कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी छोटी सरवा में कपास को लेकर हुआ किसान सम्मेलन, जनजाति किसानों ने बढ़ाया उत्पादन बांसवाड़ा, 31 मार्च। CITI Cotton Development and Research Association (CITI-CDRA) द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) के तहत संचालित “कपास की विशेष परियोजना” के अंतर्गत सरस्वती उच्च माध्यमिक विद्या निकेतन, छोटी सरवा (बांसवाड़ा) में भव्य किसान मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 350 किसानों ने भाग लेकर उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. हरगिलास मीणा (Zonal Director Research, ARS बांसवाड़ा) ने किसानों को संबोधित करते हुए आधुनिक तकनीकों को अपनाने और कपास उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से ईएलएस (Extra Long Staple) कपास की खेती को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता, अधिक बाजार मूल्य और निर्यात के अवसर मिल सकते हैं। डॉ. जी.एस. आमेटा (Project Coordinator, Rajasthan) ने “कस्तूरी कॉटन भारत” पहल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले कपास उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान मिल सके। कार्यक्रम में किसानों को ईएलएस कपास की उन्नत किस्मों, उचित दूरी पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, सूक्ष्म पोषक तत्वों का उपयोग, समय पर कीट एवं रोग नियंत्रण तथा उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी गई। विशेष बात यह रही कि क्षेत्र के जनजाति किसानों ने पिछले तीन वर्षों में कपास उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जो इस परियोजना की सफलता को दर्शाता है। किसान मेले में प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया तथा प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम में छगन जी डामा (A.D. कुशलगढ़), भरत जी कुमावत (समन्वयक, सुयश ट्रस्ट, पुणे), राकेश जी वड़किया (मंडल अध्यक्ष), संतोष जी पारगी (AAO, छोटी सरवा), शान्तिलाल जी (सरपंच), देवेन्द्र जोशी (स्थानीय व्यापारी) एवं राहुल रावल (कृषि विभाग) सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. जी.एस. आमेटा के निर्देशन में हुआ। राजूलाल कुमावत सहित प्रोजेक्ट टीम के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। किसान मेले में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त की और आयोजन की सराहना की।
कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी छोटी सरवा में कपास को लेकर हुआ किसान सम्मेलन, जनजाति किसानों ने बढ़ाया उत्पादन बांसवाड़ा, 31 मार्च। CITI Cotton Development and Research Association (CITI-CDRA) द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) के तहत संचालित “कपास की विशेष परियोजना” के अंतर्गत सरस्वती उच्च माध्यमिक विद्या निकेतन, छोटी सरवा (बांसवाड़ा) में भव्य किसान मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 350 किसानों ने भाग लेकर उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. हरगिलास मीणा (Zonal Director Research, ARS बांसवाड़ा) ने
किसानों को संबोधित करते हुए आधुनिक तकनीकों को अपनाने और कपास उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से ईएलएस (Extra Long Staple) कपास की खेती को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता, अधिक बाजार मूल्य और निर्यात के अवसर मिल सकते हैं। डॉ. जी.एस. आमेटा (Project Coordinator, Rajasthan) ने “कस्तूरी कॉटन भारत” पहल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले कपास उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे उन्हें
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान मिल सके। कार्यक्रम में किसानों को ईएलएस कपास की उन्नत किस्मों, उचित दूरी पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, सूक्ष्म पोषक तत्वों का उपयोग, समय पर कीट एवं रोग नियंत्रण तथा उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी गई। विशेष बात यह रही कि क्षेत्र के जनजाति किसानों ने पिछले तीन वर्षों में कपास उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जो इस परियोजना की सफलता को दर्शाता है। किसान मेले में प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया तथा प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से उनकी समस्याओं
का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम में छगन जी डामा (A.D. कुशलगढ़), भरत जी कुमावत (समन्वयक, सुयश ट्रस्ट, पुणे), राकेश जी वड़किया (मंडल अध्यक्ष), संतोष जी पारगी (AAO, छोटी सरवा), शान्तिलाल जी (सरपंच), देवेन्द्र जोशी (स्थानीय व्यापारी) एवं राहुल रावल (कृषि विभाग) सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. जी.एस. आमेटा के निर्देशन में हुआ। राजूलाल कुमावत सहित प्रोजेक्ट टीम के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। किसान मेले में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त की और आयोजन की सराहना की।
