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कुल्लू हिमाचल प्रदेश की विवाह मेहंदी की कार्यक्रम देखिए कुल्लू हिमाचल प्रदेश से
Himachal Update 24 News
कुल्लू हिमाचल प्रदेश की विवाह मेहंदी की कार्यक्रम देखिए कुल्लू हिमाचल प्रदेश से
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- बिजली महादेव के जंगल में भड़की आग जिया पंचायत वार्ड नंबर 4 के युवा रात को आग बुझाने की कोशिश कर रहे है। जानकारी के अनुसार यह आग किसी शरारती तत्व द्वारा लगाई गई है। जनता ने मांग उठाई है कि विभाग ऐसे लोगों पर शख्त कार्रवाई अमल में लाए,,,,1
- mandi shivratri mele men devi devtaon ko aakhir dikhani hi padi apni shakti 🌺🌺🙏🕉🔱💪1
- रिपोर्ट 19 फरवरी बुद्धि सिंह ठाकुर सैंज। सैंज घाटी (कुल्लू): राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला शेंशर में 'वीरवार क़ो सड़क सुरक्षा दिवस' का आयोजन बड़े उत्साह के साथ किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना था। खास आकर्षण: कार्यक्रम के दौरान एक नन्ही छात्रा द्वारा सड़क सुरक्षा नियमों पर दिया गया ओजस्वी भाषण आकर्षण का केंद्र रहा। छात्र ने अपने वक्तव्य में न केवल नियमों की जानकारी दी, बल्कि समाज में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सुधार के उपाय भी सुझाए। छात्र के इस शानदार भाषण की पूरे स्कूल और उपस्थित अतिथियों के बीच खूब चर्चा हो रही है। मुख्य संदेश: बिना हेलमेट और लाइसेंस के वाहन न चलाएं। सड़क संकेतों का पालन करना जीवन बचाने के लिए अनिवार्य है। युवा पीढ़ी ही समाज में यातायात जागरूकता की नई मिसाल पेश कर सकती है।1
- 🚩 धर्मपुर 2027 — जिम्मेदार बदलाव का संकल्प माँ भवानी की पावन धरती पर, माँ जालपा, बाबा कमलाहिया और दादा परशुराम की कृपा से, मैं, देवभूमि क्षत्रिय संगठन एवं सवर्ण मोर्चा, जिला मण्डी (हिमाचल प्रदेश) का उपाध्यक्ष, आज धर्मपुर की जनता के सामने भावनात्मक भाषण नहीं — बल्कि स्पष्ट नीति और जवाबदेही का संकल्प रखता हूँ। 🏥 स्वास्थ्य — व्यवस्था सुधार का एजेंडा सिविल अस्पताल धर्मपुर को मजबूत करना प्राथमिकता होगी: विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति 24×7 इमरजेंसी सेवा आवश्यक दवाइयों और जांच सुविधाओं की उपलब्धता पारदर्शी रोगी कल्याण समिति हम वादा नहीं करेंगे — समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक करेंगे। 🎓 युवा और रोजगार — ठोस नीति धर्मपुर का युवा अवसर चाहता है, भाषण नहीं। वार्षिक भर्ती कैलेंडर सार्वजनिक भर्ती प्रक्रिया में समयसीमा और पारदर्शिता करियर मार्गदर्शन केंद्र स्किल डेवलपमेंट को स्थानीय उद्योग से जोड़ना हमारा लक्ष्य — पलायन कम, स्थानीय अवसर अधिक। 🛣️ बुनियादी ढांचा — गुणवत्ता और निगरानी पंचायतवार सड़क सर्वे गुणवत्ता की स्वतंत्र निगरानी बरसात प्रभावित मार्गों का स्थायी समाधान टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता विकास दिखावा नहीं — टिकाऊ होना चाहिए। 🧑🌾 किसान और स्थानीय अर्थव्यवस्था स्थानीय खरीद व्यवस्था मजबूत भंडारण सुविधा समयबद्ध मुआवज़ा प्रणाली छोटे उद्योग और स्वरोज़गार को बढ़ावा ✊ जवाबदेही की राजनीति हम न तो व्यक्तिगत आरोप लगाएंगे न ही भावनात्मक उकसावे की राजनीति करेंगे। हम काम आधारित राजनीति करेंगे: वार्षिक सार्वजनिक रिपोर्ट कार्ड हर छह महीने जनसंवाद ऑनलाइन विकास जानकारी 🚩 क्यों तीसरा विकल्प? जब जनता को लगे कि दो विकल्प पर्याप्त परिणाम नहीं दे पा रहे — तब लोकतंत्र में तीसरा विकल्प स्वाभाविक है। राष्ट्रीय देवभूमि पार्टी को हम एक जिम्मेदार, नीति आधारित विकल्प के रूप में प्रस्तुत करते हैं — धर्मपुर के विकास, पारदर्शिता और सम्मान के लिए। अंतिम संदेश यह चुनाव टकराव का नहीं — विश्वास का है। यह चुनाव नारे का नहीं — नीति का है। वादे कम — काम ज़्यादा। स्थिर नेतृत्व — स्पष्ट जवाबदेही। जय माँ भवानी। जय माँ जालपा। जय बाबा कमलाहिया। जय दादा परशुराम।2
- हमीरपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व विधायक राजिंदर राणा ने कहा कि हमीरपुर के सुजानपुर के ऐतिहासिक चौहान मैदान में होने वाले राष्ट्रीय होली मेले के लिए मेला स्थल के एकल टेंडर को चंडीगढ़ की एक कम्पनी को 2 करोड़ 15 लाख रुपए में आवंटित किया गया है । उन्होंने कहा कि अकाल आवंटन के चलते मेला मैदान में अपना स्टॉल लगाने के लिए स्थानीय व्यापारियों व रेहडी फहड़ी वालों को अब ऊंचे दामों देने पड़ेंगे । उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार अब लोगों के आपसी सौहार्द को बनाए रखने वाले मेलों कभी व्यापरीकरण करने पर लगी है उन्होंने कहा कि मेले से आमदनी जरूर बड़ी है लेकिन आने वाले समय में ऊंचे दामों के चलते निजी व स्थानीय दुकानदारों को अपनी स्टॉल लगाने में दिक्कत आएगी जिसका खामियाजा मिले पर भी पड़ेगा ।1
- हमीरपुर हिमाचल प्रदेश की बदहाल वित्तीय स्थिति को लेकर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर से पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर जोरदार निशाना साधा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वर्तमान सरकार आर्थिक कुप्रबंधन की वजह से लगातार आम जनता पर टैक्स का बोझ डालकर उनकी जेबें ढीली करने का काम कर रही है, जबकि सरकार की अपनी वित्तीय सेहत दिन-प्रतिदिन कमजोर होती जा रही है। राजेंद्र राणा ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लगभग 25,000 मेगावाट जलविद्युत क्षमता होने के बावजूद सरकार केवल करीब 11,000 मेगावाट परियोजनाओं को ही शुरू कर पाई है और पिछले तीन वर्षों में निवेशकों ने नई पावर परियोजनाओं में कोई रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की बदली हुई नीतियों और भारी टैक्स व्यवस्था के कारण निवेशक हिमाचल से दूरी बना रहे हैं, जिससे प्रदेश को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि एक समय पर्यटन के क्षेत्र में अग्रणी रहे हिमाचल प्रदेश में आज निवेशकों के लिए माहौल खराब हो चुका है। हिमाचल पर्यटन निगम के लाभ में चल रहे होटलों को निजी हाथों में देने की तैयारी और होमस्टे रजिस्ट्रेशन फीस बढ़ाने जैसे फैसलों ने स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबार को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यटन क्षेत्र में भी अनावश्यक पाबंदियों, एजेंट सिस्टम और कथित भ्रष्टाचार के कारण निवेशक दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में भी सरकार की नीतियां विफल साबित हुई हैं। बल्क ड्रग पार्क जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भी सरकार की भूमिका संदिग्ध रही है और उद्योग लगाने के लिए अनुमति प्रक्रिया में कथित दलाली और दबाव की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि उद्योगपति हिमाचल के बजाय अन्य राज्यों में निवेश करना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं। राजेंद्र राणा ने कहा कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि हिमाचल पर लगभग 40,000 करोड़ रुपये का कर्ज हो चुका है और करीब 10,000 करोड़ रुपये ठेकेदारों की देनदारियां लंबित हैं। उन्होंने कांगड़ा कोऑपरेटिव बैंक और बघाट बैंक के मामलों का हवाला देते हुए सरकार पर पक्षपात और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। राणा ने कहा कि प्रदेश की सत्ता ऐसे व्यक्ति के हाथों में चली गई है, जिसका शासन जिद्दी और विफल प्रशासन के रूप में इतिहास में दर्ज होगा और जनता भविष्य में ऐसी सरकार से मुक्ति की कामना कर रही है।1
- सदर विधायक त्रिलोक जंबाल ने कहा है कि तालाबंदी की शौकीन प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने बिलासपुर को एक और अनचाहा तोहफा दिया है। जनहित में खोले गए कई संस्थानों को बंद करने की कड़ी में बिलासपुर गर्ल्स आईटीआई के बाद अब पिछले करीब 75 वर्षों से जिला मुख्यालय में चल रहे सीनियर सेकेंडरी गर्ल्स स्कूल को बंद करने का फरमान जारी कर दिया गया है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कुछ नया देने के बजाए आए दिन कुछ न कुछ बंद करना इस जनविरोधी सरकार की आदत बन गई है। यदि यह तुगलकी फैसला रद नहीं किया गया तो भाजपा कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर होगी।1
- कुल्लू हिमाचल प्रदेश की विवाह मेहंदी की कार्यक्रम देखिए कुल्लू हिमाचल प्रदेश से4