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पोरसा मुक्तिधाम में सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों ने किया शैक्षणिक भ्रमण, महाकाल की ईश वंदना के साथ जाना औषधीय पौधों का महत्व **बिंदुसार सिंह तोमर ने कराया मुक्तिधाम का अवलोकन, डॉ. अनिल गुप्ता ने विद्यार्थियों को औषधीय वृक्षों, पौधों और औषधि उपवन के महत्व की दी विस्तृत जानकारी** पोरसा, मुरैना।** ,,,,,,पोरसा स्थित अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मुक्तिधाम में आज सरस्वती शिशु मंदिर, अंबाह के बालक-बालिकाओं ने शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और औषधीय वनस्पतियों के महत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। भ्रमण के दौरान बच्चों को मुक्तिधाम में स्थापित विभिन्न आकृतियों, प्राकृतिक सौंदर्य और औषधि उपवन का अवलोकन कराया गया। इस शैक्षणिक गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ प्रत्यक्ष अनुभव से सीखने का अवसर मिला। ## महालोक गर्भगृह में महाकाल की ईश वंदना से हुई शुरुआत सरस्वती शिशु मंदिर अंबाह के विद्यार्थियों के मुक्तिधाम पहुंचने पर कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक वातावरण में हुई। बालक-बालिकाओं ने महालोक गर्भगृह में महाकाल मंदिर की ईश वंदना की और भगवान महाकाल का स्मरण कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। ईश वंदना के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और ईश्वर के प्रति श्रद्धा के भाव से परिचित होने का अवसर मिला। धार्मिक गतिविधि के बाद विद्यार्थियों ने मुक्तिधाम परिसर का भ्रमण किया। यहां उन्हें परिसर में विकसित विभिन्न संरचनाओं, आकर्षक आकृतियों और वहां की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई। ## बिंदुसार सिंह तोमर ने कराया मुक्तिधाम का अवलोकन भ्रमण के दौरान बिंदुसार सिंह तोमर ने विद्यार्थियों को मुक्तिधाम का अवलोकन कराया। उन्होंने बच्चों को परिसर में निर्मित विभिन्न आकृतियों और वहां की विशेषताओं से परिचित कराया। विद्यार्थियों ने परिसर में मौजूद संरचनाओं को देखा तथा उनके महत्व को समझने का प्रयास किया। मुक्तिधाम का यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक अलग तरह का अनुभव रहा, जिसमें उन्हें परिसर की व्यवस्था, उसकी रचनात्मकता और वहां विकसित किए गए विभिन्न स्थलों को नजदीक से देखने का अवसर मिला। ## डॉ. अनिल गुप्ता ने समझाया औषधीय पौधों का महत्व कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण औषधीय पौधों और वृक्षों के बारे में दी गई जानकारी रही। डॉ. अनिल गुप्ता ने विद्यार्थियों को विभिन्न औषधीय पौधों, वृक्षों और उनकी उपयोगिता के विषय में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को बताया कि प्रकृति में अनेक ऐसे पौधे और वृक्ष पाए जाते हैं, जिनका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में किया जाता रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को औषधीय वनस्पतियों की पहचान, उनके महत्व और मानव जीवन में उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बच्चों को यह समझने का अवसर मिला कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण की सुंदरता बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मानव जीवन, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ## औषधि उपवन का भ्रमण कर जाना वृक्षों के औषधीय गुणों का महत्व मुक्तिधाम परिसर में स्थित औषधि उपवन का अवलोकन भी विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से ज्ञानवर्धक रहा। डॉ. अनिल गुप्ता ने बच्चों को औषधि उपवन के महत्व से परिचित कराते हुए बताया कि औषधीय पौधों का संरक्षण और संवर्धन आज के समय में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को पौधों के औषधीय गुणों तथा उनके पारंपरिक उपयोगों के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने औषधीय वनस्पतियों को करीब से देखा और उनके बारे में जानने में रुचि दिखाई। इस प्रकार विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति जिज्ञासा विकसित करने तथा पौधों की उपयोगिता को समझने का अवसर मिला। औषधि उपवन के माध्यम से बच्चों को यह संदेश भी मिला कि वृक्षों और वनस्पतियों का संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। यदि समाज में बच्चों को प्रारंभ से ही पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और औषधीय पौधों के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए, तो भविष्य में प्रकृति के प्रति संवेदनशील नागरिक तैयार किए जा सकते हैं। ## पुस्तकीय ज्ञान के साथ मिला व्यावहारिक अनुभव सरस्वती शिशु मंदिर अंबाह के विद्यार्थियों के लिए यह भ्रमण केवल एक सामान्य भ्रमण नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और प्रकृति से जुड़ने का अवसर रहा। एक ओर बच्चों ने महाकाल की ईश वंदना के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया, वहीं दूसरी ओर मुक्तिधाम में बनी आकृतियों और औषधि उपवन के माध्यम से रचनात्मकता, पर्यावरण तथा औषधीय वनस्पतियों के विषय में जानकारी प्राप्त की। इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों में नई चीजों को जानने की जिज्ञासा बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने आसपास के पर्यावरण, वृक्षों और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझने में सहायता करती हैं। ## प्रकृति संरक्षण और संस्कारों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल पोरसा मुक्तिधाम में आयोजित यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक मूल्यों, प्रकृति संरक्षण और औषधीय वनस्पतियों के महत्व से जोड़ने की दिशा में उपयोगी पहल रहा। भ्रमण के दौरान बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से पौधों और वृक्षों को देखने तथा उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता, पेड़-पौधों के संरक्षण की भावना और प्रकृति के प्रति सम्मान विकसित करने में मदद मिलती है। सरस्वती शिशु मंदिर अंबाह के बालक-बालिकाओं का यह भ्रमण इस संदेश के साथ महत्वपूर्ण रहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन, संस्कृति, प्रकृति और समाज से जोड़ना भी है। पोरसा के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मुक्तिधाम में मिला यह अनुभव निश्चित रूप से बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।

12 hrs ago
user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
12 hrs ago

पोरसा मुक्तिधाम में सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों ने किया शैक्षणिक भ्रमण, महाकाल की ईश वंदना के साथ जाना औषधीय पौधों का महत्व **बिंदुसार सिंह तोमर ने कराया मुक्तिधाम का अवलोकन, डॉ. अनिल गुप्ता ने विद्यार्थियों को औषधीय वृक्षों, पौधों और औषधि उपवन के महत्व की दी विस्तृत जानकारी** पोरसा, मुरैना।** ,,,,,,पोरसा स्थित अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मुक्तिधाम में आज सरस्वती शिशु मंदिर, अंबाह के बालक-बालिकाओं ने शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और औषधीय वनस्पतियों के महत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। भ्रमण के दौरान बच्चों को मुक्तिधाम में स्थापित विभिन्न आकृतियों, प्राकृतिक सौंदर्य और औषधि उपवन का अवलोकन कराया गया। इस शैक्षणिक गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ प्रत्यक्ष अनुभव से सीखने का अवसर मिला। ## महालोक गर्भगृह में महाकाल की ईश वंदना से हुई शुरुआत सरस्वती शिशु मंदिर अंबाह के विद्यार्थियों के मुक्तिधाम पहुंचने पर कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक वातावरण में हुई। बालक-बालिकाओं ने महालोक गर्भगृह में महाकाल मंदिर की ईश वंदना की और भगवान महाकाल का स्मरण कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। ईश वंदना के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और ईश्वर के प्रति श्रद्धा के भाव से परिचित होने का अवसर मिला। धार्मिक गतिविधि के बाद विद्यार्थियों ने मुक्तिधाम परिसर का भ्रमण किया। यहां उन्हें परिसर में विकसित विभिन्न संरचनाओं, आकर्षक आकृतियों और वहां की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई। ## बिंदुसार सिंह तोमर ने कराया मुक्तिधाम का अवलोकन भ्रमण के दौरान बिंदुसार सिंह तोमर ने विद्यार्थियों को मुक्तिधाम का अवलोकन कराया। उन्होंने बच्चों को परिसर में निर्मित विभिन्न आकृतियों और वहां की विशेषताओं से परिचित कराया। विद्यार्थियों ने परिसर में मौजूद संरचनाओं को देखा तथा उनके महत्व को समझने का प्रयास किया। मुक्तिधाम का यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक अलग तरह का अनुभव रहा, जिसमें उन्हें परिसर की व्यवस्था, उसकी रचनात्मकता और वहां विकसित किए गए विभिन्न स्थलों को नजदीक से देखने का अवसर मिला। ## डॉ. अनिल गुप्ता ने समझाया औषधीय पौधों का महत्व कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण औषधीय पौधों और वृक्षों के बारे में दी गई जानकारी रही। डॉ. अनिल गुप्ता ने विद्यार्थियों को विभिन्न औषधीय पौधों, वृक्षों और उनकी उपयोगिता के विषय में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को बताया कि प्रकृति में अनेक ऐसे पौधे और वृक्ष पाए जाते हैं, जिनका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में किया जाता रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को औषधीय वनस्पतियों की पहचान, उनके महत्व और मानव जीवन में उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बच्चों को यह समझने का अवसर मिला कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण की सुंदरता बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मानव जीवन, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए

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रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ## औषधि उपवन का भ्रमण कर जाना वृक्षों के औषधीय गुणों का महत्व मुक्तिधाम परिसर में स्थित औषधि उपवन का अवलोकन भी विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से ज्ञानवर्धक रहा। डॉ. अनिल गुप्ता ने बच्चों को औषधि उपवन के महत्व से परिचित कराते हुए बताया कि औषधीय पौधों का संरक्षण और संवर्धन आज के समय में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को पौधों के औषधीय गुणों तथा उनके पारंपरिक उपयोगों के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने औषधीय वनस्पतियों को करीब से देखा और उनके बारे में जानने में रुचि दिखाई। इस प्रकार विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति जिज्ञासा विकसित करने तथा पौधों की उपयोगिता को समझने का अवसर मिला। औषधि उपवन के माध्यम से बच्चों को यह संदेश भी मिला कि वृक्षों और वनस्पतियों का संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। यदि समाज में बच्चों को प्रारंभ से ही पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और औषधीय पौधों के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए, तो भविष्य में प्रकृति