मैलानी रेंज में रेलवे ट्रैक के किनारे मिली बाघिन की लाश, वन विभाग में मचा हड़कंप मैलानी-खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ मैलानी वन्य रेंज में एक मादा बाघिन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से वन महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना मैलानी रेंज की मौरैना बीट स्थित भीखमपुर रेलवे हाल्ट के पास की है। बुधवार सुबह करीब 9 बजे जब वन विभाग की पेट्रोलिंग टीम गश्त पर थी, तब उनकी नजर रेलवे पटरी के किनारे पड़ी लगभग 5 वर्षीय मृत बाघिन पर पड़ी।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के आला अधिकारी और विशेषज्ञ दल तुरंत मौके पर पहुँच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के बाद बाघिन के शव को कब्जे में लेकर मैलानी रेंज कार्यालय पहुँचाया। यहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा बाघिन का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए वन विभाग बाघिन की मौत के पीछे किसी ट्रेन की टक्कर होने की आशंका जता रहा है, हालांकि वन अधिकारी अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर राजा राम मोहन ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला किसी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने का लग रहा है, जिससे टकराकर बाघिन की मौत हुई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल वन विभाग की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के समय उस ट्रैक से कौन-कौन सी ट्रेनें गुजरी थीं। सुरक्षित जंगल के भीतर बाघिन की इस तरह मौत होना वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षण की दृष्टि से एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
मैलानी रेंज में रेलवे ट्रैक के किनारे मिली बाघिन की लाश, वन विभाग में मचा हड़कंप मैलानी-खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ मैलानी वन्य रेंज में एक मादा बाघिन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से वन महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना मैलानी रेंज की मौरैना बीट स्थित भीखमपुर रेलवे हाल्ट के पास की है। बुधवार सुबह करीब 9 बजे जब वन विभाग की पेट्रोलिंग टीम गश्त पर थी, तब उनकी नजर रेलवे पटरी के किनारे पड़ी लगभग 5 वर्षीय मृत बाघिन पर पड़ी।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग
के आला अधिकारी और विशेषज्ञ दल तुरंत मौके पर पहुँच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के बाद बाघिन के शव को कब्जे में लेकर मैलानी रेंज कार्यालय पहुँचाया। यहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा बाघिन का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए वन विभाग बाघिन की मौत के पीछे किसी ट्रेन की टक्कर होने की आशंका जता रहा है, हालांकि वन अधिकारी अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर राजा
राम मोहन ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला किसी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने का लग रहा है, जिससे टकराकर बाघिन की मौत हुई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल वन विभाग की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के समय उस ट्रैक से कौन-कौन सी ट्रेनें गुजरी थीं। सुरक्षित जंगल के भीतर बाघिन की इस तरह मौत होना वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षण की दृष्टि से एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
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- मैलानी-खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहाँ मैलानी वन्य रेंज में एक मादा बाघिन का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से वन महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, यह घटना मैलानी रेंज की मौरैना बीट स्थित भीखमपुर रेलवे हाल्ट के पास की है। बुधवार सुबह करीब 9 बजे जब वन विभाग की पेट्रोलिंग टीम गश्त पर थी, तब उनकी नजर रेलवे पटरी के किनारे पड़ी लगभग 5 वर्षीय मृत बाघिन पर पड़ी।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के आला अधिकारी और विशेषज्ञ दल तुरंत मौके पर पहुँच गए। अधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाने के बाद बाघिन के शव को कब्जे में लेकर मैलानी रेंज कार्यालय पहुँचाया। यहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों के एक पैनल द्वारा बाघिन का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए वन विभाग बाघिन की मौत के पीछे किसी ट्रेन की टक्कर होने की आशंका जता रहा है, हालांकि वन अधिकारी अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं। दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर राजा राम मोहन ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला किसी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने का लग रहा है, जिससे टकराकर बाघिन की मौत हुई होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौत के सटीक कारणों की पुष्टि के लिए विसरा सुरक्षित कर लिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल वन विभाग की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि घटना के समय उस ट्रैक से कौन-कौन सी ट्रेनें गुजरी थीं। सुरक्षित जंगल के भीतर बाघिन की इस तरह मौत होना वन्यजीव प्रेमियों और संरक्षण की दृष्टि से एक बड़ा झटका माना जा रहा है।4
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