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Apke Nagar Ki App…
जालौन जिले के कालपी कोतवाली क्षेत्र में ऐप के ज़रिए लोगों के नग्न वीडियो बनाकर उनसे रंगदारी मांगने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस के अनुसार, अपराधी 'वाला' नामक एक ऐप का इस्तेमाल करते थे, जिसके ज़रिए वे पहले लोगों से दोस्ती करते थे। दोस्ती के बाद वे पीड़ितों को किसी अज्ञात जगह पर बुलाते थे, जहाँ उन्हें नग्न अवस्था में कर उनका वीडियो बनाते थे। इन वीडियो को वायरल करने और जान से मारने की धमकी देकर वे लोगों से रंगदारी वसूलते थे। कालपी पुलिस ने इन तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से ₹9200 नकद, एक मोबाइल फोन, एक 315 बोर का तमंचा तथा दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
Dev Patel
जालौन जिले के कालपी कोतवाली क्षेत्र में ऐप के ज़रिए लोगों के नग्न वीडियो बनाकर उनसे रंगदारी मांगने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस के अनुसार, अपराधी 'वाला' नामक एक ऐप का इस्तेमाल करते थे, जिसके ज़रिए वे पहले लोगों से दोस्ती करते थे। दोस्ती के बाद वे पीड़ितों को किसी अज्ञात जगह पर बुलाते थे, जहाँ उन्हें नग्न अवस्था में कर उनका वीडियो बनाते थे। इन वीडियो को वायरल करने और जान से मारने की धमकी देकर वे लोगों से रंगदारी वसूलते थे। कालपी पुलिस ने इन तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से ₹9200 नकद, एक मोबाइल फोन, एक 315 बोर का तमंचा तथा दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
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- जालौन जिले के कालपी कोतवाली क्षेत्र में ऐप के ज़रिए लोगों के नग्न वीडियो बनाकर उनसे रंगदारी मांगने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस के अनुसार, अपराधी 'वाला' नामक एक ऐप का इस्तेमाल करते थे, जिसके ज़रिए वे पहले लोगों से दोस्ती करते थे। दोस्ती के बाद वे पीड़ितों को किसी अज्ञात जगह पर बुलाते थे, जहाँ उन्हें नग्न अवस्था में कर उनका वीडियो बनाते थे। इन वीडियो को वायरल करने और जान से मारने की धमकी देकर वे लोगों से रंगदारी वसूलते थे। कालपी पुलिस ने इन तीन शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से ₹9200 नकद, एक मोबाइल फोन, एक 315 बोर का तमंचा तथा दो जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।1
- कानपुर देहात के जिलाधिकारी कपिल सिंह ने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में माती स्थित ईवीएम वेयरहाउस का त्रैमासिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने वेयरहाउस की सीसीटीवी व्यवस्था, साफ-सफाई और रखरखाव का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने इन सभी पहलुओं की जांच के उपरांत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश में सड़कों के नाम बदले जाने के बाद से राजनीतिक उठापटक शुरू हो गई है। फतेहपुर मूसा नगर में इस मामले पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है, जहाँ मो. अनीश कुरैशी का भी उल्लेख किया गया है।1
- मुख्य विकास अधिकारी श्री विधान जायसवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को विकास भवन सभागार में "फैमिली आईडी : एक परिवार-एक पहचान" योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना, पात्र परिवारों का शत-प्रतिशत पंजीकरण करना और विभागीय समन्वय के माध्यम से योजना की प्रगति को गति प्रदान करना था। मुख्य विकास अधिकारी ने बल देते हुए कहा कि यह योजना शासन की एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है, जिससे पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और सुगम तरीके से मिल सकेगा। बैठक में जनपद स्तरीय अधिकारियों ने व्यक्तिगत रूप से और खण्ड विकास अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारियों तथा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों ने वर्चुअल माध्यम से भाग लिया। समीक्षा के दौरान, मुख्य विकास अधिकारी ने पंजीकरण, सत्यापन, डेटा अद्यतन और लंबित प्रकरणों की स्थिति की विस्तार से जांच की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि जिन परिवारों का अभी तक पंजीकरण नहीं हो पाया है, उन्हें चिह्नित कर विशेष अभियान चलाकर योजना से जोड़ा जाए और ग्राम पंचायत व नगरीय क्षेत्रों में जनजागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए, मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को नियमित रूप से अद्यतन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने और तकनीकी या