के प्रति संवेदनशील नागरिक तैयार किए जा सकते हैं। ## पुस्तकीय ज्ञान के साथ मिला व्यावहारिक अनुभव सरस्वती शिशु मंदिर अंबाह के विद्यार्थियों के लिए यह भ्रमण केवल एक सामान्य भ्रमण नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और प्रकृति से जुड़ने का अवसर रहा। एक ओर बच्चों ने महाकाल की ईश वंदना के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया, वहीं दूसरी ओर मुक्तिधाम में बनी आकृतियों और औषधि उपवन के माध्यम से रचनात्मकता, पर्यावरण तथा औषधीय वनस्पतियों के विषय में जानकारी प्राप्त की। इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों में नई चीजों को जानने की जिज्ञासा बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने आसपास के पर्यावरण, वृक्षों और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझने में सहायता करती हैं। ## प्रकृति संरक्षण और संस्कारों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल पोरसा मुक्तिधाम में आयोजित यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक मूल्यों, प्रकृति संरक्षण और औषधीय वनस्पतियों के महत्व से जोड़ने की दिशा में उपयोगी पहल रहा। भ्रमण के दौरान बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से पौधों और वृक्षों को देखने तथा उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता, पेड़-पौधों के संरक्षण की भावना और प्रकृति के प्रति सम्मान विकसित करने में मदद मिलती है। सरस्वती शिशु मंदिर अंबाह के बालक-बालिकाओं का यह भ्रमण इस संदेश के साथ महत्वपूर्ण रहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन, संस्कृति, प्रकृति और समाज से जोड़ना भी है। पोरसा के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मुक्तिधाम में मिला यह अनुभव निश्चित रूप से बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।

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  • करवा चौथ को लेकर पोरसा बाजार में उमड़ा जनसैलाब, देर शाम तक रही खरीदारी की धूम साड़ी, चूड़ी, आभूषण, मेहंदी और पूजन सामग्री की दुकानों पर लगी भीड़, त्योहार की रौनक से बाजार गुलजार पोरसा। करवा चौथ के त्योहार को लेकर पोरसा नगर के बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल देखने को मिली। त्योहार की तैयारियों के चलते बाजार में खरीदारी करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी और प्रमुख बाजारों में दिनभर रौनक बनी रही। महिलाओं की भारी भीड़ के चलते बाजार खचाखच भरे नजर आए। दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने से व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी दिखाई दी। करवा चौथ सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। महिलाएं अपनी पसंद के कपड़े, चूड़ियां, आभूषण, सौंदर्य प्रसाधन, मेहंदी और पूजन सामग्री की खरीदारी करती नजर आईं। वहीं, करवा चौथ की पूजा में उपयोग होने वाली सामग्री की दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ रही। बाजार में सजी दुकानों और खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ ने त्योहार के उत्साह को और बढ़ा दिया। महिलाएं परिवार के सदस्यों के साथ बाजार पहुंचीं और व्रत से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी की। कपड़ों और श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर विशेष चहल-पहल रही। त्योहार को देखते हुए दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों पर विभिन्न प्रकार के सामान सजाकर रखे। पोरसा के बाजारों में दिखाई दी यह रौनक त्योहार के प्रति लोगों के उत्साह को दर्शा रही थी। दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रहने से बाजार गुलजार रहे और व्यापारियों को भी अच्छी बिक्री की उम्मीद नजर आई। करवा चौथ के अवसर पर बाजारों में उमड़ी भीड़ ने पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल बना दिया।
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    करवा चौथ को लेकर पोरसा बाजार में उमड़ा जनसैलाब, देर शाम तक रही खरीदारी की धूम

साड़ी, चूड़ी, आभूषण, मेहंदी और पूजन सामग्री की दुकानों पर लगी भीड़, त्योहार की रौनक से बाजार गुलजार
पोरसा। करवा चौथ के त्योहार को लेकर पोरसा नगर के बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल देखने को मिली। त्योहार की तैयारियों के चलते बाजार में खरीदारी करने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी और प्रमुख बाजारों में दिनभर रौनक बनी रही। महिलाओं की भारी भीड़ के चलते बाजार खचाखच भरे नजर आए। दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ने से व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी दिखाई दी।
करवा चौथ सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। पर्व को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। महिलाएं अपनी पसंद के कपड़े, चूड़ियां, आभूषण, सौंदर्य प्रसाधन, मेहंदी और पूजन सामग्री की खरीदारी करती नजर आईं। वहीं, करवा चौथ की पूजा में उपयोग होने वाली सामग्री की दुकानों पर भी ग्राहकों की अच्छी-खासी भीड़ रही।
बाजार में सजी दुकानों और खरीदारी के लिए उमड़ी भीड़ ने त्योहार के उत्साह को और बढ़ा दिया। महिलाएं परिवार के सदस्यों के साथ बाजार पहुंचीं और व्रत से जुड़ी आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी की। कपड़ों और श्रृंगार सामग्री की दुकानों पर विशेष चहल-पहल रही। त्योहार को देखते हुए दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों पर विभिन्न प्रकार के सामान सजाकर रखे।
