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Shambhu Rajbhar
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- जीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों की गुंडागर्दी, सवाल पूछने पर मरीज के परिजनों को लात-घूंसे-जूते से पीटा, वीडियो वायरल1
- सुगौली चीनी मील में आने ओवरलोड गन्ना लदे वाहनों पर लगेगा रोक। सुरक्षा के नियमों का पालन नही करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई।1
- यही योगी जिसे आप संत कहते है हम उसे औरंगजेब कहते है, ये हिंदू कहने लायक नहीं है । ये मंदिर तोड़ने का समर्थन करने वाला आदमी है, 150 से ज्यादा मंदिर तोड़ दिए गए"1
- महाराजगंज रेलवे जंक्शन पर गलत सामग्री लगाने पर संसद गुस्से से लाल ठेकेदार को दिया चेतावनी महाराजगंज अनुमंडल अंतर्गत महाराजगंज रेलवे जंक्शन निर्माण कार्य गलत तरीके से घटिया सामान मानक के अनुरूप नहीं लगाकर कार्य करने पर ग्रामीणों की शिकायत पर अचानक भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरिष्ठ नेता जनार्दन सिंह सिग्रीवाल घटनास्थल पर पहुंच गए जहां उन्होंने घटिया सामान देख आग बबूला हो गए तुरंत ठेकेदार और उसके कर्मियों को फटकार लगाने लगे उन्होंने कहा कि महाराजगंज को लूटकर ठेकेदार को हम नहीं जाने देंगे ठेकेदार पर कार्रवाई होगा सभी सामान का हमने वीडियो बना लिया है संसद का सत्र चलते ही आवाज उठाऊंगा. ठेकेदार को उन्होंने कहा कि अगर ज्यादा होशियार बनोगे तो यही मिट्टी में मिला देंगे #Short #video #siwan #anishsingh1
- हाटा में गाने से लगे ट्रक के चपेट में आने से युवक की मौत1
- मोतीचक विकासखंड सभागार में आयोजित क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायत की बैठक ने महिला आरक्षण की हकीकत उजागर कर दी। 29 ग्राम पंचायतें महिला सीट के लिए आरक्षित हैं, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि एक भी महिला प्रधान बैठक में नहीं पहुंची। उनकी जगह सभी ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मौजूद रहे। सवाल उठता है कि जब निर्णय की मेज पर महिलाएं ही नहीं, तो आरक्षण का उद्देश्य क्या रह गया? आज भी महिलाएं सत्ता नहीं, सिर्फ चूल्हा-चौकी तक सीमित नजर आईं।1
- Post by Shambhu Rajbhar1
- बिहार :नीतीश कुमार की कुर्सी सुरक्षित करने वाली महिलाएं असुरक्षित!1
- एक हफ्ते में ही टूट गई सड़क और नाली, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल खड्डा (कुशीनगर)। कुशीनगर जनपद के खड्डा तहसील अंतर्गत सिविल लाइन क्षेत्र में हाल ही में बनाई गई सड़क और नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। निर्माण कार्य पूरा होने के महज एक सप्ताह के भीतर ही नाली टूटती हुई दिखाई देने लगी है, जिससे स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। बताया जा रहा है कि यह सड़क और नाली का निर्माण वार्ड के सभासद, नगर अध्यक्ष एवं विधायक के प्रयासों से कराया गया था। लेकिन निर्माण के कुछ ही दिनों बाद नाली का इस तरह क्षतिग्रस्त होना कार्य में लापरवाही की ओर इशारा करता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में मानकों का पालन किया गया होता तो इतनी जल्दी नाली टूटने की स्थिति उत्पन्न नहीं होती। अब सवाल यह उठ रहा है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है—ठेकेदार या निर्माण कार्य की निगरानी करने वाली संबंधित एजेंसी? फिलहाल लोगों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि क्या संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नाली का पुनर्निर्माण कराएंगे या नहीं, और यदि कराएंगे तो कितने दिनों में कार्य पूरा होगा। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं। सागर पाठक की रिपोर्ट1