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मृतक के भाई का आरोप, समझौते का दबाव और वीडियो बनाने पर मारपीट मृतक के भाई का आरोप, समझौते का दबाव और वीडियो बनाने पर मारपीट रुदौली,अयोध्या। हाइड्रोसील के कथित गलत ऑपरेशन के बाद मुकेश रावत की मौत के मामले में मृतक के भाई सर्वेश रावत ने शुजागंज चौकी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें आरोपी बताए जा रहे डॉक्टर के साथ चौकी बुलाकर समझौते का दबाव बनाया गया। सर्वेश का आरोप है कि जब उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया तो दीवान इंद्रेश यादव ने मोबाइल छीनने का प्रयास किया, मारपीट की और उनका हाथ मोड़ दिया। इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
ANIL PANDEY
मृतक के भाई का आरोप, समझौते का दबाव और वीडियो बनाने पर मारपीट मृतक के भाई का आरोप, समझौते का दबाव और वीडियो बनाने पर मारपीट रुदौली,अयोध्या। हाइड्रोसील के कथित गलत ऑपरेशन के बाद मुकेश रावत की मौत के मामले में मृतक के भाई सर्वेश रावत ने शुजागंज चौकी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें आरोपी बताए जा रहे डॉक्टर के साथ चौकी बुलाकर समझौते का दबाव बनाया गया। सर्वेश का आरोप है कि जब उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया तो दीवान इंद्रेश यादव ने मोबाइल छीनने का प्रयास किया, मारपीट की और उनका हाथ मोड़ दिया। इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।
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- मातृत्व दिवस शिविर में 48 गर्भवतियों की जांच, अव्यवस्थाओं के बीच गर्मी से जूझीं महिलाएं मिल्कीपुर अयोध्या हैरिंग्टनगंज (अयोध्या)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैरिंग्टनगंज में शनिवार को आयोजित मातृत्व दिवस शिविर में 48 गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसवपूर्व (एएनसी) जांच की गई, जबकि 37 महिलाओं का अल्ट्रासाउंड कराया गया। शिविर में गर्भवतियों को पोषण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से फल वितरित किए गए तथा संतुलित एवं पौष्टिक आहार अपनाने की सलाह दी गई। हालांकि स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ शिविर में बुनियादी सुविधाओं की कमी भी उजागर हुई। भीषण गर्मी के बीच महिलाओं के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी और पंखों की समुचित सुविधा के अभाव में कई गर्भवतियों को लंबे समय तक गर्मी में इंतजार करना पड़ा। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा श्रीवास्तव ने गर्भवती महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के दौरान एनीमिया से प्रभावित महिलाओं की पहचान कर उन्हें आयरन, फोलिक एसिड और कैल्शियम युक्त भोजन लेने, नियमित दवा का सेवन करने तथा समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व के लिए चिकित्सकीय परामर्श का पालन और नियमित एएनसी जांच अत्यंत आवश्यक है। शिविर में काउंसलर सुशीला, कंचन, सरिता, प्रतिमा, अनीता, आरती और कांति ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। संगीता, सरिता, रेनू, मीना, रूबी, कुसुम, रीता, कविता और ममता सहित बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं मौजूद रहीं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मातृत्व दिवस प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को आयोजित किया जाता है, ताकि गर्भवती महिलाओं को नियमित जांच और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। शिविर में मौजूद महिलाओं ने भविष्य में बैठने, पेयजल और पंखों जैसी मूलभूत सुविधाएं बेहतर करने की मांग उठाई। इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. डी.एन. द्विवेदी ने बताया कि तत्काल अतिरिक्त पंखों की व्यवस्था कराई जाएगी तथा आगामी शिविरों में बैठने और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। इससे गर्भवती महिलाओं को बेहतर और सुविधाजनक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।1
