कांकेर जिले में प्राकृतिक आपदा के कारण जान गंवाने वाले 4 मृतकों के निकटतम परिजनों के लिए आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव ने राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6-4 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए इन प्रकरणों में यह सहायता राशि मंजूर की है। अंतागढ़ तहसील के अंतर्गत ग्राम कलगांव में आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौत के 3 मामलों में मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसमें मृतक प्रकाश पटेल की पत्नी श्रीमती तुलसी बाई, संतोष पटेल की पत्नी श्रीमती उखा बाई और मनराज ठाकुर की पत्नी श्रीमती यशोदा बाई को यह राशि मिलेगी। इसके साथ ही, अंतागढ़ तहसील के ही ग्राम लामकन्हार निवासी श्रीमती सविता दुग्गा की गड्ढे में गिरने से हुई मृत्यु के मामले में उनके परिजन प्रेमसिंह दुग्गा के लिए भी 4 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। इस स्वीकृत सहायता राशि का भुगतान अंतागढ़ तहसीलदार द्वारा सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किया जाएगा।
कांकेर जिले में प्राकृतिक आपदा के कारण जान गंवाने वाले 4 मृतकों के निकटतम परिजनों के लिए आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की गई है। कलेक्टर निलेशकुमार महादेव ने राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6-4 के तहत अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए इन प्रकरणों में यह सहायता राशि मंजूर की है। अंतागढ़ तहसील के अंतर्गत ग्राम कलगांव में आकाशीय बिजली गिरने से हुई मौत के 3 मामलों में मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। इसमें मृतक प्रकाश पटेल की पत्नी श्रीमती तुलसी बाई, संतोष पटेल की पत्नी श्रीमती उखा बाई और मनराज ठाकुर की पत्नी श्रीमती यशोदा बाई को यह राशि मिलेगी। इसके साथ ही, अंतागढ़ तहसील के ही ग्राम लामकन्हार निवासी श्रीमती सविता दुग्गा की गड्ढे में गिरने से हुई मृत्यु के मामले में उनके परिजन प्रेमसिंह दुग्गा के लिए भी 4 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। इस स्वीकृत सहायता राशि का भुगतान अंतागढ़ तहसीलदार द्वारा सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से किया जाएगा।
- छत्तीसगढ़ के कांकेर की डीएसपी कविता धुर्वे राष्ट्रीय चैंपियन बन गई हैं। उन्होंने शिलांग में छत्तीसगढ़ का परचम लहराया है।1
- छत्तीसगढ़ के कांकेर और नारायणपुर जिले की सीमा पर कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हेटारकसा, पल्लाहूर और जपमारका के बीच जंगल-पहाड़ी इलाके में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त सर्चिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने एक नक्सली डम्प का पर्दाफाश करते हुए वहां से भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक सामग्री और अन्य नक्सली सामान बरामद किया है। सुरक्षा की दृष्टि से बरामद टिफिन आईईडी, पाइप बम और बीजीएल सेल को बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) ने मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर नष्ट कर दिया। बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक बद्री नारायण मीणा के निर्देशन और बीएसएफ डीआईजी दीपक तिवारी, कांकेर पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा व 40वीं वाहिनी बीएसएफ के द्वितीय कमान अधिकारी नरेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। 14 जुलाई 2026 को चलाए गए इस अभियान में डीआरजी, बीएसएफ और बीडीएस की संयुक्त टीम शामिल थी। इस संयुक्त दल का नेतृत्व ग्राउंड पर बीएसएफ के सहायक कमांडेंट अंकुश कुमार, थाना प्रभारी निरीक्षक निर्मल जांगड़े, बीएसएफ इंस्पेक्टर अनुज कुमार, उप निरीक्षक गंगा राम, रजत जेफ, रोशन लाल मीणा तथा डीआरजी टीम कमांडर प्रधान आरक्षक रामकृष्ण यादव ने किया। नक्सली डम्प से बरामद की गई सामग्रियों में एक 303 रायफल मैगजीन, एक बीजीएल लॉन्चर, 303 रायफल के चार राउंड, एके-47 के 30 राउंड, एसएलआर के चार राउंड, 10 बीजीएल सेल, लगभग तीन किलोग्राम वजनी एक टिफिन आईईडी, दो पाइप बम और अन्य नक्सली सामग्री शामिल हैं। कांकेर पुलिस के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तथा नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए डीआरजी, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा बलों का यह संयुक्त सघन सर्चिंग अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।3
- कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भानबेड़ा में आज एक परिवार के सदस्य भूपेंद्र कुमार सिन्हा ने ईसाई धर्म छोड़कर पूरे विधि-विधान के साथ अपने मूल धर्म में वापसी कर ली है। भूपेंद्र काफी लंबे समय से ईसाई धर्म में चले गए थे। आज ग्राम पंचायत की बैठक के दौरान उन्होंने समस्त ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उपस्थित होकर स्वप्रेरित भाव से हिंदू संस्कृति में वापस आने की इच्छा जताई और इसके लिए निवेदन किया। भूपेंद्र के निवेदन के उपरांत सभी जनप्रतिनिधियों ने उन्हें भानबेड़ा के मुख्य चौक पर स्थित हनुमान मंदिर में ले जाकर पूजा-अर्चना कराई और पूरे रीति-रिवाज व विधि-विधान से उनकी मूल धर्म में वापसी कराई। मंदिर प्रांगण में उपस्थित ग्रामवासियों ने भूपेंद्र सिन्हा का अक्षत, तिलक लगाकर और अंगवस्त्र पहनाकर मूल धर्म में भावभीना स्वागत किया। इस विशेष अवसर पर ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती ममता ठाकुर, पूर्व सरपंच जागेश्वर सिंह नरेटी, रमेश कोर्राम, राजेंद्र जैन, अर्जुन निषाद, खेमू सिंह चुरेंद्र, उमेश तिवारी, सुरेंद्र धनकर, अजय पाल, जितेंद्र पाण्डेय, अगनुराम नुरेटी, कन्हैया कुंजाम, अजय नेताम, दिलीप चंद्राकर, सुभाष चंद्र जायसवाल, श्रीमती गोदावरी यादव, पिलाबाई यादव, लता चौरे, रमशिला जैन सहित भानबेड़ा गांव के कई वरिष्ठ नागरिक और पंचायत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।4
