अमरोहा में स्कूल जाने वाला रास्ता बदहाल, पानी से होकर स्कूल पहुंच रहे नौनिहाल अमरोहा/गजरौला। गांव आलमपुर में सरकारी स्कूल तक जाने वाला करीब डेढ़ सौ मीटर का रास्ता लंबे समय से बदहाल पड़ा है। संजू के घर से स्कूल तक जाने वाले इस रास्ते की हालत इतनी खराब है कि बारिश के दिनों में यहां जलभराव हो जाता है। छोटे-छोटे बच्चों को पानी से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी भरे रास्ते से गुजरने के दौरान कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। उनके कपड़े गंदे हो जाते हैं और स्कूल की किताबें व कॉपियां तक पानी से खराब होने का खतरा रहता है। सबसे गंभीर बात यह है कि इसी रास्ते से रोजाना नन्हे बच्चे पढ़ने के लिए सरकारी स्कूल जाते हैं। ग्रामीण के मुताबिक रास्ते की समस्या को लेकर सांसद, जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुख, जिलाधिकारी और कई भाजपा नेताओं को कई बार अवगत कराया जा चुका है। 1070 और 1076 हेल्पलाइन पर भी शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन आरोप है कि अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक स्तर से सचिव मौके पर आते हैं, रास्ते की स्थिति देखते हैं और वापस चले जाते हैं। ग्राम प्रधान से भी रास्ता बनवाने की मांग की गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार उन्हें केवल रास्ता बनवाने का आश्वासन मिलता रहा है। 15 अगस्त को भी सामने आई समस्या की तस्वीर बेहद चिंताजनक रही। स्कूल जाने वाले बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर इसी जलभराव वाले रास्ते से होकर स्कूल पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि जब देश के भविष्य कहे जाने वाले बच्चे ही स्कूल तक सुरक्षित रास्ते से नहीं पहुंच पा रहे हैं तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर स्कूल तक जाने वाले रास्ते का स्थायी निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाने की मजबूरी से निजात मिल सके।ग्रामीणों की दो टूक—यह सिर्फ रास्ते की समस्या नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य का सवाल है।
अमरोहा में स्कूल जाने वाला रास्ता बदहाल, पानी से होकर स्कूल पहुंच रहे नौनिहाल अमरोहा/गजरौला। गांव आलमपुर में सरकारी स्कूल तक जाने वाला करीब डेढ़ सौ मीटर का रास्ता लंबे समय से बदहाल पड़ा है। संजू के घर से स्कूल तक जाने वाले इस रास्ते की हालत इतनी खराब है कि बारिश के दिनों में यहां जलभराव हो जाता है। छोटे-छोटे बच्चों को पानी से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी भरे रास्ते से गुजरने के दौरान कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। उनके कपड़े गंदे हो जाते हैं और स्कूल की किताबें व कॉपियां तक पानी से खराब होने का खतरा रहता है। सबसे गंभीर बात यह
है कि इसी रास्ते से रोजाना नन्हे बच्चे पढ़ने के लिए सरकारी स्कूल जाते हैं। ग्रामीण के मुताबिक रास्ते की समस्या को लेकर सांसद, जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुख, जिलाधिकारी और कई भाजपा नेताओं को कई बार अवगत कराया जा चुका है। 1070 और 1076 हेल्पलाइन पर भी शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन आरोप है कि अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक स्तर से सचिव मौके पर आते हैं, रास्ते की स्थिति देखते हैं और वापस चले जाते हैं। ग्राम प्रधान से भी रास्ता बनवाने की मांग की गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार उन्हें केवल रास्ता बनवाने का आश्वासन मिलता रहा है। 15 अगस्त को भी सामने
आई समस्या की तस्वीर बेहद चिंताजनक रही। स्कूल जाने वाले बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर इसी जलभराव वाले रास्ते से होकर स्कूल पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि जब देश के भविष्य कहे जाने वाले बच्चे ही स्कूल तक सुरक्षित रास्ते से नहीं पहुंच पा रहे हैं तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर स्कूल तक जाने वाले रास्ते का स्थायी निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाने की मजबूरी से निजात मिल सके।ग्रामीणों की दो टूक—यह सिर्फ रास्ते की समस्या नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य का सवाल है।