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी (सज्जनगढ़ तहसील में डीआईएलआरएमपी परियोजना के तहत भूमि अभिलेख सुधार का कार्य जारी) सज्जनगढ़। राजस्थान सरकार द्वारा संचालित डीआईएलआरएमपी (Digital India Land Records Modernization Programme) परियोजना के अंतर्गत खाता धारकों की जमीनों को त्रुटिरहित एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से सज्जनगढ़ तहसील में सेटलमेंट का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में आज तहसीलदार श्री हरीश सोनी एवं अराहस कंपनी के मैनेजर श्री करतार सिंह ने गांव में पहुंचकर खाता धारकों को इस परियोजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को भूमि अभिलेखों के सुधार, सत्यापन प्रक्रिया तथा इसके लाभों के बारे में समझाया और सभी से सहयोग करने की अपील की। साथ ही तहसीलदार द्वारा इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रचार-प्रसार को हरी झंडी भी दी गई। इस दौरान भू-प्रबंध पटवारी रमेश माईड़ा, शांतिलाल, तारा एवं टीना भी मौजूद रहे। इस परियोजना के तहत भूमि अभिलेखों का सत्यापन, सुधार एवं डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में भूमि से संबंधित विवादों को कम किया जा सके और खाता धारकों को सही एवं अद्यतन जानकारी उपलब्ध हो सके।4
- राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने आज राज्यसभा में “धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान” पर अपनी बात रखते हुए देश के जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी अभियान की शुरुआत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2 अक्टूबर 2024 को झारखंड के हजारीबाग से की गई थी। उन्होंने बताया कि लगभग 79 हजार 156 करोड़ रुपये के परिव्यय वाले इस अभियान के तहत देश के 30 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के 549 जिलों के 63 हजार से अधिक जनजाति बहुल गांवों को शामिल किया गया है, जिससे करीब 5 करोड़ जनजातीय नागरिकों के समग्र विकास का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सांसद श्री गरासिया ने कहा कि 17 मंत्रालयों के समन्वित प्रयासों से 25 योजनाओं के माध्यम से सामाजिक अवसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आजीविका के क्षेत्र में सुधार का प्रयास सराहनीय है। उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा 40 एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के उद्घाटन एवं 25 नए विद्यालयों के शिलान्यास सहित “पीएम जन मन” योजना के अंतर्गत सड़कों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं छात्रावासों जैसी परियोजनाओं के शुभारंभ को जनजातीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने विशेष रूप से राजस्थान के जनजाति बहुल क्षेत्रों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि राज्य के दक्षिणी जिलों—बांसवाड़ा, डूंगरपुर, उदयपुर, सलूम्बर एवं प्रतापगढ़—में निवासरत जनजातीय समुदायों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क संपर्क, पेयजल एवं रोजगार के बेहतर अवसरों की अत्यंत आवश्यकता है। सांसद श्री गरासिया ने सरकार से आग्रह किया कि “धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष अभियान” के अंतर्गत राजस्थान के इन जनजाति बहुल क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाए तथा अधिक से अधिक विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान कर उनके त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे राज्य के जनजातीय समाज को इस महत्वाकांक्षी योजना का पूर्ण लाभ प्राप्त होगा और उनके जीवन स्तर में व्यापक सुधार आएगा।1
- Post by Pavan kumar Pargi1
- डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा नगर पालिका में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष आशीष गांधी और पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष के पुत्र इरफान शेख के बीच विवाद बढ़ गया, जानकारी के अनुसार मामूली कहासुनी के चलते मामला इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई, बताया जा रहा है कि आशीष गांधी कार्यकाल समाप्त होने के बाद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी सोहील शेख के कार्यालय में मौजूद थे, इसी दौरान ठेकेदारी से जुड़े भुगतान के सिलसिले में इरफान शेख वहां पहुंचे थे, जहां बातचीत के दौरान विवाद हो गया और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई, घटना के बाद इरफान शेख के गले पर हाथापाई के निशान और टी-शर्ट फटी हुई हालत में वे पुलिस थाना सागवाड़ा पहुंचे और कार्रवाई की मांग की, वहीं विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार आशीष गांधी ने भी इस मामले में थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है, फिलहाल मामला पुलिस के संज्ञान में है और सागवाड़ा क्षेत्र में यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- खोडनिया रहे चौरासी विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर रहे इस दौरान शोकाकुल कांग्रेस परिवारो से मिलकर संवेदना व्यक्त की, कांग्रेस नेता