जन सहभागिता इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल पौधा रोपण करना ही नहीं होना चाहिए , बल्कि लगाए गए प्रत्येक पौधे को बड़ा पेड़ बनाना लक्ष्य होना चाहिए। जिस प्रकार एक मां अपने बच्चे को 5-6 वर्ष की उम्र तक उसको खिला पिलाकर उसकी जड़ मजबूत करती है , उसी प्रकार हमें भी अपने द्वारा लगाए गए एक पौधे को 5-6 साल तक उसकी देखभाल करके पेड़ का रूप देना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हरित आवरण बढ़ाने के लिए लगभग 48 हेक्टेयर क्षेत्र में मियावाकी पद्धति के अंतर्गत सघन वृक्षारोपण किया जा रहा है। यह मियावाकी पद्धति वृक्षारोपण की एक जापानी तकनीक है जिसे कम समय में घने देशी वन विकसित करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का दृष्टिकोण केवल नए पौधे लगाने तक सीमित नहीं है। हम अपनी प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध हैं। इसी क्रम में पवित्र उपवनों के संरक्षण, जलवायु-अनुकूल देशी प्रजातियों को बढ़ाना तथा ज्यादा उम्र के पेड़ों के बचाव पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। देशी प्रजातियां हमारे वातावरण के अनुरूप होती हैं और जैव विविधता को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इनका संरक्षण भविष्य की पर्यावरणीय सुरक्षा के लिए आवश्यक है। हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने पर्यावरणीय दृष्टि से 75 साल से अधिक उम्र के पेड़ों के संरक्षण के लिए प्राण वायु देवता पेंशन योजना शुरू की है। इस योजना के में पुराने पेड़ों की देखभाल करने वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उन्होंने जिला वासियों से आग्रह करते हुए कहा कि एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी देखभाल का भी संकल्प लें।2
- पलवल जिला उपायुक्त ने डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज में पौधारोपण कर मनाया वन उत्सव1
- "ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा" को लेकर नूंह पुलिस अलर्ट मोड पर -चप्पे-चप्पे पर रहेगी नूंह पुलिस की तैनाती, जमीन से लेकर आसमान तक रखी जाएगी पैनी नजर श्रावण मास के पहले सोमवार, 03 अगस्त को प्रस्तावित "ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा" को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए नूंह पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। यात्रा मार्ग से लेकर आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों तक सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया है। आधुनिक तकनीकों की सहायता से पूरे क्षेत्र की निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की आशंका को समय रहते रोका जा सके। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में नूंह पुलिस पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है। जिले में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है तथा यात्रा मार्ग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन कैमरों और अन्य तकनीकी संसाधनों के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि वीरवार को नूंह पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन के माध्यम से मैपिंग की गई। इस दौरान पलवल टी-पॉइंट, अड़बर चौक, जोगीपुर रोड, तिरंगा पार्क, खेड़ला मोड़, नल्हड़ मेडिकल कॉलेज मोड़ और नल्हरेश्वर मंदिर परिसर सहित अन्य स्थानों का गहन निरीक्षण किया गया। ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के साथ-साथ शरारती और असामाजिक तत्वों को यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि कानून व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। नूंह पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। नूंह पुलिस सुरक्षा, शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।1
- फरीदाबाद में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन, पंजाब के मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर जताया विरोध फरीदाबाद के बादशाह खान चौक पर नगर पालिका संघ हरियाणा के बैनर तले सफाई कर्मचारियों ने पंजाब के बरनाला में सफाई कर्मचारियों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में पंजाब के मुख्यमंत्री का पुतला फूंककर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारियों ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजने का ऐलान किया1
- जब से देश आजाद हुआ आरक्षण का लाभ गरीब को नहीं क्रीम को मिला। मास्टर श्यौराज1
- 3 अगस्त को शांतिपूर्वक आयोजित होगी ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा : जिला स्तरीय समन्वय समिति ने दिया पूर्ण सहयोग का भरोसा आगामी 3 अगस्त को आयोजित होने वाली ब्रजमंडल जलाभिषेक यात्रा के शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर उपायुक्त अखिल पिलानी एवं पुलिस अधीक्षक अर्पित जैन की अध्यक्षता में जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों, यात्रा आयोजकों, विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा जिला स्तरीय समन्वय समिति के प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी प्रतिनिधियों ने यात्रा को भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने का भरोसा दिया।1
- पलवल में आज भी अफसर शाही कायम है, वार्ड न 2 के पार्षद प्रतिनिधि तेजपाल के बयान अलावलपुर पुल रेलवे ब्रिज के ऊपर से सड़क रिपेयरिंग के लिए खोद दी गई है उसके बाद रिपेयरिंग का कार्य भी बंद पड़ा है यहां फ्लाईओवर के ऊपर सरिया निकली हुई है जिसकी वजह से अक्सर एक्सीडेंट होते रहते हैं। यहाँ के पार्षद अधिकारियों के दरवाजे के चक्कर लगाते रहते हैं पर अफसर सुनने और कार्य करने के लिए राजी नहीं है। पार्षद प्रतिनिधि होने के नाते पब्लिक उनके पास सड़क की शिकायत ले कर आते रहते हैं। और वह उच्च अधिकारियों के पास जाते हैं पर आज तक फ्लाईओवर के ऊपर का कार्य भी हुआ है।3
- अलीगढ़ जिले खैर थाना अंतर्गत बीच बाजार में व्यापारी पर जानलेवा हमला। खैर में एक व्यापारी की दुकान में कुछ व्यक्तियों ने मिलकर दुकानदार पर हमला कर दिया। सारी घटना सीसीटीवी में कैद है। ज्यादा जानकारी सीसीटीवी के सबूतों से मिल पाएगी।1