भिंडा गांव में मवेशी घर में लगी भीषण आग, भैंस और बकरी सहित तीन मवेशी जिंदा जले डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के भिंडा गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ शॉर्ट सर्किट के कारण एक केलूपोश मवेशी घर में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में मवेशी घर के भीतर बंधे तीन बेजुबान जानवर जिंदा जल गए और पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। मामले के अनुसार, भिंडा गांव निवासी भेमा रावल के केलूपोश घर में अचानक शॉर्ट सर्किट से चिंगारी उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि मवेशियों को बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला। इस हादसे में घर के भीतर बंधी एक भैंस, भैंस का बछड़ा और एक बकरी की झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित भेमा रावल ने बताया कि उनका यह केलूपोश मकान दो हिस्सों में बंटा हुआ था। मकान के अगले हिस्से में वह अपनी आजीविका चलाने के लिए किराना की दुकान संचालित करते थे, जबकि पिछले हिस्से को उन्होंने मवेशी घर बना रखा था। आग की चपेट में आने से मवेशियों के साथ-साथ घर में रखा भारी मात्रा में घास और अनाज भी जलकर राख हो गया है। जिससे परिवार के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है ताकि हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो सके। बाइट - भेमा रावल पीड़ित
भिंडा गांव में मवेशी घर में लगी भीषण आग, भैंस और बकरी सहित तीन मवेशी जिंदा जले डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के भिंडा गांव में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहाँ शॉर्ट सर्किट के कारण एक केलूपोश मवेशी घर में भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड में मवेशी घर के भीतर बंधे तीन बेजुबान जानवर जिंदा जल गए और पीड़ित परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। मामले के अनुसार, भिंडा गांव निवासी भेमा रावल के केलूपोश घर में अचानक शॉर्ट सर्किट से चिंगारी उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि मवेशियों को बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला। इस हादसे में घर के भीतर बंधी एक भैंस, भैंस का बछड़ा और एक बकरी की झुलसने से मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित भेमा रावल ने बताया कि उनका यह केलूपोश मकान दो हिस्सों में बंटा हुआ था। मकान के अगले हिस्से में वह अपनी आजीविका चलाने के लिए किराना की दुकान संचालित करते थे, जबकि पिछले हिस्से को उन्होंने मवेशी घर बना रखा था। आग की चपेट में आने से मवेशियों के साथ-साथ घर में रखा भारी मात्रा में घास और अनाज भी जलकर राख हो गया है। जिससे परिवार के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग की है ताकि हुए नुकसान की कुछ हद तक भरपाई हो सके। बाइट - भेमा रावल पीड़ित
- अखिलेश जैन को मिला बेस्ट सचिव का अवार्ड संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। महावीर इंटरनेशनल के डूंगरपुर-बांसवाड़ा जोन का भव्य संभागीय अधिवेशन हाल ही में तलवाड़ा में संपन्न हुआ। सेवा और समर्पण के इस समागम में कनबा केंद्र ने अपनी उत्कृष्ट कार्यप्रणाली का लोहा मनवाते हुए कुल पाँच पुरस्कार अपने नाम किए। केंद्र के सचिव अखिलेश पी. जैन को उनकी सक्रियता और बेहतरीन प्रबंधन के लिए बेस्ट सचिव के गौरवशाली सम्मान से नवाजा गया। - सेवा कार्यों का प्रस्तुत किया लेखा-जोखा अधिवेशन के मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जैन थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जोन अध्यक्ष पृथ्वीराज जैन ने की, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में उपाध्यक्ष गौतम राठौड़, अजीत कोठिया, विनोद दोषी और सुरेश गांधी उपस्थित रहे। सम्मेलन में संभाग के 22 केंद्रों से आए करीब 225 पदाधिकारियों और सदस्यों ने शिरकत की। जोन अध्यक्ष पृथ्वीराज जैन ने संभाग में संस्थान द्वारा संचालित सेवा प्रकल्पों की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की और आगामी वर्ष की कार्ययोजना साझा की। - कनबा केंद्र को मिले पाँच सम्मान सम्मान समारोह के दौरान कनबा केंद्र छाया रहा। सचिव अखिलेश जैन द्वारा क्षेत्र में किए गए सेवा कार्यों के विस्तृत प्रतिवेदन की सभी ने सराहना की। इसी कर्मठता के आधार पर उन्हें संभाग का बेस्ट सचिव घोषित किया गया। इसके अतिरिक्त, केंद्र को सुकून की छाँव प्रोजेक्ट के अंतर्गत निःशुल्क छाता वितरण और लंबी दूरी के सेवा कार्यों के लिए भी सम्मानित किया गया। वहीं, सेवा कार्यों में अपना अमूल्य सहयोग देने वालीं भामाशाह श्रीमती पुष्पादेवी जैन को सर्वश्री अवार्ड से विभूषित किया गया। - अनुशासन और सेवा का संगम अधिवेशन में विभिन्न केंद्रों से आए पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और जीव दया के क्षेत्र में किए गए कार्यों का विवरण दिया। अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल जैन ने कनबा केंद्र सहित सभी सक्रिय शाखाओं की सराहना करते हुए कहा कि मानव सेवा ही महावीर इंटरनेशनल का मूल ध्येय है। कार्यक्रम के अंत में सभी विजेता पदाधिकारियों को प्रतीक चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर उनकी हौसला अफजाई की गई।1