पूर्व जिला अध्यक्ष एआईसीसी सदस्य पूर्व राज्य मंत्री खोड़निया ने पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष मनोहरसिंह जी के स्वर्गीय पिता श्री, एवं शांतिलाल जी पाटीदार की धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती मातोश्री और नागेन्द्र सिंह पीठ के स्वर्गीय पिता श्री के निधन पर aicc सदस्य दिनेश जी खोड़निया पार्टी प्रत्याशी कैलाश जी रोत, आसपुर प्रत्याशी राकेश जी रोत, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र जी, ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्र सिंह जी सागवाड़ा ,अध्यक्ष धीरज जी मेहता गलियाकोट, लोकेश जी पाटीदार ,नगर अध्यक्ष ललित जी पांचाल, पूर्व सेवादल अध्यक्ष गौतम जी पंड्या, जिला परिषद सदस्य हरीश अहारी, मंडल अध्यक्ष सुरेश दादा , प्रदेश पदाधिकारी अजीत सिंह,चोरासी से वरिष्ठ नेता कारीलाल जी सालेडा, समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी, प्रीतम ननोमा , संजय रोत , नरेश डोडियार रोहित पाटीदार, पुष्पेंद्र सिंह जी हितेश जी सिंगाड़ा मनोज जी पाटीदार सालमपुरा अंकित जी दर्जी गैंजि पिंटू जी कटारा वैंजा ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की।4
- प्रतापगढ़ जिले के नकोर गांव का विवाद अब और गहराता जा रहा है… पीड़ित दिनेश शर्मा ने बताया कि उनके निजी मेडिकल पर पहले आगजनी की गंभीर वारदात हुई थी, जिसमें करीब 30 से 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ… लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आज तक उन्हें किसी भी तरह का मुआवजा नहीं मिल पाया है… पीड़ित का आरोप है कि मामले में नामजद आरोपियों को गिरफ्तार तो किया गया, लेकिन कुछ ही दिनों में उन्हें जमानत मिल गई… जिसके बाद से विवाद लगातार जारी है… अब ताजा मामले में आरोप है कि आरोपियों ने उनकी कार में तोड़फोड़ की… जिसके CCTV सबूत भी मौजूद बताए जा रहे हैं… दिनेश शर्मा का कहना है कि उन्होंने देवगढ़ थाने में रिपोर्ट दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई… इतना ही नहीं, पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय उन्हें ही कोर्ट में पेश होने का नोटिस दे दिया… मीडिया से बातचीत में पीड़ित ने कहा— “मुझे न्याय नहीं मिल रहा… और ना ही मेरे नुकसान की भरपाई हो रही है… अगर न्याय नहीं मिला तो मैं हाई कोर्ट जाऊंगा…” फिलहाल इस पूरे मामले में देवगढ़ थाने की पुलिस की भूमिका और कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं…4
- Post by Parmeshvar redash1
- कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी छोटी सरवा में कपास को लेकर हुआ किसान सम्मेलन, जनजाति किसानों ने बढ़ाया उत्पादन बांसवाड़ा, 31 मार्च। CITI Cotton Development and Research Association (CITI-CDRA) द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (NFSM) के तहत संचालित “कपास की विशेष परियोजना” के अंतर्गत सरस्वती उच्च माध्यमिक विद्या निकेतन, छोटी सरवा (बांसवाड़ा) में भव्य किसान मेले का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में लगभग 350 किसानों ने भाग लेकर उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. हरगिलास मीणा (Zonal Director Research, ARS बांसवाड़ा) ने किसानों को संबोधित करते हुए आधुनिक तकनीकों को अपनाने और कपास उत्पादन बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से ईएलएस (Extra Long Staple) कपास की खेती को बढ़ावा देने की बात कही, जिससे किसानों को बेहतर गुणवत्ता, अधिक बाजार मूल्य और निर्यात के अवसर मिल सकते हैं। डॉ. जी.एस. आमेटा (Project Coordinator, Rajasthan) ने “कस्तूरी कॉटन भारत” पहल के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले कपास उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर पहचान मिल सके। कार्यक्रम में किसानों को ईएलएस कपास की उन्नत किस्मों, उचित दूरी पर बुवाई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, सूक्ष्म पोषक तत्वों का उपयोग, समय पर कीट एवं रोग नियंत्रण तथा उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीकों की जानकारी दी गई। विशेष बात यह रही कि क्षेत्र के जनजाति किसानों ने पिछले तीन वर्षों में कपास उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की है, जो इस परियोजना की सफलता को दर्शाता है। किसान मेले में प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया तथा प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान भी किया गया। कार्यक्रम में छगन जी डामा (A.D. कुशलगढ़), भरत जी कुमावत (समन्वयक, सुयश ट्रस्ट, पुणे), राकेश जी वड़किया (मंडल अध्यक्ष), संतोष जी पारगी (AAO, छोटी सरवा), शान्तिलाल जी (सरपंच), देवेन्द्र जोशी (स्थानीय व्यापारी) एवं राहुल रावल (कृषि विभाग) सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. जी.एस. आमेटा के निर्देशन में हुआ। राजूलाल कुमावत सहित प्रोजेक्ट टीम के सदस्यों का विशेष योगदान रहा। किसान मेले में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर नई तकनीकों की जानकारी प्राप्त की और आयोजन की सराहना की।4