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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मनपट क्षेत्र से संबंधित दो जुड़वा भाइयों के बारे में एक जानकारी साझा की गई है। इस जानकारी के अनुसार, ये जुड़वा भाई वर्ष 2026 तक काफी प्रसिद्ध हो जाएंगे। पोस्ट में इन जुड़वा भाइयों को देखने का उल्लेख करते हुए, लोगों से एक 'लाइक' देने का आग्रह भी किया गया है।

16 hrs ago
user_Bakumar Taigar
Bakumar Taigar
अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
16 hrs ago

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मनपट क्षेत्र से संबंधित दो जुड़वा भाइयों के बारे में एक जानकारी साझा की गई है। इस जानकारी के अनुसार, ये जुड़वा भाई वर्ष 2026 तक काफी प्रसिद्ध हो जाएंगे। पोस्ट में इन जुड़वा भाइयों को देखने का उल्लेख करते हुए, लोगों से एक 'लाइक' देने का आग्रह भी किया गया है।

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  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में ध्याण मंदिर का लोकार्पण किया। वह ध्याण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरु में ध्याण मंदिर का लोकार्पण किया। वह ध्याण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुए।
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मनपट क्षेत्र से संबंधित दो जुड़वा भाइयों के बारे में एक जानकारी साझा की गई है। इस जानकारी के अनुसार, ये जुड़वा भाई वर्ष 2026 तक काफी प्रसिद्ध हो जाएंगे। पोस्ट में इन जुड़वा भाइयों को देखने का उल्लेख करते हुए, लोगों से एक 'लाइक' देने का आग्रह भी किया गया है।
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    छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मनपट क्षेत्र से संबंधित दो जुड़वा भाइयों के बारे में एक जानकारी साझा की गई है। इस जानकारी के अनुसार, ये जुड़वा भाई वर्ष 2026 तक काफी प्रसिद्ध हो जाएंगे। पोस्ट में इन जुड़वा भाइयों को देखने का उल्लेख करते हुए, लोगों से एक 'लाइक' देने का आग्रह भी किया गया है।
    user_Bakumar Taigar
    Bakumar Taigar
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
  • बुलबुल में आजकल लोग पानी के लिए तरस रहे हैं, जिसका कारण नगर निगम की बड़ी लापरवाही बताई जा रही है। पहले शाम को ठीक से पानी आता था, लेकिन आजकल 10-15 मिनट से ज़्यादा पानी नहीं दिया जा रहा है।
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    बुलबुल में आजकल लोग पानी के लिए तरस रहे हैं, जिसका कारण नगर निगम की बड़ी लापरवाही बताई जा रही है। पहले शाम को ठीक से पानी आता था, लेकिन आजकल 10-15 मिनट से ज़्यादा पानी नहीं दिया जा रहा है।
    user_Ashish Kumar tirkey
    Ashish Kumar tirkey
    Driver बतौली, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • सूरजपुर, छत्तीसगढ़ में 3 जून 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा आदिवासी समुदाय के लिए "वनवासी" शब्द के प्रयोग के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया। सूरजपुर के अग्रसेन चौक (पुराना बस स्टैंड) पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में आदिवासी एवं मूलवासी समाज के सैकड़ों लोग, जिनमें भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष चिंटू सोनवानी भी शामिल थे, इकट्ठा हुए। उन्होंने गृह मंत्री का पुतला दहन कर और जोरदार नारेबाजी कर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रतिकूल मौसम, जिसमें तेज धूप और अचानक हुई बारिश भी शामिल थी, के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ और वे अपनी मांगों पर डटे रहे। यह विरोध केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 24 मई 2026 को जनजाति सुरक्षा मंच के एक कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय को "वनवासी" कहकर संबोधित करने के बाद उपजे व्यापक आक्रोश का परिणाम है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्व आदिवासी समाज (युवा प्रभाग) के जिला अध्यक्ष बी.पी.एस. पोया ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज भारत की प्राचीनतम मूलवासी सभ्यता का प्रतिनिधित्व करता है, जिसकी अपनी अनूठी भाषा, संस्कृति, परंपरा और जीवन-पद्धति है। उन्होंने "आदिवासी" शब्द को उनकी ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक बताते हुए कहा कि "वनवासी" शब्द इस पहचान को सीमित और विकृत करता है, जो न तो ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित है और न ही शैक्षणिक दृष्टि से उचित है। पोया ने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए बताया कि अनुच्छेद 342 के तहत आदिवासी समुदाय को "अनुसूचित जनजाति" के रूप में मान्यता प्राप्त है, और अनुच्छेद 14, 15, 21, 29 एवं 46 उन्हें समानता, गरिमा, सांस्कृतिक अधिकार और विकास की संवैधानिक गारंटी प्रदान करते हैं। ऐसे में, भ्रामक शब्दों का प्रयोग संविधान की मूल भावना के विपरीत है। बी.पी.एस. पोया ने केंद्रीय गृह मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी शब्दावली का प्रयोग जारी रहा, तो ग्राम स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक व्यापक आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन का समापन महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपने के साथ हुआ। समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी संवैधानिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था में पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि अपनी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए वैधानिक तरीके से आवाज उठाना उनका अधिकार है। इस कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक जुनास एक्का, जिला उपाध्यक्ष सुमन टोप्पो, युवा प्रभाग संभाग अध्यक्ष राजा क्षितिज कुमार सिंह उइके सहित विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्षों—शिव प्रताप सिंह आयाम (सूरजपुर), गुलाब सिंह नेताम (रामानुजनगर), विनय पावले (भैयाथान), चंद्रसेन सिंह पोया (ओड़गी), संपलाल सिंह पोया (प्रतापपुर), तथा प्रेमनगर कार्यकारिणी अध्यक्ष सूरज सिंह पोर्ते—के साथ अशोक पैकरा, गीता पंडो, मनीष प्रताप सिंह उर्रे, संदीप कुशवाहा, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष चिंटू सोनवानी, दीपक मानिकपुरी, अमित कुमार मिंज, अमित कुमार सिंह खैरवार, मीना गौतम, युगेश सोनपाकर, दीपक सिंह धुर्वे जैसे पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
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    सूरजपुर, छत्तीसगढ़ में 3 जून 2026 को केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा आदिवासी समुदाय के लिए "वनवासी" शब्द के प्रयोग के विरोध में व्यापक प्रदर्शन किया गया। सूरजपुर के अग्रसेन चौक (पुराना बस स्टैंड) पर आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में आदिवासी एवं मूलवासी समाज के सैकड़ों लोग, जिनमें भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष चिंटू सोनवानी भी शामिल थे, इकट्ठा हुए। उन्होंने गृह मंत्री का पुतला दहन कर और जोरदार नारेबाजी कर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। प्रतिकूल मौसम, जिसमें तेज धूप और अचानक हुई बारिश भी शामिल थी, के बावजूद प्रदर्शनकारियों का उत्साह कम नहीं हुआ और वे अपनी मांगों पर डटे रहे।

