मैं, ब्यास ठाकुर, आज यह साफ घोषणा करता हूँ — अब धर्मपुर चुप नहीं रहेगा। सालों से वादे सुनते आए हैं। मंच बदले, चेहरे बदले, शब्द बदले — लेकिन क्या व्यवस्था बदली? धर्मपुर की जनता अब दर्शक नहीं रहेगी। यह भूमि जाग चुकी है। अस्पतालों में पूरी सुविधा क्यों नहीं? गंभीर मरीज को बाहर क्यों भेजा जाता है? युवाओं के हाथ में डिग्री है, पर नौकरी क्यों नहीं? नीतियाँ बनती हैं, पर संवाद क्यों नहीं? यह सवाल किसी दुश्मनी से नहीं — यह सवाल जिम्मेदारी से हैं। और अब इन सवालों को दबाया नहीं जा सकेगा। मैं 2018 से खड़ा हूँ। अकेला खड़ा रहा, लेकिन झुका नहीं। क्योंकि यह लड़ाई पद की नहीं — प्रतिष्ठा की है। यह लड़ाई सत्ता की नहीं — व्यवस्था सुधार की है। अब राजनीति भावनाओं से नहीं, परिणाम से चलेगी। अब समर्थन नाम से नहीं, काम से मिलेगा। अब जनता सिर्फ ताली नहीं बजाएगी — जवाब भी मांगेगी। तीसरा विकल्प कोई नारा नहीं है। यह एक चेतावनी है — कि अगर जनता को सम्मान नहीं मिला, तो जनता अपना रास्ता खुद बनाएगी। हम डरेंगे नहीं। हम रुकेंगे नहीं। हम बिकेंगे नहीं। धर्मपुर की आवाज अब दबेगी नहीं। यह आवाज विकास की है। यह आवाज पारदर्शिता की है। यह आवाज जवाबदेही की है। और जब जनता संकल्प ले लेती है — तो राजनीति की दिशा बदल जाती है। धर्मपुर उठेगा। धर्मपुर निर्णायक बनेगा। धर्मपुर अपना भविष्य खुद लिखेगा। जय देवभूमि। जय Dharampur।
मैं, ब्यास ठाकुर, आज यह साफ घोषणा करता हूँ — अब धर्मपुर चुप नहीं रहेगा। सालों से वादे सुनते आए हैं। मंच बदले, चेहरे बदले, शब्द बदले — लेकिन क्या व्यवस्था बदली? धर्मपुर की जनता अब दर्शक नहीं रहेगी। यह भूमि जाग चुकी है। अस्पतालों में पूरी सुविधा क्यों नहीं? गंभीर मरीज को बाहर क्यों भेजा जाता है? युवाओं के हाथ में डिग्री है, पर नौकरी क्यों नहीं? नीतियाँ बनती हैं, पर संवाद क्यों नहीं? यह सवाल किसी दुश्मनी से नहीं — यह सवाल जिम्मेदारी से हैं। और अब इन सवालों को दबाया नहीं जा सकेगा। मैं 2018 से खड़ा हूँ। अकेला खड़ा रहा, लेकिन झुका नहीं। क्योंकि यह लड़ाई पद की नहीं — प्रतिष्ठा की है। यह लड़ाई सत्ता की नहीं — व्यवस्था सुधार की है। अब राजनीति भावनाओं से नहीं, परिणाम से चलेगी। अब समर्थन नाम से नहीं, काम से मिलेगा। अब जनता सिर्फ ताली नहीं बजाएगी — जवाब भी मांगेगी। तीसरा विकल्प कोई नारा नहीं है। यह एक चेतावनी है — कि अगर जनता को सम्मान नहीं मिला, तो जनता अपना रास्ता खुद बनाएगी। हम डरेंगे नहीं। हम रुकेंगे नहीं। हम बिकेंगे नहीं। धर्मपुर की आवाज अब दबेगी नहीं। यह आवाज विकास की है। यह आवाज पारदर्शिता की है। यह आवाज जवाबदेही की है। और जब जनता संकल्प ले लेती है — तो राजनीति की दिशा बदल जाती है। धर्मपुर उठेगा। धर्मपुर निर्णायक बनेगा। धर्मपुर अपना भविष्य खुद लिखेगा। जय देवभूमि। जय Dharampur।
- हमीरपुर शुक्रवार को धनेटा स्कूल की एमसी और छात्रों ने स्कूल मर्ज करने को लेकर डीसी कार्यालय हमीरपुर के बाहर धरना प्रदर्शन किया है। आपको बता दें कि धनेटा गर्ल स्कूल को मर्ज करके सीबीएसई स्कूल किया गया है । इसके विरोध में धनेटा गर्ल स्कूल की एमसी और छात्रों ने जमकर विरोध किया है।एसएमसी और छात्राओं के अभिभावकों ने बताया कि वह अपने बच्चों को एचपी बोर्ड से ही शिक्षा दिलवाना चाहते हैं और सीबीएसई में अपने बच्चों को नहीं पढ़ाना चाहते। छात्राओं के अभिभावकों ने बताया कि 1934 से धनेटा गर्ल्स स्कूल चल रहा है और काफी संख्या में यहां पर छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रही है, लेकिन सरकार की बीते दिन नोटिफिकेशन हुई है जिसके चलते स्कूल को मर्ज किया गया है। जिसका एसएमसी और छात्राओं के अभिभावक विरोध कर रहे हैं। वहीँ एसएमसी की प्रधान नीना देवी ने बताया कि गर्ल्स स्कूल को मर्ज किया जा रहा है। जिसका वह विरोध करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू से मांग करते हैं कि इस स्कूल को मर्ज ना किया जाए। अगर सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना तो सड़क पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। वहीं अभिभावक ने बताया कि धनता गर्ल स्कूल 1934 से कार्यरत है लेकिन सरकार द्वारा अभी से मर्ज किया जा रहा है उन्होंने कहा कि वह अपने बच्चों को एचपी बोर्ड के माध्यम से ही शिक्षा देना चाहती है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि धनेटा गर्ल स्कूल को बंद ना किया जाए। वहीं स्कूल की छात्रा अपेक्षा ने बताया कि कल स्कूल धनेटा मर्ज नहीं होना चाहिए यहां पर बेहतरीन तरीके से छात्रों को पढ़ाई करवाई जाती है उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि स्कूल को मर्ज ना किया जाए।2
- कुल्लू हिमाचल प्रदेश की विवाह मेहंदी की कार्यक्रम देखिए कुल्लू हिमाचल प्रदेश से4
- #बिलासपुर : स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध कर रहे कई सामाजिक कार्यकर्ता1
- बंगाणा, उपमंडल बंगाणा क्षेत्र के राजकीय मॉडल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थानाकलां में राष्ट्रीय आविष्कार अभियान के अंतर्गत विज्ञान के सिद्धांतों पर आधारित मॉडल बना कर विद्यार्थियों ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय आविष्कार अभियान (RAA) भारत सरकार (शिक्षा मंत्रालय) शुरू की गई एक पहल है, जिसका उद्देश्य 6-18 आयु वर्ग के बच्चों में विज्ञान, गणित और प्रौद्योगिकी के प्रति जिज्ञासा और रचनात्मकता को बढ़ाना है। यह 12वीं कक्षा तक के छात्रों को प्रयोग, अवलोकन और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करता है, ताकि विद्यालयों को नवाचार केंद्र बनाया जा सके। संजीव पराशर प्रधानाचार्य ने अपने कहा किराष्ट्रीय आविष्कार अभियान के प्रमुख उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना, विषय के प्रति रुचि जगाना और रटने की बजाय 'करके सीखने' (Learning by Doing) को बढ़ावा देना है विद्यालय में इस दिशा में सतत प्रयासरत है।इस कार्यक्रम को सफल बनाने विज्ञान संकाय के प्रवक्ताओं प्रवेश राणा, अरविंद शर्मा, संदेश कुमारी, कमल चौहान ने सक्रिय योगदान दिया। इस दौरान विद्यालय के प्रवक्ता बलबिंद्र कुमार,अनिल कुमार,हंसराज सुमन, राधिका, संयोगिता,नंद लाल, सतीश डोगरा, विनोद कुमार, अमित सोंखला,सुरिंदर कुमार, पंकज ठाकुर, रजनीश सोहल व सुमन लता लिपिक व लवेश कुमार मौजूद रहे। विज्ञान प्रदर्शनी का विद्यालय के सभी विद्यार्थियों ने अवलोकन किया।1
- प्रांत स्तरीय सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम 22 फरवरी को बिलासपुर जिला मुख्यालय पर स्थित सरस्वती विद्या मंदिर निहाल में आयोजित होगा। जिसमें पूरे प्रांत से 200 के करीब प्रबुद्ध महिलाएं शामिल होंगी। यह जानकारी प्रांत संयोजिका सुनीला शर्मा ने शुक्रवार को आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान दी। उन्होंने बताया कि एचएएस अंशु चंदेल कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगी, जबकि राज्य व राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित सेवानिवृत प्रधानाचार्य सोमा राणा मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं में वैचारिक दृष्टि का परिवर्तन लाना है। कार्यक्रम में शामिल प्रबुद्ध महिलाओं को सम्मानित भी किया जाएगा। साथ ही विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा भी होगी।1
- माननीय राज्य सभा सांसद S.Balwant जी का सम्मान, मेरे द्वारा और मित्र असिस्टेंट कमिश्नर पुलिस R. साहब के द्वारा1