- अमरोहा में स्कूल जाने वाला रास्ता बदहाल, पानी से होकर स्कूल पहुंच रहे नौनिहाल अमरोहा/गजरौला। गांव आलमपुर में सरकारी स्कूल तक जाने वाला करीब डेढ़ सौ मीटर का रास्ता लंबे समय से बदहाल पड़ा है। संजू के घर से स्कूल तक जाने वाले इस रास्ते की हालत इतनी खराब है कि बारिश के दिनों में यहां जलभराव हो जाता है। छोटे-छोटे बच्चों को पानी से होकर स्कूल पहुंचना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी भरे रास्ते से गुजरने के दौरान कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। उनके कपड़े गंदे हो जाते हैं और स्कूल की किताबें व कॉपियां तक पानी से खराब होने का खतरा रहता है। सबसे गंभीर बात यह है कि इसी रास्ते से रोजाना नन्हे बच्चे पढ़ने के लिए सरकारी स्कूल जाते हैं। ग्रामीण के मुताबिक रास्ते की समस्या को लेकर सांसद, जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुख, जिलाधिकारी और कई भाजपा नेताओं को कई बार अवगत कराया जा चुका है। 1070 और 1076 हेल्पलाइन पर भी शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन आरोप है कि अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि ब्लॉक स्तर से सचिव मौके पर आते हैं, रास्ते की स्थिति देखते हैं और वापस चले जाते हैं। ग्राम प्रधान से भी रास्ता बनवाने की मांग की गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार उन्हें केवल रास्ता बनवाने का आश्वासन मिलता रहा है। 15 अगस्त को भी सामने आई समस्या की तस्वीर बेहद चिंताजनक रही। स्कूल जाने वाले बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर इसी जलभराव वाले रास्ते से होकर स्कूल पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि जब देश के भविष्य कहे जाने वाले बच्चे ही स्कूल तक सुरक्षित रास्ते से नहीं पहुंच पा रहे हैं तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर स्कूल तक जाने वाले रास्ते का स्थायी निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों को पानी और कीचड़ से होकर स्कूल जाने की मजबूरी से निजात मिल सके।ग्रामीणों की दो टूक—यह सिर्फ रास्ते की समस्या नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य का सवाल है।3
- जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय नवादा का किया औचक निरीक्षण अमरोहा:-जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ द्वारा आज प्राथमिक विद्यालय नवादा, जोया का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय में संचालित मिड-डे मील, आंगनबाड़ी केंद्र, छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक गतिविधियों, अध्यापकों की उपस्थिति, पेयजल व्यवस्था एवं विद्यालय परिसर का गहन निरीक्षण किया!जिलाधिकारी ने कक्षाओं में पहुंचकर बच्चों से संवाद किया तथा उनकी पढ़ाई-लिखाई का स्तर परखा। उन्होंने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने, नियमित रूप से बच्चों की सीखने की प्रगति का मूल्यांकन करने तथा विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान मिड-डे मील की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन वितरण की व्यवस्था का भी अवलोकन किया गया। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी प्राप्त की।विद्यालय के जर्जर भवन का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने उसकी अत्यंत खराब स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जर्जर भवन की तत्काल तकनीकी जांच कराते हुए नियमानुसार कार्रवाई शीघ्र सुनिश्चित की जाए, ताकि छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों की सुरक्षा पर किसी प्रकार का खतरा उत्पन्न न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई एवं पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि बच्चों को सभी मूलभूत सुविधाएं समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।4
