डबरा ब्रेकिंग// एक मौत भी नहीं खोल पाई प्रशासन की आंखें! गैस सिलेंडरों से वाहनों की कटिंग का आरोप, कबाड़ कारोबार बेखौफ, पुलिस की निगरानी पर गंभीर सवाल... डबरा ब्रेकिंग// एक मौत भी नहीं खोल पाई प्रशासन की आंखें! गैस सिलेंडरों से वाहनों की कटिंग का आरोप, कबाड़ कारोबार बेखौफ, पुलिस की निगरानी पर गंभीर सवाल एक व्यक्ति की मौत के बाद भी कथित रूप से जारी है खतरनाक कारोबार, फाइनेंस की गाड़ियों को काटने की शिकायतें, जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल डबरा// डबरा शहर में कथित अवैध कबाड़ कारोबार को लेकर एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि शहर में बिना वैध पंजीयन के कबाड़ का कारोबार संचालित किया जा रहा है। इस कारोबार की आड़ में वाहनों की कटिंग का काम भी धड़ल्ले से चलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यहां तक कि फाइनेंस की गाड़ियों और दोपहिया वाहनों को भी काटे जाने के आरोप हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि वाहनों की कटिंग के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें हैं। कुछ दिन पहले ही गैस सिलेंडर से वाहन की कटिंग के दौरान हुए विस्फोट में एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई। इसके बावजूद यदि ऐसी गतिविधियां जारी हैं, तो यह आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। फाइनेंस की गाड़ियां कबाड़ में कैसे पहुंच रहीं? सवाल यह भी है कि जिन वाहनों को कबाड़ में काटा जा रहा है, क्या उनके स्वामित्व और रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है? कहीं चोरी या फाइनेंस से संबंधित वाहनों को बिना वैधानिक प्रक्रिया के तो नहीं काटा जा रहा? इन आरोपों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। पुलिस प्रशासन की निगरानी पर सवाल शहर में इस तरह की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस, नगर पालिका और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है कि कबाड़ कारोबार के पंजीयन, वाहनों के दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की जांच करें। हालांकि, पुलिस की मिलीभगत का कोई प्रमाण सामने आए बिना किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा, लेकिन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। अब कार्रवाई कब? एक व्यक्ति की जान जा चुकी है। ऐसे में सवाल है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या संबंधित ठिकानों का निरीक्षण कर खतरनाक गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी? डबरा की जनता अब जवाब चाहती है। जिम्मेदार कौन? प्रशासन कब तोड़ेगा चुप्पी? जनता की सुरक्षा की जवाबदेही आखिर किसकी? *संवाददाता, अरुण रजक*
डबरा ब्रेकिंग// एक मौत भी नहीं खोल पाई प्रशासन की आंखें! गैस सिलेंडरों से वाहनों की कटिंग का आरोप, कबाड़ कारोबार बेखौफ, पुलिस की निगरानी पर गंभीर सवाल... डबरा ब्रेकिंग// एक मौत भी नहीं खोल पाई प्रशासन की आंखें! गैस सिलेंडरों से वाहनों की कटिंग का आरोप, कबाड़ कारोबार बेखौफ, पुलिस की निगरानी पर गंभीर सवाल एक व्यक्ति की मौत के बाद भी कथित रूप से जारी है खतरनाक कारोबार, फाइनेंस की गाड़ियों को काटने की शिकायतें, जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल डबरा// डबरा शहर में कथित अवैध कबाड़ कारोबार को लेकर एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि शहर में बिना वैध पंजीयन के कबाड़ का कारोबार संचालित किया जा रहा है। इस कारोबार की आड़ में वाहनों की कटिंग का काम भी धड़ल्ले से चलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यहां तक कि फाइनेंस की गाड़ियों और दोपहिया वाहनों को भी काटे जाने के आरोप हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि वाहनों की कटिंग के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें हैं। कुछ दिन पहले ही गैस सिलेंडर से वाहन की कटिंग के दौरान हुए विस्फोट में एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसकी बाद में मौत