पोरसा के बाजारों में दिखाई दी यह रौनक त्योहार के प्रति लोगों के उत्साह को दर्शा रही थी। दिनभर ग्राहकों की आवाजाही बनी रहने से बाजार गुलजार रहे और व्यापारियों को भी अच्छी बिक्री की उम्मीद नजर आई। करवा चौथ के अवसर पर बाजारों में उमड़ी भीड़ ने पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल बना दिया।
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बड़े बकायादारों के द्वारा बिजली बिल भुगतान में रुचि न लेने पर उठाए जा रहे ट्रांसफार्मर, राशि भरने पर पुनः बहाल होगी विद्युत आपूर्ति‌ अंबाह ग्रामीण वितरण केंद्र के टीम के द्वारा भरतपुर,जौंहा ,बडफरा ,सहित चार स्थानों से उठाएंगे ट्रांसफार्मर, अंबाह लगातार घटते राजस्व संग्रहण और लाइन लॉस बरसाती साथ बड़े बकायादारों द्वारा बिल भुगतान में आलोचना लेने पर अब बिजली कंपनी के द्वारा बड़े बकायादारों के खिलाफ और शक्ति बढ़ा दी गई,की जा रही है जिसके तहत उनके ट्रांसफार्मर उठाए जा रहे हैं बड़े बकायदाओं को बार-बार सूचना पत्र और सूचित लाईनमैनों के द्वारा सूचित करने पर भी बिल भुगतान में रुचि नहीं लेने वाले बड़े बकायदाओं के खिलाफ बिजली कंपनी ने खड़ा रुख अपनाते हुए उनके ट्रांसफार्मर लिफ्ट कर रही है अंबाह ग्रामीण की टीम के द्वारा मंगलवार को भरतपुर जौंहा ,बडफरा में बड़े बकायादारों के ट्रांसफार्मर उठाए गए। सहायक प्रबंधक अनिल कुमार ऊइके ने बताया कि बकायादारों में अमर सिंह राठौड़ बडफरा पर 3 लाख 15422, सत्य प्रकाश सखबार बडफरा 4028179, रामवीर शर्मा जौहा 328179, विद्याराम बद्री प्रसाद भरतपुरा पर 297807 बिल बकाया है इनके द्वारा भुगतान करने पर उनकी विधुत आपूर्ति बहाल की जाएगी
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    बड़े बकायादारों के द्वारा बिजली बिल भुगतान में रुचि न लेने पर उठाए जा रहे ट्रांसफार्मर, राशि भरने पर पुनः बहाल होगी विद्युत आपूर्ति‌
अंबाह ग्रामीण वितरण केंद्र के टीम के द्वारा भरतपुर,जौंहा ,बडफरा ,सहित चार स्थानों से उठाएंगे ट्रांसफार्मर,
अंबाह  लगातार घटते राजस्व संग्रहण और लाइन लॉस बरसाती साथ बड़े बकायादारों द्वारा बिल भुगतान में आलोचना लेने पर अब
बिजली  कंपनी के द्वारा बड़े  बकायादारों के खिलाफ और शक्ति बढ़ा दी गई,की जा रही है जिसके तहत उनके ट्रांसफार्मर उठाए जा रहे हैं बड़े बकायदाओं को बार-बार सूचना पत्र और सूचित लाईनमैनों के द्वारा सूचित करने पर भी बिल भुगतान में रुचि नहीं लेने वाले बड़े बकायदाओं के खिलाफ बिजली कंपनी ने  खड़ा रुख अपनाते हुए उनके ट्रांसफार्मर लिफ्ट कर रही है अंबाह ग्रामीण की टीम के द्वारा मंगलवार को भरतपुर जौंहा ,बडफरा में बड़े बकायादारों के ट्रांसफार्मर उठाए गए।
सहायक प्रबंधक अनिल कुमार ऊइके ने बताया कि बकायादारों में  अमर सिंह राठौड़ बडफरा पर 3 लाख 15422, सत्य प्रकाश सखबार बडफरा 4028179, रामवीर शर्मा जौहा 328179, विद्याराम बद्री प्रसाद भरतपुरा पर  297807  बिल बकाया है इनके द्वारा भुगतान करने पर उनकी विधुत आपूर्ति बहाल की जाएगी
    user_पत्रकार-धर्मेन्द्र सिंह तोमर
    पत्रकार-धर्मेन्द्र सिंह तोमर
    Voice of people अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    28 min ago
  • बड़े बकायादारों के द्वारा बिजली बिल भुगतान में रुचि न लेने पर उठाए जा रहे ट्रांसफार्मर, राशि भरने पर पुनः बहाल होगी विद्युत आपूर्ति‌ अंबाह ग्रामीण वितरण केंद्र के टीम के द्वारा भरतपुर,जौंहा ,बडफरा ,सहित चार स्थानों से उठाएंगे ट्रांसफार्मर, अंबाह लगातार घटते राजस्व संग्रहण और लाइन लॉस बरसाती साथ बड़े बकायादारों द्वारा बिल भुगतान में आलोचना लेने पर अब बिजली कंपनी के द्वारा बड़े बकायादारों के खिलाफ और शक्ति बढ़ा दी गई,की जा रही है जिसके तहत उनके ट्रांसफार्मर उठाए जा रहे हैं बड़े बकायदाओं को बार-बार सूचना पत्र और सूचित लाईनमैनों के द्वारा सूचित करने पर भी बिल भुगतान में रुचि नहीं लेने वाले बड़े बकायदाओं के खिलाफ बिजली कंपनी ने खड़ा रुख अपनाते हुए उनके ट्रांसफार्मर लिफ्ट कर रही है अंबाह ग्रामीण की टीम के द्वारा मंगलवार को भरतपुर जौंहा ,बडफरा में बड़े बकायादारों के ट्रांसफार्मर उठाए गए। सहायक प्रबंधक अनिल कुमार ऊइके ने बताया कि बकायादारों में अमर सिंह राठौड़ बडफरा पर 3 लाख 15422, सत्य प्रकाश सखबार बडफरा 4028179, रामवीर शर्मा जौहा 328179, विद्याराम बद्री प्रसाद भरतपुरा पर 297807 बिल बकाया है इनके द्वारा भुगतान करने पर उनकी विधुत आपूर्ति बहाल की जाएगी बड़े बकायादारों के द्वारा बिजली बिल भुगतान में रुचि न लेने पर उठाए जा रहे ट्रांसफार्मर, राशि भरने पर पुनः बहाल होगी विद्युत आपूर्ति‌ अंबाह ग्रामीण वितरण केंद्र के टीम के द्वारा भरतपुर,जौंहा ,बडफरा ,सहित चार स्थानों से उठाएंगे ट्रांसफार्मर, अंबाह लगातार घटते राजस्व संग्रहण और लाइन लॉस बरसाती साथ बड़े बकायादारों द्वारा बिल भुगतान में आलोचना लेने पर अब बिजली कंपनी के द्वारा बड़े बकायादारों के खिलाफ और शक्ति बढ़ा दी गई,की जा रही है जिसके तहत उनके ट्रांसफार्मर उठाए जा रहे हैं बड़े बकायदाओं को बार-बार सूचना पत्र और सूचित लाईनमैनों के द्वारा सूचित करने पर भी बिल भुगतान में रुचि नहीं लेने वाले बड़े बकायदाओं के खिलाफ बिजली कंपनी ने खड़ा रुख अपनाते हुए उनके ट्रांसफार्मर लिफ्ट कर रही है अंबाह ग्रामीण की टीम के द्वारा मंगलवार को भरतपुर जौंहा ,बडफरा में बड़े बकायादारों के ट्रांसफार्मर उठाए गए। सहायक प्रबंधक अनिल कुमार ऊइके ने बताया कि बकायादारों में अमर सिंह राठौड़ बडफरा पर 3 लाख 15422, सत्य प्रकाश सखबार बडफरा 4028179, रामवीर शर्मा जौहा 328179, विद्याराम बद्री प्रसाद भरतपुरा पर 297807 बिल बकाया है इनके द्वारा भुगतान करने पर उनकी विधुत आपूर्ति बहाल की जाएगी