- Post by Suresh kumar YaDav gi1
- सनातन संस्कृति और संत समाज के अपमान के खिलाफ सड़कों पर उतरे संत1
- संसद की घटना पर संत समाज में आक्रोश, अयोध्या में पप्पू यादव और राहुल गांधी के पुतले फूंके अयोध्या: संसद परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर अयोध्या के संत समाज में नाराज़गी देखने को मिली। विभिन्न स्थानों पर संतों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पप्पू यादव और राहुल गांधी के पुतले जलाए तथा उनके खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान संत परमहंस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि संसद में साधु-संतों के वेश का इस प्रकार इस्तेमाल करना सनातन परंपरा का अपमान है। उन्होंने कहा, "क्या मस्जिद में चोरी नहीं होती? क्या कोई मौलवी का वेश धारण कर ऐसा कृत्य कर सकता है? यदि नहीं, तो फिर साधु-संतों के वेश का इस प्रकार उपयोग क्यों किया गया?" संत परमहंस ने इसे करोड़ों सनातन धर्मावलंबियों की आस्था से जुड़ा विषय बताते हुए कहा कि धार्मिक वेशभूषा का राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन में उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम पर विपक्ष की ओर से भी अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है।1
- विपक्ष पर रामलला और संत समाज के अपमान का आरोप, पड़ेगा =================भारी=============== हमारे देश की सभ्यता किस तरफ जा रही इसका आंकलन करने से मन को बहुत पीड़ा होती है। हमारे देश के राजनीतिक अपनी ही संस्कृति का मज़ाक़ उड़ाकर समाज को क्या संदेश देना चाहते हैं इस पर बहस होना अब अनिवार्य हो गया है। सत्ता की भूख ने इन राजनीतिज्ञों को कुमार्ग के रास्ते की ओर उन्मुख किया है। लेकिन इन नेताओं को नहीं मालूम सनातन संस्कृति नहीं रहेगी तो उनका भी वजूद खतरे में हो जायगा आज भले ही वह सनातन संस्कृति के विरुद्ध जयचंद की भूमिका निभा रहे हैं। कल जब आने वाली पीढ़ी उनसे पूछेगी कि तो कोई उत्तर उनके पास नहीं होगा सनातन ही नहीं रहेगा तो जाति पांत अपने आप खत्म हो जाएगा, सांसद परिसर में विपक्षी दलों द्वारा जो सनातन और संत समाज का उपहास उड़ाया गया उसकी चर्चा पूरे देश में रही है विपक्षियों के इस प्रोटेस्ट में वालेकुम अस्सलाम, व नमो बुद्धाय के नारे लगे, लेकिन एक बार भी जय श्री राम का नारा लगाना इन लोगों ने गवारा नहीं समझा । इन्हें तो जय श्री राम से नफरत है केवल सनातन संस्कृति को बदनाम करना उनकी नियति बन गई है। जिन कर्मचारियों ने चोरी किया वह जेल के सलाखों में है। कानून उन्हें कड़ी सी कड़ी सजा देगा तथा समाज में भी उपेक्षा की नजर से सदैव देखे जाएंगे । इस चोरी में संत समाज का क्या दोष है जो भगवा धारण कर उनको अपमानित किया जा रहा है प्रभु श्री राम के प्रतीक चित्र का मजाक उड़ाया जा रहा है। इस मजाक में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी जिन्होंने धर्म परिवर्तन कर लिया है लेकिन हिन्दूओं को गुमराह करने के लिए छदद्म हिदू बनी हुई है। उन्हें हिंदू समाज से इतनी नफ़रत है कि अपने बेटे का नाम रेहान और बेटी का नाम मिराया रखा। सच्चा सनातनी अपने संस्कृति की रक्षा लिए किसी भी हद तक जा सकता है लेकिन राहुल गांधी और प्रियंका सनातन को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है। सांसद परिसर में जो हुआ उसी को लेकर जहांगीरपुरी थाने में सांसद पप्पू यादव के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने संसद परिसर में हुए एक सांकेतिक प्रदर्शन के दौरान भगवा रंग धार्मिक प्रतीकों के कथित अपमान का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अयोध्या के राम मंदिर में हुई कथित चढ़ावा चोरी को लेकर शुक्रवार को संसद परिसर में विपक्षी सांसदों के सांकेतिक विरोध प्रदर्शन के बाद विवाद बढ़ गया है। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (राजेश रंजन) द्वारा संसद के मकर द्वार पर किए गए इस सांकेतिक विरोध प्रदर्शन को लेकर उत्तर-पश्चिम दिल्ली के जहांगीरपुरी पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई गई है। जहांगीरपुरी के रहने वाले सूर्य प्रकाश शर्मा की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सांसद पप्पू यादव ने गेरुआ वस्त्र पहनकर साधु-संतों के समुदाय, सनातन धर्म और भगवान श्री राम लला का अपमान किया है। शिकायतकर्ता ने इस मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पप्पू यादव के ‘पुजारी’ प्रदर्शन पर भड़के गिरिराज सिंह, बोले- साधु-संतों को चोर और सनातन को नीचा दिखाने पर तुला है विपक्ष भगवा पहनकर बने चोर, रामलला के चित्र का किया अपमान - शिकायतकर्ता के आरोप जहांगीरपुरी के स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) को दी गई एक शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संसद परिसर में हुए एक नुक्कड़ नाटक के दौरान सांसद पप्पू यादव ने साधु का वेश धारण कर भगवा कपड़े पहने और एक चोर का रोल किया। शिकायतकर्ता का दावा है कि नाटक के दौरान श्री राम मंदिर का प्रतीक एक दान पात्र इस्तेमाल किया गया था और पैरों के पास 'राम लल्ला विराजमान' की तस्वीर रखी गई थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि विरोध प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने चमड़े के जूते और सैंडल पहने, दान पेटी में पैसे डाले और चोरी व झपटमारी के दृश्य दिखाए। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस पूरी घटना ने सनातन धर्म के करोड़ों अनुयायियों, भक्तों और साधु-संतों के समुदाय की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। संसद परिसर में क्या हुआ था? विपक्षी सांसदों ने अयोध्या राम मंदिर में हुए कथित चंदा चोरी मामले को लेकर केंद्र सरकार को घेरने के लिए संसद परिसर के भीतर एक सांकेतिक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। इस कार्यक्रम के तहत 'मकर द्वार' के बाहर एक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया नाटक में, सांसद पप्पू यादव ने पुजारी का वेश धारण किया, जिसमें उन्होंने भगवा कुर्ता पहना था और हाथ में दान पेटी पकड़ी हुई थी। इसके बाद, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, SP सांसद डिंपल यादव और अवधेश प्रसाद व अन्य लोगों ने दान पेटी में पैसे डाले। जैसे-जैसे नाटक आगे बढ़ा, पप्पू यादव ने पेटी से पैसे चुराने, उन्हें अपनी जेब में रखने और भागने का अभिनय किया, जबकि अन्य सांसदों ने उन्हें 'चंदा चोर' कहते हुए पकड़ने का नाटक किया।1
- मृतक के भाई का आरोप, समझौते का दबाव और वीडियो बनाने पर मारपीट मृतक के भाई का आरोप, समझौते का दबाव और वीडियो बनाने पर मारपीट रुदौली,अयोध्या। हाइड्रोसील के कथित गलत ऑपरेशन के बाद मुकेश रावत की मौत के मामले में मृतक के भाई सर्वेश रावत ने शुजागंज चौकी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्हें आरोपी बताए जा रहे डॉक्टर के साथ चौकी बुलाकर समझौते का दबाव बनाया गया। सर्वेश का आरोप है कि जब उन्होंने वीडियो बनाना शुरू किया तो दीवान इंद्रेश यादव ने मोबाइल छीनने का प्रयास किया, मारपीट की और उनका हाथ मोड़ दिया। इस मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने नहीं आया है।1