यह विरोध केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा 24 मई 2026 को जनजाति सुरक्षा मंच के एक कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय को "वनवासी" कहकर संबोधित करने के बाद उपजे व्यापक आक्रोश का परिणाम है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सर्व आदिवासी समाज (युवा प्रभाग) के जिला अध्यक्ष बी.पी.एस. पोया ने स्पष्ट किया कि आदिवासी समाज भारत की प्राचीनतम मूलवासी सभ्यता का प्रतिनिधित्व करता है, जिसकी अपनी अनूठी भाषा, संस्कृति, परंपरा और जीवन-पद्धति है। उन्होंने "आदिवासी" शब्द को उनकी ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक बताते हुए कहा कि "वनवासी" शब्द इस पहचान को सीमित और विकृत करता है, जो न तो ऐतिहासिक रूप से प्रमाणित है और न ही शैक्षणिक दृष्टि से उचित है। पोया ने भारतीय संविधान का हवाला देते हुए बताया कि अनुच्छेद 342 के तहत आदिवासी समुदाय को "अनुसूचित जनजाति" के रूप में मान्यता प्राप्त है, और अनुच्छेद 14, 15, 21, 29 एवं 46 उन्हें समानता, गरिमा, सांस्कृतिक अधिकार और विकास की संवैधानिक गारंटी प्रदान करते हैं। ऐसे में, भ्रामक शब्दों का प्रयोग संविधान की मूल भावना के विपरीत है।

