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बादाम फेंककर मुझे अपमानित किया , मै डरी हुई हूँ, मुझे न्याय मिलनी चाहिए bilaspurnews #chhattisgarhnews #breakingnews बादाम फेंककर मुझे अपमानित किया , मै डरी हुई हूँ, मुझे न्याय मिलनी चाहिए bilaspurnews #chhattisgarhnews #breakingnews

1 hr ago
user_News30live
News30live
Local News Reporter Bilha, Bilaspur•
1 hr ago

बादाम फेंककर मुझे अपमानित किया , मै डरी हुई हूँ, मुझे न्याय मिलनी चाहिए bilaspurnews #chhattisgarhnews #breakingnews बादाम फेंककर मुझे अपमानित किया , मै डरी हुई हूँ, मुझे न्याय मिलनी चाहिए bilaspurnews #chhattisgarhnews #breakingnews

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  • तिफरा के वार्ड 7 में होगा 6 लाख रु के नाली निर्माण कार्य, विधायक धरमलाल कौशिक ने किया भूमिपूजन आज रविवार की शाम 6:00 बजे बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक जी के निज सचिव द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार आज रविवार को पूर्व विधानाभा अध्यक्ष एवम बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने वार्ड क्रमांक-7 तिफरा, बिलासपुर में 6.00 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली नाली निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित होकर सम्मानितजन और क्षेत्रवासियों की उपस्थिति में भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होंने यह कार्य क्षेत्र में स्वच्छता, बेहतर जल निकासी और सुव्यवस्थित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्षेत्रवासियों को इस महत्वपूर्ण कार्य हेतु हार्दिक शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा बिल्हा के सभी क्षेत्रो में जन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निरंतर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और विकास लगातार हो रहे है। इस अवसर पर पार्षद श्री श्याम कार्तिक वर्मा जी, तिफरा-सिरगिट्टी मंडल अध्यक्ष श्री हरीश चंद्र साहू जी एवं क्षेत्र के सम्मानित मोहल्लेवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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    तिफरा के वार्ड 7 में होगा 6 लाख रु के नाली निर्माण कार्य, विधायक धरमलाल कौशिक ने किया भूमिपूजन
आज रविवार की शाम 6:00 बजे बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक जी के निज सचिव द्वारा जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति से मिली जानकारी के अनुसार
आज रविवार को पूर्व विधानाभा अध्यक्ष एवम बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक ने वार्ड क्रमांक-7 तिफरा, बिलासपुर में 6.00 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाली नाली निर्माण कार्य का विधिवत भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित होकर सम्मानितजन और क्षेत्रवासियों की उपस्थिति में भूमिपूजन किया। इस मौके पर उन्होंने यह कार्य क्षेत्र में स्वच्छता, बेहतर जल निकासी और सुव्यवस्थित विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। क्षेत्रवासियों को इस महत्वपूर्ण कार्य हेतु हार्दिक शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि विधानसभा बिल्हा के सभी क्षेत्रो में जन आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए निरंतर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है और विकास लगातार हो रहे है। इस अवसर पर पार्षद श्री श्याम कार्तिक वर्मा जी, तिफरा-सिरगिट्टी मंडल अध्यक्ष श्री हरीश चंद्र साहू जी एवं क्षेत्र के सम्मानित मोहल्लेवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    1 hr ago
  • बादाम फेंककर मुझे अपमानित किया , मै डरी हुई हूँ, मुझे न्याय मिलनी चाहिए bilaspurnews #chhattisgarhnews #breakingnews
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    बादाम फेंककर मुझे अपमानित किया , मै डरी हुई हूँ, मुझे न्याय मिलनी चाहिए bilaspurnews #chhattisgarhnews #breakingnews
    user_News30live
    News30live
    Local News Reporter Bilha, Bilaspur•
    1 hr ago