प्रशासनिक समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र परिवार की पहचान कर उन्हें योजनाओं से लाभान्वित करना सभी संबंधित विभागों की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी क्रम में, समाज कल्याण विभाग के एडीओ समाज कल्याण मुख्यालय शिव शंकर द्वारा अपने पदीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन न करने और लक्ष्यों की पूर्ति न करने पर उनका वेतन रोक दिया गया। उन्हें चेतावनी देते हुए स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, समाज कल्याण विभाग के ब्लॉक स्तर पर तैनात सभी एडीओ समाज कल्याण का वेतन भी रोकने के साथ-साथ चेतावनी और स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के अंत में, मुख्य विकास अधिकारी ने सभी अधिकारियों को समन्वित प्रयासों से कार्य करने और योजना के लक्ष्यों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी दोहराया कि अधिकारी फैमिली आईडी बनाने के कार्य में तेजी लाएं, अन्यथा लापरवाही बरतने वालों पर कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक, जिला विकास अधिकारी सुनील तिवारी, उपायुक्त श्रम रोजगार अशोक कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रतिभा सिंह, और अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।2
- डेरापुर तहसील परिसर में ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ता बुधवार सुबह 10 बजे से ही तहसील परिसर में एकजुट होना शुरू हो गए, जहाँ उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज़ बुलंद की और ई-पंजीयन व्यवस्था को वापस लेने की अपनी मांग को दोहराया। तहसील परिसर में आयोजित एक बैठक के दौरान, अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस व्यवस्था से न केवल अधिवक्ताओं बल्कि आम नागरिकों को भी कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग हैं और उनकी उपेक्षा कर लागू की गई किसी भी व्यवस्था का उनका विरोध जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने दृढ़ता से कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। इसके साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे इसी तरह के आंदोलन को भी अपना समर्थन देने का संकल्प लिया। अधिवक्ताओं ने सरकार से इस समस्या का समाधान वार्ता के माध्यम से निकालने और अधिवक्ता तथा आमजन दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की अपील की।1
- कानपुर देहात के माती कलेक्ट्रेट कार्यालय में जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने जनसामान्य की विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध, पारदर्शी तथा गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। प्राप्त प्रार्थना पत्रों के संबंध में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि सभी प्रकरणों का संतोषजनक निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब से बचा जाए। इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ताओं को उनके प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति और स्थिति से समय-समय पर अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए।1
- जालौन के विकासखंड क्षेत्र के ग्राम बोहदपुरा में जलभराव की गंभीर समस्या ने ग्रामीणों का जीना मुहाल कर दिया है। गाँव के कई मुख्य मार्गों पर लंबे समय से पानी भरा रहने के कारण लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि टूटी हुई नालियों और सफाई व्यवस्था की लगातार अनदेखी के चलते हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि उनके घरों के सामने और प्रमुख रास्तों पर अक्सर पानी भरा रहता है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को खासकर बरसात के दिनों में काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीण शिव शंकर पांचाल, सतनारायण पांचाल, अनिल कुशवाहा और खुदा कुशवाहा समेत अन्य लोगों ने ग्राम प्रधान सचिन और पंचायत सचिव पर इस समस्या को लेकर कई बार अवगत कराने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सफाई कर्मचारी भी नियमित रूप से काम नहीं कर रहे हैं, जिससे नालियाँ चोक हो गई हैं और गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल टूटी हुई नालियों की मरम्मत कराने, जल निकासी की उचित व्यवस्था करने और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है ताकि उन्हें इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे संबंधित अधिकारियों से शिकायत कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेकर कार्रवाई करता है।1