आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को एक्सपायर खाद्य सामग्री वितरण, तहसीलदार ने जांच में की पुष्टि—ग्रामीणों में आक्रोश आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को एक्सपायर खाद्य सामग्री वितरण, जांच में पुष्टि—ग्रामीणों में आक्रोश पाली। पाली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बंट स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को एक्सपायर डेट की खाद्य सामग्री वितरित किए जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को पोषण आहार के रूप में जो पैकेट वितरित किए गए, उनकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। जब बच्चों के परिजनों ने घर ले जाकर सामग्री की जांच की, तो पैकेटों पर अंकित एक्सपायरी डेट निकल चुकी पाई गई। इसके बाद अभिभावकों ने तत्काल इस मामले को लेकर विरोध जताया और केन्द्र पर पहुंचकर नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आंगनवाड़ी केन्द्र पर पोषण आहार वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा कभी भी गंभीरता से जांच नहीं की गई। लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मामले की सूचना पाली तहसील प्रशासन को दी गई, जिसके बाद तहसीलदार रविन्द्र कुमार मौके पर ग्राम बंट स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र पहुंचे। उन्होंने मौके पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का निरीक्षण किया, जिसमें एक्सपायर डेट का सामान पाया गया। जांच के दौरान कई महिलाओं और अभिभावकों ने भी वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए और अपनी नाराजगी जाहिर की। तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं और पूरी घटना की विस्तृत जांच कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। इधर, संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने आंगनवाड़ी केन्द्रों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, अभिभावकों में अपने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आंगनवाड़ी केन्द्रों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए और पोषण आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को एक्सपायर खाद्य सामग्री वितरण, तहसीलदार ने जांच में की पुष्टि—ग्रामीणों में आक्रोश आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को एक्सपायर खाद्य सामग्री वितरण, जांच में पुष्टि—ग्रामीणों में आक्रोश पाली। पाली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बंट स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को एक्सपायर डेट की खाद्य सामग्री वितरित किए जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को पोषण आहार के रूप में जो पैकेट वितरित किए गए, उनकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। जब बच्चों के परिजनों ने घर ले जाकर सामग्री की जांच की, तो पैकेटों पर अंकित एक्सपायरी डेट निकल चुकी पाई गई। इसके बाद अभिभावकों ने तत्काल इस मामले को लेकर विरोध जताया और केन्द्र पर पहुंचकर नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आंगनवाड़ी केन्द्र पर पोषण आहार वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा कभी भी गंभीरता से जांच नहीं की गई। लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मामले की सूचना पाली तहसील प्रशासन को दी गई, जिसके बाद तहसीलदार रविन्द्र कुमार मौके पर ग्राम बंट स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र पहुंचे। उन्होंने मौके पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का निरीक्षण किया, जिसमें एक्सपायर डेट का सामान पाया गया। जांच के दौरान कई महिलाओं और अभिभावकों ने भी वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए और अपनी नाराजगी जाहिर की। तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं और पूरी घटना की विस्तृत जांच कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। इधर, संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने आंगनवाड़ी केन्द्रों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, अभिभावकों में अपने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आंगनवाड़ी केन्द्रों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए और पोषण आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
- आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को एक्सपायर खाद्य सामग्री वितरण, जांच में पुष्टि—ग्रामीणों में आक्रोश पाली। पाली तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बंट स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को एक्सपायर डेट की खाद्य सामग्री वितरित किए जाने का मामला सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर लापरवाही को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आंगनवाड़ी केन्द्र पर बच्चों को पोषण आहार के रूप में जो पैकेट वितरित किए गए, उनकी वैधता अवधि समाप्त हो चुकी थी। जब बच्चों के परिजनों ने घर ले जाकर सामग्री की जांच की, तो पैकेटों पर अंकित एक्सपायरी डेट निकल चुकी पाई गई। इसके बाद अभिभावकों ने तत्काल इस मामले को लेकर विरोध जताया और केन्द्र पर पहुंचकर नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी आंगनवाड़ी केन्द्र पर पोषण आहार वितरण में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा कभी भी गंभीरता से जांच नहीं की गई। लोगों का कहना है कि इस तरह की लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मामले की सूचना पाली तहसील प्रशासन को दी गई, जिसके बाद तहसीलदार रविन्द्र कुमार मौके पर ग्राम बंट स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र पहुंचे। उन्होंने मौके पर उपलब्ध खाद्य सामग्री का निरीक्षण किया, जिसमें एक्सपायर डेट का सामान पाया गया। जांच के दौरान कई महिलाओं और अभिभावकों ने भी वितरण व्यवस्था को लेकर गंभीर आरोप लगाए और अपनी नाराजगी जाहिर की। तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं और पूरी घटना की विस्तृत जांच कराने के आदेश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही दोबारा न हो। इधर, संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने आंगनवाड़ी केन्द्रों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, अभिभावकों में अपने बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि आंगनवाड़ी केन्द्रों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए और पोषण आहार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।1
- Post by Manoj jain2
- ललितपुर महरौनी क्षेत्र में इस समय नगर पंचायत कर्मचारी की मनमानी अपने चरम पर चल रही है जहां से किसी भी ट्रक ड्राइवर का निकलना मुश्किल माना जाता है चाहै आप अंदर से निकले या बाईपास से उनका तो एक ही मकसद रहता है एंट्री में नगर पंचायत महरौनी के कर्मचारियों की एक तरफ मनमानी चलती है1
- पूराकला में कुल्हाड़ी से मारकर हत्या के मामले में आरोपी पति पत्नी को पुलिस ने किया गिरफ्तार #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #latestnews #viralpost #lalitpurnews @jay_bajni_baba_khadowara subscribe/share करें1
- चंदेरी की गलियों में अब गौ माता को बचाने के लिए समाज सेवी प्रचार-प्रसार कर रहे हैं उन्हें लगता है कि भाजपा राज में गौ माता असुरक्षित हैं। अब मोदी सरकार पर सवाल तो बनता है कि अगर बीजेपी राज में गौ माता सुरक्षित नहीं है तो देश की जनता कैसे सुरक्षित हो सकती है। वर्ष 2014 से लगातार देश पर राज करने वाली मोदी सरकार करीबन 12 वर्षों में गौ माता को सुरक्षित नहीं कर पाई तो देश को कैसे सुरक्षित करेगी। सड़कों पर बज रहे गानों से तो ऐसा प्रतीत होता है कि गौ माता खतरे में है जब 27 अप्रैल की सुबह करीबन 9:30 बजे गौ माता भक्त और समाजसेवी से बात की गई तो उन्होंने क्या कहा आइए सुनते हैं इस वीडियो के माध्यम से।1
- सागर जिले की गढ़ाकोटा तहसील में पिछले तीन घंटों से जारी मूसलाधार बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। सबसे बुरा हाल गढ़ाकोटा कृषि उपज मंडी का है, जहाँ किसानों का हजारों क्विंटल अनाज जलमग्न हो गया है। दोपहर से लगातार हो रही तेज बारिश के कारण मंडी प्रांगण में रखा गेहूं पूरी तरह भीग गया। स्थिति इतनी गंभीर है कि मंडी की नालियों में गेहूं बहता हुआ नजर आया। किसानों का आरोप है कि उनका गेहूं व्यापारियों द्वारा पहले ही खरीदा जा चुका था, लेकिन तौल (वजन) की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। अब अनाज भीग जाने के बाद व्यापारियों ने इसे स्वीकार करने से साफ मना कर दिया है। किसानों पर दोहरी मार: एक तरफ कुदरत की मार और दूसरी तरफ व्यापारियों के इनकार ने किसानों को बेबस कर दिया है। किसानों का कहना है कि उन्होंने साल भर मेहनत कर फसल तैयार की थी, लेकिन अब उपज बिकने से पहले ही बर्बाद हो गई।4
- Post by बिजय चोहन1
- यहां के सेक्रेटरी पर तीन-तीन हजार रुपए मांगने के लगाए आरोप (देखिए विस्तृत रिपोर्ट LNN-न्यूज़ पर रिपोर्ट- रामेश्वर यादव मिदरवाहा.1