हो गई। इसके बावजूद यदि ऐसी गतिविधियां जारी हैं, तो यह आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। फाइनेंस की गाड़ियां कबाड़ में कैसे पहुंच रहीं? सवाल यह भी है कि जिन वाहनों को कबाड़ में काटा जा रहा है, क्या उनके स्वामित्व और रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है? कहीं चोरी या फाइनेंस से संबंधित वाहनों को बिना वैधानिक प्रक्रिया के तो नहीं काटा जा रहा? इन आरोपों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। पुलिस प्रशासन की निगरानी पर सवाल शहर में इस तरह की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस, नगर पालिका और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है कि कबाड़ कारोबार के पंजीयन, वाहनों के दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की जांच करें। हालांकि, पुलिस की मिलीभगत का कोई प्रमाण सामने आए बिना किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा, लेकिन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। अब कार्रवाई कब? एक व्यक्ति की जान जा चुकी है। ऐसे में सवाल है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या संबंधित ठिकानों का निरीक्षण कर खतरनाक गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी? डबरा की जनता अब जवाब चाहती है। जिम्मेदार कौन? प्रशासन कब तोड़ेगा चुप्पी? जनता की सुरक्षा की जवाबदेही आखिर किसकी? *संवाददाता, अरुण रजक*
- डबरा ब्रेकिंग// एक मौत भी नहीं खोल पाई प्रशासन की आंखें! गैस सिलेंडरों से वाहनों की कटिंग का आरोप, कबाड़ कारोबार बेखौफ, पुलिस की निगरानी पर गंभीर सवाल... डबरा ब्रेकिंग// एक मौत भी नहीं खोल पाई प्रशासन की आंखें! गैस सिलेंडरों से वाहनों की कटिंग का आरोप, कबाड़ कारोबार बेखौफ, पुलिस की निगरानी पर गंभीर सवाल एक व्यक्ति की मौत के बाद भी कथित रूप से जारी है खतरनाक कारोबार, फाइनेंस की गाड़ियों को काटने की शिकायतें, जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल डबरा// डबरा शहर में कथित अवैध कबाड़ कारोबार को लेकर एक बार फिर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि शहर में बिना वैध पंजीयन के कबाड़ का कारोबार संचालित किया जा रहा है। इस कारोबार की आड़ में वाहनों की कटिंग का काम भी धड़ल्ले से चलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। यहां तक कि फाइनेंस की गाड़ियों और दोपहिया वाहनों को भी काटे जाने के आरोप हैं। सबसे गंभीर बात यह है कि वाहनों की कटिंग के लिए घरेलू गैस सिलेंडरों का इस्तेमाल किए जाने की शिकायतें हैं। कुछ दिन पहले ही गैस सिलेंडर से वाहन की कटिंग के दौरान हुए विस्फोट में एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसकी बाद में मौत हो गई। इसके बावजूद यदि ऐसी गतिविधियां जारी हैं, तो यह आसपास रहने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। फाइनेंस की गाड़ियां कबाड़ में कैसे पहुंच रहीं? सवाल यह भी है कि जिन वाहनों को कबाड़ में काटा जा रहा है, क्या उनके स्वामित्व और रजिस्ट्रेशन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है? कहीं चोरी या फाइनेंस से संबंधित वाहनों को बिना वैधानिक प्रक्रिया के तो नहीं काटा जा रहा? इन आरोपों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। पुलिस प्रशासन की निगरानी पर सवाल शहर में इस तरह की शिकायतों के बावजूद कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस, नगर पालिका और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी है कि कबाड़ कारोबार के पंजीयन, वाहनों के दस्तावेजों और सुरक्षा मानकों की जांच करें। हालांकि, पुलिस की मिलीभगत का कोई प्रमाण सामने आए बिना किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा, लेकिन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है। अब कार्रवाई कब? एक व्यक्ति की जान जा चुकी है। ऐसे में सवाल है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं? क्या संबंधित ठिकानों का निरीक्षण कर खतरनाक गतिविधियों पर रोक लगाई जाएगी? डबरा की जनता अब जवाब चाहती है। जिम्मेदार कौन? प्रशासन कब तोड़ेगा चुप्पी? जनता की सुरक्षा की जवाबदेही आखिर किसकी? *संवाददाता, अरुण रजक*2
