रामनगरी अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र स्थित भरतकुंड टोल प्लाजा पर एक घटना के संबंध में निषाद पार्टी के नेता करुणाकर पांडे के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। करुणाकर पांडे, जो बीकापुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, पर लगे इन आरोपों को उनके परिवार ने पूरी तरह से राजनीतिक साजिश करार देते हुए खारिज कर दिया है। एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता उत्कर्ष सिंह, जो भरतकुंड टोल प्लाजा पर सुपरवाइजर हैं, ने बताया कि 16 जून 2026 को सुबह करीब 10:25 बजे करुणाकर पांडे उर्फ बब्बू अपने साथियों के साथ एक फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो वाहन से टोल प्लाजा पहुंचे। आरोप है कि टोल शुल्क मांगने पर गाली-गलौज शुरू कर दी गई। जब सुपरवाइजर बाहर आया, तो उसके साथ मारपीट की गई और आरोपियों ने धमकी दी कि "यह टोल नहीं चलने देंगे"। एफआईआर में यह भी आरोप है कि शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दी गई और उसकी जेब से ₹7,000 निकाल लिए गए। पुलिस ने करुणाकर पांडे और एक अन्य अज्ञात साथी को आरोपी बनाया है। वहीं, करुणाकर पांडे के भाई और अधिवक्ता अरुणाकर पांडे ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ी गुंडागर्दी की वजह से क्षतिग्रस्त हुई थी, और करुणाकर पांडे केवल घटनास्थल पर जानकारी लेने पहुंचे थे। अरुणाकर पांडे के अनुसार, वहां न किसी से मारपीट हुई और न ही किसी प्रकार की लूटपाट हुई। उनका दावा है कि करुणाकर पांडे का राजनीतिक प्रभाव बढ़ने से विरोधी परेशान हैं और उन्हें बदनाम करने तथा राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। परिवार को विश्वास है कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल, एक ओर टोल प्लाजा सुपरवाइजर मारपीट, धमकी और ₹7,000 लूटने जैसे गंभीर आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर करुणाकर पांडे का परिवार इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए सभी आरोपों से इनकार कर रहा है। इस पूरे मामले में सच्चाई अब पुलिस की विवेचना और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
रामनगरी अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र स्थित भरतकुंड टोल प्लाजा पर एक घटना के संबंध में निषाद पार्टी के नेता करुणाकर पांडे के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। करुणाकर पांडे, जो बीकापुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, पर लगे इन आरोपों को उनके परिवार ने पूरी तरह से राजनीतिक साजिश करार देते हुए खारिज कर दिया है। एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता उत्कर्ष सिंह, जो भरतकुंड टोल प्लाजा पर सुपरवाइजर हैं, ने बताया कि 16 जून 2026 को सुबह करीब 10:25 बजे करुणाकर पांडे उर्फ बब्बू अपने साथियों के साथ एक फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो वाहन से टोल प्लाजा पहुंचे। आरोप है कि टोल शुल्क मांगने पर गाली-गलौज शुरू कर दी गई। जब सुपरवाइजर बाहर आया, तो उसके साथ मारपीट की गई और आरोपियों ने धमकी दी कि "यह टोल नहीं चलने देंगे"। एफआईआर में यह भी आरोप है कि शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दी गई और उसकी जेब से ₹7,000 निकाल लिए गए। पुलिस ने करुणाकर पांडे और एक अन्य अज्ञात साथी को आरोपी बनाया है। वहीं, करुणाकर पांडे के भाई और अधिवक्ता अरुणाकर पांडे ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ी गुंडागर्दी की वजह से क्षतिग्रस्त हुई थी, और करुणाकर पांडे केवल घटनास्थल पर जानकारी लेने पहुंचे थे। अरुणाकर पांडे के अनुसार, वहां न किसी से मारपीट हुई और न ही किसी प्रकार की लूटपाट हुई। उनका दावा है कि करुणाकर पांडे का राजनीतिक प्रभाव बढ़ने से विरोधी परेशान हैं और उन्हें बदनाम करने तथा राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। परिवार को विश्वास है कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल, एक ओर टोल प्लाजा सुपरवाइजर मारपीट, धमकी और ₹7,000 लूटने जैसे गंभीर आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर करुणाकर पांडे का परिवार इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए सभी आरोपों से इनकार कर रहा है। इस पूरे मामले में सच्चाई अब पुलिस की विवेचना और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
