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इस्तीफा मंजूर, सभापति अवधेश नारायण सिंह ने पुष्टि की, अब लेंगे राज्यसभा की शपथ। पटना /बख्तियारपुर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा मंजूर हो गया है। विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने यह जानकारी दी। 2005 से 2026 तक का सफर 9 पारी का सफर CM बिहार।
Khabar Junction Live
इस्तीफा मंजूर, सभापति अवधेश नारायण सिंह ने पुष्टि की, अब लेंगे राज्यसभा की शपथ। पटना /बख्तियारपुर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा मंजूर हो गया है। विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने यह जानकारी दी। 2005 से 2026 तक का सफर 9 पारी का सफर CM बिहार।
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- पटना /बख्तियारपुर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा मंजूर हो गया है। विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने यह जानकारी दी। 2005 से 2026 तक का सफर 9 पारी का सफर CM बिहार।1
- इस अवसर पर भावी जिला परिषद प्रत्याशी मोहन कुमार, जो कि पत्रकार भी हैं, कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने बच्चों को मेडल और प्रोग्रेस रिपोर्ट देकर उनका हौसला बढ़ाया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ये छोटे-छोटे बच्चे ही हमारे देश का भविष्य हैं। इन्हीं में से कोई आगे चलकर नेता, अभिनेता या आईएएस अधिकारी बनकर देश, जिला और बिहार का नाम रोशन करेगा।1
- Post by JMBNEWS1
- . . . . . . . . . आस्था के नाम पर शोषण – बाबा का काला सच नमस्कार, आप देख रहे हैं Samvad News और मैं हूँ आपका एंकर। आज हम बात करने जा रहे हैं एक ऐसे मामले की, जिसने देशभर में आस्था, अंधविश्वास और अपराध के खतरनाक गठजोड़ को उजागर कर दिया है। मामला जुड़ा है महाराष्ट्र के शहर नासिक से, जहाँ खुद को आध्यात्मिक गुरु और ज्योतिषाचार्य बताने वाला एक कथित बाबा आज गंभीर आरोपों के घेरे में है। इस पूरे मामले का केंद्र है कथित ज्योतिषी अशोक खरात। आरोप है कि इस व्यक्ति ने आस्था और अंधविश्वास का सहारा लेकर महिलाओं का शोषण किया, लोगों से भारी रकम ऐंठी और एक ऐसा नेटवर्क तैयार किया जिसमें डर, धोखा और ब्लैकमेल का खेल चलता था। बताया जाता है कि अशोक खरात पहले समुद्री जहाजों में काम करता था और बाद में उसने खुद को ज्योतिष और तंत्र-मंत्र का जानकार बताकर लोगों के बीच पहचान बनानी शुरू की। धीरे-धीरे उसने अपने आसपास ऐसा माहौल तैयार किया कि लोग अपनी व्यक्तिगत समस्याओं, पारिवारिक संकटों और भविष्य की चिंता लेकर उसके पास पहुँचने लगे। यही से शुरू हुआ कथित तौर पर एक ऐसा खेल, जिसमें लोगों की कमजोरियों को हथियार बनाया गया। लोगों से कहा जाता था कि उन पर काला साया है, ग्रह दोष है या कोई बड़ी अनहोनी होने वाली है। इसके बाद महंगे-महंगे उपाय, पूजा और तांत्रिक क्रियाओं के नाम पर लाखों रुपये वसूले जाते थे। लेकिन आरोप सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी तक सीमित नहीं हैं। जांच में सामने आया कि कई महिलाओं को अलग से बुलाया जाता था और “विशेष पूजा” या “उपचार” के नाम पर उनके साथ आपत्तिजनक हरकतें की जाती थीं। कुछ शिकायतों में यह भी कहा गया कि महिलाओं को नशीला पदार्थ दिया गया और फिर उनका शोषण किया गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस जांच में कथित तौर पर कई डिजिटल सबूत भी मिले हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इन वीडियो का इस्तेमाल कथित तौर पर ब्लैकमेल के लिए किया जाता था। अब सवाल उठता है कि आखिर यह पूरा मामला सामने कैसे आया? दरअसल, इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक महिला ने साहस दिखाते हुए पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोप लगाया कि उसे झांसे में लेकर बुलाया गया और उसके साथ गलत व्यवहार किया गया। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आने लगे। जांच के दौरान कई और महिलाओं ने भी अपनी शिकायतें दर्ज कराईं। इससे यह मामला और गंभीर हो गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए। इस केस में पुलिस ने आरोपी अशोक खरात को हिरासत में लिया और उससे पूछताछ शुरू की। जांच एजेंसियाँ अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस पूरे नेटवर्क में और लोग भी शामिल थे। इस मामले ने एक और बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है — सत्ता और प्रभाव का सवाल। बताया जा रहा है कि यह बाबा कई प्रभावशाली लोगों से भी मिलता-जुलता था। कुछ तस्वीरें और मुलाकातों की चर्चाएँ सामने आने के बाद