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- अमरोहा-बिजनौर मार्ग पर नौगावां सादात थाना क्षेत्र के रज्जाकपुर गांव के पास स्थित ऐतिहासिक 'बायं का कुआं' (जिसे बावन या बाईं का कुआं भी कहते हैं) पर वार्षिक मेले का आयोजन किया गया। यह 12वीं शताब्दी का प्राचीन सीढ़ीदार कुआं है, जिसका निर्माण पृथ्वीराज चौहान की बहन अंबा देवी ने करवाया था। अमरोहा-बिजनौर मार्ग पर नौगावां सादात थाना क्षेत्र के रज्जाकपुर गांव के पास स्थित ऐतिहासिक 'बायं का कुआं' (जिसे बावन या बाईं का कुआं भी कहते हैं) पर वार्षिक मेले का आयोजन किया गया। यह 12वीं शताब्दी का प्राचीन सीढ़ीदार कुआं है, जिसका निर्माण पृथ्वीराज चौहान की बहन अंबा देवी ने करवाया था। स्थानीय लोग इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। श्रद्धालु कुएं पर दूध चढ़ाते हैं और बड़े पैमाने पर भंडारों का आयोजन किया जाता है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग दर्शन और मेले का आनंद लेने पहुंचते हैं। स्थानीय जन चर्चाओं और लोक कथाओं के अनुसार, इस प्राचीन कंकड़-पत्थर निर्मित कुएं को जिन्नात द्वारा एक ही रात में बनाया गया था। कुएं के प्रांगण में बाबा जाहरवीर की मूर्ति भी है जहां श्रद्धालु प्रसाद चढ़ाते हैं। यह कुआं अमरोहा के बिजनौर मार्ग पर कताई मिल के पास उत्तर-पश्चिम दिशा में स्थित है। उत्सव और पर्व के दिनों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नौगावां सादात पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद रहता है।1
- झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए यह इस वीडियो में आप देख सकते हैं यह मुहावरा बिल्कुल सच हुआ है तहसील हसनपुर क्षेत्र के गांव रुखालू से रास्ते को लेकर वीडियो डाल डाल कर आवाज उठाई लेकिन आज उसे संघर्ष की जीत हुई महेंद्र खड़कवंशी के छोटे भाई राजेंद्र खड़कवंशी आज गांव में पहुंचे और रास्ते का जल्द बनाने का वादा किया1
- 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते लेखपाल गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते लेखपाल गिरफ्तार, एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से मचा हड़कंप संभल। धनारी थाना क्षेत्र में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अमन नाम के लेखपाल को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि भूमि की पैमाइश करने के नाम पर लेखपाल द्वारा रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत के आधार पर एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई करते हुए लेखपाल को कथित रूप से रिश्वत की रकम के साथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही क्षेत्र में हड़कंप मच गया। लेखपाल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस द्वारा मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई से राजस्व विभाग में भी खलबली मची हुई है। यह मामला संभल के धनारी थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।1
- अमरोहा जनपद के रहरा थाना क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस का बड़ा एक्शन,नकली खुशबू तेल बेचने वाले कॉस्मेटिक दुकानदार पर FIR, 500 बोतलें बरामद अमरोहा जिले में थाना रहरा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बुरावली में नकली ब्रांडेड उत्पाद बेचने के मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। खुशबू ऑयल कंपनी के जांच अधिकारी की शिकायत पर हसनपुर नायब तहसीलदार और थाना रहरा पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलकर बुरावली स्थित कॉस्मेटिक की दुकान पर छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई के दौरान दुकान के अंदर से 100 एमएल वाली कुल 500 बोतलें नकली खुशबू तेल की बरामद की गईं। टीम ने मौके से बरामद सभी नकली तेल की बोतलों को जब्त कर तुरंत सील कर दिया। आरोपी , जो कि कस्बा उझारी का रहने वाला है, अपनी दुकान से नामी कंपनी का नकली तेल बेचकर लोगों को ठग रहा था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।3
- पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को जूस में जहर देकर मारा,फिर प्रेमी के साथ घूमने निकल गयी जयपुर के महेश मीणा की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस ने महेश की पत्नी कविता और उसके बॉयफ्रेंड को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महेश को जूस में टैबलेट मिलाकर पिलाई गई, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ी और मौत हो गई। महेश के पिता ने लगातार मामले में हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से जांच की मांग की थी। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने अब पत्नी और उसके कथित प्रेमी को गिरफ्तार किया है। मामले में आगे की जांच जारी है।1