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बाढ़। बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड में पैक्स चुनाव की घोषणा कर दी गई है। नामांकन की प्रक्रिया 8 तारीख से शुरू होगी, जबकि मतदान 20 तारीख को संपन्न कराया जाएगा। रैली पंचायत से निर्वतमान पैक्स अध्यक्ष अखिलेश कुमार एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। वे अपने पिछले कार्यकाल में किए गए कार्यों को जनता के सामने रखकर पुनः जनादेश की अपील कर रहे हैं। क्षेत्र में चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है और विभिन्न प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए सक्रिय हो गए हैं।
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बाढ़। बाढ़ अनुमंडल के पंडारक प्रखंड में पैक्स चुनाव की घोषणा कर दी गई है। नामांकन की प्रक्रिया 8 तारीख से शुरू होगी, जबकि मतदान 20 तारीख को संपन्न कराया जाएगा। रैली पंचायत से निर्वतमान पैक्स अध्यक्ष अखिलेश कुमार एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। वे अपने पिछले कार्यकाल में किए गए कार्यों को जनता के सामने रखकर पुनः जनादेश की अपील कर रहे हैं। क्षेत्र में चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है और विभिन्न प्रत्याशी मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए सक्रिय हो गए हैं।
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- Post by JMBNEWS1
- . . . . . . . . . आस्था के नाम पर शोषण – बाबा का काला सच नमस्कार, आप देख रहे हैं Samvad News और मैं हूँ आपका एंकर। आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे मामले की, जिसने देशभर में आस्था, अंधविश्वास और अपराध के खतरनाक गठजोड़ को उजागर कर दिया है। मामला जुड़ा है महाराष्ट्र के शहर नासिक से, जहाँ खुद को आध्यात्मिक गुरु और ज्योतिषाचार्य बताने वाला एक कथित बाबा आज गंभीर आरोपों के घेरे में है। इस पूरे मामले का केंद्र है कथित ज्योतिषी अशोक खरात। आरोप है कि इस व्यक्ति ने आस्था और अंधविश्वास का सहारा लेकर महिलाओं का शोषण किया, लोगों से भारी रकम ऐंठी और एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया जिसमें डर, धोखा और ब्लैकमेल का खेल चलता था। बताया जाता है कि अशोक खरात पहले समुद्री जहाजों में काम करता था और बाद में उसने खुद को ज्योतिष और तंत्र-मंत्र का जानकार बताकर लोगों के बीच पहचान बनानी शुरू की। धीरे-धीरे उसने अपने आसपास ऐसा माहौल तैयार किया कि लोग अपनी व्यक्तिगत समस्याओं, पारिवारिक संकटों और भविष्य की चिंता लेकर उसके पास पहुँचने लगे। यही से शुरू हुआ कथित तौर पर एक ऐसा खेल, जिसमें लोगों की कमजोरियों को हथियार बनाया गया। लोगों से कहा जाता था कि उन पर काला साया है, ग्रह दोष है या कोई बड़ी अनहोनी होने वाली है। इसके बाद महंगे-महंगे उपाय, पूजा और तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर लाखों रुपये वसूले जाते थे। लेकिन आरोप सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं हैं। जांच में सामने आया कि कई महिलाओं को अलग से बुलाया जाता था और “विशेष पूजा” या “उपचार” के नाम पर उनके साथ आपत्तिजनक हरकतें की जाती थीं। कुछ शिकायतों में यह भी कहा गया कि महिलाओं को नशीला पदार्थ दिया गया और फिर उनका शोषण किया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस जांच में कथित तौर पर कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इन वीडियो का इस्तेमाल कथित तौर पर ब्लैकमेल के लिए किया जाता था। अब सवाल उठता है कि आखिर यह पूरा मामला सामने कैसे आया? दरअसल, इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने साहस दिखाते हुए पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि उसे झांसे में लेकर बुलाया गया और उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे। जांच के दौरान कई और महिलाओं ने भी अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इससे यह मामला और गंभीर हो गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए। इस केस में पुलिस ने आरोपी अशोक खरात को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की। जांच एजेंसियाँ अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस पूरे नेटवर्क में और लोग भी शामिल थे। इस मामले ने एक और बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है — सत्ता और प्रभाव का सवाल। बताया जा रहा है कि यह बाबा कई प्रभावशाली लोगों से भी मिलता-जुलता था। कुछ तस्वीरें और मुलाकातों की चर्चाएँ सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी बहस शुरू हो गई है कि आखिर एक कथित ज्योतिषी इतना प्रभावशाली कैसे बन गया। हालांकि जांच एजेंसियाँ अभी सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और यह देखने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस पूरे मामले में कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था। यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं है। यह समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है। जब लोग अपनी परेशानियों के समाधान के लिए आंख बंद करके किसी पर भरोसा करते हैं, तो कुछ लोग उसी भरोसे का फायदा उठाने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में जागरूकता सबसे बड़ी जरूरत है। लोगों को समझना होगा कि किसी भी समस्या का समाधान अंधविश्वास नहीं, बल्कि समझ और सही सलाह से होता है। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तो यह था आस्था के नाम पर चल रहे कथित शोषण के इस बड़े मामले की पूरी कहानी। हम इस खबर पर नजर बनाए हुए हैं और जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, हम आपको सबसे पहले अपडेट देंगे। फिलहाल के लिए इतना ही। नमस्कार। 5 हैडलाइन1
- पटना /बख्तियारपुर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा मंजूर हो गया है। विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने यह जानकारी दी। 2005 से 2026 तक का सफर 9 पारी का सफर CM बिहार।1
- Post by न्यूज 30 बिहार1
- इस अवसर पर भावी जिला परिषद प्रत्याशी मोहन कुमार, जो कि पत्रकार भी हैं, कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बच्चों को मेडल और प्रोग्रेस रिपोर्ट देकर उनका हौसला बढ़ाया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ये छोटे-छोटे बच्चे ही हमारे देश का भविष्य हैं। इन्हीं में से कोई आगे चलकर नेता, अभिनेता या आईएएस अधिकारी बनकर देश, जिला और बिहार का नाम रोशन करेगा।1
- Post by JAY Narayan Kumar1
- Post by सुनो सच बिहार1
- बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित हो चुके हैं और इस बार भी बेटियों ने इतिहास रच दिया है। इस वर्ष राज्य में जमुई की पुष्पांजलि कुमारी और वैशाली की सबरीन परवीन ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया है। दोनों छात्राओं ने 500 में से 492 अंक यानी 98.4 प्रतिशत प्राप्त कर बिहार बोर्ड के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक स्कोर दर्ज किया है। पुष्पांजलि कुमारी सिमुलतला आवासीय विद्यालय, जमुई की छात्रा हैं, जबकि सबरीन परवीन उच्च माध्यमिक विद्यालय, छौराही, वैशाली से पढ़ाई करती हैं। दोनों की इस शानदार सफलता से न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे जिले में खुशी का माहौल है। 29 मार्च 2026 को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा परिणाम जारी किया गया, जिसमें इस बार भी छात्राओं का दबदबा देखने को मिला। राज्यभर के लाखों छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। टॉप करने वाली सबरीन परवीन ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई, आत्म-अनुशासन और परिवार के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि मेहनत और निरंतर अभ्यास ही सफलता की असली कुंजी है। बिहार बोर्ड के इस रिजल्ट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अगर लक्ष्य साफ हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता जरूर मिलती है।1