  • *बस्तर के लिए खुलेगा वैश्विक द्वार, 4 घंटे में पूरा होगा समंदर तक का सफर* *रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन* *बस्तर से बंदरगाह तक सीधी राह, इकोनॉमिक कॉरिडोर से विकास को मिलेगी नई दिशा* बिलासपुर.बस्तर की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) एक क्रांतिकारी कदम साबित होने जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल दूरियों को कम करेगा, बल्कि बस्तर के स्थानीय उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तक पहुँच प्रदान कर लैंड-लॉक्ड क्षेत्र की बाधाओं को समाप्त करेगा। *दुर्गम घाटों से मुक्ति और समय की बड़ी बचत* वर्तमान में जगदलपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा ओडिशा के कोरापुट और जयपुर के कठिन घाटों से होकर गुजरती है, जिसमें 7 से 9 घंटे का समय लगता है। भारी वाहनों के लिए यह मार्ग न केवल थकाऊ है, बल्कि डीजल की खपत और मेंटेनेंस के लिहाज से भी खर्चीला है। नया कॉरिडोर इस यात्रा को मात्र 3.5 से 4 घंटे में समेट देगा। सीधा और घाट-मुक्त रास्ता होने के कारण वाहनों का परिचालन खर्च काफी कम हो जाएगा, जिससे परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी। *नबरंगपुर इंटरचेंज: बस्तर का प्रवेश द्वार* रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जिलों से गुजर रहा है। जगदलपुर मुख्यालय को इस कॉरिडोर से जोड़ने के लिए ओडिशा के नबरंगपुर का दासपुर इंटरचेंज महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। जगदलपुर का ट्रैफिक मात्र 50-60 किमी का सफर तय कर नबरंगपुर इंटरचेंज के माध्यम से रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में शामिल हो सकेगा, जिससे बस्तर सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ जाएगा। *बस्तरिया ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश* इस कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव बस्तर की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अब बस्तर की अरेबिका कॉफी, जैविक इमली, महुआ उत्पाद और प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प को विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुँचाना सुगम होगा। कम लॉजिस्टिक लागत के कारण ये उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय किसानों, संग्रहकर्ताओं और शिल्पकारों को उनकी उपज का बेहतर अंतरराष्ट्रीय मूल्य मिल सकेगा। *सामाजिक और आर्थिक उत्थान* बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे आकांक्षी जिलों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं इन सुदूर क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। इस राजमार्ग के माध्यम से बस्तर का कृषि उत्पाद और इस्पात सीधे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और विशाखापट्टनम जैसे औद्योगिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सर्विस सेक्टर में हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर बस्तर में औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाने के लिए तैयार है। *औद्योगिक और खनिज विकास* बस्तर क्षेत्र लौह अयस्क और अन्य खनिजों से समृद्ध है। यह कॉरिडोर इन खनिजों को विशाखापत्तनम पोर्ट तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे निर्यात और व्यापार में भारी उछाल आएगा। कॉरिडोर के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा। *पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का विस्तार* कनेक्टिविटी में सुधार होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा, दंतेश्वरी मंदिर, ढोलकल गणेश, कुतुमसर गुफा और चित्रकोट-तीरथगढ़ जैसे जलप्रपातों तक पहुंच आसान होगी। इससे न केवल पर्यटन राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आदिम संस्कृति और लोक कलाओं को भी वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी। *पर्यावरण और इंजीनियरिंग का तालमेल* कांकेर जिले के बासनवाही के मंझिनगढ़ पहाड़ी (केशकाल) को चीरकर 2.79 किमी लंबी छत्तीसगढ़ की पहली ट्विन-ट्यूब टनल बनाई जा रही है। यह टनल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरती है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों का आवागमन बाधित न हो। साथ ही पूरे राजमार्ग में मंकी कैनोपी, एनिमल अंडरपास और ओवरपास बनाए जा रहे हैं ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे। *रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर* रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH 130CD) बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। लगभग 16,491 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 464 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में सेतु का काम करेगा। यह कॉरिडोर बस्तर को विश्व व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना सही मायने में बस्तर की आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान का आधार बनेगी। *"रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से