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एक व्यक्ति ने अधिकारियों से अपील की है कि उनके पैतृक जमीन पर लगे बिजली के खंभे और तार हटाए जाएं, क्योंकि वे उनके घर के निर्माण में रुकावट बन रहे हैं। यह जमीन उनके पिताजी की है, और इन बाधाओं के कारण उन्हें काफी समय से मकान बनाने में परेशानी आ रही है। उन्होंने इन खंभों और तारों को हटाने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की है।
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एक व्यक्ति ने अधिकारियों से अपील की है कि उनके पैतृक जमीन पर लगे बिजली के खंभे और तार हटाए जाएं, क्योंकि वे उनके घर के निर्माण में रुकावट बन रहे हैं। यह जमीन उनके पिताजी की है, और इन बाधाओं के कारण उन्हें काफी समय से मकान बनाने में परेशानी आ रही है। उन्होंने इन खंभों और तारों को हटाने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की है।
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- एक व्यक्ति ने अधिकारियों से अपील की है कि उनके पैतृक जमीन पर लगे बिजली के खंभे और तार हटाए जाएं, क्योंकि वे उनके घर के निर्माण में रुकावट बन रहे हैं। यह जमीन उनके पिताजी की है, और इन बाधाओं के कारण उन्हें काफी समय से मकान बनाने में परेशानी आ रही है। उन्होंने इन खंभों और तारों को हटाने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की है।1
- चित्तौड़गढ़ के मंगलवाड़ स्थित श्री अंबेश गुरु गौशाला में बुधवार को 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत एक जिला स्तरीय गौशाला स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य गौशाला की साफ-सफाई, गौपूजन, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना था। इस दौरान जलकुंभी पूजन और पौधारोपण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री कार्यालय तथा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग से आईं टीम की सदस्य निकिता जांगिड़ और कुनिका सैनी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहीं, जहाँ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गौमाता की पूजा कर गौसेवा एवं जल संरक्षण का संकल्प लिया। डूंगला उपखंड अधिकारी ईश्वरलाल खटीक ने अपने संबोधन में जल संरक्षण को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए इसे जनभागीदारी का अभियान बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की भूमिका वाला अभियान है, और भावी पीढ़ियों के लिए जल बचाना महत्वपूर्ण है। खटीक ने गौशालाओं में स्वच्छता बनाए रखने, पशुओं की उचित देखभाल करने, अधिक पौधारोपण करने तथा ग्रामीणों से जल स्रोतों के संरक्षण और वर्षा जल संचयन को अपनाने की अपील की। पूर्व विधायक ललित ओस्तवाल ने गौसेवा को भारतीय संस्कृति की पहचान बताया और गौशालाओं को सामाजिक सेवा व संवेदनाओं का प्रतीक करार दिया। उन्होंने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को भविष्य के लिए अनिवार्य बताते हुए सभी से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान गौशाला परिसर में साफ-सफाई अभियान चलाकर पौधारोपण किया गया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। उपस्थित सभी लोगों ने जल संरक्षण एवं स्वच्छता बनाए रखने की शपथ भी ली, जबकि गौमाता का विधिवत पूजन कर गौसेवा के महत्व को समझाया गया। इस कार्यक्रम में जिला परिषद के अतिरिक्त विकास अधिकारी दिनेश कुमार विजयवर्गीय, डूंगला एसडीएम ईश्वरलाल खटीक, विकास अधिकारी दुर्गाप्रसाद कुमावत, सहायक विकास अधिकारी नरेश ढाबरिया, तहसीलदार गुणवंत माली और पशुपालन विभाग के चिकित्सक डॉ. सोमनाथ सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इनके अलावा पूर्व विधायक ललित ओस्तवाल, गौशाला अध्यक्ष रमणलाल सिसोदिया, पूर्व जिला उपाध्यक्ष गणपतलाल छीपा, पूर्व पंचायत समिति सदस्य अशोक सोनी, पूर्व मंडल महामंत्री विजय ओस्तवाल, गौशाला महामंत्री शांतिलाल कराड़, गौशाला उपाध्यक्ष विजय ओस्तवाल, तथा अरनेड, बिलोदा और मंगलवाड़ क्षेत्र के श्रीलाल अहीर व अशोक जारौली सहित सैकड़ों ग्रामीणजन और गौसेवक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी को जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और गौशाला स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई, और सभी ने 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' को जन-जन तक पहुँचाने तथा जल बचाने का संकल्प लिया।4
- उदयपुर जिले की टूस डांगियान पंचायत में नहर पर पुलिया का निर्माण न होने के कारण आमजन को लगभग 5 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी रोष है। गुरुवार को पूर्व सरपंच प्रतिनिधि प्रकाश डांगी ने इस गंभीर समस्या को उजागर करते हुए बताया कि उदयसागर बांध की नहर गायरी बस्ती, कान्याखेड़ा और तालाब मार्ग के बीच से गुजरती है। प्रकाश डांगी के अनुसार, इस मार्ग पर उदयसागर से आने वाली नहर पर पुलिया न होने से स्थानीय ग्रामीणों को अपने गांव में आने-जाने के लिए करीब 5 किलोमीटर का लंबा अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। पुलिया के अभाव के कारण उत्पन्न हुई इन भारी परेशानियों से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।1