- हमीरपुर हिमाचल प्रदेश की बदहाल वित्तीय स्थिति को लेकर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर जोरदार निशाना साधा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से लगातार आम जनता पर टैक्स का बोझ डालकर उनकी जेबें ढीली करने का काम कर रही है, जबकि सरकार की अपनी वित्तीय सेहत दिन-प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है। राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 25,000 मेगावाट जलविद्युत क्षमता होने के बावजूद सरकार केवल करीब 11,000 मेगावाट परियोजनाओं को ही शुरू कर पाई है और पिछले तीन वर्षों में निवेशकों ने नई पावर परियोजनाओं में कोई रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की बदली हुई नीतियों और भारी टैक्स व्यवस्था के कारण निवेशक हिमाचल से दूरी बना रहे हैं, जिससे प्रदेश को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि एक समय पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी रहे हिमाचल प्रदेश में आज निवेशकों के लिए माहौल खराब हो चुका है। हिमाचल पर्यटन निगम के लाभ में चल रहे होटलों को निजी हाथों में देने की तैयारी और होमस्टे रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाने जैसे फैसलों ने स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबार को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन क्षेत्र में भी अनावश्यक पाबंदियों, एजेंट सिस्टम और कथित भ्रष्टाचार के कारण निवेशक दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भी सरकार की नीतियां विफल साबित हुई हैं। बल्क ड्रग पार्क जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भी सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है और उद्योग लगाने के लिए अनुमति प्रक्रिया में कथित दलाली और दबाव की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उद्योगपति हिमाचल के बजाय अन्य राज्यों में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि हिमाचल पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है और करीब 10,000 करोड़ रुपये ठेकेदारों की देनदारियां लंबित हैं। उन्होंने कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक और बघाट बैंक के मामलों का हवाला देते हुए सरकार पर पक्षपात और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। राणा ने कहा कि प्रदेश की सत्ता ऐसे व्यक्ति के हाथों में चली गई है, जिसका शासन जिद्दी और विफल प्रशासन के रूप में इतिहास में दर्ज होगा और जनता भविष्य में ऐसी सरकार से मुक्ति की कामना कर रही है।1
- *बेटियों के सशक्तिकरण में बिलासपुर की पहल को मिली राष्ट्रीय पहचान* *स्कॉच अवार्ड 2025 के सेमीफाइनल में पहुंचा जिले का ‘बेटियां बनें कुशल’ मॉडल* *डीसी बोले पहल 'बिलासपुर की शान बेटियां-बेटियां बनें कुशल’ स्कॉच अवार्ड फाइनल चरण में पहुंचती है, तो यह जिले के लिए होगी ऐतिहासिक उपलब्धि*1
- मंडी के शिवरात्रि मेले जाते वक्त बरमाना में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि आगामी शैक्षणिक सत्र से चयनित सरकारी विद्यालयों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड पाठ्यक्रम लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस निर्णय का उद्देश्य विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा उपलब्ध करवाना है ताकि सरकारी स्कूलों के छात्र भी बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। मंत्री ने कहा कि पहले हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में 9.71 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ते थे जो अब घटकर करीब 4.02 लाख रह गए हैं। सरकारी स्कूलों को सशक्त बनाने के लिए लीड स्कूल मॉडल लागू किया जा रहा है और स्कूलों का रेशनलाइजेशन भी किया जा रहा है। इसके अलावा बिलासपुर और घुमारवीं में बालक और बालिका विद्यालयों का विलय कर सह-शिक्षा संस्थान बनाए जा रहे हैं, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग और विद्यार्थियों को अधिक सुविधाएं मिल सकें। मंडी जाते समय बरमाना में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व विधायक तिलक राज शर्मा ने पंजागई स्कूल को सीबीएसई से संबद्धता दिलाने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर का क्षेत्र की जनता की ओर से आभार भी व्यक्त किया ।1