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- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी कुशलगढ़ खेड़ा पती हनुमान मंदिर पर संगित मय हनुमान चालीसा पाठ व आरती1
- झाड़ोल में सहकारी समिति कार्मिकों ने सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन1
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- कोटडा तहसील के समीप उपलाथला वीरा पुलिया पर बेलो से भरी पिकअप गाड़ी पलटी चालक व खलासी घायल1
- वंदे भारत का किराया कम करने और डूंगरपुर को दिल्ली-मुंबई से जोड़ने की सदन में रखी मांग संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। लोकसभा में बजट सत्र के दौरान बांसवाड़ा-डूंगरपुर सांसद राजकुमार रोत ने क्षेत्र की रेल समस्याओं और बुनियादी सुविधाओं को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। सांसद ने दो टूक शब्दों में कहा कि आदिवासी अंचल की जनता ने 2014 और 2019 में भाजपा को एकतरफा भारी जनादेश दिया, लेकिन बदले में इस क्षेत्र को केवल उपेक्षा ही मिली है। उन्होंने वर्ष 2012 में स्वीकृत हुई डूंगरपुर–बांसवाड़ा–रतलाम रेल परियोजना के 14 वर्षों बाद भी अधूरा रहने पर गंभीर सवाल खड़े किए। सांसद रोत ने सदन का ध्यान इस ओर खींचा कि राजस्थान के 41 जिलों में बांसवाड़ा आज भी एकमात्र ऐसा जिला है, जो रेल मानचित्र से पूरी तरह कटा हुआ है। उन्होंने सरकार की नई घोषणाओं को मजाक करार देते हुए कहा कि जब एक दशक पुरानी स्वीकृत परियोजनाएं ही धूल फांक रही हैं, तो नई लाइनों का क्या भरोसा? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नई प्रस्तावित रेल लाइनों (जैसे नीमच-प्रतापगढ़-बांसवाड़ा) का उद्देश्य केवल इस क्षेत्र की खनिज संपदा को लूटना है, तो इसका कड़ा विरोध किया जाएगा। रेलवे की नीतियों पर तंज कसते हुए रोत ने कहा कि डूंगरपुर से अहमदाबाद के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस का किराया 690 रुपये है, जबकि सामान्य ट्रेन में यह सफर मात्र 60-70 रुपये में तय होता है। उन्होंने सवाल किया कि एक गरीब, आदिवासी और मजदूर इतना महंगा किराया कैसे वहन करेगा? उन्होंने मांग की कि वंदे भारत का किराया कम किया जाए और इसके रूट को सूरत तक बढ़ाया जाए ताकि स्थानीय व्यापारियों और श्रमिकों को वास्तविक लाभ मिल सके। - दिल्ली-मुंबई सीधी ट्रेन की पुरजोर मांग सांसद ने डूंगरपुर को देश के बड़े महानगरों से जोड़ने के लिए व्यावहारिक समाधान पेश किए। उन्होंने कहा कि उदयपुर में मेवाड़ और चेतक एक्सप्रेस घंटों खड़ी रहती हैं यदि सरकार की इच्छाशक्ति हो, तो इन्हें डूंगरपुर तक आसानी से बढ़ाया जा सकता है। वहीं, उदयपुर-बांद्रा ट्रेन के लंबे और घुमावदार रूट पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने इसे डूंगरपुर के रास्ते चलाने की मांग की, जिससे यात्रियों के 8 से 10 घंटे बच सकेंगे। वहीं, राजकुमार रोत ने डूंगरपुर रेलवे स्टेशन का नाम भील राजा डूंगर बरंडा के नाम पर रखने की मांग प्रमुखता से रखी। इसके अलावा, उन्होंने बिछीवाड़ा स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव, असारवा-जयपुर एक्सप्रेस में बढ़ती भीड़ को नियंत्रित करने और भूमि अधिग्रहण के बदले आदिवासियों को उचित मुआवजा दिलाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने अंत में चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जनता अब केवल घोषणाओं से संतुष्ट होने वाली नहीं है, उसे धरातल पर काम चाहिए।1
- संवाददाता - संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, वगैरी में राज्य सरकार की योजना के अंतर्गत कक्षा 9 में अध्ययनरत छात्राओं के लिए निःशुल्क साइकिल वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय की 21 पात्र छात्राओं को साइकिलें भेंट की गईं, जिन्हें पाकर छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे। समारोह की अध्यक्षता कार्यवाहक प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार शुक्ला ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भाजपा अनुसूचित जाति युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष दलीचंद बुनकर थे। विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रशासक परतु डोडियार एवं समाजसेवी सुरेन्द्र सिंह चौहान उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि दलीचंद बुनकर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य का आधार है। उन्होंने छात्राओं को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी और उनका लाभ उठाकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। साइकिल वितरण के इस पुनीत कार्य के दौरान विद्यालय स्टाफ और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिनमें भरत जैन, हितेश जोशी, विजय जोशी, शंकर लाल अंगारी, गिरीश व्यास और लीना भट्ट ने सहभागिता निभाई। अतिथियों ने छात्राओं को साइकिल की चाबियाँ सौंपी और उन्हें नियमित विद्यालय आने व उच्च शिक्षा प्राप्त करने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम का कुशल संचालन चंद्रवीर सिंह चौहान द्वारा किया गया, जिन्होंने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में चिराग श्रीमाली ने पधारे हुए सभी अतिथियों, अभिभावकों और स्टाफ का आभार व्यक्त किया। साइकिल मिलने से अब दूर-दराज से आने वाली छात्राओं की राह आसान होगी और उनके समय की भी बचत होगी।1
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