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    बड़े बकायादारों के द्वारा बिजली बिल भुगतान में रुचि न लेने पर उठाए जा रहे ट्रांसफार्मर, राशि भरने पर पुनः बहाल होगी विद्युत आपूर्ति‌

अंबाह ग्रामीण वितरण केंद्र के टीम के द्वारा भरतपुर,जौंहा ,बडफरा ,सहित चार स्थानों से उठाएंगे ट्रांसफार्मर,

अंबाह  लगातार घटते राजस्व संग्रहण और लाइन लॉस बरसाती साथ बड़े बकायादारों द्वारा बिल भुगतान में आलोचना लेने पर अब
बिजली  कंपनी के द्वारा बड़े  बकायादारों के खिलाफ और शक्ति बढ़ा दी गई,की जा रही है जिसके तहत उनके ट्रांसफार्मर उठाए जा रहे हैं बड़े बकायदाओं को बार-बार सूचना पत्र और सूचित लाईनमैनों के द्वारा सूचित करने पर भी बिल भुगतान में रुचि नहीं लेने वाले बड़े बकायदाओं के खिलाफ बिजली कंपनी ने  खड़ा रुख अपनाते हुए उनके ट्रांसफार्मर लिफ्ट कर रही है अंबाह ग्रामीण की टीम के द्वारा मंगलवार को भरतपुर जौंहा ,बडफरा में बड़े बकायादारों के ट्रांसफार्मर उठाए गए।
 सहायक प्रबंधक अनिल कुमार ऊइके ने बताया कि बकायादारों में  अमर सिंह राठौड़ बडफरा पर 3 लाख 15422, सत्य प्रकाश सखबार बडफरा 4028179, रामवीर शर्मा जौहा 328179, विद्याराम बद्री प्रसाद भरतपुरा पर  297807  बिल बकाया है इनके द्वारा भुगतान करने पर उनकी विधुत आपूर्ति बहाल की जाएगी
बड़े बकायादारों के द्वारा बिजली बिल भुगतान में रुचि न लेने पर उठाए जा रहे ट्रांसफार्मर, राशि भरने पर पुनः बहाल होगी विद्युत आपूर्ति‌
अंबाह ग्रामीण वितरण केंद्र के टीम के द्वारा भरतपुर,जौंहा ,बडफरा ,सहित चार स्थानों से उठाएंगे ट्रांसफार्मर,
अंबाह  लगातार घटते राजस्व संग्रहण और लाइन लॉस बरसाती साथ बड़े बकायादारों द्वारा बिल भुगतान में आलोचना लेने पर अब
बिजली  कंपनी के द्वारा बड़े  बकायादारों के खिलाफ और शक्ति बढ़ा दी गई,की जा रही है जिसके तहत उनके ट्रांसफार्मर उठाए जा रहे हैं बड़े बकायदाओं को बार-बार सूचना पत्र और सूचित लाईनमैनों के द्वारा सूचित करने पर भी बिल भुगतान में रुचि नहीं लेने वाले बड़े बकायदाओं के खिलाफ बिजली कंपनी ने  खड़ा रुख अपनाते हुए उनके ट्रांसफार्मर लिफ्ट कर रही है अंबाह ग्रामीण की टीम के द्वारा मंगलवार को भरतपुर जौंहा ,बडफरा में बड़े बकायादारों के ट्रांसफार्मर उठाए गए।
सहायक प्रबंधक अनिल कुमार ऊइके ने बताया कि बकायादारों में  अमर सिंह राठौड़ बडफरा पर 3 लाख 15422, सत्य प्रकाश सखबार बडफरा 4028179, रामवीर शर्मा जौहा 328179, विद्याराम बद्री प्रसाद भरतपुरा पर  297807  बिल बकाया है इनके द्वारा भुगतान करने पर उनकी विधुत आपूर्ति बहाल की जाएगी
    user_भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • ब्रेकिंग न्यूज़: भिंड के सुनारपुरा के पास भीषण सड़क हादसा, अज्ञात वाहन की टक्कर से 2 साल के मासूम समेत एक ही परिवार के 4 लोग घायल ब्रेकिंग न्यूज़: ब्रेकिंग न्यूज़: भिंड के सुनारपुरा के पास भीषण सड़क हादसा, अज्ञात वाहन की टक्कर से 2 साल के मासूम समेत एक ही परिवार के 4 लोग घायल
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    Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • वाल्मीकि जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ फूल-मालाओं से स्वागत बच्चों और महिलाओं ने लगाए जय वाल्मीकि के जयकारे, नाच-गाने के साथ मुख्य मार्ग से निकली शोभायात्रा अम्बाह/मुरैना। वाल्मीकि जयंती के अवसर पर वाल्मीकि समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज के लोगों के साथ बच्चे और महिलाएं भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पूरे मार्ग में भगवान महर्षि वाल्मीकि के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने नाच-गाने और उत्साह के साथ जयंती मनाई। शोभायात्रा का मुख्य मार्ग पर जगह-जगह फूलों और मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत किया। बच्चों और महिलाओं ने जय वाल्मीकि के नारे लगाते हुए पूरे उत्साह के साथ भागीदारी निभाई। ढोल-नगाड़ों, संगीत और भक्ति गीतों के बीच समाज के लोगों ने नृत्य कर खुशी जाहिर की। शोभायात्रा मुख्य मार्ग से होते हुए आगे बढ़ी और निर्धारित स्थान पर पहुंचकर समापन हुआ। वाल्मीकि जयंती के आयोजन ने समाज में एकता, भाईचारे और धार्मिक आस्था का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। महर्षि वाल्मीकि जयंती के इस आयोजन में समाज की एकजुटता और श्रद्धा की झलक देखने को मिली।
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    वाल्मीकि जयंती पर निकली भव्य शोभायात्रा, जगह-जगह हुआ फूल-मालाओं से स्वागत
बच्चों और महिलाओं ने लगाए जय वाल्मीकि के जयकारे, नाच-गाने के साथ मुख्य मार्ग से निकली शोभायात्रा
अम्बाह/मुरैना। वाल्मीकि जयंती के अवसर पर वाल्मीकि समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में समाज के लोगों के साथ बच्चे और महिलाएं भी उत्साहपूर्वक शामिल हुए। पूरे मार्ग में भगवान महर्षि वाल्मीकि के जयकारे गूंजते रहे। श्रद्धालुओं ने नाच-गाने और उत्साह के साथ जयंती मनाई।
शोभायात्रा का मुख्य मार्ग पर जगह-जगह फूलों और मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत किया। बच्चों और महिलाओं ने जय वाल्मीकि के नारे लगाते हुए पूरे उत्साह के साथ भागीदारी निभाई। ढोल-नगाड़ों, संगीत और भक्ति गीतों के बीच समाज के लोगों ने नृत्य कर खुशी जाहिर की।
शोभायात्रा मुख्य मार्ग से होते हुए आगे बढ़ी और निर्धारित स्थान पर पहुंचकर समापन हुआ। वाल्मीकि जयंती के आयोजन ने समाज में एकता, भाईचारे और धार्मिक आस्था का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