बी.पी.एस. पोया ने केंद्रीय गृह मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की और चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी शब्दावली का प्रयोग जारी रहा, तो ग्राम स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक व्यापक आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन का समापन महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल के नाम प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपने के साथ हुआ। समाज के प्रतिनिधियों ने अपनी संवैधानिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था में पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि अपनी सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए वैधानिक तरीके से आवाज उठाना उनका अधिकार है। इस कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक जुनास एक्का, जिला उपाध्यक्ष सुमन टोप्पो, युवा प्रभाग संभाग अध्यक्ष राजा क्षितिज कुमार सिंह उइके सहित विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्षों—शिव प्रताप सिंह आयाम (सूरजपुर), गुलाब सिंह नेताम (रामानुजनगर), विनय पावले (भैयाथान), चंद्रसेन सिंह पोया (ओड़गी), संपलाल सिंह पोया (प्रतापपुर), तथा प्रेमनगर कार्यकारिणी अध्यक्ष सूरज सिंह पोर्ते—के साथ अशोक पैकरा, गीता पंडो, मनीष प्रताप सिंह उर्रे, संदीप कुशवाहा, भीम आर्मी जिलाध्यक्ष चिंटू सोनवानी, दीपक मानिकपुरी, अमित कुमार मिंज, अमित कुमार सिंह खैरवार, मीना गौतम, युगेश सोनपाकर, दीपक सिंह धुर्वे जैसे पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आमजन मौजूद रहे।
    user_Shivnath bagheL
    Shivnath bagheL
    Newspaper publisher सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • सूरजपुर जिले में गृह मंत्री अमित शाह के कथित बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन युवा प्रभाग और सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित किया गया था।
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    सूरजपुर जिले में गृह मंत्री अमित शाह के कथित बयान को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन युवा प्रभाग और सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित किया गया था।
    user_Sandeep kushwaha
    Sandeep kushwaha
    सूरजपुर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • छत्तीसगढ़ में 40 साल बाद एक ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है जिसके परिणामस्वरूप 56 गाँव पूरी तरह से जलमग्न हो जाएँगे।
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    छत्तीसगढ़ में 40 साल बाद एक ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है जिसके परिणामस्वरूप 56 गाँव पूरी तरह से जलमग्न हो जाएँगे।
    user_Satya singh
    Satya singh
    Students support association रामानुजनगर, सूरजपुर, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान कई नई पहलों की शुरुआत की है। इसी क्रम में, वे ध्याण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान कई नई पहलों की शुरुआत की है। इसी क्रम में, वे ध्याण मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
    user_Pradesh Khabar
    Pradesh Khabar
    Media company अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    11 hrs ago
  • राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित प्लरिश स्टे होटल में बुधवार को भीषण आग लगने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि आग होटल के बेसमेंट में संचालित रेस्टोरेंट से शुरू हुई और देखते ही देखते इसने विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई। होटल में ठहरे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई, और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए होटल की खिड़कियों से छलांग लगा दी। हादसे के दौरान चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बना रहा, जिसमें एक मां ने अपने बच्चे को सीने से लगाकर तीसरी मंजिल से कूदकर जान बचाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एंबुलेंस के पहुंचने में देरी होने पर कई घायलों को लोगों ने अपने कंधों पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
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    राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित प्लरिश स्टे होटल में बुधवार को भीषण आग लगने से एक बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि आग होटल के बेसमेंट में संचालित रेस्टोरेंट से शुरू हुई और देखते ही देखते इसने विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरी इमारत आग की चपेट में आ गई। होटल में ठहरे लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई, और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए होटल की खिड़कियों से छलांग लगा दी। हादसे के दौरान चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बना रहा, जिसमें एक मां ने अपने बच्चे को सीने से लगाकर तीसरी मंजिल से कूदकर जान बचाने की कोशिश की।

स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एंबुलेंस के पहुंचने में देरी होने पर कई घायलों को लोगों ने अपने कंधों पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिस और प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
    user_Akhil Mittal
    Akhil Mittal
    उदयपुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    16 hrs ago
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