हम राज्य में आधुनिक और मजबूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़कर समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए। यह परियोजना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय* *"रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार कर नागरिकों और माल परिवहन को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर से बस्तर सीधे बंदरगाह से जुड़कर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र तक बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाएं पहुंचें, जिससे प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।" - उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव*
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    *बस्तर के लिए खुलेगा वैश्विक द्वार, 4 घंटे में पूरा होगा समंदर तक का सफर*
*रायपुर-विशाखापट्टनम कॉरिडोर से बस्तर को मिलेगा वैश्विक कनेक्शन*
*बस्तर से बंदरगाह तक सीधी राह, इकोनॉमिक कॉरिडोर से विकास को मिलेगी नई दिशा*
बिलासपुर.बस्तर की प्रगति को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) एक क्रांतिकारी कदम साबित होने जा रहा है। भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह 6-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल दूरियों को कम करेगा, बल्कि बस्तर के स्थानीय उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बंदरगाहों तक पहुँच प्रदान कर लैंड-लॉक्ड क्षेत्र की बाधाओं को समाप्त करेगा।
*दुर्गम घाटों से मुक्ति और समय की बड़ी बचत*
वर्तमान में जगदलपुर से विशाखापट्टनम की यात्रा ओडिशा के कोरापुट और जयपुर के कठिन घाटों से होकर गुजरती है, जिसमें 7 से 9 घंटे का समय लगता है। भारी वाहनों के लिए यह मार्ग न केवल थकाऊ है, बल्कि डीजल की खपत और मेंटेनेंस के लिहाज से भी खर्चीला है। नया कॉरिडोर इस यात्रा को मात्र 3.5 से 4 घंटे में समेट देगा। सीधा और घाट-मुक्त रास्ता होने के कारण वाहनों का परिचालन खर्च काफी कम हो जाएगा, जिससे परिवहन क्षेत्र को बड़ी राहत मिलेगी।
*नबरंगपुर इंटरचेंज: बस्तर का प्रवेश द्वार*
रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130 CD) छत्तीसगढ़ के रायपुर, धमतरी, कांकेर और कोंडागांव जिलों से गुजर रहा है। जगदलपुर मुख्यालय को इस कॉरिडोर से जोड़ने के लिए ओडिशा के नबरंगपुर का दासपुर इंटरचेंज महत्वपूर्ण कड़ी साबित होगा। जगदलपुर का ट्रैफिक मात्र 50-60 किमी का सफर तय कर नबरंगपुर इंटरचेंज के माध्यम से रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर में शामिल हो सकेगा, जिससे बस्तर सीधे विशाखापट्टनम पोर्ट और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
*बस्तरिया ब्रांड का अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश*
इस कॉरिडोर का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव बस्तर की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। अब बस्तर की अरेबिका कॉफी, जैविक इमली, महुआ उत्पाद और प्रसिद्ध ढोकरा शिल्प को विशाखापट्टनम पोर्ट तक पहुँचाना सुगम होगा। कम लॉजिस्टिक लागत के कारण ये उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी दरों पर उपलब्ध होंगे, जिससे स्थानीय किसानों, संग्रहकर्ताओं और शिल्पकारों को उनकी उपज का बेहतर अंतरराष्ट्रीय मूल्य मिल सकेगा।
*सामाजिक और आर्थिक उत्थान*
बस्तर, कांकेर और कोंडागांव जैसे आकांक्षी जिलों को इस परियोजना से सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी सुविधाएं इन सुदूर क्षेत्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेंगी। इस राजमार्ग के माध्यम से बस्तर का कृषि उत्पाद और इस्पात सीधे रायपुर, दुर्ग-भिलाई और विशाखापट्टनम जैसे औद्योगिक केंद्रों से जुड़ जाएगा। इससे स्थानीय युवाओं के लिए तकनीकी, प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, रियल एस्टेट और सर्विस सेक्टर में हजारों नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह कॉरिडोर बस्तर में औद्योगिक विकास की एक नई लहर लाने के लिए तैयार है।
*औद्योगिक और खनिज विकास*
बस्तर क्षेत्र लौह अयस्क और अन्य खनिजों से समृद्ध है। यह कॉरिडोर इन खनिजों को विशाखापत्तनम पोर्ट तक तेजी से पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे निर्यात और व्यापार में भारी उछाल आएगा। कॉरिडोर के किनारे नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय स्तर पर विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
*पर्यटन और सांस्कृतिक पहचान का विस्तार*