- बस्तर की प्राचीन राजधानी और कोण्डागांव के फरसगांव स्थित बड़ेडोंगर में 16 जुलाई 2026 को 600 वर्षों से चली आ रही ऐतिहासिक गोंचा पर्व की परंपरा को बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पुजारियों ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और पूरे क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस भव्य पर्व में बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने शामिल होकर अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी आस्था प्रकट की। यह ऐतिहासिक गोंचा पर्व बस्तर की लोक संस्कृति, सामाजिक एकता और सदियों पुरानी परंपराओं का एक जीवंत प्रतीक है।1
- धमतरी के गोकुलपुर वार्ड स्थित कृदत्त कॉलोनी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के पावन अवसर पर बच्चों ने एक अनूठी पहल की है। यहाँ अयांश सिंह की अगुवाई में बच्चों ने साइकिल पर भगवान जगन्नाथ की एक मिनी रथयात्रा निकाली, जिसने सभी कॉलोनीवासियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। बच्चों के इस अनूठे प्रयास, उनकी अटूट श्रद्धा और उत्साह की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की। इस अनोखी रथयात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, उनके बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की लकड़ी से निर्मित प्रतिमाओं को साइकिल पर सुसज्जित किया गया और पूरे कॉलोनी क्षेत्र में भ्रमण कराया गया। इस दौरान बच्चे बाजे-गाजे के साथ 'जय जगन्नाथ' का जयघोष करते हुए पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ रथयात्रा में शामिल हुए। रथयात्रा के समापन पर बच्चों ने कॉलोनीवासियों के बीच पारंपरिक गजामूंग और पेड़े का प्रसाद वितरित कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद सभी तक पहुंचाया। इस आयोजन में अनय जायसवाल, गेविश साहू, विभु, चेतस चंद्राकर, आरो जायसवाल, सिम्मी साहू और फवी चंद्राकर सहित कई बच्चों ने बड़ी श्रद्धा के साथ भाग लिया। बच्चों की इस पहल ने धार्मिक परंपराओं के प्रति नई पीढ़ी की आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव का एक सुंदर संदेश दिया है।2
- बलरामपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र विकासखंड कुसमी के अंतर्गत प्राथमिक शाला फुतूरटोली में कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी अचानक निरीक्षण करने पहुंचीं। वहां उन्होंने खुद एक शिक्षिका की भूमिका निभाते हुए बच्चों की पढ़ाई के स्तर को परखा। कलेक्टर ने सीधे बच्चों से संवाद स्थापित किया, उनसे गणित और अंग्रेजी के सवाल पूछे और उनके सीखने की क्षमता का बारीकी से आकलन किया। विद्यालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षिका ने बताया कि यहां पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं संचालित होती हैं, जिसमें कुल 13 विद्यार्थी नामांकित हैं और निरीक्षण के दिन 9 विद्यार्थी उपस्थित थे। इस पर कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा अनुपस्थित बच्चों के पालकों से संपर्क करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने ब्लैकबोर्ड पर बच्चों से गणित के सवाल हल करवाए, जिसमें चौथी कक्षा की छात्रा गुंजन केरकेट्टा ने गुणा के प्रश्नों का सही उत्तर देकर 12 तक का पहाड़ा सुनाया। वहीं पांचवीं कक्षा के छात्र टार्जन किंडो ने भी पूरे आत्मविश्वास के साथ पहाड़ा सुनाया। इसके बाद कलेक्टर ने बच्चों से अंग्रेजी में जानवरों के नाम पूछे और उन्हें अंग्रेजी शब्दों के सही व स्पष्ट उच्चारण का नियमित अभ्यास कराया। बच्चों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे कमजोर बच्चों की पहचान कर उन्हें अतिरिक्त समय और विशेष मार्गदर्शन दें, ताकि नियमित उपस्थिति और सतत अभ्यास से बच्चों की मजबूत शैक्षणिक नींव मजबूत हो सके और उनका बेहतर भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।3
- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में पखांजूर पुलिस ने महुआ शराब के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 6 लीटर महुआ शराब बरामद की है।1
- कोंडागांव में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर गुरुवार दोपहर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जिसमें जगदलपुर से रायपुर की ओर जा रहा लोहे के भारी सामान से लदा एक ट्रेलर अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतरा और खेत में जा घुसा। हादसा इतना जोरदार था कि ट्रेलर में लदा भारी-भरकम लोहे का सामान टूटकर खेत में दूर-दूर तक बिखर गया। दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने तत्काल राहत कार्य शुरू कर गंभीर रूप से घायल ट्रेलर चालक को वाहन से बाहर निकाला और इलाज के लिए जिला अस्पताल कोंडागांव भेजा, जहां उसका उपचार जारी है। हादसे की सूचना मिलते ही कोंडागांव पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद दुर्घटनाग्रस्त ट्रेलर को हटाने की प्रक्रिया शुरू कराई। पुलिस दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच में जुटी हुई है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को ही दुर्घटना की वजह माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पिछले कुछ समय से लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था और भारी वाहनों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।3