- देहात थाना क्षेत्र के जेल रोड काली माता मंदिर के पास वार्ड क्रमांक 5 बंटी जोशी के घर पर चोरों ने बोला धाबा, डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश देहात थाना क्षेत्र के जेल रोड काली माता मंदिर के पास वार्ड क्रमांक 5 बंटी जोशी के घर पर चोरों ने बोला धाबा, सोने चांदी के जेवर सहित नगदी ले भागे चोर, 4 से 5 लाख रुपए की बताई जा रही है चोरी, पुलिस जुटी मामले की जांच में।2
- # डॉ. नरोत्तम मिश्रा का कांग्रेस पर तीखा हमला, बोले— चुनाव के बाद जनता के बीच नजर नहीं आते कांग्रेसी नेता **अहिरवार जाटव समाज के समारोह में ग्राम रिछरा पहुंचे पूर्व गृहमंत्री, ग्रामीणों ने फूलों की माला पहनाकर और तुलादान कर किया स्वागत** **दतिया।** मध्य प्रदेश के पूर्व गृहमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा रविवार को अपने एक दिवसीय दतिया प्रवास के दौरान अहिरवार जाटव समाज द्वारा आयोजित समारोह में शामिल होने ग्राम रिछरा पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने उनका फूलों की माला पहनाकर एवं तुलादान कर आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधते हुए विपक्षी दल की कार्यशैली पर सवाल उठाए। समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस के नेता चुनाव के दौरान बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, जनता से बड़े-बड़े वादे करते हैं और भाजपा पर संविधान बदलने जैसे आरोप लगाते हैं, लेकिन विकास के मुद्दे पर उनकी भूमिका स्पष्ट नजर नहीं आती। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनाव समाप्त होते ही कांग्रेस के नेता कहां चले जाते हैं, इसका जनता को पता ही नहीं चलता। पूर्व गृहमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता चुनाव के समय जनता के बीच पहुंचकर समर्थन मांगते हैं, लेकिन चुनाव के बाद जनसमस्याओं के समाधान और जनसेवा के लिए उनकी सक्रियता दिखाई नहीं देती। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का निराकरण करना और क्षेत्र का विकास करना होना चाहिए। डॉ. मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास के कार्य हो रहे हैं तथा मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार जनसेवा और विकास को प्राथमिकता देकर कार्य कर रही है। उन्होंने भाजपा सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य आमजन तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना है। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा का स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा के कई जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।1
- शहर के बड़े बाजार में सोमवार दोपहर बर्तन व्यापारी सुनील अग्रवाल के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो दोपहर करीब 3 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यापारी सुनील अग्रवाल और कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद कई लोग मौके पर पहुंचे और व्यापारी के साथ मारपीट करने लगे। घटना की सूचना मिलते ही यातायात प्रभारी हिमांशु तिवारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।