कनेक्टिविटी में सुधार होने से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आमद बढ़ेगी। विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा, दंतेश्वरी मंदिर, ढोलकल गणेश, कुतुमसर गुफा और चित्रकोट-तीरथगढ़ जैसे जलप्रपातों तक पहुंच आसान होगी। इससे न केवल पर्यटन राजस्व बढ़ेगा, बल्कि आदिम संस्कृति और लोक कलाओं को भी वैश्विक मंच पर नई पहचान मिलेगी।
*पर्यावरण और इंजीनियरिंग का तालमेल*
कांकेर जिले के बासनवाही के मंझिनगढ़ पहाड़ी (केशकाल) को चीरकर 2.79 किमी लंबी छत्तीसगढ़ की पहली ट्विन-ट्यूब टनल बनाई जा रही है। यह टनल उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के इको-सेंसिटिव जोन से गुजरती है, जिसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि वन्यजीवों का आवागमन बाधित न हो। साथ ही पूरे राजमार्ग में मंकी कैनोपी, एनिमल अंडरपास और ओवरपास बनाए जा रहे हैं ताकि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बना रहे।
*रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर*
रायपुर-विशाखापत्तनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH 130CD) बस्तर संभाग और पूरे छत्तीसगढ़ के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली एक महत्वाकांक्षी परियोजना है। लगभग 16,491 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह 464 किमी लंबा ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल  कॉरिडोर न केवल दूरी कम करेगा, बल्कि बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्रों को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने में सेतु का काम करेगा। यह कॉरिडोर बस्तर को विश्व व्यापार की मुख्यधारा से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करेगा। यह परियोजना सही मायने में बस्तर की आत्मनिर्भरता और वैश्विक पहचान का आधार बनेगी।
*"रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विकास का नया द्वार खोलने जा रहा है। केंद्र सरकार के सहयोग से हम राज्य में आधुनिक और मजबूत अधोसंरचना का तेजी से विस्तार कर रहे हैं। इससे न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी। हमारी सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर जैसे क्षेत्रों को मुख्य धारा की अर्थव्यवस्था से जोड़कर समावेशी और संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए। यह परियोजना आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की दिशा में एक मजबूत कदम है।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*
*"रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रदेश में कनेक्टिविटी और औद्योगिक विकास को नई गति देगा। विश्वस्तरीय सड़क नेटवर्क तैयार कर नागरिकों और माल परिवहन को सुगम, सुरक्षित और तेज बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर से बस्तर सीधे बंदरगाह से जुड़कर व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। हमारी प्राथमिकता है कि हर क्षेत्र तक बेहतर सड़क और बुनियादी सुविधाएं पहुंचें, जिससे प्रदेश का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।" - उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव*
    user_जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क
    जोगी जगत न्यूज़ नेटवर्क
    बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र स्थित संबलपुरी ओवरब्रिज पर रविवार को भीषण सड़क हादसा हुआ। बिलासपुर से रायपुर की ओर जा रहे कोयले से लदे ट्रेलर की सामने से आ रहे दूसरे ट्रेलर से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के तुरंत बाद एक ट्रेलर में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि ट्रेलर चालक बाहर नहीं निकल सका और ट्रक समेत जिंदा जल गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।
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    बिलासपुर के सकरी थाना क्षेत्र स्थित संबलपुरी ओवरब्रिज पर रविवार को भीषण सड़क हादसा हुआ। बिलासपुर से रायपुर की ओर जा रहे कोयले से लदे ट्रेलर की सामने से आ रहे दूसरे ट्रेलर से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर के तुरंत बाद एक ट्रेलर में आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। आग इतनी भयानक थी कि ट्रेलर चालक बाहर नहीं निकल सका और ट्रक समेत जिंदा जल गया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।
    user_द संक्षेप
    द संक्षेप