- रामनगरी अयोध्या के पूराकलंदर थाना क्षेत्र स्थित भरतकुंड टोल प्लाजा पर एक घटना के संबंध में निषाद पार्टी के नेता करुणाकर पांडे के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। करुणाकर पांडे, जो बीकापुर विधानसभा से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, पर लगे इन आरोपों को उनके परिवार ने पूरी तरह से राजनीतिक साजिश करार देते हुए खारिज कर दिया है। एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता उत्कर्ष सिंह, जो भरतकुंड टोल प्लाजा पर सुपरवाइजर हैं, ने बताया कि 16 जून 2026 को सुबह करीब 10:25 बजे करुणाकर पांडे उर्फ बब्बू अपने साथियों के साथ एक फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो वाहन से टोल प्लाजा पहुंचे। आरोप है कि टोल शुल्क मांगने पर गाली-गलौज शुरू कर दी गई। जब सुपरवाइजर बाहर आया, तो उसके साथ मारपीट की गई और आरोपियों ने धमकी दी कि "यह टोल नहीं चलने देंगे"। एफआईआर में यह भी आरोप है कि शिकायतकर्ता को जान से मारने की धमकी दी गई और उसकी जेब से ₹7,000 निकाल लिए गए। पुलिस ने करुणाकर पांडे और एक अन्य अज्ञात साथी को आरोपी बनाया है। वहीं, करुणाकर पांडे के भाई और अधिवक्ता अरुणाकर पांडे ने इन सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनकी गाड़ी गुंडागर्दी की वजह से क्षतिग्रस्त हुई थी, और करुणाकर पांडे केवल घटनास्थल पर जानकारी लेने पहुंचे थे। अरुणाकर पांडे के अनुसार, वहां न किसी से मारपीट हुई और न ही किसी प्रकार की लूटपाट हुई। उनका दावा है कि करुणाकर पांडे का राजनीतिक प्रभाव बढ़ने से विरोधी परेशान हैं और उन्हें बदनाम करने तथा राजनीतिक नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से यह झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है। परिवार को विश्वास है कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आ जाएगी। फिलहाल, एक ओर टोल प्लाजा सुपरवाइजर मारपीट, धमकी और ₹7,000 लूटने जैसे गंभीर आरोप लगा रहा है, तो दूसरी ओर करुणाकर पांडे का परिवार इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताते हुए सभी आरोपों से इनकार कर रहा है। इस पूरे मामले में सच्चाई अब पुलिस की विवेचना और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- संतोष दूबे, जो अयोध्या में राम जन्मभूमि विवादित ढांचा ढहाए जाने के प्रकरण में आरोपी रहे हैं, ने रामजन्म भूमि परिसर से कथित 'रामरतन धन की चोरी' के मामले पर मीडिया से बात करते हुए चार लोगों को सीधे तौर पर 'चोर' करार दिया है। उन्होंने चंपत राय, अनिल मिश्रा, टिन्नू यादव उर्फ राम शंकर, और गोपाल राव पर यह गंभीर आरोप लगाया। दूबे ने स्पष्ट रूप से कहा कि उन्हें एसआईटी जांच पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं है, क्योंकि ऐसी जांचें सार्वजनिक नहीं होती हैं, जैसा कि वर्ष 2022 में भी हुआ था। उन्होंने एसआईटी को अपनी बात को दबाने और जनता में भ्रम पैदा करने का एक साधन मात्र बताया। अपनी पुरानी लड़ाई का जिक्र करते हुए दूबे ने बताया कि जब विवादित ढांचा गिराया गया था, तब सीबीआई ने जांच की थी और उन्हें आरोपी बनाया गया था। उन्होंने पिछले तीस सालों में मुकदमे के दौरान लाठी, गोली और धक्के सहने की बात कही, और यह भी बताया कि उन्होंने अपनी पूरी जवानी इस कानूनी लड़ाई में खपा दी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस त्याग और संघर्ष को कथित 'चोर' नहीं समझ सकते। संतोष दूबे ने घोषणा की है कि वे इन चारों कथित चोरों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने के लिए सिस्टम से न्याय की मांग करेंगे। यदि एफआईआर दर्ज नहीं होती है, तो वे न्यायालय को ही अंतिम रास्ता मानेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे एसआईटी जैसी 'भ्रामक व्यवस्था' के पीछे अपना समय बर्बाद नहीं कर सकते और ऐसी बातों से गुमराह नहीं होंगे। दूबे ने चेतावनी दी कि अगर इस बार भी वे शांति से बैठे रहे, तो 'बाबर, गजनवी, गोरी, औरंगजेब और खिलजी की संताने' 'राम के नाम पर राम रतन की लूट' करके ले जाएंगी।1