इस दौरान अन्य व्यापारी भी एकत्रित हो गए, जिससे बाजार में जाम जैसी स्थिति बनने लगी। यातायात प्रभारी ने समझाइश देकर दोनों पक्षों को अलग कराया। फिलहाल विवाद किस कारण हुआ और मारपीट में कौन-कौन शामिल था, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। शहर के बड़े बाजार में सोमवार दोपहर बर्तन व्यापारी सुनील अग्रवाल के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो दोपहर करीब 3 बजे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यापारी सुनील अग्रवाल और कुछ लोगों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद कई लोग मौके पर पहुंचे और व्यापारी के साथ मारपीट करने लगे। घटना की सूचना मिलते ही यातायात प्रभारी हिमांशु तिवारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।इस दौरान अन्य व्यापारी भी एकत्रित हो गए, जिससे बाजार में जाम जैसी स्थिति बनने लगी। यातायात प्रभारी ने समझाइश देकर दोनों पक्षों को अलग कराया। फिलहाल विवाद किस कारण हुआ और मारपीट में कौन-कौन शामिल था, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।1
- मेडल की उम्मीद 'फाइव स्टार', भोजन 'थर्ड क्लास'—भितरवार में खिलाड़ियों को परोसा गया 'कुपोषण' का स्पेशल मेन्यू! भितरवार। कहते हैं कि खिलाड़ी देश और प्रदेश का गौरव होते हैं, लेकिन जब ये गौरव भितरवार में कदम रखते हैं, तो आयोजन समिति इन्हें जमीन पर लाने में कोई कसर नहीं छोड़ती। नगर में आयोजित हो रहे प्रदेश स्तरीय टूर्नामेंट में कुछ ऐसा ही 'अद्भुत' नजारा देखने को मिल रहा है, जहाँ खिलाड़ियों के खेल कौशल से ज्यादा उनकी 'पाचन शक्ति' की परीक्षा ली जा रही है। अलग-अलग जिलों से अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने आए छात्र-छात्राओं के सामने जब भोजन की थाली परोसी गई, तो खिलाड़ियों ने उसे खाने के बजाय उससे 'सोशल डिस्टेंसिंग' बनाना ही मुनासिब समझा। भोजन की गुणवत्ता इतनी शानदार (घटिया) है कि नाराज खिलाड़ियों ने खाने से साफ दूरी बना ली है। लापरवाही का ओलंपिक: पेट खाली, फिर भी मैदान पर मारो ताली! आयोजन समिति शायद यह मानकर चल रही है कि खिलाड़ी तो 'ऊर्जा' से भरपूर होते हैं, उन्हें पौष्टिक भोजन की क्या जरूरत? वे तो हवा खाकर भी गोल्ड मेडल जीत सकते हैं! अधिकारियों की इस दूरदर्शी सोच का नतीजा यह है कि मूलभूत सुविधाओं और स्वच्छ भोजन के नाम पर खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और सम्मान के साथ सरेआम खिलवाड़ किया जा रहा है। अधिकारियों को शायद लगता है कि 'खराब खाना' खिलाकर खिलाड़ियों को विपरीत परिस्थितियों में जीवित रहने की कोई विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। शहर की छवि का 'फेयरवेल' प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी मिलना किसी भी शहर के लिए गौरव की बात होती है। भितरवार की छवि पूरे प्रदेश में चमके, इसके लिए आयोजकों ने व्यवस्थाओं का ऐसा 'चमचमाता' रायता फैलाया है कि मेहमान खिलाड़ी अब ताउम्र इस आतिथ्य सत्कार को नहीं भूलेंगे। जब बुनियादी सुविधाओं का ही यह हाल है, तो यह आयोजन खेल का महाकुंभ कम और अव्यवस्थाओं का टूर्नामेंट ज्यादा नजर आ रहा है। अब देखना यह है कि... हमेशा की तरह एसी कमरों में बैठकर 'डाइट चार्ट' बनाने वाले जिम्मेदार अधिकारी और आयोजन समिति इस गंभीर मामले पर अपनी 'कुंभकर्णी नींद' से कब जागते हैं। क्या खिलाड़ियों को उनका हक और सम्मान मिलेगा, या फिर अगली बार से खिलाड़ियों को अपने साथ खेल किट के अलावा 'घर का डिब्बा' भी साथ लाने की हिदायत दी जाएगी?4
- विद्या भारती मध्य भारत प्रांत द्वारा संत रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित पखवाड़े के समापन अवसर पर सरस्वती शिशु विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रामगढ़ रोड भाण्डेर में व्याख्यान माला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्य वक्ता गोविंद परिहार ने संत रविदास जी के जीवन, विचारों एवं सामाजिक समरसता के संदेश पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि विद्यालय समिति सदस्य एवं शासकीय चिकित्सक डॉ. माधव कुशवाहा ने संत रविदास जी के उपदेशों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम की भूमिका वरिष्ठ आचार्य मुकेश दीक्षित ने रखी। संचालन आचार्य नीरज शर्मा ने किया। इस अवसर पर विद्यालय के आचार्य परिवार एवं भैया-बहिन उपस्थित रहे।1