महर्षि वाल्मीकि जयंती के इस आयोजन में समाज की एकजुटता और श्रद्धा की झलक देखने को मिली।
    user_Bunty shrivas
    Bunty shrivas
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • नगला बरी के कबाड़ गोदाम में भीषण आग, दमकल की तीन गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं* *देखते रहिए नेशनल न्यूज चैनल एशियन न्यूज फिरोजाबाद से शाहेवेआलम खान पत्रकार जिला मुरैना *नगला बरी के कबाड़ गोदाम में भीषण आग, दमकल की तीन गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं* *देखते रहिए नेशनल न्यूज चैनल एशियन न्यूज फिरोजाबाद से शाहेवेआलम खान पत्रकार जिला मुरैना
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    नगला बरी के कबाड़ गोदाम में भीषण आग, दमकल की तीन गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं*

*देखते रहिए नेशनल न्यूज चैनल एशियन न्यूज फिरोजाबाद से शाहेवेआलम खान पत्रकार जिला मुरैना 
*नगला बरी के कबाड़ गोदाम में भीषण आग, दमकल की तीन गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं*
*देखते रहिए नेशनल न्यूज चैनल एशियन न्यूज फिरोजाबाद से शाहेवेआलम खान पत्रकार जिला मुरैना
    user_User7480
    User7480
    Ambah, Morena•
    22 hrs ago
  • गोहद–सौंधा रोड़ में आवागमन को बड़ी राहत: ऊपरगामी पुल चालू, लेवल क्रॉसिंग नंबर 33सी यातायात हेतु पूर्णतः बंद* गोहद–सौंधा रोड़ में आवागमन को बड़ी राहत: ऊपरगामी पुल चालू, लेवल क्रॉसिंग नंबर 33सी यातायात हेतु पूर्णतः बंद *भिण्ड 28 अक्टूबर 2026/* गोहद–सौंधा रोड़ सेक्शन के मेन लाइन पर स्थित लेवल क्रॉसिंग क्रमांक 33सी (ट्रैफिक) पर ऊपरगामी पुल (ROB) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पुल को दिनांक 21 अक्टूबर 2026 से सड़क यातायात के लिए चालू कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के वाहन चालकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। ऊपरगामी पुल चालू होने के बाद लेवल क्रॉसिंग क्रमांक 33सी को 21 अक्टूबर 2026 से सड़क यातायात के लिए पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। अब सभी वाहन ऊपरगामी पुल से ही गुजरेंगे, जिससे यातायात सुरक्षा बढ़ेगी और रेल संचालन में भी सुविधा होगी।
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    गोहद–सौंधा रोड़ में आवागमन को बड़ी राहत: ऊपरगामी पुल चालू, लेवल क्रॉसिंग नंबर 33सी यातायात हेतु पूर्णतः बंद*
गोहद–सौंधा रोड़ में आवागमन को बड़ी राहत: ऊपरगामी पुल चालू, लेवल क्रॉसिंग नंबर 33सी यातायात हेतु पूर्णतः बंद
*भिण्ड 28 अक्टूबर 2026/*
गोहद–सौंधा रोड़ सेक्शन के मेन लाइन पर स्थित लेवल क्रॉसिंग क्रमांक 33सी (ट्रैफिक) पर ऊपरगामी पुल (ROB) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। पुल को दिनांक 21 अक्टूबर 2026 से सड़क यातायात के लिए चालू कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के वाहन चालकों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। 
ऊपरगामी पुल चालू होने के बाद लेवल क्रॉसिंग क्रमांक 33सी को 21 अक्टूबर 2026 से सड़क यातायात के लिए पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। अब सभी वाहन ऊपरगामी पुल से ही गुजरेंगे, जिससे यातायात सुरक्षा बढ़ेगी और रेल संचालन में भी सुविधा होगी।
    user_Premrarayan sharma
    Premrarayan sharma
    Graphic designer मेहगांव, भिंड, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • पोरसा मुक्तिधाम में सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों ने किया शैक्षणिक भ्रमण, महाकाल की ईश वंदना के साथ जाना औषधीय पौधों का महत्व **बिंदुसार सिंह तोमर ने कराया मुक्तिधाम का अवलोकन, डॉ. अनिल गुप्ता ने विद्यार्थियों को औषधीय वृक्षों, पौधों और औषधि उपवन के महत्व की दी विस्तृत जानकारी** पोरसा, मुरैना।** ,,,,,,पोरसा स्थित अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मुक्तिधाम में आज सरस्वती शिशु मंदिर, अंबाह के बालक-बालिकाओं ने शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और औषधीय वनस्पतियों के महत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। भ्रमण के दौरान बच्चों को मुक्तिधाम में स्थापित विभिन्न आकृतियों, प्राकृतिक सौंदर्य और औषधि उपवन का अवलोकन कराया गया। इस शैक्षणिक गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ प्रत्यक्ष अनुभव से सीखने का अवसर मिला। ## महालोक गर्भगृह में महाकाल की ईश वंदना से हुई शुरुआत सरस्वती शिशु मंदिर अंबाह के विद्यार्थियों के मुक्तिधाम पहुंचने पर कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक वातावरण में हुई। बालक-बालिकाओं ने महालोक गर्भगृह में महाकाल मंदिर की ईश वंदना की और भगवान महाकाल का स्मरण कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। ईश वंदना के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और ईश्वर के प्रति श्रद्धा के भाव से परिचित होने का अवसर मिला। धार्मिक गतिविधि के बाद विद्यार्थियों ने मुक्तिधाम परिसर का भ्रमण किया। यहां उन्हें परिसर में विकसित विभिन्न संरचनाओं, आकर्षक आकृतियों और वहां की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई। ## बिंदुसार सिंह तोमर ने कराया मुक्तिधाम का अवलोकन भ्रमण के दौरान बिंदुसार सिंह तोमर ने विद्यार्थियों को मुक्तिधाम का अवलोकन कराया। उन्होंने बच्चों को परिसर में निर्मित विभिन्न आकृतियों और वहां की विशेषताओं से परिचित कराया। विद्यार्थियों ने परिसर में