अल्प प्रवास पर शुजालपुर पहुंचे राष्ट्रीय बलाई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने भोजशाला को लेकर बड़ा और तीखा बयान देकर सियासी– हलचल बढ़ा दी। शुजालपुर अल्प प्रवास पर पधारे राष्ट्रीय बलाई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने दिया बड़ा बयान शुजालपुर के अल्प प्रवास पर पहुंचे राष्ट्रीय बलाई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने भोजशाला को लेकर बड़ा और तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “बहुत वर्षों बाद डंके की चोट पर हिंदू समाज मां सरस्वती की पूजा करेगा।” मनोज परमार ने कहा कि भोजशाला भारतीय संस्कृति, ज्ञान और आस्था का प्रतीक है और यहां मां सरस्वती की पूजा करना हिंदू समाज का अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ऐतिहासिक तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर सत्य सामने आएगा। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग एकजुट रहें, शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार के भ्रम या उकसावे से दूर रहें।
अल्प प्रवास पर शुजालपुर पहुंचे राष्ट्रीय बलाई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने भोजशाला को लेकर बड़ा और तीखा बयान देकर सियासी– हलचल बढ़ा दी। शुजालपुर अल्प प्रवास पर पधारे राष्ट्रीय बलाई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने दिया बड़ा बयान शुजालपुर के अल्प प्रवास पर पहुंचे राष्ट्रीय बलाई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने भोजशाला को लेकर बड़ा और तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “बहुत वर्षों बाद डंके की चोट पर हिंदू समाज मां सरस्वती की पूजा करेगा।” मनोज परमार ने कहा कि भोजशाला भारतीय संस्कृति, ज्ञान और आस्था का प्रतीक है और यहां मां सरस्वती की पूजा करना हिंदू समाज का अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ऐतिहासिक तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर सत्य सामने आएगा। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग एकजुट रहें, शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार के भ्रम या उकसावे से दूर रहें।
- Post by सत्य एक्सप्रेस न्यूज1
- 22 जनवरी 2026 को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा दिवस मनाया गया 2 वर्ष पहले आज ही के दिन 500 वर्ष के तप त्याग और संघर्ष के बाद अयोध्या में रामलाल विराजे, अयोध्या सहित देश भर में श्रद्धा और भक्ति के साथ राम मंदिर प्रतिष्ठा दिवस मनाया गया। श्री गणेश आचार्य मां राजराजेश्वरी के अनुसार माघ शुक्ल की चतुर्थी तिथि के साथ ही गुfरु तत्व सूर्य उत्तरायण और शुभ योग में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा की वर्षगांठ है। नगर में श्री राम मंदिर बुधवारा में भजन संध्या, बंजारी माता मंदिर कन्नौद रोड पर चलित भंडारे के साथ भजन संध्या मनाई गई।1
- आष्टा के मंदिर मामले में SDM नितिन टाले का बयान, सकल समाज हिन्दू समाज को आश्वत किया है कोई गलत कार्यवाही नहीं होगी, जो भी दोषी होगा न्याय संगत कार्यवाही की जाएगी, गौरतलब है कि सकल हिंदू ने तहसीलदार रामलाल पगारे पर मंदिर निर्माण में रुकावट डालने के आरोप लगाए हैं #ashta #sehore #radhakrishnmandir #राधाकृष्णमंदिर1
- जिगना पुलिस की सराहनीय कार्य1
- अयोध्या की तर्ज पर शाजापुर में मनी श्रीराम दिवाली', भव्य शोभायात्रा और आतिशबाजी से गूंजा शहर प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ: हजारों भक्तों ने लगाए जयकारे, देर रात तक भजनों पर झूमे श्रद्धालु शाजापुर। 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में हुई प्रभु श्री राम की प्राण-प्रतिष्ठा की ऐतिहासिक स्मृतियां गुरुवार को शाजापुर में एक बार फिर जीवंत हो उठीं। आराध्य के आगमन की द्वितीय वर्षगांठ को नगरवासियों ने 'राम दिवाली' के रूप में पूरे उत्साह और भव्यता के साथ मनाया। सुबह से लेकर देर रात तक शहर भगवा रंग में रंगा नजर आया और फिजाओं में सिर्फ 'जय श्री राम' का उद्घोष गूंजता रहा। आकर्षक विद्युत सज्जा और भगवा ध्वज उत्सव के लिए पूरे नगर को विशेष रूप से सजाया गया था। गली-मोहल्लों और मुख्य बाजारों में लहराते भगवा ध्वज आस्था का प्रतीक बने हुए