- दतिया: कट्टे की नोक पर दंपत्ति से लूट का पुलिस ने किया खुलासा, 21 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार दतिया: कट्टे की नोक पर दंपत्ति से लूट का पुलिस ने किया खुलासा, 21 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार लूटा गया बीजासेन का पेंडल और रियलमी मोबाइल बरामद, दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी दतिया। जिले के थाना दुरसड़ा क्षेत्र में कट्टे की नोक पर दंपत्ति के साथ हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लूटा गया बीजासेन का पेंडल और रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है। वहीं, लूटा गया मंगलसूत्र बरामद होना शेष है और घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, 7 अक्टूबर 2026 की रात करीब 8 बजे फरियादी अपनी पत्नी के साथ उनाव में खाना खाने के बाद मोटरसाइकिल से अपने घर ग्राम मलियापुरा, थाना भगुवापुरा लौट रहे थे। इसी दौरान बुहारा गांव के पास अज्ञात बदमाशों ने उनकी मोटरसाइकिल रोक ली और कट्टा दिखाकर दंपत्ति को धमकाया। इसके बाद बदमाश बीजासेन का पेंडल, मंगलसूत्र और रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। घटना की रिपोर्ट पर थाना दुरसड़ा में लूट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तकनीकी एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान के प्रयास शुरू किए। लगातार जांच और पुलिस की कार्रवाई के बाद घटना में शामिल आरोपी राज कमरिया पुत्र सुरेश कमरिया (21 वर्ष), निवासी ग्राम ऊंचिया को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से लूटा गया बीजासेन का पेंडल और रियलमी मोबाइल फोन बरामद किया है। मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दतिया मयूर खंडेलवाल के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंजीत सिंह चावला एवं एसडीओपी भाण्डेर पूनमचंद्र यादव के मार्गदर्शन में की गई। इनकी रही सराहनीय भूमिका: उपनिरीक्षक नंदनी शर्मा (थाना प्रभारी दुरसड़ा), प्रधान आरक्षक कालीचरण कुशवाह, राजू गुर्जर, जीतू यादव, आरक्षक सूरज यादव, अनिल कुमार, राजेश बघेल, नरोत्तम गुर्जर, सैनिक रामनिवास तथा थाना इंदरगढ़ के आरक्षक प्रवीण परिहार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- दिनदहाड़े बीच बाजार से स्टॉप वेंडर की एक्टिवा की डिग्गी से अज्ञात चोरों ने किया ढाई लाख रुपए पार डबरा ग्वालियर मध्य प्रदेश स्टॉप वेंडर की एक्टिवा की डिग्गी से अज्ञात चोरों ने किया ढाई लाख रुपए पार शहर में दिनदहाड़े चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। सुभाष गंज स्थित भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा से नकदी लेकर निकले स्टाम्प वेंडर सुशील कुमार शुक्ला की एक्टिवा की डिक्की से अज्ञात चोरों ने 2 लाख 50 हजार रुपये पार कर दिए। मिली जानकारी के अनुसार, स्टाम्प वेंडर सुशील कुमार शुक्ला ने सुभाष गंज SBI शाखा से कुल 3 लाख रुपये निकाले थे। बैंक से निकलने के बाद जैसे ही वह रुके, मौका पाकर शातिर चोरों ने एक्टिवा की डिक्की खोलकर उसमें रखे ₹2.50 लाख नकदी पर हाथ साफ कर दिया। दिनदहाड़े हुई इस वारदात से क्षेत्र के व्यापारियों और आमजन में हड़कंप मच गया है। क्योंकि इन दोनों धान की आवक अधिक होने से एक व्यापारी के यहां से लगभग करोड़ों रुपए का लेनदेन प्रति दिन होता है सूचना मिलते ही डबरा सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस बैंक और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।2