    Media company बिलासपुर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • मुंगेली के सिटी कोतवाली क्षेत्र में मोबाइल पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। फल्ली दुकान संचालक के पुत्र राहुल सारथी पर आरोपी सोमनाथ साहू ने लोहे के चापड़ से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है। #MungeliNews #CrimeNews #AttemptToMurder #ChhattisgarhPolice #BreakingNews #LocalNews #HindiNews #PoliceAction #MungeliPolice
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    मुंगेली के सिटी कोतवाली क्षेत्र में मोबाइल पैसों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। फल्ली दुकान संचालक के पुत्र राहुल सारथी पर आरोपी सोमनाथ साहू ने लोहे के चापड़ से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को हिरासत में लेकर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है।
#MungeliNews #CrimeNews #AttemptToMurder #ChhattisgarhPolice #BreakingNews #LocalNews #HindiNews #PoliceAction #MungeliPolice
    user_CG RIGHT TIMES NEWS
    CG RIGHT TIMES NEWS
    पत्रकार Pathariya, Mungeli•
    8 hrs ago
  • Post by Hari Sharma Sharma
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    Post by Hari Sharma Sharma
    user_Hari Sharma Sharma
    Hari Sharma Sharma
    अकलतरा, जांजगीर-चांपा, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • गैस संकट या खेल अंदरूनी? बलौदा बाजार की बम्लेश्वरी गैस एजेंसी पर उठे गंभीर सवाल *संपादक बलौदाबाजार* *8839398932* https://vandebharatlivetvnews.com/?p=663196 बलौदा बाजार। शहर की चर्चित बम्लेश्वरी गैस एजेंसी एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह सुविधा नहीं बल्कि अव्यवस्था और कथित गड़बड़ी है। इन दिनों गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के बीच एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। घंटों लाइन, फिर भी नहीं मिलता सिलेंडर सुबह से ही एजेंसी के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। महिलाएं, बुजुर्ग और रोज कमाने-खाने वाले लोग अपने जरूरी काम छोड़कर सिलेंडर लेने पहुंचते हैं। कई उपभोक्ता 4-5 घंटे तक इंतजार करते हैं, लेकिन अंत में उन्हें “स्टॉक खत्म” कहकर लौटा दिया जाता है। “खास लोगों” के लिए अलग व्यवस्था? स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां आम जनता लाइन में खड़ी रहती है, वहीं कुछ चुनिंदा लोगों को एजेंसी के अंदर से ही आसानी से सिलेंडर दे दिया जाता है। यह कथित “बैकडोर सप्लाई” पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रही है और लोगों में आक्रोश बढ़ा रही है। ब्लैक में खरीदने को मजबूर उपभोक्ता स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई उपभोक्ता मजबूरी में ब्लैक में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। रसोई गैस जैसी आवश्यक सेवा में इस तरह की स्थिति ने आम परिवारों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। क्या यह नियमों का उल्लंघन? अगर वास्तव में सिलेंडर की कमी है, तो फिर कुछ लोगों को अंदर से गैस कैसे मिल रही है? क्या यह एजेंसी की लापरवाही है या फिर जानबूझकर किया जा रहा भेदभाव? ऐसे कई सवाल अब लोगों के मन में उठ रहे हैं। जनता में गुस्सा, प्रशासन से उम्मीद लगातार हो रही इस परेशानी से उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे। आम आदमी का दर्द “हम घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, फिर भी खाली हाथ लौटते हैं… और कुछ लोग सीधे अंदर से सिलेंडर लेकर चले जाते हैं। क्या नियम सिर्फ गरीबों के लिए हैं?” — एक पीड़ित उपभोक्ता की यह बात पूरे हालात को बयां करती है। अब नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस कथित गड़बड़ी पर अंकुश लगेगा या आम जनता यूं ही परेशान होती रहेगी।
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    गैस संकट या खेल अंदरूनी? बलौदा बाजार की बम्लेश्वरी गैस एजेंसी पर उठे गंभीर सवाल 
*संपादक बलौदाबाजार* 
*8839398932*
https://vandebharatlivetvnews.com/?p=663196
बलौदा बाजार। शहर की चर्चित बम्लेश्वरी गैस एजेंसी एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह सुविधा नहीं बल्कि अव्यवस्था और कथित गड़बड़ी है। इन दिनों गैस सिलेंडर की भारी किल्लत के बीच एजेंसी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
घंटों लाइन, फिर भी नहीं मिलता सिलेंडर
सुबह से ही एजेंसी के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। महिलाएं, बुजुर्ग और रोज कमाने-खाने वाले लोग अपने जरूरी काम छोड़कर सिलेंडर लेने पहुंचते हैं। कई उपभोक्ता 4-5 घंटे तक इंतजार करते हैं, लेकिन अंत में उन्हें “स्टॉक खत्म” कहकर लौटा दिया जाता है।
“खास लोगों” के लिए अलग व्यवस्था?