राजनीतिक हलकों में भी बहस शुरू हो गई है कि आखिर एक कथित ज्योतिषी इतना प्रभावशाली कैसे बन गया। हालांकि जांच एजेंसियाँ अभी सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं और यह देखने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस पूरे मामले में कोई बड़ा नेटवर्क तो काम नहीं कर रहा था। यह घटना सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं है। यह समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है। जब लोग अपनी परेशानियों के समाधान के लिए आंख बंद करके किसी पर भरोसा करते हैं, तो कुछ लोग उसी भरोसे का फायदा उठाने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में जागरूकता सबसे बड़ी जरूरत है। लोगों को समझना होगा कि किसी भी समस्या का समाधान अंधविश्वास नहीं, बल्कि समझ और सही सलाह से होता है। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तो यह था आस्था के नाम पर चल रहे कथित शोषण के इस बड़े मामले की पूरी कहानी। हम इस खबर पर नजर बनाए हुए हैं और जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, हम आपको सबसे पहले अपडेट देंगे। फिलहाल के लिए इतना ही। नमस्कार। 5 हैडलाइन1
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- तू बेवफा है जो मैं जान जाता ✨😥😡😱1
- सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने का दबाव, वार्ड सदस्यों का बड़ा आरोप, एंकर, नालंदा जिला अंतर्गत परवलपुर नगर पंचायत में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रोसीडिंग और अन्य प्रशासनिक मुद्दों को लेकर वार्ड सदस्यों और कार्यपालक पदाधिकारी के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को आयोजित बजट बैठक भी इस विवाद की भेंट चढ़ गई और मामला काफी गंभीर हो गया। सोमवार को नगर पंचायत में बजट को लेकर बैठक बुलाई गई थी, लेकिन बैठक के दौरान ही हंगामा शुरू हो गया। वार्ड सदस्यों का आरोप है कि बिना प्रोसीडिंग लिखे ही सादे कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया, जिसे उन्होंने गलत और नियमों के खिलाफ बताया। वार्ड सदस्यों ने कार्यपालक पदाधिकारी अश्वनी कुमार पर प्रोसेसिंग में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी की मंशा ही बैठक को बाधित करने और विवाद बनाए रखने की है। यही वजह है कि नगर पंचायत का कामकाज ठप पड़ा है और विकास योजनाएं धरातल पर नहीं उतर पा रही हैं। सदस्यों का यह भी आरोप है कि बार-बार सादे कागज पर हस्ताक्षर करने के लिए बाध्य किया जाता है, जिससे पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे मामले की शिकायत संबंधित मंत्री से भी की गई है और फिलहाल जांच जारी है। वार्ड सदस्यों का कहना है कि नगर पंचायत में पूरी तरह से भ्रष्टाचार व्याप्त है और जब से कार्यपालक पदाधिकारी ने पदभार संभाला है, तब से लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई है। वहीं, कार्यपालक पदाधिकारी अश्वनी कुमार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि प्रोसीडिंग पर हस्ताक्षर करवाना एक तय प्रोटोकॉल है और सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत ही की जाती हैं। उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं और बैठक की प्रोसीडिंग नियमों के अनुसार तैयार की जाती है। फिलहाल जांच के नतीजों का इंतजार है, लेकिन इस विवाद के कारण परवलपुर नगर पंचायत का विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।1
- पटना / बाढ़ अनुमंडल में अपराधियों का दुस्साहस एक बार फिर सामने आया है। नदावां गांव स्थित पावर ग्रिड के पास पुरानी रंजिश में एक युवक को गोली मार दी गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान श्रीबल्लम यादव के रूप में हुई है, जो बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के चकदौलत गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार 29 मार्च की रात करीब 12 बजे वे सकसोहारा से किसी पार्टी से बाइक से लौट रहे थे। इसी दौरान कार सवार तीन-चार बदमाशों ने उनका पीछा किया और नदावां गांव के पास उन्हें घेर लिया। इसके बाद अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक गोली उनकी बांह में लग गई। गोली लगते ही श्रीबल्लम यादव सड़क पर गिर पड़े, जबकि बदमाश फायरिंग करते हुए कार से मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तुरंत अनुमंडलीय अस्पताल बाढ़ में भर्ती कराया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि मामले में बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। खबर लिखे जाने तक रात में कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।1