थे। नगर के प्रमुख राम और हनुमान मंदिरों में आकर्षक विद्युत सज्जा की गई थी, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। भव्य शोभायात्रा बनी आकर्षण का केंद्र आयोजन का मुख्य आकर्षण शाम को निकाली गई भव्य शोभायात्रा रही। शाम करीब 7.30 बजे शुरू हुई इस यात्रा में हजारों की संख्या में राम भक्तों ने शिरकत की। डीजे पर बजती रामधुन और भक्ति गीतों ने पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया। नाचते-गाते और जयकारे लगाते भक्तों का हुजूम रात 10 बजे तक नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। आतिशबाजी से जगमगाया आसमान जिस तरह दीपावली पर आतिशबाजी की जाती है, ठीक उसी तर्ज पर गुरुवार को भी शहर में आतिशबाजी का दौर चला। शाम होते ही कई स्थानों पर लोगों ने आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। मंदिरों में महाआरती के बाद प्रसादी का वितरण किया गया। दिन की शुरुआत भी श्रद्धालुओं ने देवालयों में दर्शन और पूजन के साथ की थी। देर रात तक गूंजी सुंदरकांड की चौपाइयां भक्तिमय माहौल में सुंदरकांड के आयोजनों ने चार चांद लगा दिए। शहर में कई स्थानों पर सुंदरकांड के पाठ आयोजित किए गए। विशेष रूप से खेड़ापति क्षेत्र में भजन गायक प्रकाश सूर्यवंशी और उनकी टीम द्वारा भजनों की शानदार प्रस्तुति दी गई। उनकी टीम ने देर रात तक भक्तिमय भजनों से समां बांधे रखा, जिससे पूरा नगर राममय हो गया।3
- 23 जनवरी: नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वो कहानी जो किताबों में नहीं पढ़ाई गई1
- *भोपाल छोला मंदिर थाना प्रभारी सरस्वती तिवारी बनीं भरोसे की मिसाल पुलिस तत्परता से दो बच्चे सकुशल बरामद* मात्र एक घंटे में लापता दो नाबालिग बच्चों को सकुशल खोज निकाला “सिंघम” अंदाज़ में त्वरित कार्रवाई, परिजनों के चेहरे पर लौटी सुकून की मुस्कान लोकेशन : भोपाल भोपाल। छोला मंदिर थाना प्रभारी सरस्वती तिवारी ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता से पुलिसिंग की एक मिसाल पेश की है। घर से नाराज होकर लापता हुए दो नाबालिग बच्चों को पुलिस ने मात्र एक घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। जैसे ही बच्चों के माता-पिता थाना छोला मंदिर पहुंचे और बच्चों के लापता होने की सूचना दी, थाना प्रभारी सरस्वती तिवारी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए बिना किसी देरी के तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। पुलिस टीम को आसपास के इलाकों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और संभावित ठिकानों पर भेजा गया। थाना प्रभारी के नेतृत्व में चली सघन तलाश के दौरान पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित ढूंढ निकाला। बच्चों के मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। बच्चों को सकुशल पाकर परिवार ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। अपनी सख्त कार्यशैली और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस के चलते “सिंघम” के नाम से पहचानी जाने वाली थाना प्रभारी सरस्वती तिवारी की इस मानवीय पहल की क्षेत्रवासियों ने जमकर सराहना की। इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित किया कि भोपाल पुलिस न सिर्फ कानून का पालन कराती है, बल्कि जरूरतमंदों के लिए भरोसे का सहारा भी बनती है। विशेष अपडेट*3
- शुजालपुर अल्प प्रवास पर पधारे राष्ट्रीय बलाई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने दिया बड़ा बयान शुजालपुर के अल्प प्रवास पर पहुंचे राष्ट्रीय बलाई समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने भोजशाला को लेकर बड़ा और तीखा बयान दिया। उन्होंने कहा कि “बहुत वर्षों बाद डंके की चोट पर हिंदू समाज मां सरस्वती की पूजा करेगा।” मनोज परमार ने कहा कि भोजशाला भारतीय संस्कृति, ज्ञान और आस्था का प्रतीक है और यहां मां सरस्वती की पूजा करना हिंदू समाज का अधिकार है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ऐतिहासिक तथ्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर सत्य सामने आएगा। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग एकजुट रहें, शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार के भ्रम या उकसावे से दूर रहें।1