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां आम जनता लाइन में खड़ी रहती है, वहीं कुछ चुनिंदा लोगों को एजेंसी के अंदर से ही आसानी से सिलेंडर दे दिया जाता है। यह कथित “बैकडोर सप्लाई” पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा कर रही है और लोगों में आक्रोश बढ़ा रही है।
ब्लैक में खरीदने को मजबूर उपभोक्ता
स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि कई उपभोक्ता मजबूरी में ब्लैक में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। रसोई गैस जैसी आवश्यक सेवा में इस तरह की स्थिति ने आम परिवारों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।
क्या यह नियमों का उल्लंघन?
अगर वास्तव में सिलेंडर की कमी है, तो फिर कुछ लोगों को अंदर से गैस कैसे मिल रही है? क्या यह एजेंसी की लापरवाही है या फिर जानबूझकर किया जा रहा भेदभाव? ऐसे कई सवाल अब लोगों के मन में उठ रहे हैं।
जनता में गुस्सा, प्रशासन से उम्मीद
लगातार हो रही इस परेशानी से उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश है। लोगों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो वे विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होंगे।
आम आदमी का दर्द
“हम घंटों लाइन में खड़े रहते हैं, फिर भी खाली हाथ लौटते हैं… और कुछ लोग सीधे अंदर से सिलेंडर लेकर चले जाते हैं। क्या नियम सिर्फ गरीबों के लिए हैं?” — एक पीड़ित उपभोक्ता की यह बात पूरे हालात को बयां करती है।
अब नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस कथित गड़बड़ी पर अंकुश लगेगा या आम जनता यूं ही परेशान होती रहेगी।
    user_Abhas sharma
    Abhas sharma
    बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • चकरभाठा थाना क्षेत्र की 16 वर्ष 4 माह की नाबालिक बालिका बिन बताएं घर से हुई फरार परिजनों ने थाना चकरभाठा में दर्ज कराया अपहरण का रिपोर्ट शनिवार की रात 10:00 बजे चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार चकरभाठा थाना छेत्र के एक गांव मे रहने वाले 38 वर्षीय पिता ने शनिवार की साम 4 बजे के करीब थाना उपस्थित आ कर रिपोर्ट दर्ज कराई है की थाना चकरभाठा छेत्र जिला बिलासपुर में रहता हूं रोजी मजदूरी का काम करता हूं कि मेरी लडकी उम्र 16 साल 4 माह की है जो दिनांक 17/04/2026 के दोपहर करीबन 14.00 बजे घर से बिना बताये कही चली गई है जो अभी तक घर नही आयी है मेरी लडकी का आसपास एवं रिश्तेदारो के यहां पता तलाश किया कोई पता नहीं चला मुझे आशंका है कि मेरी नाबालिक लडकी को कोई अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बहला फुसला कर अपहरण कर ले गया है रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही किया जाये प्रार्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने अपराध धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है
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    चकरभाठा थाना क्षेत्र की 16 वर्ष 4 माह की नाबालिक बालिका बिन बताएं घर से हुई फरार परिजनों ने थाना चकरभाठा में दर्ज कराया अपहरण का रिपोर्ट
शनिवार की रात 10:00 बजे चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 
चकरभाठा थाना छेत्र के एक गांव मे रहने वाले 38 वर्षीय पिता ने शनिवार की साम 4 बजे के करीब थाना उपस्थित आ कर रिपोर्ट दर्ज कराई है की 
थाना चकरभाठा छेत्र जिला बिलासपुर में रहता हूं रोजी मजदूरी का काम करता हूं कि मेरी लडकी उम्र 16 साल 4 माह  की है जो दिनांक 17/04/2026 के दोपहर करीबन 14.00 बजे घर से बिना बताये कही चली गई है जो अभी तक घर नही आयी है मेरी लडकी का आसपास एवं रिश्तेदारो के यहां पता तलाश किया कोई पता नहीं चला मुझे आशंका है कि मेरी नाबालिक लडकी को कोई अज्ञात व्यक्ति के द्वारा बहला फुसला कर अपहरण कर ले गया है रिपोर्ट करता हूं कार्यवाही किया जाये प्रार्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने अपराध धारा 137(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है और मामले की विवेचना जारी है
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    11 hrs ago
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