- राजस्थान की राजनीति में उस समय एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया जब मंत्री गौतम दक का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इस वायरल ऑडियो में मंत्री पुलिस अधिकारियों पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते सुनाई दे रहे हैं, जिसमें एक SHO को लेकर भी उन्होंने तीखी नाराजगी जताई और पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाए। ऑडियो के सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला बोलते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी, यह कहते हुए कि जब मंत्री ही पुलिसकर्मियों से इस तरह बात करेंगे तो कानून व्यवस्था का क्या हाल होगा। सोशल मीडिया पर इस वायरल ऑडियो को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहाँ कई यूजर्स मंत्री के व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं, वहीं कुछ समर्थक इसे राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। घटना के बाद पुलिस विभाग के अंदर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, इस ऑडियो की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही इसकी सत्यता की जांच पूरी हुई है। सूत्रों के अनुसार, यह ऑडियो किसी प्रशासनिक मामले को लेकर हुई बातचीत का बताया जा रहा है, जिसमें मंत्री का गुस्सा साफ सुनाई देता है, जिससे विवाद और भी गहरा गया है। अब सभी की निगाहें सरकार और मंत्री की ओर से आने वाले आधिकारिक बयान पर टिकी हुई हैं।1
- आज सलूंबर निवासी एक और युवक का निधन हो गया है, जिससे क्षेत्र में शोक का माहौल छा गया है। यह खबर स्थानीय लोगों के लिए गहरी दुखद है।1
- नीमच जिले के रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम सोनड़ी में शासकीय जमीन पर रखी गोबर खाद की रोड़ी हटाने को लेकर दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडों और पत्थरों से हुए हमले में एक महिला और एक विकलांग सहित कुल 8 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय नीमच रेफर किया गया है। पीड़िता राधाबाई, जो गोमा बंजारा की पत्नी हैं, ने एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके घर पर एक पारिवारिक कार्यक्रम चल रहा था, तभी गांव के अमर सिंह, वकील और मोतीलाल बंजारा खाद की रोड़ी हटाने लगे। मेहमानों की मौजूदगी का हवाला देकर पीड़ित परिवार ने बाद में रोड़ी हटाने का आग्रह किया, जिस पर आरोपी भड़क गए और गाली-गलौज करने लगे। पीड़ित परिवार के अनुसार, विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने उन पर लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया। इस हमले में गोमा बंजारा के सिर में गंभीर चोट आई, जिसमें 16 टांके लगे हैं, जबकि बीच-बचाव करने आए कुलीचंद, राहुल, बालाबाई, रायसिंह, छगन, मथरीबाई और विकलांग केशुराम भी घायल हो गए। राधाबाई ने एसपी कार्यालय में एडिशनल एसपी नवल सिंह सिसोदिया को सौंपे गए लिखित आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि आरोपी अस्पताल पहुंचकर पुलिस रिपोर्ट वापस लेने और राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं। पीड़ित परिवार ने अपनी शिकायत में यह आशंका भी जताई है कि आरोपी पक्ष के लोग धारदार हथियार और तलवारें लहराते हुए बाइक पर घूम रहे हैं और जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। परिवार का कहना है कि आरोपी करीब 200 लोगों को इकट्ठा कर उनके मकानों को नुकसान पहुंचाने और जनहानि करने की साजिश रच रहे हैं। पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और उन्हें सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।1
- नीमच जिले के रतनगढ़ में वार्ड क्रमांक 14 की एक बुजुर्ग महिला मथुरा भील पिछले 15 वर्षों से अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए भारी परेशानी का सामना कर रही हैं। आधार कार्ड न होने के कारण उन्हें पेंशन, राशन और आयुष्मान योजना जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जिससे वह इन बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। बीमार बुजुर्ग मथुरा भील इतने लंबे समय से आधार के लिए भटक रही हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रही हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है और आग्रह किया है कि प्रशासन मथुरा भील को घर पहुंच सेवा प्रदान कर जल्द से जल्द उनका आधार कार्ड बनवाए, ताकि उन्हें इन आवश्यक योजनाओं का लाभ मिल सके।1
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में गुरुवार को ईद-उल-अजहा का पर्व आपसी प्रेमभाव और भाईचारे के साथ धूमधाम से मनाया गया। यह आयोजन उस्मानिया जामा मस्जिद के सदर इरशाद खान की सदारत में संपन्न हुआ, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मीडिया प्रभारी वाजिद अली शाह के अनुसार, मुस्लिम समुदाय के सदस्य सर्वप्रथम मस्जिद के बाहर एकत्रित हुए। इसके बाद, मस्जिद से एक जुलूस के रूप में सदर बाजार, डांगियो का चौराहा और पंचायत से होते हुए बड़ी संख्या में लोग ईदगाह मस्जिद पहुँचे। ईदगाह में इमाम अलाउद्दीन खान ने नमाज़ अदा कराई, जिसके उपरांत देश में अमन-चैन, खुशहाली एवं तरक्की के लिए विशेष दुआएँ मांगी गईं। इस पर्व को वल्लभनगर में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, और समाजजनों ने एक-दूसरे के गले मिलकर मुबारकबाद दी, जो आपसी सौहार्द और एकता का प्रतीक रहा।1