मौजूद संरचनाओं को देखा तथा उनके महत्व को समझने का प्रयास किया। मुक्तिधाम का यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक अलग तरह का अनुभव रहा, जिसमें उन्हें परिसर की व्यवस्था, उसकी रचनात्मकता और वहां विकसित किए गए विभिन्न स्थलों को नजदीक से देखने का अवसर मिला। ## डॉ. अनिल गुप्ता ने समझाया औषधीय पौधों का महत्व कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण औषधीय पौधों और वृक्षों के बारे में दी गई जानकारी रही। डॉ. अनिल गुप्ता ने विद्यार्थियों को विभिन्न औषधीय पौधों, वृक्षों और उनकी उपयोगिता के विषय में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को बताया कि प्रकृति में अनेक ऐसे पौधे और वृक्ष पाए जाते हैं, जिनका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में किया जाता रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों को औषधीय वनस्पतियों की पहचान, उनके महत्व और मानव जीवन में उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बच्चों को यह समझने का अवसर मिला कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण की सुंदरता बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मानव जीवन, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ## औषधि उपवन का भ्रमण कर जाना वृक्षों के औषधीय गुणों का महत्व मुक्तिधाम परिसर में स्थित औषधि उपवन का अवलोकन भी विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से ज्ञानवर्धक रहा। डॉ. अनिल गुप्ता ने बच्चों को औषधि उपवन के महत्व से परिचित कराते हुए बताया कि औषधीय पौधों का संरक्षण और संवर्धन आज के समय में अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को पौधों के औषधीय गुणों तथा उनके पारंपरिक उपयोगों के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने औषधीय वनस्पतियों को करीब से देखा और उनके बारे में जानने में रुचि दिखाई। इस प्रकार विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति जिज्ञासा विकसित करने तथा पौधों की उपयोगिता को समझने का अवसर मिला। औषधि उपवन के माध्यम से बच्चों को यह संदेश भी मिला कि वृक्षों और वनस्पतियों का संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। यदि समाज में बच्चों को प्रारंभ से ही पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और औषधीय पौधों के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए, तो भविष्य में प्रकृति के प्रति संवेदनशील नागरिक तैयार किए जा सकते हैं। ## पुस्तकीय ज्ञान के साथ मिला व्यावहारिक अनुभव सरस्वती शिशु मंदिर अंबाह के विद्यार्थियों के लिए यह भ्रमण केवल एक सामान्य भ्रमण नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और प्रकृति से जुड़ने का अवसर रहा। एक ओर बच्चों ने महाकाल की ईश वंदना के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया, वहीं दूसरी ओर मुक्तिधाम में बनी आकृतियों और औषधि उपवन के माध्यम से रचनात्मकता, पर्यावरण तथा औषधीय वनस्पतियों के विषय में जानकारी प्राप्त की। इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों में नई चीजों को जानने की जिज्ञासा बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने आसपास के पर्यावरण, वृक्षों और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझने में सहायता करती हैं। ## प्रकृति संरक्षण और संस्कारों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल पोरसा मुक्तिधाम में आयोजित यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक मूल्यों, प्रकृति संरक्षण और औषधीय वनस्पतियों के महत्व से जोड़ने की दिशा में उपयोगी पहल रहा। भ्रमण के दौरान बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से पौधों और वृक्षों को देखने तथा उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला। विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता, पेड़-पौधों के संरक्षण की भावना और प्रकृति के प्रति सम्मान विकसित करने में मदद मिलती है। सरस्वती शिशु मंदिर अंबाह के बालक-बालिकाओं का यह भ्रमण इस संदेश के साथ महत्वपूर्ण रहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन, संस्कृति, प्रकृति और समाज से जोड़ना भी है। पोरसा के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मुक्तिधाम में मिला यह अनुभव निश्चित रूप से बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।
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    पोरसा मुक्तिधाम में सरस्वती शिशु मंदिर के विद्यार्थियों ने किया शैक्षणिक भ्रमण, महाकाल की ईश वंदना के साथ जाना औषधीय पौधों का महत्व

**बिंदुसार सिंह तोमर ने कराया मुक्तिधाम का अवलोकन, डॉ. अनिल गुप्ता ने विद्यार्थियों को औषधीय वृक्षों, पौधों और औषधि उपवन के महत्व की दी विस्तृत जानकारी**
पोरसा, मुरैना।** ,,,,,,पोरसा स्थित  अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मुक्तिधाम में आज सरस्वती शिशु मंदिर, अंबाह के बालक-बालिकाओं ने शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने धार्मिक आस्था, भारतीय संस्कृति, प्रकृति संरक्षण और औषधीय वनस्पतियों के महत्व से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। भ्रमण के दौरान बच्चों को मुक्तिधाम में स्थापित विभिन्न आकृतियों, प्राकृतिक सौंदर्य और औषधि उपवन का अवलोकन कराया गया। इस शैक्षणिक गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान के साथ-साथ प्रत्यक्ष अनुभव से सीखने का अवसर मिला।
