चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरबसपुर में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का एक नया मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर की गई पड़ताल में जानकारी मिली है कि पंचायत के नाम पर ₹65,000 की बड़ी राशि का भुगतान किया गया है। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, यह भुगतान 16 मार्च 2022 को 'Jalimun Begam' नामक व्यक्ति के नाम पर किया गया था। इस राशि को सचिव और सरपंच द्वारा अधिकृत किया गया है, और इसे बैंक खाते के माध्यम से हस्तांतरित भी कर दिया गया है। हालांकि, इस ₹65,000 की राशि का कोई स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है, जिससे ग्रामीणों और स्थानीय जागरूक नागरिकों में सवाल खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह भुगतान किस कार्य या किस योजना के तहत किया गया है, क्योंकि धरातल पर न तो कोई ऐसा कार्य दिखाई दे रहा है और न ही इसकी जानकारी ग्राम पंचायत के किसी रजिस्टर में स्पष्ट रूप से दर्ज है। इस संदिग्ध भुगतान को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
चंदौली के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरबसपुर में सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का एक नया मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर की गई पड़ताल में जानकारी मिली है कि पंचायत के नाम पर ₹65,000 की बड़ी राशि का भुगतान किया गया है। प्राप्त दस्तावेजों के अनुसार, यह भुगतान 16 मार्च 2022 को 'Jalimun Begam' नामक व्यक्ति के नाम पर किया गया था। इस राशि को सचिव और सरपंच द्वारा अधिकृत किया गया है, और इसे बैंक खाते के माध्यम से हस्तांतरित भी कर दिया गया है। हालांकि, इस ₹65,000 की राशि का कोई स्पष्ट विवरण उपलब्ध नहीं है, जिससे ग्रामीणों और स्थानीय जागरूक नागरिकों में सवाल खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि यह स्पष्ट नहीं है कि यह भुगतान किस कार्य या किस योजना के तहत किया गया है, क्योंकि धरातल पर न तो कोई ऐसा कार्य दिखाई दे रहा है और न ही इसकी जानकारी ग्राम पंचायत के किसी रजिस्टर में स्पष्ट रूप से दर्ज है। इस संदिग्ध भुगतान को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।
- उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस घोषणा के बाद से प्रधानों में 'बड़ी टेंशन' देखी जा रही है। अब यह देखना होगा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कैसे करते हैं।1
- मुंबई इस समय एक गंभीर जल संकट का सामना कर रही है, जिसके चलते BMC ने पानी की कटौती लागू कर दी है। शहर को पानी की आपूर्ति करने वाले जलाशयों का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुँच चुका है। इसी बीच, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का यह बयान चर्चा में है कि 'देश में पानी की कोई कमी नहीं है'। इस स्थिति ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनमें यह पड़ताल शामिल है कि मुंबई में पानी का संकट क्यों आया, सात जलाशयों का क्या हाल है, BMC ने पानी की कटौती क्यों की, क्या कंक्रीट का जंगल बनती मुंबई इस संकट के लिए जिम्मेदार है, और क्या जल प्रबंधन में कहीं चूक हुई है।1
- कैमूर जिले के करकटगढ़ गांव में 40 डिग्री के भीषण तापमान के बीच ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति में, बताया गया है कि क्षेत्र के मंत्री, विधायक, सांसद और अन्य संबंधित अधिकारी गांव से नदारद हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- सोनभद्र जिले के विंढमगंज थाना क्षेत्र के पकरी गांव में पिता-पुत्र के बीच हुए विवाद ने एक भयावह रूप ले लिया, जहाँ 52 वर्षीय पिता श्रीनाथ की मृत्यु हो गई। आरोप है कि उनके पुत्र सोनू ने एक डंडे से उन पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसके बाद इलाज के दौरान श्रीनाथ ने दम तोड़ दिया। इस घटना से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस ने श्रीनाथ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी पुत्र सोनू को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज सिंह काका ने धीना में जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जिलाधिकारी को किसानों की समस्याओं को समझने के लिए केवल कार्यालय में नहीं बैठना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि अधिकारियों को गांवों और किसानों के बीच जाकर जमीनी हकीकत का पता लगाना चाहिए, जिससे भ्रष्टाचार की जड़ों और वास्तविक परिस्थितियों की सही जानकारी मिल सकेगी। प्रेस वार्ता के दौरान मनोज सिंह काका ने वर्तमान सरकार पर नौजवानों, छात्रों और किसानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया और संकल्प लिया कि समाजवादी पार्टी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने गुरैनी क्षेत्र में गंगा कटान रोकथाम की मांग को लेकर चल रहे किसानों के धरने का भी उल्लेख किया। काका ने मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी कि जिलाधिकारी किसानों से वार्ता के लिए मौके पर जाने वाले हैं, इसे अधिकारियों द्वारा दफ्तरों से निकलकर सीधे लोगों के बीच पहुँचने की दिशा में एक प्रभावी कदम बताया। सपा प्रवक्ता ने पार्टी कार्यकर्ताओं पर दर्ज कथित फर्जी मुकदमों का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने संवैधानिक तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे सपा कार्यकर्ताओं पर सत्ता पक्ष के दबाव में मुकदमे दर्ज किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन इन मुकदमों को वापस नहीं लेता है, तो समाजवादी पार्टी हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई लड़ेगी और इसके साथ ही लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगी।3
- जनपद मिर्जापुर में वाराणसी-सोनभद्र रूट पर स्थित नारायणपुर मोटर मंडी की सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर और जानलेवा बनी हुई है, जिसे पूर्वांचल की सबसे बुरी, घातक और मौत के कुएं जैसी सड़क बताया जा रहा है। इतनी दयनीय हालत होने के बावजूद, यह सड़क अब तक क्यों नहीं बन पाई है, जबकि इस मार्ग पर पूर्वांचल की सबसे महंगी टोल वसूली की जाती है। स्थानीय लोगों और जनता द्वारा शासन, प्रशासन, विधायक, मंत्री, ठेकेदार और टोल प्लाजा के तमाम जिम्मेदार अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या ये सभी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही इस जानलेवा सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा? इस पीड़ादायक स्थिति के लिए कौन जवाब देगा, यह प्रश्न लगातार बना हुआ है।1
- चंदौली जिले में गंगा नदी के तटीय क्षेत्रों में हो रहे भू-कटान की समस्या को गंभीरता से लेते हुए, जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने गुरैनी पंप कैनाल के पास गंगा कटान रोकने के चल रहे कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कटान-रोधी एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर तत्काल पूरा किया जाए। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने गुरैनी पंप कैनाल के समीप गंगा नदी से हो रहे कटान की अद्यतन स्थिति का गहन अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अभियंताओं से चल रहे सुरक्षात्मक कार्यों की तकनीकी बारीकियों और उनकी प्रगति के संबंध में विस्तृत फीडबैक लिया। जिलाधिकारी ने मानसून और तटीय सुरक्षा के महत्व पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए दोहरे स्तर पर कार्य करने की रणनीति पर भी बल दिया। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि गंगा तट पर हो रहे कटान को रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षात्मक और मरम्मत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर तत्काल पूरा किया जाए, ताकि स्थानीय ग्रामीणों और कृषि भूमि को सुरक्षित रखा जा सके। गंगा तट के स्थायी संरक्षण के लिए, उन्होंने अधिशासी अभियंता चंद्र प्रभा, बंधी डिवीजन को एक व्यापक व विस्तृत परियोजना (DPR) अविलंब तैयार करने और उसे शासन स्तर पर स्वीकृति हेतु शीघ्र अति शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश भी जारी किए। इस अवसर पर, जिलाधिकारी ने स्थानीय किसानों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी फसलों और भूमि की सुरक्षा के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है और बाढ़ व कटान जैसी आपदाओं से निपटने के लिए सभी पुख्ता इंतजाम समय से पूरे कर लिए जाएंगे। किसान नेता दीनानाथ श्रीवास्तव ने इस दौरान स्थानीय क्षेत्र के कृषकों की समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया। स्थलीय निरीक्षण के समय मुख्य रूप से अधिशासी अभियंता, बंधी प्रखंड, अधिशासी अभियंता, लघु डाल तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में पेयजल संकट से नाराज एक युवक 150 फीट ऊंचे ट्रांसमिशन टावर पर चढ़ गया, जिससे क्षेत्र में हाईवोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। म्योरपुर थाना क्षेत्र के देवरी गांव में यह घटना करीब तीन घंटे तक चली, जिसके बाद प्रशासन के आश्वासन पर युवक सुरक्षित नीचे उतर आया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने पेयजल समस्या के तत्काल समाधान की मांग उठाई है।1
- एक हैरान कर देने वाली घटना में, पुलिस ने न्यायालय को बताया कि 1 करोड़ रुपये मूल्य का सोना बंदर अपने साथ ले गए हैं। पुलिस द्वारा प्रस्तुत की गई इस विचित्र कहानी को सुनकर न्यायालय भी अत्यधिक क्रोधित हो उठा, जो मामले की गंभीरता और पुलिस के इस दावे के प्रति उसकी असंतुष्टि को दर्शाता है।1