- मिल्कीपुर, अयोध्या के हैरिंग्टनगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएससी) के सामने हनुमान मंदिर प्रांगण में ज्येष्ठ माह के सातवें मंगलवार के पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ एक भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः सुंदरकांड पाठ, पूजन-अर्चन और हनुमान जी की विशेष आराधना के साथ हुआ। इसके बाद दोपहर 1:00 बजे से भंडारे का शुभारंभ किया गया, जो देर शाम तक प्रभु इच्छा अनुसार जारी रहा। पूरे दिन मंदिर परिसर में 'जय श्रीराम' और 'बजरंगबली' के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ पूजा-अर्चना कर सुख, समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। मंदिर के पुजारी सुरेंद्र कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में संपन्न हुए इस आयोजन में श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली, जिन्हें पूड़ी, सब्जी और नुकती का प्रसाद श्रद्धापूर्वक वितरित किया गया। इस भंडारे की व्यवस्था और संचालन में आयोजक शशांक सिंह, अवनीश कुमार तिवारी, अनुराग सिंह, महेंद्र मणि त्रिपाठी, हरीश तिवारी, सचिन कसौधन तथा अंकित सिंह सहित अन्य सहयोगियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजकों ने बताया कि ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बजरंगबली की पूजा और भंडारे का विशेष महत्व माना जाता है, और इसी परंपरा के निर्वहन के लिए यह आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई, जो श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का एक सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करता है।1
- अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर स्थित नेशनल हाईवे पर ज्येष्ठ माह के पावन अवसर पर एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धा, सेवा और मानवता का अद्भुत संगम देखने को मिला। समाजसेवी अविनाश जायसवाल द्वारा आयोजित इस भंडारे का शुभारंभ सुबह 9 बजे बालकांड पाठ के साथ हुआ और यह देर रात तक निरंतर चलता रहा। इसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, व्यापारियों और राहगीरों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया, साथ ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस अवसर पर मिल्कीपुर के विधायक चंद्रभानु पासवान सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। विधायक ने आयोजन में सहभागिता करते हुए अविनाश जायसवाल और उनके परिवार द्वारा किए जा रहे सेवा कार्य की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। आयोजकों के अनुसार, यह भंडारा पिछले लगभग 20 वर्षों से लगातार स्वर्गीय शिवप्रसाद जायसवाल की पुण्य स्मृति में प्रतिवर्ष संपन्न हो रहा है। अविनाश जायसवाल, हरिओम जायसवाल और सत्यम द्वारा भंडारे की संपूर्ण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की गई, जिसने अपनी श्रद्धा, सेवा और जनकल्याण की भावना के कारण पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बनाए रखा।2
- अयोध्या में ज्येष्ठ मास के सातवें बड़े मंगल के अवसर पर रतिया पुल स्थित सरजू मेडिकल के पास एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में डॉ. राकेश वर्मा सहित समस्त लोग उपस्थित रहे।1
- बाराबंकी जिले से 'आज सुबह टाइम्स' के रिपोर्टर लाल चंद सोनी ने संपूर्ण भारत वर्ष की जनता से एक विशेष अपील की है। इस अपील में नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देने का आग्रह किया गया है, जिसका लक्ष्य शहरों को हरा-भरा रखना और जीवन को बचाना है। इसके साथ ही, रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में तेज गति से गर्मी और लू चल रही है। लोगों को अपनी सेहत का विशेष ख्याल रखने और इस दौरान पूरी सावधानी व सतर्कता बनाए रखने की सलाह दी गई है।1
- अयोध्या में राम मंदिर से दान की रकम कथित तौर पर चोरी होने के मामले को लेकर करणी सेना ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष अभिनव सिंह ने राम जन्मभूमि पुलिस स्टेशन के SHO को यह शिकायत सौंपी है। अभिनव सिंह ने अपने बयान में पुष्टि की है कि उन्होंने राम जन्मभूमि से दान की रकम की कथित चोरी के संबंध में लिखित शिकायत दी है और पुलिस से नामजद FIR दर्ज करने की मांग की है। यह तहरीर विशेष रूप से श्री राम जन्मभूमि मंदिर के चंदे से जुड़ी है।1
- करणी सेना ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर सरकार से कड़ी मांग की है कि अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे के हजारों करोड़ रुपये चुराने के लिए जिम्मेदार लगभग 50 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें तत्काल जेल भेजा जाए। करणी सेना ने इस गंभीर मामले में जिम्मेदार व्यक्तियों पर शीघ्र कार्रवाई करने का आह्वान किया है।1