रायबरेली को मिली नई जिलाधिकारी, सरनीत कौर ब्रोका ने संभाला कार्यभार रायबरेली। जिले को नई जिलाधिकारी के रूप में सरनीत कौर ब्रोका मिली हैं। उन्होंने विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। उनके आगमन पर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अधिकारियों ने भव्य स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। पदभार संभालने के बाद जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता सरकार की योजनाओं को आम जनता तक सही और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फरियादियों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी के इस आश्वासन से जिलेवासियों में नई उम्मीद जगी है कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार होगा और आम जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से किया जाएगा।
रायबरेली को मिली नई जिलाधिकारी, सरनीत कौर ब्रोका ने संभाला कार्यभार रायबरेली। जिले को नई जिलाधिकारी के रूप में सरनीत कौर ब्रोका मिली हैं। उन्होंने विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। उनके आगमन पर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अधिकारियों ने भव्य स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। पदभार संभालने के बाद जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता सरकार की योजनाओं को आम जनता तक सही और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फरियादियों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी के इस आश्वासन से जिलेवासियों में नई उम्मीद जगी है कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार होगा और आम जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से किया जाएगा।
- रायबरेली। जिले को नई जिलाधिकारी के रूप में सरनीत कौर ब्रोका मिली हैं। उन्होंने विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। उनके आगमन पर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में अधिकारियों ने भव्य स्वागत किया और गार्ड ऑफ ऑनर देकर सम्मानित किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। पदभार संभालने के बाद जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका ने मीडिया से बातचीत करते हुए अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कीं। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता सरकार की योजनाओं को आम जनता तक सही और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं का लाभ मिले, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध रहेगा। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फरियादियों की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। साथ ही चेतावनी दी कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी के इस आश्वासन से जिलेवासियों में नई उम्मीद जगी है कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार होगा और आम जनता की समस्याओं का समाधान तेजी से किया जाएगा।1
- भीषण गर्मी का सितम: दोपहर की तपती धूप में घर लौटने को मजबूर नौनिहाल, समय बदलने की उठी मांग ऊंचाहार (रायबरेली): उत्तर प्रदेश में आसमान से बरसती आग और भीषण लू ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ऊंचाहार क्षेत्र में दोपहर दो बजे स्कूल बंद होने के बाद, स्कूली बच्चे चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के थपेड़ों के बीच घर जाने को मजबूर हैं। सिर पर बस्ता लादे और पसीने से तर-बतर इन नौनिहालों की सेहत पर अब गंभीर खतरा मंडराने लगा है। तपती सड़कों पर पैदल और साइकिल से सफर कर रहे बच्चों में डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण), हीट स्ट्रोक और चक्कर आने जैसी समस्याओं का डर बना हुआ है। अभिभावकों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि वर्तमान समय सारणी बच्चों के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत घातक है। उन्होंने जिलाधिकारी और शिक्षा विभाग से मांग की है कि: स्कूलों का समय बदलकर सुबह 7:00 बजे से 11:30 बजे तक किया जाए। भीषण गर्मी को देखते हुए छोटे बच्चों की कक्षाओं में जल्द छुट्टी का प्रावधान हो। यदि समय रहते स्कूलों के संचालन समय में बदलाव नहीं किया गया, तो बच्चों की सेहत को लेकर कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।1
- अमेठी। जिले में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की खुली बर्बादी का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय प्रशासन और कार्यदायी संस्थाओं के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा एक बार फिर अमेठी की जनता को भुगतना पड़ रहा है। ताजा मामला नई बनी सड़कों को बिना अनुमति केबल और पाइपलाइन बिछाने के नाम पर उखाड़ने का है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिस सड़क का निर्माण हाल ही में लाखों-करोड़ों की लागत से हुआ था, उसे कुछ ही दिनों में खोदकर खंडहर बना दिया गया। जनता के पैसों की 'खुली बर्बादी' यह सिर्फ सड़क का कटना नहीं, बल्कि टैक्सपेयर्स के पैसे पर सीधा प्रहार है। एक तरफ सरकार बेहतर कनेक्टिविटी का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ विभाग आपस में बिना समन्वय किए 'खोदो और भूलो' की नीति पर काम कर रहे हैं। मुख्य समस्याएं: अनधिकृत खुदाई: बिना उचित अनुमति के सड़कों को भारी मशीनों से खोदा जा रहा है। खतरनाक गड्ढे: खुदाई के बाद सड़क को उसी हाल में छोड़ दिया गया है, जिससे आए दिन राहगीर और बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। धूल का गुबार: बर्बाद सड़कों की वजह से उड़ती धूल ने स्थानीय लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। क्षेत्रीय नागरिकों का सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या इसे ही विकास कहते हैं? अगर पाइपलाइन बिछानी ही थी, तो सड़क निर्माण से पहले यह काम क्यों नहीं किया गया? फिलहाल, इस "सुनियोजित बर्बादी" पर जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं, जबकि जनता धूल और गड्ढों के बीच अपना हक तलाश रही है।1
- Post by D.D.NEWS UTTER PRADESH1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- jai bajrang bali 🙏🕉🚩1
- Post by प्रदुम कुमार मीडिया कौशाम्बी1
- पत्नी से विवाद के बाद ससुर और साले ने की युवक की पिटाई, पीड़ित ने पुलिस से लगाई न्याय की गुहार ऊँचाहार, रायबरेली: वैवाहिक जीवन में नोकझोंक होना कोई नई बात नहीं है, लेकिन कभी-कभी यह विवाद हिंसक रूप ले लेता है। ऐसा ही एक मामला ऊँचाहार कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरसँवा कंदराँवां से सामने आया है, जहाँ एक युवक को अपनी पत्नी से विवाद करना भारी पड़ गया। पीड़ित का आरोप है कि उसकी पत्नी ने अपने मायके वालों को बुलाकर उसकी बेरहमी से पिटाई करवाई। जानकारी के अनुसार, गाँव के निवासी उमेश कुमार का सोमवार को किसी मामूली बात को लेकर अपनी पत्नी के साथ विवाद हो गया था। उमेश का आरोप है कि मंगलवार को उसकी पत्नी ने अपने पिता और भाई को घर बुला लिया। ससुराल पक्ष के लोग जैसे ही घर पहुँचे, उन्होंने उमेश के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते उसे जमकर पीट दिया। इस मारपीट में युवक को काफी चोटें आई हैं। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पत्नी अपने पिता और भाई के साथ मायके चली गई। पीड़ित उमेश कुमार ने मंगलवार दोपहर करीब 3:00 बजे ऊँचाहार कोतवाली पहुँचकर अपने ससुर और साले के विरुद्ध लिखित तहरीर दी है और मामले में कड़ी कार्रवाई की माँग की है। कोतवाल अजय कुमार राय ने बताया कि पीड़ित की शिकायत आधार पर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1