## महालोक गर्भगृह में महाकाल की ईश वंदना से हुई शुरुआत
सरस्वती शिशु मंदिर अंबाह के विद्यार्थियों के मुक्तिधाम पहुंचने पर कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक वातावरण में हुई। बालक-बालिकाओं ने महालोक गर्भगृह में महाकाल मंदिर की ईश वंदना की और भगवान महाकाल का स्मरण कर आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया। ईश वंदना के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और ईश्वर के प्रति श्रद्धा के भाव से परिचित होने का अवसर मिला।
धार्मिक गतिविधि के बाद विद्यार्थियों ने मुक्तिधाम परिसर का भ्रमण किया। यहां उन्हें परिसर में विकसित विभिन्न संरचनाओं, आकर्षक आकृतियों और वहां की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी गई।
## बिंदुसार सिंह तोमर ने कराया मुक्तिधाम का अवलोकन
भ्रमण के दौरान बिंदुसार सिंह तोमर ने विद्यार्थियों को मुक्तिधाम का अवलोकन कराया। उन्होंने बच्चों को परिसर में निर्मित विभिन्न आकृतियों और वहां की विशेषताओं से परिचित कराया। विद्यार्थियों ने परिसर में मौजूद संरचनाओं को देखा तथा उनके महत्व को समझने का प्रयास किया।
मुक्तिधाम का यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए एक अलग तरह का अनुभव रहा, जिसमें उन्हें परिसर की व्यवस्था, उसकी रचनात्मकता और वहां विकसित किए गए विभिन्न स्थलों को नजदीक से देखने का अवसर मिला।
## डॉ. अनिल गुप्ता ने समझाया औषधीय पौधों का महत्व
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण औषधीय पौधों और वृक्षों के बारे में दी गई जानकारी रही। डॉ. अनिल गुप्ता ने विद्यार्थियों को विभिन्न औषधीय पौधों, वृक्षों और उनकी उपयोगिता के विषय में विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बच्चों को बताया कि प्रकृति में अनेक ऐसे पौधे और वृक्ष पाए जाते हैं, जिनका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में किया जाता रहा है।
उन्होंने विद्यार्थियों को औषधीय वनस्पतियों की पहचान, उनके महत्व और मानव जीवन में उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी। इस दौरान बच्चों को यह समझने का अवसर मिला कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण की सुंदरता बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे मानव जीवन, जैव विविधता और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
## औषधि उपवन का भ्रमण कर जाना वृक्षों के औषधीय गुणों का महत्व
मुक्तिधाम परिसर में स्थित औषधि उपवन का अवलोकन भी विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से ज्ञानवर्धक रहा। डॉ. अनिल गुप्ता ने बच्चों को औषधि उपवन के महत्व से परिचित कराते हुए बताया कि औषधीय पौधों का संरक्षण और संवर्धन आज के समय में अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को पौधों के औषधीय गुणों तथा उनके पारंपरिक उपयोगों के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने औषधीय वनस्पतियों को करीब से देखा और उनके बारे में जानने में रुचि दिखाई। इस प्रकार विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति जिज्ञासा विकसित करने तथा पौधों की उपयोगिता को समझने का अवसर मिला।
औषधि उपवन के माध्यम से बच्चों को यह संदेश भी मिला कि वृक्षों और वनस्पतियों का संरक्षण प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है। यदि समाज में बच्चों को प्रारंभ से ही पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण और औषधीय पौधों के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए, तो भविष्य में प्रकृति के प्रति संवेदनशील नागरिक तैयार किए जा सकते हैं।
## पुस्तकीय ज्ञान के साथ मिला व्यावहारिक अनुभव
सरस्वती शिशु मंदिर अंबाह के विद्यार्थियों के लिए यह भ्रमण केवल एक सामान्य भ्रमण नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार और प्रकृति से जुड़ने का अवसर रहा। एक ओर बच्चों ने महाकाल की ईश वंदना के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया, वहीं दूसरी ओर मुक्तिधाम में बनी आकृतियों और औषधि उपवन के माध्यम से रचनात्मकता, पर्यावरण तथा औषधीय वनस्पतियों के विषय में जानकारी प्राप्त की।
इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों में नई चीजों को जानने की जिज्ञासा बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें अपने आसपास के पर्यावरण, वृक्षों और प्राकृतिक संसाधनों के महत्व को समझने में सहायता करती हैं।
## प्रकृति संरक्षण और संस्कारों की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
पोरसा मुक्तिधाम में आयोजित यह शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक मूल्यों, प्रकृति संरक्षण और औषधीय वनस्पतियों के महत्व से जोड़ने की दिशा में उपयोगी पहल रहा। भ्रमण के दौरान बच्चों को प्रत्यक्ष रूप से पौधों और वृक्षों को देखने तथा उनके बारे में जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के ज्ञान को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता, पेड़-पौधों के संरक्षण की भावना और प्रकृति के प्रति सम्मान विकसित करने में मदद मिलती है।
सरस्वती शिशु मंदिर अंबाह के बालक-बालिकाओं का यह भ्रमण इस संदेश के साथ महत्वपूर्ण रहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को जीवन, संस्कृति, प्रकृति और समाज से जोड़ना भी है। पोरसा  के अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मुक्तिधाम में मिला यह अनुभव निश्चित रूप से बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक रहा।
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
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